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JAC • Class XII • Political Science • Ch 2
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

The End of Bipolarity

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का द्वितीय अध्याय "दो ध्रुवीयता का अंत" (The End of Bipolarity) सोवियत संघ की साम्यवादी व्यवस्था की कमियों, मिखाइल गोर्बाचेव की पेरेस्त्रोइका (पुनर्गठन) व ग्लासनोस्त (खुलापन) की नीतियों, 1989 में बर्लिन की दीवार के गिरने तथा 25 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ के ऐतिहासिक विघटन की संपूर्ण परिघटना का विश्लेषण करता है। इसमें शॉक थेरेपी (Shock Therapy) के विनाशकारी आर्थिक परिणाम, उत्तर-साम्यवादी देशों में तनाव व संघर्ष तथा भारत-रूस के ऐतिहासिक संबंधों का बहुआयामी अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🧱 9 नवंबर 1989 की उस रात क्या हुआ था, जब आम जनता ने हथौड़े लेकर 150 किमी लंबी कंक्रीट की दीवार को ढहा दिया?

बर्लिन की दीवार 28 वर्षों तक पूंजीवाद और साम्यवाद के बीच के विभाजन का सबसे बड़ा प्रतीक थी। लेकिन 9 नवंबर 1989 को पूर्वी जर्मनी की जनता का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अपने ही हाथों से दीवार को तोड़ डाला! इसके ठीक दो साल बाद, 25 दिसंबर 1991 को दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति सोवियत संघ ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और 15 स्वतंत्र देशों में बंट गया! जिस देश के पास हजारों परमाणु बम और लाखों की सेना थी, वह बिना एक भी गोली चले कैसे खत्म हो गया? 'शॉक थेरेपी' ने रूस की अर्थव्यवस्था को कैसे तबाह कर दिया? आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक क्रांति की असली कहानी।

Why This Chapter Matters

सोवियत संघ के पतन ने विश्व को दो-ध्रुवीय व्यवस्था से एक-ध्रुवीय (अमेरिकी वर्चस्व) व्यवस्था में बदल दिया। आज के रूस, मध्य एशियाई गणराज्यों (CIS) और यूक्रेन की भू-राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए इस अध्याय की अवधारणाएं रीढ़ की हड्डी के समान हैं। बोर्ड परीक्षा में सोवियत विघटन के कारण, परिणाम और शॉक थेरेपी से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

Before You Begin (Prerequisites)

  • 1917 की रूसी बोल्शेविक क्रांति और व्लादिमीर लेनिन द्वारा स्थापित सोवियत समाजवादी मॉडल।
  • शीतयुद्ध में पूर्वी यूरोप पर सोवियत नियंत्रण और वारसॉ पैक्ट की भूमिका।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • सोवियत प्रणाली की सकारात्मक विशेषताओं और नौकरशाही की कमियों की पहचान कर सकेंगे।
  • मिखाइल गोर्बाचेव के सुधारों (ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका) की विफलता के कारणों को समझ सकेंगे।
  • दिसंबर 1991 में सोवियत संघ के विघटन के तात्कालिक व दीर्घकालिक कारणों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • शॉक थेरेपी की परिभाषा, विशेषताओं और इसके घातक सामाजिक-आर्थिक परिणामों की समीक्षा कर सकेंगे।
  • रूस और भारत के सामरिक, कूटनीतिक और ऊर्जा संबंधों का मूल्यांकन कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. सोवियत प्रणाली की विशेषताएं एवं...
2 2. मिखाइल गोर्बाचेव के सुधार और सोव...
3 3. शॉक थेरेपी और उसके घातक परिणाम (...
4 4. उत्तर-साम्यवादी देशों में संघर्ष...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. सोवियत प्रणाली की विशेषताएं एवं कमियाँ (Soviet System: Strengths & Weaknesses)

सोवियत प्रणाली (Soviet System): 1917 की रूसी समाजवादी क्रांति के बाद व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में स्थापित व्यवस्था, जो निजी संपत्ति के उन्मूलन तथा समानता के समाज की स्थापना पर आधारित थी।

