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JAC • Class 7 • Science • Ch 7
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Transportation in Animals and Plants

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) कक्षा 7 विज्ञान का सप्तम अध्याय "जंतुओं और पादपों में परिवहन" (Transportation in Animals and Plants) सजीवों के आंतरिक संवहन तंत्र का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें मानव रक्त परिसंचरण तंत्र (रक्त घटक, धमनी-शिरा, 4-कक्षीय हृदय, स्टेथोस्कोप), मानव उत्सर्जन तंत्र (गुर्दे, नेफ्रॉन, डायलिसिस), तथा पादपों में जाइलम-फ्लोएम संवहन ऊतक और वाष्पोत्सर्जन (चूषण खिंचाव) का प्रामाणिक व विस्तृत विवरण शामिल है।

🔬 क्या आपने कभी सोचा है?

💓 जब आप अपनी कलाई के अंगूठे वाले हिस्से पर उंगली रखते हैं, तो वहाँ टिक-टिक जैसी धक-धक (पल्स) क्यों महसूस होती है?

🩸 हमारी उंगली में जब हल्की-सी खरोंच लग जाती है तो खून बहने लगता है, किंतु 2 मिनट में अपने आप वहाँ लाल थक्का जमकर खून बहना क्यों बंद हो जाता है?

🌲 100 फीट ऊंचे ताड़ या यूकेलिप्टस के पेड़ में बिना किसी बिजली के मोटर या पंप के, जमीन से पानी चोटी की सबसे ऊपरी पत्ती तक कैसे चढ़ जाता है?

🩺 डॉक्टर जब मरीज की छाती पर स्टेथोस्कोप (आला) लगाते हैं, तो उन्हें वास्तव में क्या सुनाई देता है और हमारे दिल में 4 अलग-अलग कमरे क्यों होते हैं?

Why This Chapter Matters

शरीर की खरबों कोशिकाओं को जिंदा रखने के लिए ऑक्सीजन और भोजन की लगातार डिलीवरी और उनसे बनने वाले जहरीले कचरे (यूरिया, CO₂) को तुरंत बाहर निकालने की एक बुलेट ट्रेन जैसी आंतरिक व्यवस्था चाहिए। मानव में यह काम रक्त परिसंचरण और गुर्दे करते हैं, जबकि विशाल पेड़ों में जाइलम और फ्लोएम की सूक्ष्म पाइपलाइनें करती हैं। इस अध्याय को समझकर आप रक्तचाप, दिल का दौरा, किडनी फेल्योर, डायलिसिस और फसलों में जल प्रबंधन के वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझ सकेंगे।

Before You Begin (Prerequisites)

  • पाचन से प्राप्त पोषक तत्व और फेफड़ों से प्राप्त ऑक्सीजन रक्त में घुलते हैं।
  • शरीर में उपापचयी क्रियाओं से यूरिया और विषैले अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं जिन्हें बाहर निकालना अनिवार्य है।
  • पौधों की जड़ें मिट्टी से पानी और खनिज सोखती हैं और पत्तियाँ धूप में भोजन बनाती हैं।
  • दाब प्रवणता (Pressure Gradient) के कारण द्रव संवहन नलियों में प्रवाहित होता है।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • रक्त के चारों मुख्य घटकों (प्लाज्मा, RBC-हीमोग्लोबिन, WBC, प्लेटलेट्स) के विशिष्ट कार्यों की व्याख्या कर सकेंगे।
  • धमनी (Artery), शिरा (Vein) और केशिकाओं (Capillaries) की संरचनात्मक व क्रियात्मक भिन्नता स्पष्ट कर सकेंगे।
  • मानव हृदय के चारों कक्षों (आलिंद व निलय), कपाटों (Valves) और दोहरे परिसंचरण का सचित्र वर्णन कर सकेंगे।
  • मानव उत्सर्जन तंत्र के अंगों (वृक्क, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग) और डायलिसिस (अपोहन) के महत्व को समझा सकेंगे।
  • पादपों में संवहन ऊतकों—जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem)—की कार्यप्रणाली में अंतर कर सकेंगे।
  • वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) द्वारा उत्पन्न चूषण खिंचाव (Suction Pull) के सिद्धांत की व्याख्या कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. मानव परिसंचरण तंत्र एवं रक्त के...
2 2. रक्त वाहिकाएं: धमनी, शिरा एवं के...
3 3. मानव हृदय: 4 कक्ष, कपाट एवं कार्...
4 4. मानव उत्सर्जन तंत्र एवं वृक्क (H...
5 5. पादपों में पदार्थों का संवहन एवं...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. मानव परिसंचरण तंत्र एवं रक्त के संघटक (Circulatory System & Blood)

