1973-1975 का संकट: बांग्लादेश युद्ध के 80 लाख शरणार्थियों का बोझ, 1973 का वैश्विक तेल संकट, 30% तक महंगाई दर और औद्योगिक ठहराव ने भारी जनाक्रोश को जन्म दिया।
| आंदोलन / घटना | वर्ष / नेतृत्व | घटनाक्रम एवं मांगें |
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| गुजरात आंदोलन (नवनिर्माण आंदोलन) | जनवरी 1974 (छात्र) | खाद्यान्न व तेल की महंगाई तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन; मोरारजी देसाई के अनशन के बाद विधानसभा भंग की गई और जून 1975 में चुनाव हुए। |
| बिहार आंदोलन व 'संपूर्ण क्रांति' | मार्च 1974, जयप्रकाश नारायण (JP) | छात्रों के निमंत्रण पर जेपी ने आंदोलन का नेतृत्व संभाला और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक व्यवस्था के आमूलचूल परिवर्तन हेतु 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) का नारा दिया। |
| राष्ट्रव्यापी रेलवे हड़ताल | मई 1974, जॉर्ज फर्नांडीस | बोनस और सेवा शर्तों को लेकर 20 दिनों तक देश की समूची जीवनरेखा ठप रही; सरकार ने इसे अवैध घोषित कर कठोरता से कुचला। |
| इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला | 12 जून 1975, न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा | राजनारायण की याचिका पर फैसला सुनाते हुए इंदिरा गांधी के 1971 के रायबरेली चुनाव को 'सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग' के आधार पर अवैध घोषित कर दिया। |