Follow Us
Select Medium / माध्यम चुनें:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
JAC • Class 7 • Science • Ch 3
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Heat

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) कक्षा 7 विज्ञान का तृतीय अध्याय "ऊष्मा" (Heat) ताप, तापमापन की प्रणालियों और ऊष्मा संचरण के भौतिक सिद्धांतों का व्यापक और प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें डॉक्टरी व प्रयोगशाला थर्मामीटर, ऊष्मा स्थानांतरण की तीन विधियाँ—चालन, संवहन (समुद्री व थल समीर) और विकिरण—तथा ऋतुओं के अनुसार वस्त्रों के चयन का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण सम्मिलित है।

🔬 क्या आपने कभी सोचा है?

☕ चाय का गर्म कप मेज पर कुछ देर रखने पर अपने आप ठंडा क्यों हो जाता है, जबकि फ्रिज से निकाली गई बर्फ की बोतल सामान्य कमरे में पिघलकर गर्म होने लगती है?

🌡️ डॉक्टर बुखार नापने के लिए थर्मामीटर को हमारे मुंह से बाहर निकालने के बाद भी उसका पाठ्यांक तुरंत क्यों नहीं बदलता, जबकि प्रयोगशाला थर्मामीटर को पानी से बाहर निकालते ही उसका पारा तुरंत गिर जाता है?

🌊 समुद्र तटीय इलाकों में दिन के समय समुद्र से जमीन की ओर ठंडी हवाएँ (समुद्री समीर) क्यों चलती हैं और रात में हवा की दिशा क्यों उलट जाती है?

☀️ करोड़ों किलोमीटर दूर स्थित सूर्य और पृथ्वी के बीच अंतरिक्ष में कोई हवा (माध्यम) नहीं है, फिर भी सूर्य की प्रचंड गर्मी हमारे शरीर तक कैसे पहुँच जाती है?

Why This Chapter Matters

ऊष्मा हमारे दैनिक जीवन और पर्यावरण का सबसे प्रत्यक्ष भौतिक कारक है। खाना पकाने के बर्तनों के हैंडल से लेकर जाड़े में हमारे द्वारा पहने जाने वाले ऊनी स्वेटर, घरों में वेंटिलेटर की स्थिति, थर्मास फ्लास्क की बनावट और पृथ्वी के वैश्विक मौसम चक्र तक—सब कुछ ऊष्मा के संचरण के नियमों से नियंत्रित होता है। इस अध्याय को समझकर आप तापमान, तापीय ऊर्जा के प्रवाह और ऊर्जा संरक्षण के व्यावहारिक नियमों को गहराई से समझ सकेंगे।

Before You Begin (Prerequisites)

  • ऊष्मा ऊर्जा (Energy) का एक रूप है जो गर्माहट का अनुभव कराता है।
  • ठोस, द्रव और गैस पदार्थ की तीन मुख्य अवस्थाएँ हैं।
  • हम छूकर हमेशा किसी वस्तु के वास्तविक तापमान का सही अनुमान नहीं लगा सकते (स्पर्श इंद्रिय अविश्वसनीय हो सकती है)।
  • ऊष्मा का प्रवाह सदैव उच्च तापमान वाली वस्तु से निम्न तापमान वाली वस्तु की ओर होता है।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • तापमान (Temperature) की वैज्ञानिक परिभाषा और थर्मामीटर के कार्य सिद्धांत को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • डॉक्टरी थर्मामीटर (35°C से 42°C) और प्रयोगशाला थर्मामीटर (-10°C से 110°C) की बनावट व किंक (Kink) की भूमिका में अंतर कर सकेंगे।
  • चालन (Conduction), ऊष्मा के चालकों (Conductors) और कुचालकों (Insulators) की सचित्र व्याख्या कर सकेंगे।
  • संवहन (Convection) प्रक्रम तथा समुद्री समीर (Sea Breeze) एवं थल समीर (Land Breeze) के बनने का वैज्ञानिक कारण समझा सकेंगे।
  • विकिरण (Radiation) की विशिष्टता स्पष्ट कर सकेंगे कि इसके लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता क्यों नहीं होती।
  • कारण बता सकेंगे कि गर्मियों में हल्के रंग के सूती वस्त्र और सर्दियों में गहरे रंग के ऊनी वस्त्र क्यों पहने जाते हैं।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. गर्म और ठंडा: स्पर्श का भ्रम एवं...
2 2. डॉक्टरी थर्मामीटर एवं किंक की भू...
3 3. प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory...
4 4. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 1: चालन...
5 5. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 2: संवह...
6 6. तटीय समीर: समुद्री समीर एवं थल स...
7 7. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 3: विकि...
8 8. गर्मियों और सर्दियों में हमारे व...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. गर्म और ठंडा: स्पर्श का भ्रम एवं तापमान (Hot & Cold and Temperature)

