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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Social Science • अध्याय 11
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

पर्यावरण (Environment)

कक्षा 7 भूगोल का यह परिचयात्मक और मूलभूत अध्याय "पर्यावरण" (Environment) हमारे चारों ओर विद्यमान प्राकृतिक और मानव-निर्मित परिवेश का वैज्ञानिक व शैक्षणिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इस अध्याय में पर्यावरण की व्युत्पत्ति (फ्रेंच शब्द "एनवायरनर"), इसके तीन प्रमुख घटक (प्राकृतिक, मानव-निर्मित व मानव), जैविक और अजैविक कारक, पृथ्वी के चार प्रमुख परिमंडल (स्थलमंडल, जलमंडल, वायुमंडल व जैवमंडल), पारितंत्र (Ecosystem) की जटिल अंतःक्रियाएं, तथा मानवीय पर्यावरण के विकास व वस्तु-विनिमय पद्धति (Barter System) का विस्तृत, स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन शामिल है।

🌍 क्या आपने कभी सोचा है?

🌱 जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं, और जिस जमीन पर हम दौड़ते हैं — अगर इनमें से कोई एक भी गायब हो जाए तो क्या जीवन का एक क्षण भी संभव है?

हमारा पर्यावरण (Environment) हमारे जीवन का मूल आधार है! क्या आप जानते हैं कि "पर्यावरण" शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द "एनवायरनर" (Environer) से बना है जिसका अर्थ होता है "पड़ोस"? हमारी पृथ्वी पर वायुमंडल की एक ऐसी अदृश्य चादर लिपटी हुई है जिसे पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण थामे रखता है, जो हमें सूर्य की जानलेवा पराबैंगनी किरणों से बचाती है। वहीं एक नन्हे से तालाब से लेकर विशाल वर्षावन तक हर जीव एक-दूसरे से ऊर्जा और पोषण के अटूट धागे से बंधा हुआ है जिसे पारितंत्र (Ecosystem) कहते हैं!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के इस वैश्विक संकट में "पर्यावरण" की समझ जीवन-रक्षक है। यह अध्याय छात्रों को प्रकृति के नाजुक संतुलन का आदर करना सिखाता है, सतत विकास (Sustainable Development) की प्रेरणा देता है, और यह समझाता है कि 5 जून को "विश्व पर्यावरण दिवस" मनाना मात्र औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी पृथ्वी के अस्तित्व की अनिवार्यता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • सजीव और निर्जीव घटकों का सामान्य ज्ञान।
  • पृथ्वी के बुनियादी आकार (ग्लोब) तथा भूमि, जल और वायु का प्राथमिक परिचय।
  • मौसम और दैनिक वातावरण का अनुभवजन्य अवलोकन।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • पर्यावरण के शाब्दिक अर्थ तथा उसके तीनों प्रमुख घटकों (प्राकृतिक, मानव-निर्मित, मानव) को वर्गीकृत करना।
  • जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) घटकों के मध्य स्पष्ट विभेद करना।
  • पृथ्वी के चार परिमंडलों—स्थलमंडल, जलमंडल, वायुमंडल और जैवमंडल—की संरचना व महत्व का विश्लेषण करना।
  • पारितंत्र (Ecosystem) की संकल्पना तथा ऊर्जा व पदार्थों के चक्रीय प्रवाह को समझना।
  • मानवीय पर्यावरण के विकास, वस्तु-विनिमय पद्धति तथा आधुनिक पर्यावरणीय असंतुलन के कारणों का परीक्षण करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. पर्यावरण का अर्थ एवं इसके तीन प्...
2 2. प्राकृतिक पर्यावरण: स्थलमंडल, जल...
3 3. पारितंत्र (Ecosystem) की संकल्पन...
4 4. मानवीय पर्यावरण: वस्तु-विनिमय पद...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. पर्यावरण का अर्थ एवं इसके तीन प्रमुख घटक

