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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 5
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का पंचम अध्याय "समकालीन दक्षिण एशिया" (Contemporary South Asia) भारतीय उपमहाद्वीप के 7 प्रमुख देशों (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव) के राजनीतिक प्रणालियों, लोकतंत्र बनाम सैन्य तानाशाही के संघर्ष, जातीय हिंसा, द्विपक्षीय तनावों तथा सार्क (SAARC) व साफ्टा (SAFTA) के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग के प्रयासों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

🏔️ क्या आप जानते हैं: एक ही भौगोलिक क्षेत्र में स्थित दक्षिण एशिया के देशों में जहाँ भारत में लोकतंत्र की जड़ें सबसे गहरी हैं, वहीं पाकिस्तान में बार-बार सैन्य तानाशाही क्यों आ जाती है?

1947 में जब भारत और पाकिस्तान एक साथ आजाद हुए, तो दोनों की चुनौतियां लगभग समान थीं। लेकिन भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र बना रहा, जबकि पाकिस्तान में कभी जनरल अयूब खान, कभी जिया-उल-हक तो कभी परवेज मुशर्रफ ने चुनी हुई सरकारों का तख्तापलट कर दिया! वहीं नेपाल में 2006 तक राजशाही के खिलाफ जनता लड़ी, श्रीलंका 25 वर्षों तक एलटीटीई (LTTE) के खूनी गृहयुद्ध से जूझा, और 1971 में मुक्तिवाहिनी के दम पर बांग्लादेश का जन्म हुआ। दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की यह विविधता क्यों है? क्या सार्क (SAARC) और साफ्टा (SAFTA) इस क्षेत्र में यूरोपीय संघ जैसी शांति और समृद्धि ला सकते हैं? आइए इस अध्याय में विस्तार से जानें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भारत की पड़ोस नीति (Neighborhood First Policy), सिंधु जल समझौता, कश्मीर समस्या, श्रीलंका का तमिल संकट और चीन के बढ़ते प्रभाव को समझने के लिए दक्षिण एशिया की राजनीति का ज्ञान अनिवार्य है। बोर्ड परीक्षा में पाकिस्तान में लोकतंत्र की विफलता के कारण, बांग्लादेश संकट (1971), श्रीलंका का जातीय संघर्ष और सार्क की भूमिका पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • 1947 का भारत विभाजन और कश्मीर का विलय।
  • लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाम सैन्य शासन के बुनियादी अंतर।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • दक्षिण एशिया की भौगोलिक व राजनीतिक सीमाओं की पहचान कर सकेंगे।
  • पाकिस्तान में लोकतंत्र के स्थायी न हो पाने के सामाजिक-सैन्य कारणों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और शेख मुजीबुर्रहमान की भूमिका का वर्णन कर सकेंगे।
  • नेपाल में राजशाही से लोकतंत्र और श्रीलंका में सिंहली बनाम तमिल जातीय संघर्ष का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • सार्क (SAARC) और साफ्टा (SAFTA) की उपलब्धियों और बाधाओं की समीक्षा कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. दक्षिण एशिया की संकल्पना एवं राज...
2 2. पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में राज...
3 3. नेपाल, श्रीलंका एवं क्षेत्रीय सह...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. दक्षिण एशिया की संकल्पना एवं राजनीतिक विविधता (Concept & Political Landscape)

दक्षिण एशिया की भौगोलिक सीमाएं: उत्तर में हिमालय पर्वत, दक्षिण में हिंद महासागर, पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी से घिरा क्षेत्र। इसमें मुख्य रूप से 7 देश शामिल हैं: भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव (2007 में अफगानिस्तान भी 8वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ)।

देशराजनीतिक व्यवस्था का स्वरूपप्रमुख ऐतिहासिक मोड़
भारत एवं श्रीलंकासफल और निरंतर लोकतांत्रिक व्यवस्थाआजादी के बाद से लगातार स्वतंत्र चुनाव और संवैधानिक लोकतंत्र।
पाकिस्तान व बांग्लादेशलोकतंत्र एवं सैन्य शासन का बारी-बारी से दौरपाकिस्तान में 1958, 1977 और 1999 में सैन्य तख्तापलट; बांग्लादेश में 1975 व 1982 में सैन्य शासन।
नेपालसंवैधानिक राजतंत्र से लोकतांत्रिक गणराज्य (2006/2008)2006 के जनआंदोलन के बाद राजशाही समाप्त हुई और नया लोकतांत्रिक संविधान बना।
भूटानसंवैधानिक राजतंत्र (2008 से बहुदलीय लोकतंत्र)राजा के नेतृत्व में लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की शुरुआत।
मालदीवअध्यक्षीय प्रणाली से बहुदलीय लोकतंत्र (2005/2008)सल्तनत से 1968 में गणतंत्र और 2005 में बहुदलीय लोकतंत्र की स्थापना।

2. पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में राजनीतिक विकास (Political Evolution: Pak & Bangladesh)

पाकिस्तान में लोकतंत्र के स्थायी न हो पाने के कारण:

  • सेना, धर्मगुरु और भूस्वामी अभिजात वर्ग का सामाजिक दबदबा: निर्वाचित सरकारों को बार-बार अपदस्थ कर सेना का सत्ता पर काबिज होना (जनरल अयूब खान, याहिया खान, जिया-उल-हक, परवेज मुशर्रफ)।
  • भारत-विरोधी राष्ट्रवाद: भारत के साथ लगातार तनाव और कश्मीर विवाद का लाभ उठाकर सेना अपने नियंत्रण को वैध ठहराती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय समर्थन का अभाव: पश्चिमी देशों (अमेरिका) ने शीतयुद्ध और आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान के सैन्य तानाशाहों को खुला वित्तीय व सैन्य समर्थन दिया।

