Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 16
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का षोडश अध्याय "क्षेत्रीय आकांक्षाएँ" (Regional Aspirations) 1980 के दशक में भारत के विभिन्न राज्यों में उठी स्वायत्तता और पहचान की मांगों, जम्मू और कश्मीर की विशिष्ट संवैधानिक स्थिति (अनुच्छेद 370 व 35A का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य व 2019 का पुनर्गठन), पंजाब संकट (आनंदपुर साहिब प्रस्ताव, ऑपरेशन ब्लू स्टार - 1984, राजीव गांधी-लोंगोवाल समझौता - 1985), पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों ('सात बहनें' - Seven Sisters) में अलगाववाद व स्वायत्तता आंदोलन (मिजोरम में लालडेंगा व एमएनएफ समझौता 1986, नागालैंड में अंगमी जापू फिजो, असम में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन - AASU व 1985 का असम समझौता) तथा द्रविड़ आंदोलन (ई. वी. रामास्वामी पेरियार) का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है।

🏔️ क्या आप जानते हैं: 1980 के दशक में जब पंजाब में स्वर्ण मंदिर में टैंक घुसे और पूर्वोत्तर के जंगलों में 20 साल तक गुरिल्ला युद्ध चला, तब भारत ने टूटने से खुद को कैसे बचाया?

1980 के दशक को भारतीय राजनीति में 'स्वायत्तता और हिंसा का दशक' कहा जाता है। पंजाब में अलगाववादियों ने खालिस्तान की मांग कर दी, जिसके बाद सेना को 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' चलाना पड़ा और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई। वहीं पूर्वोत्तर के मिजोरम में लालडेंगा ने 20 वर्षों तक जंगलों से भारतीय सेना के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह किया। लेकिन भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि बंदूक उठाने वाले वही विद्रोही नेता कुछ सालों बाद समझौते की मेज पर बैठे, संविधान की शपथ ली और लोकतांत्रिक चुनावों में जीतकर राज्य के मुख्यमंत्री बने! भारत ने क्षेत्रीय आकांक्षाओं को दबाने के बजाय उन्हें लोकतंत्र में कैसे समाहित किया? आइए इस अध्याय में भारत की संघीय शक्ति को समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भारत के संघीय ढांचे, सीमांत राज्यों की सुरक्षा, पूर्वोत्तर के विकास, अनुच्छेद 370 के ऐतिहासिक व वर्तमान संदर्भ तथा नागरिकता व शरणार्थी संकट (CAA/NRC संदर्भ) को समझने के लिए यह अध्याय मौलिक है। बोर्ड परीक्षा में आनंदपुर साहिब प्रस्ताव, ऑपरेशन ब्लू स्टार, असम समझौता (1985), मिजोरम शांति समझौता और कश्मीर मुद्दे पर सीधे प्रश्न आते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • संविधान की 8वीं अनुसूची और भाषाई विविधता।
  • 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत संघ में विलय पत्र (Instrument of Accession)।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • क्षेत्रीय आकांक्षाओं (Regional Aspirations) और लोकतांत्रिक संघवाद के संबंधों को समझ सकेंगे।
  • जम्मू-कश्मीर के 1947 विलय से लेकर अनुच्छेद 370 के ऐतिहासिक स्वरूप और समकालीन बदलावों की व्याख्या कर सकेंगे।
  • पंजाब संकट (1973 आनंदपुर साहिब प्रस्ताव, 1984 ऑपरेशन ब्लू स्टार, 1985 लोंगोवाल समझौता) का कालक्रमानुसार विश्लेषण कर सकेंगे।
  • पूर्वोत्तर के तीन प्रमुख मुद्दों (स्वायत्तता की मांग, अलगाववादी आंदोलन, बाहरी लोगों का विरोध) की पहचान कर सकेंगे।
  • मिजोरम शांति समझौता (1986) और असम समझौता (1985) के मुख्य प्रावधानों का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • द्रविड़ आंदोलन और द्रविड़ कड़गम (DK / DMK) के विकास को रेखांकित कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. क्षेत्रीय आकांक्षाएँ और भारतीय स...
2 2. पूर्वोत्तर भारत: स्वायत्तता, अलग...
3 3. क्षेत्रीय आकांक्षाओं से सीख (Les...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. क्षेत्रीय आकांक्षाएँ और भारतीय संघवाद (Regional Aspirations & Federal Approach)