स्पर्श इंद्रिय की अविश्वसनीयता (क्रियाकलाप): यदि आप तीन बर्तन लें—A (ठंडा पानी), B (गर्म पानी), C (गुनगुना पानी)। अपने बाएँ हाथ को A में और दाएँ हाथ को B में 2 मिनट रखें। फिर दोनों हाथों को एक साथ C में डालें। बाएँ हाथ को पानी गर्म लगेगा जबकि दाएँ हाथ को वही पानी ठंडा लगेगा! इससे सिद्ध होता है कि केवल छूकर हम किसी वस्तु के वास्तविक गर्माहट का विश्वसनीय निर्णय नहीं ले सकते।

तापमान (Temperature): किसी वस्तु की उष्णता (गर्माहट) या शीतलता की विश्वसनीय और प्रमाणित माप को तापमान कहते हैं।

थर्मामीटर (तापमापी): तापमान मापने के लिए जिस वैज्ञानिक उपकरण का उपयोग किया जाता है, उसे थर्मामीटर (Thermometer) कहते हैं। भारत में सामान्यतः तापमान को डिग्री सेल्सियस (°C) पैमाने पर मापा जाता है।

2. डॉक्टरी थर्मामीटर एवं किंक की भूमिका (Clinical Thermometer & The Kink)

डॉक्टरी थर्मामीटर: इसका उपयोग केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है।

  • मापक परिसर (Range): 35°C से 42°C (अथवा 94°F से 108°F)। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीवित मानव शरीर का तापमान कभी 35°C से कम या 42°C से अधिक नहीं हो सकता। मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C (98.6°F) होता है।
  • बनावट: एक समान बारीक कांच की नली जिसके एक सिरे पर पारे (Mercury) से भरा बल्ब होता है।
  • विभंग या किंक (Kink): बल्ब के ठीक ऊपर नली में एक संकरा घुमाव या मोड़ होता है जिसे किंक कहते हैं। जब थर्मामीटर रोगी के मुंह से बाहर निकाला जाता है, तो यह किंक पारे के तल को अपने आप नीचे गिरने से रोकता है, जिससे डॉक्टर आसानी से सही पाठ्यांक पढ़ सकते हैं।
डिजिटल थर्मामीटर (Digital Thermometer): पारा एक अत्यंत विषैला (Toxic) पदार्थ है। थर्मामीटर टूटने पर इसका सुरक्षित निस्तारण कठिन होता है। इसलिए आजकल बिना पारे वाले इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल थर्मामीटर का व्यापक उपयोग होता है।

3. प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory Thermometer)

कक्षा और प्रयोगशाला में रसायनों, पानी और विभिन्न प्रयोगों का तापमान मापने के लिए प्रयोगशाला थर्मामीटर का उपयोग होता है।

  • परिसर (Range): सामान्यतः -10°C से 110°C तक।
  • महत्वपूर्ण अंतर: प्रयोगशाला थर्मामीटर में किंक (Kink) नहीं होता। इसलिए इसका पाठ्यांक तभी लिया जाना चाहिए जब इसका बल्ब उस पदार्थ/द्रव के अंदर डूबा हुआ हो। यदि इसे बाहर निकाल लिया जाए, तो हवा के संपर्क में आते ही पारे का तल तुरंत गिरने लगता है और गलत पाठ्यांक मिलता है।

4. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 1: चालन (Conduction)