सकारात्मक विशेषताएं (खूबियां)नकारात्मक विशेषताएं (कमियां/दोष)
उन्नत संचार प्रणाली, विशाल ऊर्जा संसाधन (खनिज तेल, लोहा, इस्पात)।सत्तावादी और नौकरशाही का कठोर शिकंजा (Bureaucratic Control)।
शून्य बेरोजगारी तथा न्यूनतम जीवन स्तर की सरकारी गारंटी (स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल देखभाल)।लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूर्ण अभाव; एकदलीय (कम्युनिस्ट पार्टी) तानाशाही।
पिन से लेकर हवाई जहाज तक सभी वस्तुओं का घरेलू उत्पादन।उत्पादकता और गुणवत्ता में पश्चिमी तकनीक से काफी पीछे छूट जाना।
भूमि और उत्पादन के सभी साधनों पर राज्य का पूर्ण स्वामित्व।रूसी प्रभुत्व के कारण अन्य 14 गणराज्यों की जनता में उपेक्षा व अलगाव की भावना।

2. मिखाइल गोर्बाचेव के सुधार और सोवियत संघ का विघटन (Gorbachev Reforms & Disintegration)

1985 में मिखाइल गोर्बाचेव कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने। उन्होंने अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दो प्रमुख नीतियां लागू कीं:

  • पेरेस्त्रोइका (Perestroika): आर्थिक और राजनीतिक ढांचे का पुनर्गठन (Restructuring)।
  • ग्लासनोस्त (Glasnost): खुलापन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Openness)।

विघटन की ऐतिहासिक प्रक्रिया:

  1. 9 नवंबर 1989: जनता द्वारा बर्लिन की दीवार का गिराया जाना।
  2. अगस्त 1991: कम्युनिस्ट पार्टी के कट्टरपंथियों द्वारा गोर्बाचेव के विरुद्ध असफल तख्तापलट।
  3. दिसंबर 1991: बोरिस येल्तसिन के नेतृत्व में रूस, यूक्रेन और बेलारूस ने सोवियत संघ की समाप्ति की औपचारिक घोषणा की।
  4. 25 दिसंबर 1991: गोर्बाचेव का इस्तीफा और क्रेमलिन से सोवियत झंडे का उतरना।
⚠️ सोवियत संघ के पतन के मुख्य कारण: (1) नागरिकों की राजनीतिक-आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने में असमर्थता, (2) हथियारों की होड़ में अत्यधिक राष्ट्रीय धन का अपव्यय, (3) प्रशासनिक भ्रष्टाचार और गतिहीनता, (4) रूस, बाल्टिक गणराज्यों (एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया), यूक्रेन और जॉर्जिया में राष्ट्रवाद और संप्रभुता की तीव्र लहर।

3. शॉक थेरेपी और उसके घातक परिणाम (Shock Therapy & Its Aftermath)

शॉक थेरेपी (Shock Therapy): साम्यवाद के पतन के बाद विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा निर्देशित वह तीव्र आर्थिक मॉडल, जिसके तहत सत्तावादी समाजवादी व्यवस्था से लोकतांत्रिक पूंजीवादी व्यवस्था में कष्टप्रद रूपांतरण किया गया।

शॉक थेरेपी के प्रमुख परिणामवास्तविक प्रभाव का विवरण
इतिहास की सबसे बड़ी गराज सेल (Largest Garage Sale)रूस के 90% बहुमूल्य सरकारी उद्योगों को औने-पौने दामों पर निजी कंपनियों और माफिया को बेच दिया गया।
रूसी मुद्रा 'रूबल' का अवमूल्यनरूबल के मूल्य में भारी गिरावट आई, मुद्रास्फीति (महंगाई) आसमान छू गई और लोगों की जीवन भर की बचत डूब गई।
समाज कल्याण व्यवस्था का विनाशसरकारी सब्सिडी खत्म कर दी गई, जिससे करोड़ों लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गए और माफिया वर्ग का उदय हुआ।
कृषि संकट एवं खाद्यान्न आयातसामूहिक खेती प्रणाली नष्ट हो गई, जिससे रूस को खाद्यान्न का आयात करना पड़ा।

4. उत्तर-साम्यवादी देशों में संघर्ष एवं भारत-रूस संबंध (Post-Communist Conflicts & India-Russia Relations)

तनाव और गृहयुद्ध के क्षेत्र:

  • रूस: चेचन्या और दागिस्तान में हिंसक अलगाववादी आंदोलन।
  • मध्य एशिया: ताजिकिस्तान में 10 वर्षों (1991-2001) तक गृहयुद्ध चला। अजरबैजान-आर्मेनिया के बीच नागोर्नो-काराबाख विवाद।
  • यूगोस्लाविया: जातीय संघर्ष के कारण यूगोस्लाविया कई टुकड़ों (बोस्निया, हर्जेगोविना, क्रोएशिया, स्लोवेनिया, सर्बिया) में विभाजित हो गया।

