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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का षष्ठम अध्याय "अंतर्राष्ट्रीय संगठन" (International Organisations) लीग ऑफ नेशंस से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organization - UNO) की स्थापना, संरचना, सुरक्षा परिषद के वीटो पावर (Veto Power), शांति स्थापना अभियानों तथा 21वीं सदी में सुरक्षा परिषद सुधारों की मांगों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें विश्व बैंक, IMF, WTO, IAEA, एमनेस्टी इंटरनेशनल तथा ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी प्रमुख वैश्विक संस्थाओं की भूमिका का भी विश्लेषण किया गया है।

🕊️ क्या आप जानते हैं: संयुक्त राष्ट्र संघ के दूसरे महासचिव डैग हैमरशोल्ड ने क्यों कहा था कि 'UN का गठन मानवता को स्वर्ग पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि नरक से बचाने के लिए हुआ है'?

1945 में जब दो विश्वयुद्धों में करोड़ों लोग मारे गए, तब 51 देशों ने मिलकर 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की नींव रखी। लेकिन आज भी सवाल उठता है: जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया या जब अमेरिका ने इराक पर हमला किया, तब UN क्यों नहीं रोक पाया? क्या 5 स्थायी देशों (P-5) का वीटो पावर पूरी दुनिया पर भारी है? भारत जैसे 140 करोड़ आबादी और परमाणु शक्ति संपन्न देश को सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट क्यों मिलनी चाहिए? आइए इस अध्याय में वैश्विक शांति की इस सबसे बड़ी संस्था की हकीकत को समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

अंतर्राष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार, वैश्विक महामारी नियंत्रण, शरणार्थी संकट और वैश्विक शांति अभियानों को समझने के लिए संयुक्त राष्ट्र की संरचना अनिवार्य ज्ञान है। बोर्ड परीक्षा में सुरक्षा परिषद की संरचना, वीटो पावर, सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे और संयुक्त राष्ट्र के सुधारों पर सीधे दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 'लीग ऑफ नेशंस' की विफलता।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध (1939-1945) के विनाशकारी परिणाम।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना (24 अक्टूबर 1945), चार्टर और मूल उद्देश्यों को बता सकेंगे।
  • महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और सचिवालय के कार्यों की व्याख्या कर सकेंगे।
  • वीटो पावर (निषेधाधिकार) के अर्थ और 5 स्थायी सदस्यों (P-5) की विशेषाधिकार स्थिति का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • शीतयुद्धोत्तर काल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ढांचे में सुधार के मानदंडों को समझ सकेंगे।
  • सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में ठोस तर्कों की प्रस्तुति कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना,...
2 2. सुरक्षा परिषद, वीटो पावर एवं सुध...
3 3. सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना, उद्देश्य एवं प्रमुख अंग (UN: Origin & Principal Organs)

स्थापना: 24 अक्टूबर 1945 को 51 संस्थापक देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) पर हस्ताक्षर के साथ हुई। भारत 30 अक्टूबर 1945 को इसमें शामिल हुआ। वर्तमान में इसके 193 सदस्य देश हैं (नवीनतम सदस्य: दक्षिणी सूडान - 2011)।

संयुक्त राष्ट्र का अंगसदस्य संख्या / संरचनाप्रमुख कार्य एवं शक्तियाँ
महासभा (General Assembly)सभी 193 सदस्य (1 देश = 1 वोट)विश्व की संसद; बजट पारित करना, नए सदस्यों का प्रवेश और वैश्विक मुद्दों पर खुली चर्चा।
सुरक्षा परिषद (Security Council)15 सदस्य (5 स्थायी + 10 अस्थायी)अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना, शांति सेना भेजना और आर्थिक प्रतिबंध लगाना।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ)15 न्यायाधीश (हेग, नीदरलैंड्स)राज्यों के मध्य कानूनी विवादों का निपटारा और कानूनी सलाह देना।
सचिवालय (Secretariat)महासचिव (वर्तमान: एंटोनियो गुटेरेस)संयुक्त राष्ट्र के दैनिक प्रशासनिक कार्यों का संचालन।
आर्थिक व सामाजिक परिषद (ECOSOC)54 सदस्य देशमानवाधिकार, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी वैश्विक कार्यक्रमों का समन्वय।

2. सुरक्षा परिषद, वीटो पावर एवं सुधारों की मांग (Security Council & Veto Power)

सुरक्षा परिषद की संरचना:

  • 5 स्थायी सदस्य (P-5): संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन। इनके पास वीटो पावर (निषेधाधिकार) है—यदि कोई भी एक स्थायी सदस्य किसी महत्वपूर्ण प्रस्ताव के विरोध में नकारात्मक वोट डालता है, तो प्रस्ताव रद्द हो जाता है।
  • 10 अस्थायी सदस्य: महासभा द्वारा 2 वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। इन्हें वीटो पावर प्राप्त नहीं है।
📋 1997 में कोफी अन्नान द्वारा सुरक्षा परिषद की नई स्थायी सदस्यता हेतु सुझाए गए मानदंड:
  1. बड़ी आर्थिक शक्ति होना।
  2. बड़ी सैन्य शक्ति होना।
  3. संयुक्त राष्ट्र के बजट में नियमित और बड़ा योगदान देना।
  4. जनसंख्या की दृष्टि से एक बड़ा राष्ट्र होना।
  5. ऐसा देश जो लोकतंत्र और मानवाधिकारों का सम्मान करता हो।
  6. ऐसा देश जो विश्व की भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करे।

3. सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का दावा एवं अन्य वैश्विक एजेंसियाँ

भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में 5 ठोस तर्क:

  1. विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र: भारत 140 करोड़ से अधिक आबादी के साथ विश्व का सबसे बड़ा और स्थिर लोकतंत्र है।
  2. विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख आर्थिक शक्ति है।
  3. संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में अप्रतिम योगदान: भारत ने UN Peacekeeping Operations में सर्वाधिक सैनिक भेजकर अद्वितीय योगदान दिया है।
  4. नियमित वित्तीय योगदान: भारत ने कभी भी UN के बजट अंशदान में चूक नहीं की है।
  5. भौगोलिक प्रतिनिधित्व: सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे विशाल क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है; भारत का शामिल होना इसे अधिक न्यायसंगत और लोकतांत्रिक बनाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय एजेंसीमुख्यालयप्रमुख कार्यक्षेत्र
IAEA (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी)विएना (ऑस्ट्रिया)परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना और सैन्य उपयोग रोकना।
WTO (विश्व व्यापार संगठन)जिनेवा (स्विट्जरलैंड)वैश्विक व्यापार के नियम तय करना और व्यापारिक विवादों को सुलझाना (1995)।
Amnesty International / HRWलंदन / न्यूयॉर्कगैर-सरकारी संगठन (NGOs) जो विश्व भर में मानवाधिकारों की रक्षा और हनन की रिपोर्ट जारी करते हैं।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

24 Oct 1945
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की औपचारिक स्थापना (UN Day)।
30 Oct 1945
भारत आधिकारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।
1 Jan 1995
GATT के स्थान पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना।
1957
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की स्थापना।
193
संयुक्त राष्ट्र संघ के कुल वर्तमान सदस्य देशों की संख्या (नवीनतम: दक्षिण सूडान)।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में किन्हीं चार ठोस तर्कों की विवेचना कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: भारत सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का सबसे प्रबल दावेदार है जिसके प्रमुख आधार निम्नलिखित हैं:
1. विशाल जनसंख्या एवं लोकतंत्र: भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विश्व की लगभग 18% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
2. तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति: भारत विश्व की 5वीं सबसे बड़ी और सर्वाधिक गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
3. UN शांति सेनाओं में सर्वोच्च योगदान: भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों (Peacekeeping Missions) में विश्व के अन्य देशों की तुलना में सबसे सक्रिय और अनुकरणीय भूमिका निभाई है।
4. सदाबहार प्रतिबद्धता: भारत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, वैश्विक शांति, निरस्त्रीकरण और नियमित बजट अंशदान में कभी कोई कोताही नहीं की है।
उदाहरण 2
वीटो पावर (निषेधाधिकार) क्या है? यह किन देशों को प्राप्त है? (JAC Board 3 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: वीटो पावर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्यों (P-5: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन) को प्राप्त वह विशेषाधिकार है, जिसके तहत यदि इनमें से कोई भी एक देश किसी प्रस्ताव के विरुद्ध नकारात्मक मत (Negative Vote) डाल देता है, तो वह प्रस्ताव तत्काल रद्द हो जाता है, भले ही बाकी सभी देश उसके समर्थन में हों।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सुरक्षा परिषद के कुल सदस्यों की संख्या को 5 लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं (5 स्थायी सदस्य वीटो शक्ति के साथ और 10 अस्थायी सदस्य जो 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का वर्ष 1919 समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

1919 में 'लीग ऑफ नेशंस' बना था जो असफल रहा। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
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अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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