ऊष्मा का प्रवाह नियम: ऊष्मा सदैव अधिक तापमान वाली वस्तु से कम तापमान वाली वस्तु की ओर प्रवाहित होती है। जब दोनों का तापमान बराबर हो जाता है, तो ऊष्मा का प्रवाह रुक जाता है (तापीय साम्यावस्था)।

चालन (Conduction): ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि जिसमें ऊष्मा किसी ठोस पदार्थ के गर्म सिरे से ठंडे सिरे की ओर माध्यम के कणों के अपने स्थान पर कंपन द्वारा संचरित होती है, चालन कहलाती है। इसमें कण अपना स्थान छोड़कर कहीं नहीं जाते।

चालक बनाम कुचालक:

  • ऊष्मा के चालक (Conductors): जो पदार्थ अपने से होकर ऊष्मा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं—जैसे एल्युमिनियम, तांबा, लोहा। इसलिए खाना पकाने के बर्तन धातुओं के बनते हैं।
  • ऊष्मा के कुचालक / ऊष्मारोधी (Insulators): जो पदार्थ ऊष्मा को अपने से आसानी से नहीं गुजरने देते—जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, रबर, कांच, हवा और शुद्ध जल। इसलिए बर्तनों के हत्थे (हैंडल) प्लास्टिक या लकड़ी के बनाए जाते हैं ताकि हाथ न जले।

5. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 2: संवहन (Convection)

संवहन (Convection): द्रवों (तरल) और गैसों में ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि जिसमें माध्यम के गर्म कण स्वयं ऊष्मा लेकर ऊपर उठते हैं और उनका स्थान लेने के लिए ऊपर से ठंडे कण नीचे आते हैं, संवहन कहलाती है।

जल में संवहन (क्रियाकलाप): जब एक गोल पेंदे के फ्लास्क में पानी और पोटेशियम परमैंगनेट का क्रिस्टल डालकर गर्म किया जाता है, तो पेंदे का पानी गर्म होकर हल्का हो जाता है और रंगीन धाराओं के रूप में ऊपर उठता है। ऊपर का भारी ठंडा पानी नीचे आता है। यह चक्र तब तक चलता रहता है जब तक पूरा पानी गर्म न हो जाए।

वायु में संवहन: मोमबत्ती की लौ के ठीक ऊपर रखा हाथ अत्यधिक गर्मी महसूस करता है क्योंकि गर्म हवा संवहन द्वारा सीधे ऊपर उठती है, जबकि लौ के बगल में रखा हाथ उतनी गर्मी महसूस नहीं करता।

6. तटीय समीर: समुद्री समीर एवं थल समीर (Sea Breeze & Land Breeze)

समुद्र के तटीय क्षेत्रों में वायु संवहन के कारण प्रतिदिन हवा का एक प्राकृतिक चक्र चलता है:

समुद्री समीर (Sea Breeze - दिन में)

दिन में सूर्य की धूप से थल (जमीन) समुद्र के पानी की तुलना में बहुत जल्दी गर्म हो जाता है। जमीन के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है। इसका स्थान लेने के लिए समुद्र की ओर से ठंडी हवा जमीन की ओर बहती है। इसे समुद्री समीर कहते हैं। तटीय घरों की खिड़कियाँ समुद्र की ओर बनाई जाती हैं।

थल समीर (Land Breeze - रात में)

रात में थल समुद्र के पानी की तुलना में बहुत तेजी से ठंडा हो जाता है। समुद्र का पानी अभी भी अपेक्षाकृत गर्म रहता है, इसलिए समुद्र के ऊपर की हवा ऊपर उठती है और थल की ठंडी हवा समुद्र की ओर बहने लगती है। इसे थल समीर कहते हैं।

7. ऊष्मा स्थानांतरण की विधि 3: विकिरण (Radiation)

विकिरण (Radiation): ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि जिसमें ऊष्मा के संचरण के लिए किसी भी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता नहीं होती, विकिरण कहलाती है।

