घरों, उद्योगों, अस्पतालों, होटलों और कृषि क्षेत्रों से उपयोग के बाद नालियों में बहने वाला गंदा, मैला और झागदार जल अपशिष्ट जल (Wastewater) कहलाता है।
सीवेज (Sewage / वाहित मल):
सीवेज घरों और सार्वजनिक भवनों से निकलने वाला एक जटिल तरल अपशिष्ट (Liquid Waste) है। इसमें लगभग 99% जल और 1% हानिकारक अशुद्धियाँ होती हैं, जिन्हें संदूषक (Contaminants) कहते हैं:
| संदूषक का प्रकार | प्रमुख घटक व उदाहरण |
|---|---|
| कार्बनिक अशुद्धियाँ (Organic) | मानव मल, पशु अपशिष्ट, तेल व वसा, यूरिया (मूत्र), कीटनाशक, फलों व सब्जियों का कचरा। |
| अकार्बनिक अशुद्धियाँ (Inorganic) | नाइट्रेट, फॉस्फेट, धातुएं, प्लास्टिक के कण तथा नमक। |
| पोषक तत्व (Nutrients) | फास्फोरस और नाइट्रोजन (जो जल में शैवाल की अत्यधिक वृद्धि का कारण बनते हैं)। |
| जीवाणु व रोगाणु (Pathogens) | विब्रियो कॉलेरी (हैजा कारक), साल्मोनेला टाइफी (टाइफाइड कारक), पेचिश फैलाने वाले प्रोटोजोआ। |
सीवर और सीवरेज: घरों से गंदा पानी ले जाने वाले भूमिगत पाइपों को सीवर (Sewer) कहते हैं, और इन पाइपों के पूरे भूमिगत नेटवर्क को सीवरेज (Sewerage / मल-व्यवस्था) कहते हैं, जो अपशिष्ट को शोधन संयंत्र तक पहुँचाता है।