परिसंचरण तंत्र: हृदय और रक्त वाहिकाओं का वह तंत्र जो शरीर की कोशिकाओं तक पचे भोजन, ऑक्सीजन और हार्मोनों को पहुँचाता है और अपशिष्टों को उत्सर्जी अंगों तक लाता है।

रक्त (Blood): यह एक तरल संयोजी ऊतक है जिसके 4 प्रमुख घटक हैं:

रक्त घटकस्वरूप एवं प्रतिशतप्रमुख कार्य
प्लाज्मा (Plasma)हल्का पीला तरल (~55%)पोषक तत्वों, $CO_2$, यूरिया और हार्मोनों का परिवहन करना।
लाल रक्त कोशिकाएं (RBC)डिस्क के आकार की कोशिकाएंइनमें हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) लाल वर्णक होता है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को बांधकर शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुँचाता है।
श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC)अमीबा जैसी परिवर्तनशील कोशिकाएंशरीर के सैनिक; बाहर से आने वाले रोगाणुओं और जीवाणुओं को नष्ट कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करना।
पट्टिकाणु (प्लेटलेट्स / Platelets)रक्त के सूक्ष्म टुकड़ेचोट लगने पर रक्त का थक्का (Clot) जमाना, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव रुक जाता है।

2. रक्त वाहिकाएं: धमनी, शिरा एवं केशिकाएं (Blood Vessels)

शरीर में रक्त बंद नलिकाओं के एक जाल में बहता है जिसे रक्त वाहिकाएं कहते हैं:

लक्षणधमनी (Artery)शिरा (Vein)
रक्त प्रवाह की दिशाहृदय से शरीर के विभिन्न अंगों की ओर।विभिन्न अंगों से वापस हृदय की ओर।
रक्त का प्रकारऑक्सीजन-युक्त (शुद्ध) रक्त।कार्बन डाइऑक्साइड-युक्त (अशुद्ध) रक्त।
अपवाद (Exception)फुप्फुस धमनी (Pulmonary Artery) हृदय से अनॉक्सीकृत रक्त फेफड़ों में ले जाती है।फुप्फुस शिरा (Pulmonary Vein) फेफड़ों से शुद्ध रक्त हृदय में लाती है।
दीवारों की बनावटमोटी एवं अत्यधिक लचीली (क्योंकि रक्त उच्च दाब से धड़कता है)।पतली और कम लचीली (रक्त कम दाब पर बहता है)।
कपाट (Valves)अनुपस्थित होते हैं।कपाट उपस्थित होते हैं जो रक्त को केवल एक दिशा (हृदय की ओर) में बहने देते हैं।

केशिकाएं (Capillaries): जब धमनियां ऊतकों में पहुँचती हैं, तो वे बालों से भी पतली एक-कोशिकीय नलियों में बंट जाती हैं। इन्हीं की दीवारों से पोषक तत्वों और गैसों का कोशिकाओं के साथ विनिमय होता है, और फिर ये मिलकर शिराएं बना लेती हैं।

नाड़ी स्पंद (Pulse): धमनियों में रक्त के झटकेदार प्रवाह के कारण कलाई पर होने वाले स्पंदन को नाड़ी स्पंद कहते हैं। विश्राम में सामान्य नाड़ी दर 72 से 80 स्पंदन प्रति मिनट होती है।

3. मानव हृदय: 4 कक्ष, कपाट एवं कार्यप्रणाली (The Human Heart)