किसी भी जीवित प्राणी के चारों ओर पाए जाने वाले लोग, स्थान, वस्तुएं एवं प्रकृति को पर्यावरण कहते हैं। यह प्राकृतिक और मानव-निर्मित परिघटनाओं का अनूठा मिश्रण है:

  • शब्द व्युत्पत्ति: पर्यावरण यानी Environment शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के शब्द "एनवायरनर" (Environer / Environner) से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ "पड़ोस" (Neighbourhood) होता है।
पर्यावरण के 3 प्रमुख घटक (Components of Environment):
(A) प्राकृतिक घटक

भूमि (स्थलमंडल), वायु (वायुमंडल), जल (जलमंडल), तथा सजीव प्राणी (जैवमंडल)।

(B) मानव-निर्मित घटक

इमारतें, पार्क, पुल, सड़कें, स्मारक, रेलमार्ग तथा कल-कारखाने व उद्योग।

(C) मानव स्वयं

व्यक्ति, परिवार, समुदाय, धर्म, शैक्षणिक संस्थान, आर्थिक बाजार तथा राजनीतिक व्यवस्था।

जैविक (Biotic) बनाम अजैविक (Abiotic) पर्यावरण:

1. जैविक संसार: सजीव प्राणियों का संसार; जैसे—पेड़-पौधे (पादप) और जीव-जंतु।
2. अजैविक संसार: निर्जीव पदार्थों की दुनिया; जैसे—स्थल (मिट्टी, चट्टानें), जल और वायु।

2. प्राकृतिक पर्यावरण: स्थलमंडल, जलमंडल, वायुमंडल एवं जैवमंडल

भूमि, जल, वायु, पेड़-पौधे एवं जीव-जंतु मिलकर प्राकृतिक पर्यावरण बनाते हैं। पृथ्वी को चार प्रमुख परिमंडलों में बांटा गया है:

(A) स्थलमंडल (Lithosphere):

पृथ्वी की ठोस पर्पटी या कठोर ऊपरी परत को स्थलमंडल कहते हैं। यह विभिन्न प्रकार की चट्टानों और खनिजों से बना है और मिट्टी की पतली परत से ढका होता है। यह पहाड़, पठार, मैदान और घाटी जैसी विभिन्न स्थलाकृतियों वाला विषम धरातल है। स्थलमंडल हमें वन, कृषि, मानव बस्तियों के लिए भूमि तथा पशुओं के चरने के लिए चारागाह और बहुमूल्य खनिज प्रदान करता है।

(B) जलमंडल (Hydrosphere):

जल के क्षेत्र को जलमंडल कहते हैं। यह नदी, झील, समुद्र, महासागर जैसे विभिन्न जलाशयों से मिलकर बनता है। यह सभी जीवित प्राणियों के लिए अनिवार्य जीवनधारा है।

(C) वायुमंडल (Atmosphere):

पृथ्वी के चारों ओर फैली वायु की पतली परत को वायुमंडल कहते हैं। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल अपने चारों ओर वायुमंडल को थामे रखता है। यह सूर्य की झुलसाने वाली प्रचंड गर्मी और हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV Rays) से हमारी रक्षा करता है। इसमें कई प्रकार की गैसें (नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड), धूलकण एवं जलवाष्प उपस्थित रहते हैं।

(D) जैवमंडल (Biosphere):

पादप एवं जीव-जंतु मिलकर जैवमंडल का निर्माण करते हैं। यह पृथ्वी का वह संकीर्ण क्षेत्र (Narrow Zone) है जहाँ स्थल, जल और वायु तीनों मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं।

3. पारितंत्र (Ecosystem) की संकल्पना

पारितंत्र वह तंत्र है जिसमें समस्त जीवधारी आपस में एक-दूसरे के साथ तथा पर्यावरण के उन भौतिक एवं रासायनिक कारकों के साथ परस्पर क्रिया करते हैं जिसमें वे निवास करते हैं। ये सब ऊर्जा और पदार्थ के स्थानांतरण द्वारा परस्पर संबद्ध हैं:

  • सभी पेड़-पौधे, जीव-जंतु एवं मानव अपने आस-पास के पर्यावरण पर आश्रित होते हैं और वे एक-दूसरे पर भी निर्भर होते हैं। जीवधारियों का आपसी एवं अपने आस-पास के पर्यावरण का बीच का संबंध ही पारितंत्र का निर्माण करता है।
  • पारितंत्र के विविध रूप: अधिक वर्षा वाले वन (Tropical Rainforests), घासस्थल, रेगिस्तान, पर्वत, झील, नदी, महासागर तथा यहाँ तक कि एक छोटा-सा ताल (Pond) भी अपना एक आत्मनिर्भर पारितंत्र हो सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस: प्रत्येक वर्ष 5 जून को पूरे विश्व में पर्यावरण की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए "विश्व पर्यावरण दिवस" (World Environment Day) मनाया जाता है।

4. मानवीय पर्यावरण: वस्तु-विनिमय पद्धति एवं आधुनिक असंतुलन

मानव अपने पर्यावरण के साथ पारस्परिक क्रिया करता है और उसमें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार परिवर्तन करता है:

मानवीय पर्यावरण का ऐतिहासिक विकास:
  • प्रारंभिक मानव: उसने स्वयं को प्रकृति के अनुरूप ढाल लिया था। उसका जीवन सरल था और आसपास की प्रकृति से उसकी आवश्यकताएं पूरी हो जाती थीं।
  • कृषि व पहिए की खोज: समय के साथ मानव की जरूरतें बढ़ीं। उसने फसलें उगाना, पशु पालना और स्थायी जीवन जीना सीखा। पहिए का आविष्कार हुआ, आवश्यकता से अधिक अन्न उपजाया गया।
  • वस्तु-विनिमय पद्धति (Barter System): जब मुद्रा (सिक्के या रुपये) का आविष्कार नहीं हुआ था, तब लोग अपनी वस्तुओं के बदले दूसरों से उनकी वस्तुएं बदलते थे (जैसे गेहूं देकर कपड़ा लेना)। इस व्यापार को वस्तु-विनिमय पद्धति कहा गया।
  • औद्योगिक क्रांति व सूचना युग: 18वीं सदी की औद्योगिक क्रांति ने बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया। परिवहन तेज हुआ और सूचना क्रांति ने पूरे विश्व में संचार को सहज और द्रुत बना दिया।
प्राकृतिक संतुलन की अनिवार्यता:

मानव और पर्यावरण के बीच एक आदर्श संतुलन (Perfect Balance) होना आवश्यक है। आज अंधाधुंध औद्योगिकीकरण, वनों की कटाई और प्रदूषण के कारण यह संतुलन बिगड़ रहा है। मानव को पर्यावरण का बुद्धिमत्तापूर्ण और सतत (Sustainable) उपयोग करना सीखना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रहे।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

पर्यावरण शब्द व्युत्पत्ति
Environer (फ्रेंच) = पड़ोस (Neighbourhood)
चारों ओर का परिवेश
पर्यावरण के तीन घटक
प्राकृतिक + मानव-निर्मित + मानव
परस्पर क्रियाशील व्यवस्था
जैवमंडल की सीमा
स्थलमंडल ∩ जलमंडल ∩ वायुमंडल
जीवन योग्य संकीर्ण क्षेत्र
विश्व पर्यावरण दिवस
5 जून (प्रतिवर्ष)
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP)
वस्तु-विनिमय (Barter System)
वस्तु A ⇄ वस्तु B (मुद्रा रहित सीधा विनिमय)
प्राचीन व्यापारिक विनिमय पद्धति