सूर्य की ऊष्मा: अंतरिक्ष (Space) में वायुमंडल या कोई माध्यम नहीं है, फिर भी सूर्य की प्रचंड ऊष्मा पृथ्वी तक केवल विकिरण द्वारा ही पहुँचती है। जब हम हीटर या आग के सामने बैठते हैं, तो हमें मिलने वाली ऊष्मा विकिरण द्वारा ही मिलती है।

अवशोषण एवं परावर्तन: सभी गर्म वस्तुएं विकिरण द्वारा ऊष्मा बाहर फेंकती हैं। जब यह विकिरण किसी वस्तु पर पड़ता है, तो उसका कुछ भाग अवशोषित हो जाता है और कुछ भाग परावर्तित हो जाता है। अवशोषित भाग के कारण वस्तु का तापमान बढ़ता है।

8. गर्मियों और सर्दियों में हमारे वस्त्रों के प्रकार (Clothing in Summer & Winter)

गर्मियों में हल्के (सफेद) वस्त्र: हल्के और सफेद रंग की सतहें उन पर पड़ने वाली अधिकांश ऊष्मीय विकिरणों को परावर्तित (Reflect) कर देती हैं और बहुत कम ऊष्मा सोखती हैं, जिससे हमें शीतलता का अनुभव होता है। साथ ही सूती कपड़े पसीना सोखकर वाष्पीकरण द्वारा ठंडक देते हैं।

सर्दियों में गहरे रंग के वस्त्र: काली और गहरी सतहें ऊष्मा की उत्कृष्ट अवशोषक (Absorbers) होती हैं, जो अधिक धूप सोखकर शरीर को गर्म रखती हैं।

ऊनी वस्त्र सर्दियों में गर्म क्यों रखते हैं? ऊन ऊष्मा का कुचालक है। इसके अतिरिक्त, ऊन के रेशों के बीच बहुत सारी वायु (हवा) फंसी (Trap) रहती है। वायु ऊष्मा की अत्यंत उत्कृष्ट कुचालक (Insulator) है। यह हवा हमारे शरीर की गर्मी को बाहर के ठंडे वातावरण में जाने से रोक देती है, जिससे हमें गर्माहट बनी रहती है।

💡 विचारणीय प्रश्न: सर्दियों में एक मोटे कंबल की तुलना में दो पतले कंबलों को एक साथ ओढ़ना अधिक गर्मी क्यों देता है? क्योंकि दो कंबलों के बीच में हवा की एक अतिरिक्त परत बन जाती है, जो ऊष्मा को बाहर जाने से पूरी तरह रोक देती है!

Key Formulas, Reactions & Definitions

डॉक्टरी थर्मामीटर परिसर
35°C से 42°C (मानव सामान्य ताप: 37°C / 98.6°F)
किंक (Kink) उपस्थित
प्रयोगशाला थर्मामीटर परिसर
-10°C से 110°C
द्रव में डूबे रहते ही पाठ्यांक
सेल्सियस से फारेनहाइट संबंध
C / 5 = (F - 32) / 9
ताप पैमाना रूपांतरण
ऊष्मा स्थानांतरण नियम
उच्च तापमान पिंड → निम्न तापमान पिंड
साम्यावस्था तक प्रवाह