भारतीय मॉडल का मूल दर्शन: भारत का दृष्टिकोण यूरोपीय देशों जैसा नहीं है जहाँ विविधता को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा माना जाता था। भारत ने 'विविधता में एकता' के सिद्धांत को अपनाया—अर्थात क्षेत्रीय आकांक्षाओं को दबाने के बजाय संवैधानिक स्वायत्तता और लोकतांत्रिक बातचीत द्वारा हल करना।

राज्य / क्षेत्रमुख्य तनाव का मुद्दासंवैधानिक / कूटनीतिक समाधान
जम्मू और कश्मीरविशेष स्वायत्तता की मांग, सीमा पार आतंकवाद और आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता।1947 विलय पत्र, अनुच्छेद 370 (5 अगस्त 2019 को निष्प्रभावी कर 2 केंद्र शासित प्रदेश—J&K और लद्दाख बनाए गए)।
पंजाबजल बंटवारा, चंडीगढ़ का हस्तांतरण, स्वायत्तता (आनंदपुर साहिब प्रस्ताव 1973) और उग्रवाद।ऑपरेशन ब्लू स्टार (जून 1984); 1985 का राजीव गांधी-हरचंद सिंह लोंगोवाल पंजाब समझौता।
तमिलनाडु (द्रविड़ आंदोलन)उत्तर भारतीय/हिंदी भाषा का विरोध और क्षेत्रीय पहचान।ई. वी. रामास्वामी 'पेरियार' द्वारा आत्म-सम्मान आंदोलन; DMK का उदय और द्वि-भाषी फॉर्मूला।

2. पूर्वोत्तर भारत: स्वायत्तता, अलगाववाद एवं बाहरी लोगों का विरोध (North-East Dynamics)

पूर्वोत्तर (Seven Sisters) भारत के 4% भूभाग का प्रतिनिधित्व करता है जो 'सिलीगुड़ी गलियारे' (चिकन नेक) से शेष भारत से जुड़ा है। यहाँ 3 प्रमुख प्रकार की माँगें उठीं:

मांग का स्वरूपराज्य / आंदोलनघटनाक्रम एवं शांति समझौता
स्वायत्तता की मांगअसम के गैर-असमिया जनजातीय क्षेत्र1972 में असम से अलग करके मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा बनाए गए; बाद में बोडोलैंड स्वायत्त परिषद बनी।
अलगाववादी आंदोलनमिजोरम (MNF) व नागालैंड (NNC)मिजोरम: 1966 में लालडेंगा के नेतृत्व में मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने स्वतंत्रता की घोषणा की। 1986 में राजीव गांधी-लालडेंगा समझौता हुआ; लालडेंगा मुख्यमंत्री बने और मिजोरम पूर्ण शांत राज्य बना।
नागालैंड: अंगमी जापू फिजो के नेतृत्व में 1951 से सशस्त्र विद्रोह।
बाहरी लोगों का विरोधअसम आंदोलन (1979-1985)AASU (ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन) ने बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के खिलाफ आंदोलन चलाया। 1985 में असम समझौता हुआ और असम गण परिषद (AGP) की सरकार बनी।

3. क्षेत्रीय आकांक्षाओं से सीख (Lessons from Regional Aspirations)