हृदय (Heart): वक्ष गुहा में दोनों फेफड़ों के बीच, थोड़ा बाईं ओर झुका एक पेशीय अंग है, जिसका आकार लगभग व्यक्ति की बंद मुट्ठी के बराबर होता है। यह जीवन भर बिना रुके प्रति मिनट 72 बार धड़कता है।

हृदय के 4 कक्ष (4 Chambers):

  • ऊपरी दो कक्ष: दायाँ आलिंद (Right Atrium) और बायाँ आलिंद (Left Atrium)।
  • निचले दो कक्ष: दायाँ निलय (Right Ventricle) और बायाँ निलय (Left Ventricle)।
चार कमरों का रहस्य: ऑक्सीजन-समृद्ध (शुद्ध) रक्त और कार्बन डाइऑक्साइड-समृद्ध (अशुद्ध) रक्त को आपस में मिलने से रोकने के लिए हृदय बीच में एक पेशीय दीवार (विभाजक पट / Septum) द्वारा दाएँ और बाएँ भागों में पूर्णतः बंटा होता है।

रक्त परिसंचरण चक्र:

  1. शरीर से $CO_2$-युक्त अशुद्ध रक्त दाएँ आलिंद में आता है ➔ दाएँ निलय में जाता है ➔ फुप्फुस धमनी द्वारा फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने जाता है।
  2. फेफड़ों में शुद्ध होकर ऑक्सीजन-युक्त रक्त फुप्फुस शिरा द्वारा बाएँ आलिंद में आता है ➔ बाएँ निलय में जाता है ➔ बायाँ निलय शक्तिशाली संकुचन से इसे महाधमनी (Aorta) द्वारा पूरे शरीर में पंप कर देता है।

स्टेथोस्कोप (Stethoscope): डॉक्टर हृदय स्पंद की ध्वनि (लब-डब) को सुनने के लिए स्टेथोस्कोप का उपयोग करते हैं, जिसमें एक चेस्ट पीस, दो ईयर पीस और एक रबर नली होती है।

4. मानव उत्सर्जन तंत्र एवं वृक्क (Human Excretory System & Kidneys)

उत्सर्जन (Excretion): शरीर की कोशिकाओं में होने वाली जैविक क्रियाओं से उत्पन्न विषैले रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों (विशेष रूप से यूरिया) को शरीर से बाहर निकालने के प्रक्रम को उत्सर्जन कहते हैं।

उत्सर्जन तंत्र के 4 मुख्य अंग:

  1. एक जोड़ी वृक्क (गुर्दे / Kidneys): पीठ की ओर रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ सेम के बीज के आकार के दो गहरे लाल अंग। इनके भीतर लाखों सूक्ष्म छन्नी जैसी संरचनाएं (नेफ्रॉन) होती हैं जो रक्त को छानकर मूत्र बनाती हैं।
  2. एक जोड़ी मूत्रवाहिनी (Ureters): दोनों गुर्दों से मूत्र को मूत्राशय तक ले जाने वाली पेशीय नलियां।
  3. मूत्राशय (Urinary Bladder): पेशीय थैली जहाँ मूत्र अस्थायी रूप से संचित रहता है।
  4. मूत्रमार्ग एवं मूत्र रंध्र (Urethra): वह नली जिससे मूत्र शरीर से बाहर निकाला जाता है।

मूत्र का संघटन: एक स्वस्थ वयस्क प्रतिदिन 1 से 1.8 लीटर मूत्र त्यागता है, जिसमें 95% जल, 2.5% यूरिया और 2.5% अन्य लवण होते हैं।

अस्थायी वृक्क विफलता एवं अपोहन (डायलिसिस / Dialysis): जब किसी संक्रमण या चोट के कारण व्यक्ति के दोनों गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं, तो रक्त में विषैला यूरिया खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। ऐसे रोगी के रक्त को समय-समय पर एक कृत्रिम वृक्क (मशीन) से गुजारकर छाना जाता है। इस जीवनरक्षक प्रक्रम को अपोहन (Dialysis) कहते हैं।

