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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 4
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का चतुर्थ अध्याय "सत्ता के वैकल्पिक केंद्र" (Alternative Centres of Power) अमेरिकी एक-ध्रुवीय वर्चस्व को संतुलित करने वाले प्रमुख क्षेत्रीय संगठनों और उभरती आर्थिक महाशक्तियों का व्यापक विश्लेषण करता है। इसमें यूरोपीय संघ (European Union) की ऐतिहासिक विकास यात्रा (मार्शल योजना से मास्ट्रिच संधि तक), दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) का 'आसियान शैली' (ASEAN Way) दृष्टिकोण, चीन का तीव्र आर्थिक उत्थान (1978 की खुली द्वार नीति / Open Door Policy), ब्रिक्स (BRICS) तथा भारत-चीन संबंधों की ऐतिहासिक व समकालीन वास्तविकताओं (1962 युद्ध, डोकलाम, गलवान घाटी विवाद) का संपूर्ण अध्ययन शामिल है।

🌏 क्या आप जानते हैं: 1945 में जिस यूरोप में एक-दूसरे के खून के प्यासे देश खंडहर बन चुके थे, आज वे बिना पासपोर्ट और एक ही मुद्रा (Euro) के साथ कैसे एकजुट हो गए?

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी। लेकिन दुश्मनी भुलाकर उन्होंने 1992 में 'यूरोपीय संघ' (EU) का गठन किया, जिसका अपना झंडा, गान, स्थापना दिवस और साझा मुद्रा 'यूरो' है! दूसरी ओर, 1978 में जब चीन ने माओ के कठोर साम्यवादी मॉडल को छोड़कर डेंग शियाओपिंग की 'खुली द्वार की नीति' (Open Door Policy) अपनाई, तो देखते ही देखते वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया! क्या यूरोपीय संघ और आसियान जैसी संस्थाएं या चीन और भारत जैसी शक्तियां मिलकर अमेरिकी वर्चस्व को समाप्त कर सकती हैं? आइए इस अध्याय में इन वैकल्पिक शक्ति केंद्रों की शक्ति और सीमाओं को जानें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

वैश्विक कूटनीति, क्षेत्रीय एकीकरण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) को समझने के लिए यूरोपीय संघ, आसियान और चीन का ज्ञान अपरिहार्य है। बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आसियान के स्तंभ, यूरोपीय संघ की विशेषताएं और भारत-चीन संबंधों पर अनिवार्य प्रश्न पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप का पुनर्निर्माण और मार्शल योजना।
  • 1949 की चीनी साम्यवादी क्रांति (माओ त्से तुंग के नेतृत्व में)।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • यूरोपीय संघ (EU) के गठन की समयरेखा (मार्शल प्लान 1948 से मास्ट्रिच संधि 1992 तक) की व्याख्या कर सकेंगे।
  • यूरोपीय संघ की आर्थिक, राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य शक्ति तथा इसकी आंतरिक सीमाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • आसियान (ASEAN) की स्थापना (1967 बैंकॉक घोषणा), इसके तीन स्तंभों और 'आसियान शैली' की कार्यप्रणाली का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • 1978 के बाद चीन के आर्थिक सुधारों (कृषि और उद्योग का निजीकरण, SEZ) के चरणों को समझ सकेंगे।
  • भारत-चीन संबंधों के विवादित मुद्दों (सीमा विवाद, तिब्बत, डोकलाम) और व्यापारिक सहयोग की समीक्षा कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. यूरोपीय संघ: गठन, विशेषताएं और प...
2 2. आसियान: दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्...
3 3. चीन का आर्थिक उत्थान एवं भारत-ची...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. यूरोपीय संघ: गठन, विशेषताएं और प्रभाव (European Union: Formation & Power)

यूरोपीय संघ (EU) की ऐतिहासिक विकास यात्रा:

  • 1948: मार्शल योजना के तहत यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन (OEEC) की स्थापना।
  • 1957: रोम की संधि द्वारा यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) का गठन।
  • 1992 (मास्ट्रिच संधि): 7 फरवरी 1992 को औपचारिक रूप से यूरोपीय संघ (EU) की स्थापना।
  • 2002: नई साझा मुद्रा 'यूरो' (Euro) का 12 सदस्य देशों में चलन शुरू हुआ।
शक्ति का क्षेत्रयूरोपीय संघ की प्रमुख ताकत
आर्थिक शक्तिविश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था; इसकी मुद्रा 'यूरो' अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व के लिए प्रत्यक्ष चुनौती है। विश्व व्यापार में इसकी हिस्सेदारी अमेरिका से तीन गुना अधिक है।
राजनीतिक व कूटनीतिक शक्तिफ्रांस के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता और वीटो पावर है।
सैन्य शक्तियूरोपीय संघ के पास विश्व की दूसरी सबसे बड़ी संयुक्त सेना है। इसका कुल रक्षा बजट अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। फ्रांस परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है।
⚠️ यूरोपीय संघ की सीमाएं: (1) सदस्यों की विदेश और रक्षा नीतियों में मतभेद (जैसे इराक युद्ध में ब्रिटेन ने अमेरिका का साथ दिया जबकि फ्रांस व जर्मनी ने विरोध किया), (2) यूरो मुद्रा को लेकर डेनमार्क और स्वीडन की असहमति, (3) 2020 में ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से अलग होना (ब्रेक्जिट - Brexit)।

2. आसियान: दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN & The ASEAN Way)

