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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 12
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का द्वादश अध्याय "नियोजित विकास की राजनीति" (Politics of Planned Development) स्वतंत्रता के बाद भारत द्वारा अपनाए गए विकास के मॉडलों (पूंजीवाद बनाम समाजवाद), योजना आयोग (Planning Commission - 1950) और वर्तमान नीति आयोग (NITI Aayog - 2015), प्रथम पंचवर्षीय योजना (के. एन. राज व कृषि प्राथमिकता), द्वितीय पंचवर्षीय योजना (पी. सी. महालनोबिस व भारी उद्योग मॉडल), बॉम्बे प्लान (1944), केरल मॉडल, भूमि सुधार, 1960 के दशक का भीषण खाद्यान्न संकट तथा हरित क्रांति (Green Revolution) व श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ्लड) का संपूर्ण सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

🌾 क्या आप जानते हैं: 1960 के दशक में भारत में ऐसा अकाल पड़ा था कि हमें अमेरिका से सड़े हुए लाल गेहूं (PL-480) की भीख मांगनी पड़ी थी?

1965-66 में लगातार दो साल सूखा पड़ा और पाकिस्तान से युद्ध हुआ। देश में भुखमरी की नौबत आ गई। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों से आह्वान किया—'सप्ताह में एक दिन का उपवास रखो' और नारा दिया—'जय जवान, जय किसान!' इसी संकट के गर्भ से जन्म हुआ 'हरित क्रांति' (Green Revolution) का! डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन और नॉर्मन बोरलॉग के उन्नत बीजों (HYV), रासायनिक खादों और नहरों के दम पर भारत ने गेहूं उत्पादन में विश्व रिकॉर्ड बना दिया और देश खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हो गया। भारत ने विकास के लिए सोवियत संघ का योजनाबद्ध मॉडल क्यों चुना? भारी उद्योगों बनाम कृषि का विवाद क्या था? आइए इस प्रेरणादायी अध्याय में भारत के विकास की गाथा समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भारत की आर्थिक नीतियों, पंचवर्षीय योजनाओं, नीति आयोग, कृषि संकट, औद्योगिकीकरण, भूमि सुधार और खाद्य सुरक्षा को समझने के लिए यह अध्याय आधारशिला है। बोर्ड परीक्षा में प्रथम बनाम द्वितीय पंचवर्षीय योजना, हरित क्रांति के सकारात्मक व नकारात्मक परिणाम, बॉम्बे प्लान और नीति आयोग पर विस्तृत प्रश्न पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • 1947 में भारत की औपनिवेशिक विरासत (कृषि का पिछड़ापन और उद्योगों का अभाव)।
  • पूंजीवादी मॉडल (अमेरिका) बनाम समाजवादी मॉडल (सोवियत संघ)।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • विकास के दो मॉडलों (उदारवादी पूंजीवाद बनाम समाजवादी) के बीच अंतर और भारत के 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' (Mixed Economy) मॉडल को समझ सकेंगे।
  • बॉम्बे प्लान (1944) और 15 मार्च 1950 को योजना आयोग के गठन की पृष्ठभूमि की व्याख्या कर सकेंगे।
  • प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56, कृषि व बांध) तथा द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61, भारी उद्योग) की तुलना कर सकेंगे।
  • कृषि बनाम उद्योग तथा निजी क्षेत्र बनाम सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक विवादों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • हरित क्रांति (Green Revolution) के कारणों, कार्यप्रणाली तथा इसके आर्थिक व राजनीतिक परिणामों का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को स्थापित 'नीति आयोग' (NITI Aayog) के स्वरूप को समझ सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. विकास की अवधारणा, बॉम्बे प्लान ए...
2 2. प्रथम बनाम द्वितीय पंचवर्षीय योज...
3 3. 1960 का खाद्यान्न संकट एवं हरित...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. विकास की अवधारणा, बॉम्बे प्लान एवं योजना आयोग (Concept of Planning & NITI Aayog)