1971 का बांग्लादेश निर्माण:

  • पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान पर उर्दू भाषा थोपने और सांस्कृतिक-आर्थिक शोषण के खिलाफ शेख मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में 'अवामी लीग' ने 6 सूत्रीय स्वायत्तता आंदोलन चलाया।
  • 1970 के आम चुनावों में अवामी लीग को प्रचंड बहुमत मिलने के बावजूद पाकिस्तानी सेना (ऑपरेशन सर्चलाइट) ने पूर्वी पाकिस्तान में भयानक नरसंहार किया।
  • करोड़ों शरणार्थी भारत पहुंचे; दिसंबर 1971 में भारत-पाक युद्ध हुआ और 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के आत्मसमर्पण के साथ स्वतंत्र बांग्लादेश अस्तित्व में आया।

3. नेपाल, श्रीलंका एवं क्षेत्रीय सहयोग: सार्क व साफ्टा (Nepal, Sri Lanka & SAARC/SAFTA)

श्रीलंका में जातीय संघर्ष (Ethnic Conflict in Sri Lanka):

  • बहुसंख्यक सिंहली समुदाय और अल्पसंख्यक तमिल समुदाय (जो भारत से जाकर बसे थे) के बीच विवाद।
  • 1983 के बाद लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) ने अलग तमिल देश (ईलम) के लिए हिंसक सशस्त्र संघर्ष शुरू किया। 1987 में भारत ने भारतीय शांति सेना (IPKF) भेजी जो 1989 में वापस लौट आई। 2009 में एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरन के मारे जाने के साथ गृहयुद्ध समाप्त हुआ।
क्षेत्रीय मंचस्थापना वर्ष एवं मुख्यालयप्रमुख उद्देश्य एवं महत्व
सार्क (SAARC)8 दिसंबर 1985, काठमांडू (नेपाल)दक्षिण एशियाई देशों के बीच आपसी विश्वास, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना।
साफ्टा (SAFTA)2004 (लागू: 1 जनवरी 2006)दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र; सदस्य देशों के बीच व्यापारिक सीमा शुल्क (टैरिफ) को कम करके मुक्त व्यापार को गति देना।
💡 सार्क की असफलता के कारण: भारत और पाकिस्तान के आपसी अविश्वास व कश्मीर मुद्दे के कारण सार्क की अधिकांश गतिविधियां ठप रहती हैं। इसी कारण भारत ने बिम्सटेक (BIMSTEC) जैसे वैकल्पिक मंचों पर ध्यान केंद्रित किया है।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1960
भारत-पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty)।
16 Dec 1971
बांग्लादेश का उदय (पाकिस्तानी सेना का ऐतिहासिक आत्मसमर्पण)।
1972
भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक शिमला समझौता (इंदिरा गांधी एवं जुल्फिकार अली भुट्टो)।
8 Dec 1985
ढाका में सार्क (SAARC) की स्थापना (मुख्यालय: काठमांडू, नेपाल)।
1998
भारत (पोखरण-II) और पाकिस्तान (चागाई पहाड़ियों) द्वारा परमाणु परीक्षण।
2006
नेपाल में लोकतंत्र समर्थक ऐतिहासिक जनआंदोलन; साफ्टा (SAFTA) समझौता लागू।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
पाकिस्तान में एक स्थायी लोकतांत्रिक शासन स्थापित न हो पाने के किन्हीं चार कारणों का विश्लेषण कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
1. सेना और अभिजात वर्ग का सामाजिक दबदबा: पाकिस्तान के सामाजिक ढांचे में सेना, कट्टरपंथी धर्मगुरुओं और बड़े जमींदारों का अत्यधिक प्रभाव है, जिन्होंने निर्वाचित सरकारों को बार-बार गिराया।
2. भारत-विरोधी उन्माद: सेना भारत के साथ तनाव और सुरक्षा के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर सत्ता पर अपने नियंत्रण को उचित ठहराती है।
3. राजनीतिक दलों में गुटबाजी और भ्रष्टाचार: नागरिक राजनीतिक दलों की आपसी कलह और अक्षमता ने सेना को तख्तापलट का अवसर दिया।
4. विदेशी शक्तियों का स्वार्थ: अमेरिका और पश्चिमी देशों ने शीतयुद्ध और मध्य-पूर्व में अपने सामरिक हितों के लिए हमेशा पाकिस्तान के सैन्य तानाशाहों को खुला समर्थन दिया।
उदाहरण 2
सार्क (SAARC) और साफ्टा (SAFTA) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (JAC Board 3 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: सार्क की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को ढाका में हुई थी, जिसका मुख्यालय काठमांडू में है। इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया के 8 देशों में आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है। 2004 में इसके सदस्यों ने 'साफ्टा' (SAFTA - दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र) समझौते पर हस्ताक्षर किए जो 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में व्यापार शुल्कों को समाप्त कर साझा बाजार बनाना है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सार्क के संस्थापक देशों में अफगानिस्तान को शामिल मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सार्क के 7 संस्थापक देश थे (1985)। अफगानिस्तान अप्रैल 2007 में 14वें सार्क शिखर सम्मेलन (नई दिल्ली) में 8वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

श्रीलंका के तमिल संघर्ष को अंतर-देशीय युद्ध समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यह श्रीलंका का आंतरिक जातीय गृहयुद्ध (Ethnic Civil War) था, जो बहुसंख्यक सिंहलियों और अल्पसंख्यक तमिलों (LTTE) के बीच अधिकारों को लेकर हुआ।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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