विकास के दो वैश्विक मॉडल: (1) उदारवादी पूंजीवादी मॉडल (अमेरिका व यूरोप - निजी संपत्ति और खुले बाजार पर आधारित), और (2) समाजवादी मॉडल (सोवियत संघ - राज्य के पूर्ण नियंत्रण और सामाजिक समानता पर आधारित)।
भारत का मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) मॉडल: भारत ने दोनों का समन्वय करते हुए बुनियादी व भारी उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र (सरकार) के पास रखे और कृषि, उपभोक्ता वस्तुएं व व्यापार निजी क्षेत्र के लिए खुले रखे।
| ऐतिहासिक संस्था / पहल | स्थापना वर्ष | मुख्य विशेषताएं एवं कार्य |
|---|---|---|
| बॉम्बे प्लान (Bombay Plan) | 1944 | भारत के 8 प्रमुख बड़े उद्योगपतियों (टाटा, बिड़ला आदि) का साझा प्रस्ताव जिसमें देश के आर्थिक विकास हेतु राज्य के बड़े निवेश की वकालत की गई। |
| योजना आयोग (Planning Commission) | मार्च 1950 | सोवियत संघ की तर्ज पर 5 वर्षीय योजनाएं (FYP) बनाने वाली शीर्ष गैर-संवैधानिक संस्था; पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे। |
| नीति आयोग (NITI Aayog) | 1 जनवरी 2015 | योजना आयोग के स्थान पर 'थिंक टैंक' के रूप में गठित; सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और नीचे-से-ऊपर (Bottom-Up) दृष्टिकोण पर आधारित। |