विकास के दो वैश्विक मॉडल: (1) उदारवादी पूंजीवादी मॉडल (अमेरिका व यूरोप - निजी संपत्ति और खुले बाजार पर आधारित), और (2) समाजवादी मॉडल (सोवियत संघ - राज्य के पूर्ण नियंत्रण और सामाजिक समानता पर आधारित)।

भारत का मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) मॉडल: भारत ने दोनों का समन्वय करते हुए बुनियादी व भारी उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र (सरकार) के पास रखे और कृषि, उपभोक्ता वस्तुएं व व्यापार निजी क्षेत्र के लिए खुले रखे।

ऐतिहासिक संस्था / पहलस्थापना वर्षमुख्य विशेषताएं एवं कार्य
बॉम्बे प्लान (Bombay Plan)1944भारत के 8 प्रमुख बड़े उद्योगपतियों (टाटा, बिड़ला आदि) का साझा प्रस्ताव जिसमें देश के आर्थिक विकास हेतु राज्य के बड़े निवेश की वकालत की गई।
योजना आयोग (Planning Commission)मार्च 1950सोवियत संघ की तर्ज पर 5 वर्षीय योजनाएं (FYP) बनाने वाली शीर्ष गैर-संवैधानिक संस्था; पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे।
नीति आयोग (NITI Aayog)1 जनवरी 2015योजना आयोग के स्थान पर 'थिंक टैंक' के रूप में गठित; सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और नीचे-से-ऊपर (Bottom-Up) दृष्टिकोण पर आधारित।

2. प्रथम बनाम द्वितीय पंचवर्षीय योजना (First vs Second Five Year Plans)

तुलना का आधारप्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956)द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961)
मुख्य वास्तुकार (Draftsperson)युवा अर्थशास्त्री के. एन. राज (K.N. Raj)प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् पी. सी. महालनोबिस
मूल प्राथमिकता (Focus Area)कृषि क्षेत्र, सिंचाई और विशाल बहुउद्देशीय बांध (भाखड़ा नांगल, दामोदर घाटी परियोजना)।भारी उद्योग (Heavy Industries), इस्पात संयंत्र (भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर) और रेलवे।
विकास की गति/दर्शन'धीमे चलो' (Tasten Slowly) का दृष्टिकोण ताकि वित्तीय स्थिरता और बचत दर बढ़े।तीव्र संरचनात्मक परिवर्तन और आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution)।
परिणामखाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई और योजना अत्यधिक सफल रही।विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट और कीमतों में तेजी से महंगाई आई।
🌴 केरल मॉडल (Kerala Model): केरल राज्य द्वारा अपनाया गया वह विकेंद्रीकृत विकास मॉडल जिसने बड़े उद्योगों के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, प्रभावी पीडीएस (राशन) और महिला साक्षरता पर ध्यान दिया। परिणामस्वरूप कम प्रति व्यक्ति आय के बावजूद केरल ने उच्च मानव विकास सूचकांक (HDI) हासिल किया।

3. 1960 का खाद्यान्न संकट एवं हरित क्रांति (Food Crisis & Green Revolution)

1960 के दशक का संकट: 1962 (चीन युद्ध), 1965 (पाक युद्ध) और 1965-67 में लगातार सूखे से देश में भयानक खाद्यान्न संकट उत्पन्न हुआ। भारत अमेरिकी गेहूं सहायता (PL-480) पर निर्भर हो गया।

हरित क्रांति (Green Revolution): सरकार ने खाद्य सुरक्षा हेतु उच्च पैदावार वाले उन्नत किस्म के बीज (HYV Seeds), रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और सुनिश्चित सिंचाई की समन्वित पैकेज नीति लागू की (मुख्य वास्तुकार: डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन)।

सकारात्मक परिणाम (उपलब्धियां)नकारात्मक परिणाम (कमियां/विषमताएं)
भारत खाद्यान्न (विशेषकर गेहूं और चावल) के उत्पादन में पूर्ण आत्मनिर्भर बना।क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ा—पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अत्यधिक समृद्ध हुए, जबकि पूर्वी भारत पीछे छूट गया।
बफर स्टॉक का निर्माण हुआ जिससे अकाल का खतरा हमेशा के लिए समाप्त हो गया।धनी किसानों (मध्यम दर्जे के भूस्वामी) और गरीब खेतिहर मजदूरों के बीच सामाजिक खाई गहरी हुई।
किसानों की आय में वृद्धि हुई और कृषि का व्यवसायीकरण हुआ।रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता और भूजल स्तर में गिरावट आई।