स्थापना: 8 अगस्त 1967 को 5 देशों (इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड) ने बैंकॉक घोषणा (Bangkok Declaration) पर हस्ताक्षर करके आसियान की स्थापना की। वर्तमान में इसके 10 सदस्य देश हैं।

आसियान शैली (The ASEAN Way): अनौपचारिक, टकराव-रहित और सहयोगात्मक बातचीत के माध्यम से राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करते हुए विवादों को सुलझाने की विशिष्ट कार्यप्रणाली को 'आसियान शैली' कहा जाता है।

आसियान समुदाय के 3 स्तंभ (2003)उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र
1. आसियान सुरक्षा समुदायसदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय विवादों को सैन्य संघर्ष में बदलने से रोकना; शांति व संप्रभुता की रक्षा।
2. आसियान आर्थिक समुदायसाझा बाजार और उत्पादन आधार तैयार करना; क्षेत्र में मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) को बढ़ावा देना।
3. आसियान सामाजिक-सांस्कृतिक समुदायक्षेत्रीय सामाजिक विकास, मानव संसाधन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को समृद्ध करना।

आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF - 1994): आसियान देशों की सुरक्षा और विदेश नीतियों में समन्वय स्थापित करने हेतु गठित मंच।

3. चीन का आर्थिक उत्थान एवं भारत-चीन संबंध (Rise of China & Indo-China Relations)

चीन के आर्थिक सुधारों के प्रमुख चरण:

  1. 1972: अमेरिका के साथ संबंध बनाकर अपने राजनीतिक-आर्थिक एकाकीपन को समाप्त किया।
  2. 1973: प्रधानमंत्री चाऊ एन-लाई ने 4 क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेना, विज्ञान-प्रौद्योगिकी) में आधुनिकीकरण के प्रस्ताव रखे।
  3. 1978: डेंग शियाओपिंग ने 'खुली द्वार की नीति' (Open Door Policy) की ऐतिहासिक घोषणा की।
  4. चरणबद्ध निजीकरण: 1982 में कृषि का निजीकरण और 1998 में उद्योगों का निजीकरण किया गया।
  5. विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ): विदेशी पूंजी और आधुनिक तकनीक को आकर्षित करने के लिए स्थापित किए गए।
  6. 2001: विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शामिल हुआ।
🇮🇳 भारत-चीन संबंध: तनाव और सहयोग के आयाम:
विवाद के बिंदु: 1950 में चीन द्वारा तिब्बत पर कब्जा, 1959 में दलाई लामा को भारत में शरण, 1962 का भारत-चीन सीमा युद्ध (अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश विवाद), चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC), तथा हालिया डोकलाम (2017) व गलवान घाटी (2020) संघर्ष।
सहयोग के बिंदु: 1988 में राजीव गांधी की ऐतिहासिक चीन यात्रा के बाद सीमा पर शांति हेतु समझौते; द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर से अधिक; तथा BRICS, SCO और WTO में साझा विकासशील रुख।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1957
रोम की संधि (EEC की स्थापना)।
8 Aug 1967
बैंकॉक घोषणा द्वारा आसियान (ASEAN) की स्थापना (5 संस्थापक देश)।
1978
डेंग शियाओपिंग द्वारा चीन में 'खुली द्वार की नीति' (Open Door Policy) की घोषणा।
7 Feb 1992
मास्ट्रिच संधि पर हस्ताक्षर (यूरोपीय संघ का औपचारिक गठन)।
1994
आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना।
2001
चीन विश्व व्यापार संगठन (WTO) का सदस्य बना।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
यूरोपीय संघ को एक अत्यधिक प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठन बनाने वाले किन्हीं चार कारकों की व्याख्या कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
1. विशाल आर्थिक शक्ति: EU विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी मुद्रा 'यूरो' अमेरिकी डॉलर के लिए गंभीर चुनौती है।
2. राजनीतिक व कूटनीतिक प्रभाव: फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है, जिससे EU विश्व की नीतियों को प्रभावित करता है।
3. शक्तिशाली सैन्य बल: EU के पास विश्व की दूसरी सबसे बड़ी संयुक्त सेना और भारी रक्षा बजट है। फ्रांस परमाणु संपन्न राष्ट्र है।
4. सुदृढ़ आंतरिक ढांचा: EU का अपना झंडा, गान, स्थापना दिवस (9 मई) और एक साझा मुद्रा (यूरो) है जो इसे एक राष्ट्र-राज्य जैसा स्वरूप प्रदान करती है।
उदाहरण 2
'आसियान शैली' (ASEAN Way) क्या है? इसके मुख्य उद्देश्य लिखिए। (JAC Board 3 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों द्वारा अनौपचारिक, टकराव-रहित और सहयोगात्मक बातचीत के माध्यम से राष्ट्रीय संप्रभुता का आदर करते हुए समस्याओं को हल करने की अनूठी कार्यशैली को 'आसियान शैली' कहा जाता है। इसके मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय आर्थिक संवृद्धि को तेज करना, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना और कानून के शासन पर आधारित क्षेत्रीय शांति बनाए रखना है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आसियान के 5 संस्थापक देशों और 10 वर्तमान सदस्यों में भ्रम होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

5 संस्थापक देश: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड। बाद में शामिल हुए 5 देश: ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चीन की अर्थव्यवस्था को 'शॉक थेरेपी' की तरह अचानक खुला मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

रूस की तरह चीन ने शॉक थेरेपी नहीं अपनाई, बल्कि 1978 के बाद 'चरणबद्ध तरीके' (Gradual/Phased opening) से सुधार लागू किए (1982 में कृषि, 1998 में उद्योग)।
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कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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