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
Q1 (परिभाषा व वर्गीकरण): पर्यावरण किसे कहते हैं? इसके तीन प्रमुख घटकों के नाम दो-दो उदाहरणों सहित लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. पर्यावरण की परिभाषा: किसी भी जीवित प्राणी के चारों ओर पाए जाने वाले लोग, स्थान, वस्तुएं, वायु, जल और प्रकृति के संपूर्ण आवरण को पर्यावरण (Environment) कहते हैं। यह हमारे जीवन का आधार है जो हमें सांस लेने के लिए हवा, पीने के लिए पानी, खाने के लिए भोजन और रहने के लिए भूमि प्रदान करता है।
2. पर्यावरण के तीन प्रमुख घटक:
- (क) प्राकृतिक घटक: प्रकृति द्वारा प्रदत्त घटक; जैसे—वायुमंडल (हवा), जलमंडल (नदियां व समुद्र), स्थलमंडल (पहाड़ व मिट्टी)।
- (ख) मानव-निर्मित घटक: मानव द्वारा अपनी बुद्धि और तकनीक से बनाई गई वस्तुएं; जैसे—इमारतें, पुल, सड़कें, कारखाने।
- (ग) मानव घटक: मानव और उसके सामाजिक संबंध; जैसे—व्यक्ति, परिवार, समाज, धर्म, आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था।

उदाहरण 2
Q2 (परिमंडल विश्लेषण): वायुमंडल क्या है? पृथ्वी का कौन-सा बल वायुमंडल को अपने चारों ओर थामे रखता है और इसका हमारे लिए क्या महत्व है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. वायुमंडल की परिभाषा: पृथ्वी के चारों ओर लिपटी हुई गैसों, धूलकणों और जलवाष्प की पतली अदृश्य चादर को वायुमंडल (Atmosphere) कहते हैं।
2. थामे रखने वाला बल: पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) वायुमंडल को अंतरिक्ष में बिखरने से रोककर अपने चारों ओर दृढ़ता से थामे रखता है।
3. महत्व:
- यह हमें सांस लेने के लिए जीवनदायिनी ऑक्सीजन गैस प्रदान करता है।
- यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV rays) और अंतरिक्ष से गिरने वाले उल्कापिंडों से पृथ्वी की रक्षा करता है।
- यह दिन में अत्यधिक गर्मी और रात में अत्यधिक ठंड को रोककर पृथ्वी पर तापमान को जीवन-योग्य बनाए रखता है।

उदाहरण 3
Q3 (संकल्पनात्मक स्पष्टीकरण): पारितंत्र (Ecosystem) क्या है? क्या एक छोटा सा बगीचा या तालाब भी एक पारितंत्र हो सकता है? तर्क दीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. पारितंत्र की परिभाषा: पारितंत्र वह जैविक और भौतिक तंत्र है जिसमें किसी विशिष्ट क्षेत्र के सभी जीवधारी (पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, सूक्ष्मजीव) आपस में तथा अपने निर्जीव वातावरण (मिट्टी, जल, वायु, सूर्य का प्रकाश) के साथ पोषण और ऊर्जा के आदान-प्रदान द्वारा जुड़े होते हैं।
2. तालाब का उदाहरण: हाँ, एक छोटा-सा तालाब (Pond) भी एक पूर्ण पारितंत्र है।
- तर्क: तालाब में मछलियां, मेंढक और जलीय पौधे (जैविक घटक) तालाब के पानी, घुली हुई ऑक्सीजन, धूप और तलहटी की मिट्टी (अजैविक घटक) पर निर्भर रहते हैं। छोटे जीव पौधों को खाते हैं, बड़ी मछलियां छोटे जीवों को खाती हैं, और मरने पर बैक्टीरिया उन्हें खाद में बदल देते हैं। यह चक्र स्वतंत्र रूप से चलता रहता है।

