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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 3
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का तृतीय अध्याय "समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व" (US Hegemony in World Politics) 1991 में सोवियत पतन के बाद वैश्विक मंच पर संयुक्त राज्य अमेरिका की एकमात्र महाशक्ति के रूप में स्थापना का आलोचनात्मक विश्लेषण करता है। इसमें प्रथम खाड़ी युद्ध (ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म), 9/11 का आतंकवादी हमला, ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम, 2003 का इराक आक्रमण (ऑपरेशन इराकी फ्रीडम), वर्चस्व के तीन आयाम (सैन्य/हार्ड पावर, ढांचागत/स्ट्रक्चरल पावर, सांस्कृतिक/सॉफ्ट पावर), अमेरिकी शक्ति पर तीन आंतरिक अवरोध तथा भारत-अमेरिका संबंधों के बदलते समीकरणों का गहन अध्ययन शामिल है।

🦅 क्या आप जानते हैं: दुनिया भर में बहने वाले समुद्री व्यापार मार्ग (SLOCs), इंटरनेट का ग्लोबल नेटवर्क और यहाँ तक कि आपकी नीली जींस भी एक ही देश के दबदबे की देन हैं?

1991 में जब सोवियत संघ खत्म हुआ, तो पूरी दुनिया में केवल एक महाशक्ति बची—अमेरिका! जब 1990 में इराक ने कुवैत पर कब्जा किया, तो अमेरिकी सेना ने 34 देशों के 6,60,000 सैनिकों का नेतृत्व करते हुए स्मार्ट बमों और लाइव टीवी प्रसारण के साथ इराक को कुछ ही दिनों में धूल चटा दी। इसे दुनिया ने 'वीडियो गेम वॉर' कहा! लेकिन अमेरिकी दबदबा केवल टैंकों और मिसाइलों तक सीमित नहीं है। इंटरनेट का मूल ढांचा (www), एमबीए की डिग्री, जीपीएस और हॉलीवुड फिल्में तक अमेरिकी वर्चस्व के रूप हैं। वर्चस्व (Hegemony) वास्तव में क्या है? क्या दुनिया का कोई देश अमेरिका को चुनौती दे सकता है? भारत को अमेरिका से कैसे रिश्ते रखने चाहिए? आइए इस अध्याय में विस्तार से समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

वैश्विक भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय कानून, डॉलर की वैश्विक शक्ति और आधुनिक तकनीक के वैश्विक प्रवाह को समझने के लिए अमेरिकी वर्चस्व का विश्लेषण आवश्यक है। बोर्ड परीक्षा में विभिन्न अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों, वर्चस्व के 3 रूपों और भारत-अमेरिका संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद एक-ध्रुवीय विश्व का उदय।
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रेटन वुड्स संस्थाओं (IMF, World Bank, WTO) की भूमिका।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • वर्चस्व (Hegemony) शब्द की उत्पत्ति और इसके राजनीतिक अर्थ की व्याख्या कर सकेंगे।
  • प्रथम खाड़ी युद्ध (1990-91), ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच, 9/11 हमला और ऑपरेशन इराकी फ्रीडम (2003) का कालक्रमानुसार विश्लेषण कर सकेंगे।
  • हार्ड पावर (सैन्य), स्ट्रक्चरल पावर (ढांचागत) और सॉफ्ट पावर (सांस्कृतिक) के बीच अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • अमेरिकी शक्ति की राह में 3 प्रमुख अवरोधों (संस्थागत संरचना, खुला समाज, नाटो) की पहचान कर सकेंगे।
  • अमेरिकी वर्चस्व से निपटने की विभिन्न रणनीतियों (बैंडवैगन, हाइड, आदि) का मूल्यांकन कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. एक-ध्रुवीय विश्व और प्रमुख अमेरि...
2 2. वर्चस्व (Hegemony) के तीन आयाम:...
3 3. अमेरिकी शक्ति पर अवरोध एवं भारत...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. एक-ध्रुवीय विश्व और प्रमुख अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स (Major US Military Operations)