5. पादपों में पदार्थों का संवहन एवं वाष्पोत्सर्जन (Transport in Plants & Transpiration)

पौधों में पदार्थों के परिवहन के लिए दो प्रकार के विशिष्ट संवहन ऊतक (Vascular Tissues) पाए जाते हैं:

ऊतक का नामप्रकृतिपरिवहन की दिशाक्या परिवहन करता है?
जाइलम (Xylem / दारू)निर्जीव वाहिकाओं की निरंतर पाइपलाइनकेवल ऊपर की ओर (एकदिशीय: जड़ ➔ तना ➔ पत्तियां)जड़ों द्वारा अवशोषित जल एवं खनिज लवण
फ्लोएम (Phloem / पोषवाह)सजीव चालनी नलिकाएंदोनों दिशाओं में (द्विदिशीय: पत्तियों से सभी अंगों तक)पत्तियों में निर्मित भोजन (शर्करा - स्थानांतरण / Translocation)

वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) एवं चूषण खिंचाव:

पत्तियों के रंध्रों द्वारा जल का जलवाष्प के रूप में वायुमंडल में उड़ना वाष्पोत्सर्जन कहलाता है। जब पत्तियों से पानी उड़ता है, तो पत्तियों की कोशिकाओं में जल की कमी हो जाती है। इसके कारण जाइलम नलियों में एक शक्तिशाली खिंचाव बल (चूषण खिंचाव / Suction Pull) उत्पन्न होता है—ठीक वैसे ही जैसे हम स्ट्रा (पाइप) से कोल्ड ड्रिंक चूसते हैं।

यह खिंचाव बल सैकड़ों फीट ऊंचे विशाल वृक्षों की चोटी तक पानी को आसानी से खींच लेता है, और साथ ही तेज धूप में पौधे के तापमान को ठंडा बनाए रखता है।

Key Formulas, Reactions & Definitions

मानव सामान्य नाड़ी दर
72 से 80 स्पंदन / मिनट
विश्राम अवस्था में
मूत्र का रासायनिक संघटन
95% जल + 2.5% यूरिया + 2.5% अन्य लवण
दैनिक उत्सर्जन: 1 से 1.8 लीटर
जाइलम संवहन नियम
जड़ें → जाइलम वाहिकाएं → पत्तियां (एकदिशीय)
जल एवं खनिज
फ्लोएम स्थानांतरण नियम
पत्तियां ⇄ फ्लोएम ⇄ संग्रह अंग व कलिकाएं (द्विदिशीय)
निर्मित खाद्य पदार्थ