उदाहरण 4
Q4 (आर्थिक इतिहास): "वस्तु-विनिमय पद्धति" (Barter System) क्या थी? आधुनिक समय में इसके स्थान पर किस व्यवस्था ने जन्म लिया?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. वस्तु-विनिमय पद्धति: प्राचीन काल में जब सिक्कों या कागजी नोटों (मुद्रा) का प्रचलन नहीं था, तब व्यापार वस्तुओं के प्रत्यक्ष अदल-बदल द्वारा होता था। उदाहरण के लिए, यदि किसी किसान के पास अतिरिक्त गेहूं है और उसे जूते चाहिए, तो वह मोची को गेहूं देकर उससे जूते ले लेता था। इस बिना धन के होने वाले सीधे लेन-देन को वस्तु-विनिमय पद्धति कहते हैं।
2. इसकी कठिनाई: इसमें "आवश्यकताओं का दोहरा संयोग" (Double Coincidence of Wants) होना आवश्यक था (यानी दोनों पक्षों को एक-दूसरे की वस्तु की जरूरत हो), जो हर समय संभव नहीं था।
3. आधुनिक विकल्प: इस कठिनाई को दूर करने के लिए मुद्रा (रुपया/पैसा) का आविष्कार हुआ। आज यह व्यवस्था और उन्नत होकर डिजिटल बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और ऑनलाइन भुगतान में बदल चुकी है।

उदाहरण 5
Q5 (पर्यावरणीय नैतिकता): "मानव अपने पर्यावरण में परिवर्तन करता है" — इस कथन की व्याख्या कीजिए। क्या यह परिवर्तन हमेशा लाभकारी होता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. कथन की व्याख्या: मानव अपनी बढ़ती आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निरंतर पर्यावरण में बदलाव करता है; जैसे—रहने के लिए जंगलों को काटकर बस्तियां और शहर बसाना, आवागमन के लिए पहाड़ों को काटकर सुरंगे व सड़कें बनाना, और ऊर्जा के लिए नदियों पर बांध बनाकर पानी रोकना।
2. हानिकारक प्रभाव: यह परिवर्तन हमेशा लाभकारी नहीं होता, बल्कि अनियंत्रित होने पर विनाशकारी बन जाता है:
- वनों की अंधाधुंध कटाई से वन्यजीवों का आवास नष्ट हो रहा है और वर्षा चक्र बिगड़ रहा है।
- वाहनों और कारखानों के धुएं से वायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापन) का खतरा बढ़ गया है।
- औद्योगिक कचरे से नदियां और समुद्र जहरीले हो रहे हैं। अतः विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन (सतत विकास) बनाए रखना अनिवार्य है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

पर्यावरण के घटकों में केवल पेड़-पौधों और जंगलों को ही गिनना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पर्यावरण केवल प्रकृति नहीं है; इसमें मानव-निर्मित वस्तुएं (सड़कें, पुल, इमारतें) और स्वयं मानव समाज (परिवार, धर्म, संस्कृति) भी अनिवार्य घटक हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जैवमंडल को पृथ्वी के किसी एक विशाल स्वतंत्र भाग के रूप में समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जैवमंडल कोई अलग ग्रह भाग नहीं है, बल्कि यह स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल का वह संकीर्ण पारस्परिक मिलन क्षेत्र है जहाँ जीवन पनपता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वस्तु-विनिमय पद्धति में मुद्रा या सिक्कों के प्रयोग की कल्पना करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वस्तु-विनिमय पद्धति पूर्णतः मुद्रा-रहित (Cashless) थी; इसमें एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु का सीधा विनिमय होता था।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