1991 में सोवियत संघ के विघटन के पश्चात विश्व में केवल एक महाशक्ति बची। जॉर्ज बुश सीनियर ने इसे 'नई विश्व व्यवस्था' (New World Order) का नाम दिया।

सैन्य ऑपरेशन का नामवर्षअमेरिकी राष्ट्रपतिघटना एवं परिणाम
ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म (प्रथम खाड़ी युद्ध)1990-1991जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुशइराक द्वारा कुवैत पर अवैध कब्जे को समाप्त कराने हेतु UN के बैनर तले 34 देशों के 6.6 लाख सैनिकों ने इराक को हराया। इसे 'कंप्यूटर युद्ध' या 'वीडियो गेम वॉर' भी कहा गया।
ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच1998बिल क्लिंटननैरोबी (केन्या) और दार-एस-सलाम (तंजानिया) में अमेरिकी दूतावासों पर अल-कायदा के बम धमाकों के जवाब में सूडान और अफगानिस्तान पर क्रूज मिसाइल हमले।
ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम2001जॉर्ज डब्ल्यू. बुश11 सितंबर 2001 (9/11) को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर अल-कायदा के आतंकी हमले के जवाब में अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के खात्मे हेतु वैश्विक आतंकवाद-रोधी युद्ध।
ऑपरेशन इराकी फ्रीडम (द्वितीय खाड़ी युद्ध)2003जॉर्ज डब्ल्यू. बुशसंयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बिना 'गठबंधन सेना' (Coalition of the Willing) बनाकर इराक पर आक्रमण। सद्दाम हुसैन का पतन, परंतु सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) नहीं मिले।

2. वर्चस्व (Hegemony) के तीन आयाम: सैन्य, ढांचागत और सांस्कृतिक

वर्चस्व (Hegemony): यह मूलतः प्राचीन यूनान (ग्रीस) के एथेंस नगर-राज्य के दबदबे को इंगित करता था। आज यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में किसी एक राष्ट्र के निर्विवाद सैन्य, आर्थिक और वैचारिक दबदबे को दर्शाता है।

वर्चस्व का आयामप्रकृति / स्वरूपउदाहरण एवं प्रमुख विशेषताएं
1. सैन्य शक्ति के रूप में वर्चस्व (Hard Power)कठोर सैन्य प्रभुत्वअमेरिका का रक्षा बजट विश्व के अगले 12 सबसे बड़े देशों के कुल रक्षा बजट से अधिक है। पेंटागन की तकनीकी श्रेष्ठता और वैश्विक कमान प्रणाली (Global Command Structure)।
2. ढांचागत शक्ति के रूप में वर्चस्व (Structural Power)वैश्विक अर्थव्यवस्था के सार्वजनिक नियम बनानासमुद्री व्यापारिक मार्ग (SLOCs) की सुरक्षा, इंटरनेट का वैश्विक ढांचा (www), अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मुद्रा के रूप में स्वीकार्यता, तथा विश्व का पहला बिजनेस स्कूल (वॉर्टन स्कूल - 1881) व MBA डिग्री।
3. सांस्कृतिक शक्ति के रूप में वर्चस्व (Soft Power)विचारों और सहमति का निर्माण (Manufacturing Consent)खान-पान (मैकडॉनल्ड्स), पहनावा (नीली जींस/Blue Jeans), संगीत, हॉलीवुड सिनेमा और अमेरिकी जीवन शैली की वैश्विक लोकप्रियता।

3. अमेरिकी शक्ति पर अवरोध एवं भारत के विकल्प (Constraints on US Hegemony & India Options)

अमेरिकी शक्ति के मार्ग में तीन प्रमुख आंतरिक अवरोध (Constraints):