🎯 4 प्रमुख सबक:
  1. क्षेत्रीय आकांक्षाएं लोकतांत्रिक राजनीति का स्वाभाविक अंग हैं: क्षेत्रीय मांगों को राष्ट्र-विरोधी करार देने के बजाय संवाद से हल करना चाहिए।
  2. दमन के बजाय लोकतांत्रिक समझौते का मार्ग: शक्ति के प्रयोग के बजाय राजनीतिक स्वायत्तता और शांति समझौते (जैसे मिजोरम, असम, पंजाब समझौते) ही स्थायी शांति लाते हैं।
  3. सत्ता की साझेदारी (Power Sharing): क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय सत्ता में भागीदार बनाने से संघवाद मजबूत होता है।
  4. आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करना: पूर्वोत्तर और सीमांत क्षेत्रों में ढांचागत विकास और रोजगार देकर अलगाव की भावना को समाप्त किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1973
अकाली दल द्वारा आनंदपुर साहिब प्रस्ताव (Anandpur Sahib Resolution) पारित।
June 1984
ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) - अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई।
31 Oct 1984
प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या एवं देशव्यापी सिख विरोधी दंगे।
1985
राजीव गांधी-लोंगोवाल पंजाब समझौता एवं ऐतिहासिक असम समझौता (Assam Accord)।
1986
ऐतिहासिक मिजोरम शांति समझौता (राजीव गांधी-लालडेंगा Accord)।
5 Aug 2019
जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम (अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान निष्प्रभावी)।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
पूर्वोत्तर भारत में क्षेत्रीय आंदोलनों के तीन प्रमुख मुद्दों की व्याख्या कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: पूर्वोत्तर के राज्यों में क्षेत्रीय असंतोष के तीन प्रमुख आयाम रहे हैं:
1. स्वायत्तता की मांग: स्वतंत्रता के समय समूचा पूर्वोत्तर असम का हिस्सा था। गैर-असमिया जनजातियों ने अपनी विशिष्ट संस्कृति और भाषा की रक्षा हेतु अलग राज्यों की मांग की, जिसके परिणामस्वरूप मेघालय, मिजोरम, नागालैंड आदि राज्य बने।
2. अलगाववादी आंदोलन: मिजोरम (लालडेंगा के MNF) और नागालैंड (अंगमी जापू फिजो के NNC) में विद्रोही गुटों ने भारत से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाने हेतु दशकों तक खूनी गुरिल्ला युद्ध लड़ा, जिसे बाद में शांति समझौतों से समाप्त किया गया।
3. बाहरी लोगों के खिलाफ आंदोलन: असम में 1979-1985 तक ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऐतिहासिक जनांदोलन चलाया, जिससे उनकी जनसांख्यिकी और स्थानीय संस्कृति पर संकट आ गया था।
उदाहरण 2
1985 के पंजाब समझौते (राजीव गांधी-लोंगोवाल समझौता) के मुख्य प्रावधान क्या थे? (JAC Board 3 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: जुलाई 1985 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी और अकाली दल अध्यक्ष हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच हुए समझौते के मुख्य बिंदु थे:
1. चंडीगढ़ को पूर्ण रूप से पंजाब को सौंपा जाएगा।
2. पंजाब और हरियाणा के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक अलग आयोग बनेगा।
3. रावी-व्यास नदी के जल बंटवारे हेतु एक ट्रिब्यूनल (न्यायाधिकरण) का गठन किया जाएगा।
4. पंजाब में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) की समीक्षा की जाएगी।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

क्षेत्रीय आकांक्षाओं को देशद्रोह या राष्ट्र-विरोधी आंदोलन मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

भारतीय संविधान के अनुसार क्षेत्रीय आकांक्षाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्वाभाविक अभिव्यक्ति हैं, जिन्हें संघवाद और स्वायत्तता के माध्यम से सुलझाया जाता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन पोलो में भ्रम होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

ऑपरेशन पोलो (1948) हैदराबाद के विलय हेतु था, जबकि ऑपरेशन ब्लू स्टार (1984) स्वर्ण मंदिर से उग्रवादियों को निकालने के लिए की गई सैन्य कार्रवाई थी।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।