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
Q1 (प्रत्यास्मरण): डॉक्टरी थर्मामीटर का परिसर 35°C से 42°C ही क्यों होता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: डॉक्टरी थर्मामीटर केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बनाया गया है। स्वस्थ या बीमार मानव शरीर का तापमान कभी भी 35°C से नीचे नहीं गिरता और न ही 42°C से ऊपर जाता है। अतः इस परिसर में शरीर का तापमान पूरी सटीकता से मापा जा सकता है।
Example 2
Q2 (अवधारणा): डॉक्टरी थर्मामीटर में किंक (विभंग) की क्या उपयोगिता है? प्रयोगशाला थर्मामीटर में यह क्यों नहीं होता?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: किंक पारे के तल को मुंह से बाहर निकालने के बाद अपने आप नीचे गिरने से रोकता है, जिससे पाठ्यांक आसानी से पढ़ा जा सके। प्रयोगशाला थर्मामीटर में किंक इसलिए नहीं होता ताकि वह तापमान में होने वाले तत्कालिक परिवर्तनों को तुरंत दर्शा सके।
Example 3
Q3 (अनुप्रयोग): खाना पकाने के बर्तनों की पेंदी तांबे या स्टील की और हैंडल प्लास्टिक या लकड़ी के क्यों बनाए जाते हैं?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: तांबा और स्टील ऊष्मा के उत्कृष्ट चालक (Conductors) हैं, जो चूल्हे की आंच को तेजी से भोजन तक पहुँचाकर उसे जल्दी पकाते हैं। जबकि प्लास्टिक और लकड़ी ऊष्मा के कुचालक (Insulators) हैं, जिससे हैंडल गर्म नहीं होते और हम बिना हाथ जलाए बर्तन को आसानी से पकड़ सकते हैं।
Example 4
Q4 (कारण व प्रभाव): दिन के समय समुद्र तट पर समुद्र से थल की ओर ठंडी हवा (समुद्री समीर) क्यों चलती है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: दिन में धूप से सूखी जमीन पानी की तुलना में बहुत जल्दी गर्म हो जाती है। जमीन के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है, जिससे वहाँ कम वायुदाब बनता है। समुद्र का पानी अभी ठंडा रहता है, अतः समुद्र की ओर से ठंडी भारी हवा जमीन की ओर संवहन धाराओं के रूप में बहने लगती है जिसे समुद्री समीर कहते हैं।
Example 5
Q5 (उच्च स्तरीय चिंतन): सर्दियों में कड़ाके की ठंड में एक मोटा कंबल ओढ़ने की तुलना में दो पतले कंबलों को एक साथ ओढ़ना अधिक गर्माहट क्यों देता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: जब हम दो पतले कंबलों को एक साथ ओढ़ते हैं, तो दोनों कंबलों के बीच वायु (हवा) की एक परत फंस (Trap हो) जाती है। चूँकि स्थिर हवा ऊष्मा की अत्यंत उत्कृष्ट कुचालक (Insulator) होती है, यह हमारे शरीर की ऊष्मा को बाहर के ठंडे वातावरण में जाने से पूरी तरह रोक देती है। एक अकेले मोटे कंबल में ऐसी अतिरिक्त वायु परत नहीं होती।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

ऊष्मा (Heat) और तापमान (Temperature) को एक ही भौतिक राशि समझना।

Scientific Reality & Correction

ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है जो तापांतर के कारण प्रवाहित होती है (माप: जूल या कैलोरी), जबकि तापमान उस ऊर्जा के कारण किसी वस्तु की गर्माहट या शीतलता की माप है (माप: डिग्री सेल्सियस या केल्विन)।

Common Misconception

प्रयोगशाला थर्मामीटर को गर्म पानी से बाहर निकालकर उसका तापमान पढ़ना।

Scientific Reality & Correction

प्रयोगशाला थर्मामीटर में किंक नहीं होता। पानी से बाहर निकालते ही हवा के संपर्क से पारा तुरंत नीचे गिर जाता है और गलत पाठ्यांक मिलता है। अतः इसका पाठ्यांक पानी में डूबे रहते ही लिया जाना चाहिए।

Common Misconception

यह मानना कि ऊनी वस्त्र स्वयं ऊष्मा उत्पन्न करते हैं।

Scientific Reality & Correction

ऊनी वस्त्र कोई ऊष्मा उत्पन्न नहीं करते। वे केवल ऊष्मा के कुचालक होते हैं और अपने रेशों के बीच फंसी हवा के कारण हमारे शरीर की अपनी ऊष्मा को बाहर जाने से रोकते हैं।

Visual Learning & Conceptual Map

ऊष्मा स्थानांतरण की 3 विधियाँ (Modes of Heat Transfer)
1. चालन (Conduction)
ठोस पदार्थों में कणों के कंपन द्वारा (उदा. चम्मच का गर्म होना)
➔
2. संवहन (Convection)
द्रवों व गैसों में गर्म कणों की वास्तविक गति द्वारा (उदा. समुद्री समीर)
➔
3. विकिरण (Radiation)
बिना किसी माध्यम के तरंगों द्वारा (उदा. सूर्य की धूप, हीटर)