भारत और रूस संबंध (India-Russia Ties):

  • भारत और उत्तर-साम्यवादी देशों के संबंध अत्यधिक मधुर हैं, विशेषकर रूस के साथ। दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व (Multipolar World) के सह-अस्तित्व में विश्वास रखते हैं।
  • 2001 में भारत-रूस सामरिक समझौते (Strategic Agreement) के तहत 80 से अधिक द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए।
  • भारत रूस से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और सैन्य हथियारों (सुखोई, एस-400, ब्रह्मोस) का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। रूस ने कश्मीर मुद्दे और अंतरिक्ष अनुसंधान (क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन) में भारत का सदैव समर्थन किया है।

Key Constitutional Articles, Doctrines & Political Formulas

1917
रूसी बोल्शेविक समाजवादी क्रांति (व्लादिमीर लेनिन का नेतृत्व)।
1985
मिखाइल गोर्बाचेव सोवियत संघ के राष्ट्रपति बने; पेरेस्त्रोइका व ग्लासनोस्त की शुरुआत।
9 Nov 1989
बर्लिन की दीवार जनता द्वारा तोड़ी गई (शीतयुद्ध के अंत का प्रतीक)।
Dec 1991
रूस, बेलारूस और यूक्रेन द्वारा सोवियत संघ की समाप्ति की घोषणा; CIS का गठन।
2001
भारत-रूस सामरिक साझेदारी समझौता (Strategic Partnership Accord)।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
शॉक थेरेपी से आप क्या समझते हैं? इसके किन्हीं चार परिणामों की व्याख्या कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
Step-by-Step Solution:
उत्तर: साम्यवाद के पतन के बाद पूर्वी यूरोप और रूस में विश्व बैंक एवं IMF के निर्देशों पर समाजवादी अर्थव्यवस्था से पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में तीव्र संक्रमण को 'शॉक थेरेपी' कहा जाता है।
चार प्रमुख परिणाम:
1. इतिहास की सबसे बड़ी गराज सेल: राज्य के 90% उद्योगों को बेहद कम दामों पर निजी हाथों और माफियाओं को बेच दिया गया।
2. रूसी मुद्रा का अवमूल्यन: रूबल के मूल्य में भारी गिरावट के कारण भयानक मुद्रास्फीति हुई और लोगों की जमापूंजी नष्ट हो गई।
3. सामाजिक सुरक्षा तंत्र का ध्वस्त होना: स्वास्थ्य, शिक्षा और भोजन पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी समाप्त होने से जनता दरिद्रता के गर्त में चली गई।
4. संसद की तुलना में राष्ट्रपति की तानाशाही: संविधानों में राष्ट्रपति को अत्यधिक शक्तियां दी गईं, जिससे संसद कमजोर हो गई।
Example 2
सोवियत संघ के विघटन के तीन प्रमुख कारण स्पष्ट कीजिए। (JAC Board 3 Marks)
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
1. आर्थिक गतिहीनता: सोवियत संघ ने अपने अधिकांश संसाधनों को हथियारों की होड़ और उपग्रह देशों के भरण-पोषण पर खर्च कर दिया, जिससे घरेलू उपभोक्ता वस्तुओं की भारी कमी हो गई।
2. प्रशासनिक एवं राजनीतिक गतिहीनता: कम्युनिस्ट पार्टी का 70 वर्षों का निरंकुश शासन जनता के प्रति जवाबदेह नहीं था, जिसमें भारी भ्रष्टाचार और लालफीताशाही थी।
3. राष्ट्रवादी भावनाओं का उभार: रूस, बाल्टिक गणराज्यों (एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया), यूक्रेन आदि में राष्ट्रीय संप्रभुता की तीव्र इच्छा ने विघटन को अनिवार्य बना दिया।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

छात्र अक्सर सोवियत संघ के विघटन का एकमात्र कारण गोर्बाचेव को मान लेते हैं।

Scientific Reality & Correction

गोर्बाचेव की नीतियां केवल एक उत्प्रेरक थीं; विघटन का मूल कारण सोवियत प्रणाली की 70 वर्षों से चली आ रही आर्थिक व प्रशासनिक गतिहीनता और राष्ट्रवादी उभार था।

Common Misconception

पेरेस्त्रोइका और ग्लासनोस्त के अर्थों में उलटफेर करना।

Scientific Reality & Correction

याद रखें: पेरेस्त्रोइका = पुनर्गठन (Restructuring of economy) और ग्लासनोस्त = खुलापन (Openness & freedom of expression)।
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