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
Q1 (प्रत्यास्मरण): रक्त के चारों घटकों के नाम लिखिए तथा बताइए कि रक्त का रंग लाल क्यों दिखाई देता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: रक्त के चार घटक हैं: 1. प्लाज्मा, 2. लाल रक्त कोशिकाएं (RBC), 3. श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC), और 4. प्लेटलेट्स (पट्टिकाणु)। RBC में उपस्थित लौह-युक्त लाल वर्णक हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) के कारण ही रक्त का रंग लाल दिखाई देता है।
Example 2
Q2 (अवधारणा): धमनी और शिरा में दो प्रमुख अंतर बताइए। फुप्फुस धमनी को धमनी क्यों कहते हैं जबकि वह अशुद्ध रक्त ले जाती है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
1. धमनी: हृदय से रक्त को शरीर के अंगों तक ले जाती है, दीवारें मोटी होती हैं और कपाट नहीं होते।
2. शिरा: अंगों से रक्त वापस हृदय में लाती है, दीवारें पतली होती हैं और कपाट होते हैं।
फुप्फुस धमनी का कारण: धमनी की वैज्ञानिक परिभाषा यह है कि जो वाहिका रक्त को हृदय से बाहर ले जाए, वह धमनी है। चूँकि फुप्फुस धमनी रक्त को हृदय से बाहर (फेफड़ों की ओर) ले जाती है, इसलिए इसे धमनी कहा जाता है, भले ही इसमें अनॉक्सीकृत रक्त हो।
Example 3
Q3 (अनुप्रयोग): जब किसी व्यक्ति की उंगली कट जाती है, तो कुछ समय बाद वहाँ गहरा लाल थक्का क्यों जम जाता है? यदि किसी व्यक्ति में प्लेटलेट्स की भारी कमी हो, तो क्या होगा?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: रक्त में उपस्थित प्लेटलेट्स (पट्टिकाणु) वायु के संपर्क में आकर एक फाइब्रिन जाल बनाते हैं जो थक्का (Clot) बनकर घाव को सील कर देता है। यदि किसी व्यक्ति में (जैसे डेंगू रोग में) प्लेटलेट्स की भारी कमी हो जाए, तो रक्त का थक्का नहीं जमेगा और छोटा-सा कट लगने पर भी अनियंत्रित रक्तस्राव होने से व्यक्ति की जान जा सकती है।
Example 4
Q4 (कारण व प्रभाव): 80 फीट ऊंचे आम के पेड़ में बिना किसी मोटर या पंप के जमीन का पानी सबसे ऊपर वाली पत्ती तक कैसे पहुँचता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: पत्तियों के रंध्रों द्वारा होने वाले वाष्पोत्सर्जन के कारण जाइलम वाहिकाओं में एक अत्यंत शक्तिशाली चूषण खिंचाव (Suction Pull) उत्पन्न होता है (जैसे स्ट्रा से पेय पदार्थ खींचना)। जाइलम की निरंतर पाइपलाइन और जल अणुओं के आपसी ससंजन बल के कारण यह खिंचाव पानी को 80 फीट की ऊंचाई तक आसानी से चढ़ा देता है।
Example 5
Q5 (उच्च स्तरीय चिंतन): मानव हृदय में आलिंद और निलय के बीच कपाट (Valves) और विभाजक पट (Septum) का होना क्यों अनिवार्य है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
1. कपाट (Valves): रक्त को केवल आलिंद से निलय की ओर एक ही दिशा में बहने देते हैं और रक्त के उल्टे प्रवाह को रोकते हैं।
2. विभाजक पट (Septum): ऑक्सीजन-युक्त शुद्ध रक्त और कार्बन डाइऑक्साइड-युक्त अशुद्ध रक्त को आपस में मिलने से रोकता है, जिससे शरीर की कोशिकाओं को 100% शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है और मानव का शरीर उच्च ऊर्जा व स्थिर तापमान (37°C) बनाए रख पाता है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

यह मानना कि सभी धमनियां केवल शुद्ध (ऑक्सीजन-युक्त) रक्त ही ले जाती हैं।

Scientific Reality & Correction

फुप्फुस धमनी (Pulmonary Artery) इसका अपवाद है; यह हृदय से अशुद्ध (अनॉक्सीकृत) रक्त को शुद्ध होने के लिए फेफड़ों में ले जाती है।

Common Misconception

जाइलम और फ्लोएम के कार्यों को आपस में मिला देना।

Scientific Reality & Correction

जाइलम केवल जल और खनिजों को नीचे से ऊपर ले जाता है (एकदिशीय), जबकि फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पौधे के सभी भागों में ऊपर-नीचे दोनों तरफ ले जाता है (द्विदिशीय)।

Common Misconception

पसीने को केवल शरीर की गंदगी निकालना समझना।

Scientific Reality & Correction

पसीने में जल और लवण निकलते हैं, किंतु पसीने का मुख्य जैविक कार्य वाष्पीकरण द्वारा हमारे शरीर को ठंडा (शीतलन) रखना है।

Visual Learning & Conceptual Map

मानव रक्त परिसंचरण का दोहरा परिपथ (Double Circulation)
शरीर के अंग ($CO_2$ रक्त) ➔ दायाँ आलिंद व निलय ➔ फेफड़े (ऑक्सीजनीकरण) ➔ बायाँ आलिंद व निलय ➔ महाधमनी द्वारा शरीर