श्वेत क्रांति (White Revolution / ऑपरेशन फ्लड): 1970 में डॉ. वर्गीज कुरियन (मिल्कमैन ऑफ इंडिया) द्वारा अमूल (AMUL) सहकारी मॉडल के तहत शुरू किया गया देशव्यापी दुग्ध उत्पादन अभियान।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1944
बॉम्बे प्लान (Bombay Plan) - भारतीय उद्योगपतियों का आर्थिक विकास मसौदा।
15 Mar 1950
योजना आयोग (Planning Commission) की स्थापना (पदेन अध्यक्ष: प्रधानमंत्री)।
1951-1956
प्रथम पंचवर्षीय योजना (कृषि व सिंचाई प्राथमिकता - के. एन. राज मॉडल)।
1956-1961
द्वितीय पंचवर्षीय योजना (भारी उद्योग प्राथमिकता - पी. सी. महालनोबिस मॉडल)।
1 Jan 2015
योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग (NITI Aayog) का औपचारिक गठन।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रथम पंचवर्षीय योजना और द्वितीय पंचवर्षीय योजना के बीच मुख्य अंतरों की तुलना कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
बिंदुप्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56)द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61)
मुख्य प्राथमिकताकृषि, सिंचाई एवं बहुउद्देशीय बांध (भाखड़ा नांगल)।भारी उद्योग, इस्पात कारखाने और पूंजीगत वस्तुएं।
योजनाकारयुवा अर्थशास्त्री के. एन. राज (K. N. Raj)।प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् पी. सी. महालनोबिस।
रणनीतिग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर राष्ट्रीय बचत दर बढ़ाना।आयात प्रतिस्थापन और तीव्र औद्योगिकीकरण।
आर्थिक प्रभावखाद्यान्न उत्पादन बढ़ा और मुद्रास्फीति नियंत्रण में रही।विदेशी मुद्रा संकट और आवश्यक वस्तुओं की महंगाई बढ़ी।
उदाहरण 2
हरित क्रांति क्या थी? इसके दो सकारात्मक और दो नकारात्मक परिणाम लिखिए। (JAC Board 4 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: 1960 के दशक में भारत में खाद्यान्न संकट को दूर करने के लिए उच्च उपज वाले उन्नत बीजों (HYV), रासायनिक खादों और सुनिश्चित सिंचाई की मदद से खाद्यान्न उत्पादन में की गई क्रांतिकारी वृद्धि को 'हरित क्रांति' कहा जाता है।
दो सकारात्मक परिणाम:
1. भारत खाद्यान्न (विशेषकर गेहूं और चावल) में आत्मनिर्भर बना और विदेशी निर्भरता समाप्त हुई।
2. देश में विशाल बफर स्टॉक बना जिससे भविष्य के अकालों से सुरक्षा मिली।
दो नकारात्मक परिणाम:
1. क्षेत्रीय विषमता: इसका लाभ केवल पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे समृद्ध राज्यों को मिला।
2. सामाजिक खाई: बड़े किसानों और गरीब भूमिहीन मजदूरों के बीच आर्थिक असमानता में भारी वृद्धि हुई।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

योजना आयोग को एक संवैधानिक संस्था समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

योजना आयोग (और वर्तमान नीति आयोग) एक गैर-संवैधानिक और संविधानेतर (Non-constitutional / Extra-constitutional) संस्था है, जिसका संविधान में उल्लेख नहीं है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

हरित क्रांति का लाभ पूरे देश में एक समान फैलने का दावा करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

हरित क्रांति भौगोलिक रूप से असमान थी; इसका मुख्य लाभ केवल उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी) तक सीमित रहा।
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कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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