  1. संस्थागत बनावट (Institutional Architecture): अमेरिकी शासन व्यवस्था में शक्तियों के पृथक्करण (कार्यपालिका, विधायिका/कांग्रेस, न्यायपालिका) के कारण राष्ट्रपति सैन्य शक्ति का अनियंत्रित उपयोग नहीं कर सकते।
  2. अमेरिकी समाज की खुली प्रकृति (Open Society): स्वतंत्र मीडिया और जनमत सरकार की युद्ध नीतियों और सैन्य अभियानों की तीखी आलोचना करते हैं।
  3. उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO): अमेरिका के लोकतांत्रिक सहयोगी देश उसकी मनमानी पर कुछ हद तक अंकुश लगा सकते हैं।
🇮🇳 भारत-अमेरिका संबंध और भारतीय विदेश नीति के 3 दृष्टिकोण:
  • पहला दृष्टिकोण (दूर रहने का पक्षधर): भारत को अमेरिकी वर्चस्व से दूरी बनाए रखनी चाहिए और अपनी राष्ट्रीय स्वायत्तता व विकासशील देशों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  • दूसरा दृष्टिकोण (घनिष्ठता का पक्षधर): अमेरिकी तकनीकी, आईटी (सिलिकॉन वैली) और व्यापारिक श्रेष्ठता का लाभ उठाकर भारत को अपने आर्थिक विकास को गति देनी चाहिए।
  • तीसरा दृष्टिकोण (तीसरी दुनिया का नेतृत्व): भारत को विकासशील देशों के समूह का नेतृत्व करते हुए अमेरिकी शक्ति के संतुलन हेतु बहुध्रुवीय व्यवस्था का निर्माण करना चाहिए।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1990-91
ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म (प्रथम खाड़ी युद्ध - कुवैत की मुक्ति)।
1998
ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच (सूडान व अफगानिस्तान पर मिसाइल हमले)।
11 Sep 2001
9/11 हमला; ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम (वैश्विक आतंकवाद विरोधी अभियान)।
19 Mar 2003
ऑपरेशन इराकी फ्रीडम (इराक पर अमेरिकी आक्रमण)।
1881
विश्व के प्रथम बिजनेस स्कूल (वॉर्टन स्कूल, अमेरिका) की स्थापना।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
वर्चस्व के तीन रूपों (हार्ड पावर, स्ट्रक्चरल पावर और सॉफ्ट पावर) का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
1. सैन्य वर्चस्व (Hard Power): अमेरिका की सैन्य क्षमता विश्व में सबसे उन्नत और घातक है। इसका रक्षा बजट दुनिया के अगले 12 देशों से अधिक है और यह विश्व के किसी भी कोने में सटीक हमला करने में सक्षम है।
2. ढांचागत वर्चस्व (Structural Power): वैश्विक आर्थिक ढांचे को बनाए रखने वाले वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद (Global Public Goods) जैसे समुद्री व्यापार मार्ग (SLOCs), इंटरनेट, और विश्वव्यापी डॉलर तंत्र पर अमेरिका का नियंत्रण है।
3. सांस्कृतिक वर्चस्व (Soft Power): सहमति और आकर्षण पर आधारित शक्ति; जिसमें खान-पान (फास्ट फूड), पहनावा (ब्लू जींस) और पश्चिमी जीवन शैली के माध्यम से दुनिया की सोच को प्रभावित किया जाता है।
उदाहरण 2
9/11 की घटना क्या थी और इसके जवाब में अमेरिका ने क्या कदम उठाया? (JAC Board 3 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने 4 अमेरिकी वाणिज्यिक विमानों का अपहरण कर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (न्यू यॉर्क) और पेंटागन (वाशिंगटन) पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें लगभग 3000 लोग मारे गए। इसके जवाब में अमेरिका ने 'ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम' शुरू किया और अफगानिस्तान में तालिबान शासन को उखाड़ फेंका।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

छात्र 'ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म' और 'ऑपरेशन इराकी फ्रीडम' में भ्रमित हो जाते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

डेजर्ट स्टॉर्म 1991 का प्रथम खाड़ी युद्ध था (कुवैत की मुक्ति हेतु UN स्वीकृत), जबकि इराकी फ्रीडम 2003 में सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए UN की स्वीकृति के बिना किया गया हमला था।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वर्चस्व (Hegemony) को केवल सैन्य ताकत मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वर्चस्व केवल सैन्य (हार्ड पावर) नहीं है, बल्कि आर्थिक/ढांचागत (स्ट्रक्चरल) और सांस्कृतिक (सॉफ्ट पावर) भी होता है।
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कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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