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
रक्त परिसंचरण तंत्र में हृदय, रक्त और रक्त वाहिकाएं (धमनी, शिरा, केशिकाएं) शामिल हैं।
Takeaway 2
रक्त में प्लाज्मा (तरल), RBC (हीमोग्लोबिन युक्त, ऑक्सीजन वाहक), WBC (रोग प्रतिरोधक सैनिक), और प्लेटलेट्स (थक्का जमाने वाले) होते हैं।
Takeaway 3
धमनियां हृदय से शुद्ध रक्त ले जाती हैं (मोटी दीवारें, उच्च दाब); शिराएं अंगों से अशुद्ध रक्त वापस लाती हैं (पतली दीवारें, कपाट युक्त)।
Takeaway 4
मानव हृदय 4 कक्षीय (2 आलिंद, 2 निलय) पेशीय पंप है जो जीवन भर निरंतर लब-डब ध्वनि से धड़कता है।
Takeaway 5
विभाजन पट (Septum) शुद्ध और अशुद्ध रक्त को मिलने से रोकता है; नाड़ी दर 72 से 80 स्पंदन प्रति मिनट होती है।
Takeaway 6
मानव उत्सर्जन तंत्र में दो वृक्क (गुर्दे), दो मूत्रवाहिनी, एक मूत्राशय और मूत्रमार्ग होते हैं जो यूरिया जैसे विषैले अपशिष्ट बाहर निकालते हैं।
Takeaway 7
वृक्क विफलता की स्थिति में कृत्रिम मशीन द्वारा रक्त को छानना अपोहन (Dialysis) कहलाता है।
Takeaway 8
पादपों में जाइलम ऊतक जल और खनिजों का एकदिशीय संवहन (जड़ से पत्ती) करता है।
Takeaway 9
फ्लोएम ऊतक पत्तियों में बने भोजन का पौधे के सभी अंगों में स्थानांतरण (द्विदिशीय) करता है।
Takeaway 10
वाष्पोत्सर्जन पत्तियों के रंध्रों से जल की वाष्प हानि है जो चूषण खिंचाव उत्पन्न कर ऊंचे वृक्षों में जल चढ़ाता है और शीतलन देता है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
रक्त के थक्के के निर्माण में कौन-सा रक्त घटक सहायक है और इसकी क्या उपयोगिता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: रक्त के थक्के के निर्माण में प्लेटलेट्स (पट्टिकाणु) सहायक हैं। यह चोट लगने पर घाव के मुंह पर थक्का जमाकर शरीर से होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव को रोकता है।
2
मानव हृदय के चार कक्षों के नाम लिखिए। शुद्ध और अशुद्ध रक्त आपस में क्यों नहीं मिलते?
Reveal Answer & Explanation
Answer: चार कक्ष: दायाँ आलिंद, दायाँ निलय, बायाँ आलिंद और बायाँ निलय। हृदय के बीच में उपस्थित पेशीय विभाजक पट (Septum) दोनों प्रकार के रक्त को आपस में मिलने से रोकता है।
3
पादपों में जाइलम और फ्लोएम के मुख्य कार्यों में क्या अंतर है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: जाइलम जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों को नीचे से ऊपर पत्तियों तक ले जाता है। फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन (शर्करा) को पौधे के सभी आवश्यक भागों तक पहुँचाता है।
4
अपोहन (डायलिसिस / Dialysis) क्या है और इसकी आवश्यकता कब पड़ती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: जब किसी व्यक्ति के दोनों गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं, तो रक्त में से विषैले यूरिया और अतिरिक्त लवणों को कृत्रिम मशीन द्वारा छाना जाता है। इस प्रक्रिया को अपोहन (डायलिसिस) कहते हैं।
5
वाष्पोत्सर्जन पौधों के लिए किस प्रकार लाभदायक है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: वाष्पोत्सर्जन जाइलम वाहिकाओं में चूषण खिंचाव बल उत्पन्न करता है जो ऊंचे पेड़ों की चोटी तक जल और खनिज पहुँचाता है, तथा तेज धूप में पौधे के तापमान को ठंडा बनाए रखता है।
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