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
तापमान किसी वस्तु की उष्णता या शीतलता की माप है; इसे थर्मामीटर द्वारा डिग्री सेल्सियस (°C) में मापा जाता है।
Takeaway 2
मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C (98.6°F) होता है।
Takeaway 3
डॉक्टरी थर्मामीटर का परिसर 35°C से 42°C होता है; इसमें किंक पारे के तल को अपने आप गिरने से रोकता है।
Takeaway 4
प्रयोगशाला थर्मामीटर का परिसर -10°C से 110°C होता है; इसमें किंक नहीं होता, अतः पाठ्यांक द्रव में डूबे रहते ही लिया जाता है।
Takeaway 5
ऊष्मा सदैव अधिक तापमान वाली वस्तु से कम तापमान वाली वस्तु की ओर प्रवाहित होती है।
Takeaway 6
ठोसों में ऊष्मा चालन (Conduction) द्वारा संचरित होती है; धातुएं चालक हैं, जबकि लकड़ी-प्लास्टिक कुचालक हैं।
Takeaway 7
द्रवों और गैसों में ऊष्मा संवहन (Convection) द्वारा संचरित होती है जिसमें गर्म कण ऊपर उठते हैं और ठंडे कण नीचे आते हैं।
Takeaway 8
दिन में समुद्री समीर (समुद्र से थल) और रात में थल समीर (थल से समुद्र) संवहन धाराओं के कारण चलती हैं।
Takeaway 9
विकिरण (Radiation) द्वारा ऊष्मा संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती; सूर्य की धूप इसी विधि से आती है।
Takeaway 10
गहरे रंग की वस्तुएं ऊष्मा की अच्छी अवशोषक होती हैं; ऊनी कपड़े रेशों में फंसी हवा (कुचालक) के कारण हमें जाड़े में गर्म रखते हैं।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
मानव शरीर का सामान्य तापमान कितना होता है और डॉक्टरी थर्मामीटर का परिसर क्या है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C (98.6°F) होता है। डॉक्टरी थर्मामीटर का मापक परिसर 35°C से 42°C (या 94°F से 108°F) होता है।
2
डॉक्टरी थर्मामीटर में उपस्थित किंक (Kink) का क्या कार्य है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: किंक पारे की नली में एक संकरा घुमाव होता है जो थर्मामीटर को मुंह से बाहर निकालने पर पारे के तल को अपने आप नीचे गिरने से रोकता है, ताकि सही पाठ्यांक लिया जा सके।
3
ऊष्मा के चालक और कुचालक में क्या अंतर है? दो-दो उदाहरण दीजिए।
Reveal Answer & Explanation
Answer: चालक वे पदार्थ हैं जो ऊष्मा को आसानी से गुजरने देते हैं (जैसे तांबा, एल्युमिनियम)। कुचालक वे पदार्थ हैं जो ऊष्मा को आसानी से नहीं गुजरने देते (जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, हवा)।
4
समुद्री समीर (Sea Breeze) क्या है और यह दिन में ही क्यों चलती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: दिन में जमीन समुद्र की तुलना में जल्दी गर्म होती है और वहाँ की हवा ऊपर उठती है, जिसका स्थान लेने के लिए समुद्र की ओर से ठंडी हवा जमीन की ओर बहती है। इसे समुद्री समीर कहते हैं।
5
सर्दियों में ऊनी वस्त्र हमें ठंड से कैसे बचाते हैं?
Reveal Answer & Explanation
Answer: ऊन ऊष्मा का कुचालक है और इसके रेशों के बीच वायु (हवा) फंसी रहती है। वायु ऊष्मा की अत्यंत कुचालक होने के कारण शरीर की गर्मी को बाहर के ठंडे वातावरण में जाने से रोक देती है।
Finished Studying This Chapter?
READY TO PRACTICE?

Timed CBT Practice Tests (Exam Simulator)

Put your concepts to the test with official curriculum-aligned Foundation and Advanced practice tests. Get instant accuracy scores, time metrics, and step-by-step verified explanations.

STAY UPDATED

Get the Latest Updates

New test series, syllabus updates, exam notifications and more.

Syllabus
Updates
Exam
Alerts
Study
Resources