पर्यावरण के परिमंडलों एवं घटकों का अंतःसंबंध
स्थलमंडल (भूमि व खनिज) ➕ जलमंडल (नदी व समुद्र) ➕ वायुमंडल (गैस व ओजोन) ➔ जैवमंडल (जीवन संकीर्ण क्षेत्र) ➔ पारितंत्र (Ecosystem)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
पर्यावरण शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच शब्द "एनवायरनर" से हुई है जिसका अर्थ "पड़ोस" होता है।
मुख्य बिंदु 2
पर्यावरण के तीन मुख्य घटक हैं: प्राकृतिक घटक, मानव-निर्मित घटक, तथा मानव स्वयं।
मुख्य बिंदु 3
सजीवों के संसार को जैविक (पेड़-पौधे, जंतु) तथा निर्जीव वस्तुओं के संसार को अजैविक (भूमि, जल, वायु) कहा जाता है।
मुख्य बिंदु 4
पृथ्वी की ठोस ऊपरी पर्पटी को स्थलमंडल कहते हैं जो चट्टानों, खनिजों और मिट्टी से बनी है।
मुख्य बिंदु 5
जल के संपूर्ण विस्तृत क्षेत्र को जलमंडल कहा जाता है जो सभी जीवों के जीवन का आधार है।
मुख्य बिंदु 6
पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा थामी गई वायु की चादर को वायुमंडल कहते हैं, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों से रक्षा करता है।
मुख्य बिंदु 7
स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल का वह संकीर्ण मिलन क्षेत्र जहाँ जीवन संभव है, जैवमंडल (Biosphere) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 8
सभी जीवधारियों का आपस में तथा अपने पर्यावरण के भौतिक-रासायनिक कारकों के साथ संबंध पारितंत्र (Ecosystem) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 9
प्रत्येक वर्ष 5 जून को संपूर्ण विश्व में "विश्व पर्यावरण दिवस" मनाया जाता है।
मुख्य बिंदु 10
प्राचीन काल में वस्तुओं का बिना मुद्रा के सीधा लेन-देन "वस्तु-विनिमय पद्धति" (Barter System) कहलाता था।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
पर्यावरण (Environment) शब्द किस भाषा के मूल शब्द से बना है और उसका अर्थ क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: पर्यावरण शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के शब्द "एनवायरनर" (Environer) से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ "पड़ोस" (Neighbourhood) होता है।
2
पृथ्वी के चारों ओर वायुमंडल को कौन-सा प्राकृतिक बल थामे रखता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: पृथ्वी का "गुरुत्वाकर्षण बल" (Gravitational Force) वायुमंडल को चारों ओर अंतरिक्ष में जाने से रोककर थामे रखता है।
3
जैवमंडल (Biosphere) किसे कहते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जैवमंडल पृथ्वी का वह संकीर्ण क्षेत्र (Narrow Zone) है जहाँ स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल तीनों आपस में मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं।
4
प्रतिवर्ष "विश्व पर्यावरण दिवस" किस तिथि को मनाया जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: प्रतिवर्ष "5 जून" को पूरे विश्व में विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है।
5
प्राचीन काल की "वस्तु-विनिमय पद्धति" (Barter System) का क्या तात्पर्य है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: वस्तु-विनिमय पद्धति व्यापार का वह प्रारंभिक तरीका था जिसमें मुद्रा या पैसों का प्रयोग किए बिना सीधे एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु की अदला-बदली की जाती थी।
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अध्याय 1: हज़ार वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनों की पड़ताल (Tracing Changes Through a Thousand Years) अध्याय 2: नए राजा और साम्राज्य (New Kings and Kingdoms) अध्याय 3: दिल्ली के सुल्तान (The Delhi Sultans) अध्याय 4: मुगल साम्राज्य (The Mughal Empire) अध्याय 5: शासक और इमारतें (Rulers and Buildings) अध्याय 6: नगर, व्यापारी और शिल्पकार (Towns, Traders and Craftspersons) अध्याय 7: जनजातियां, खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय (Tribes, Nomads and Settled Communities) अध्याय 8: ईश्वर से अनुराग (Devotional Paths to the Divine) अध्याय 9: क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण (The Making of Regional Cultures) अध्याय 10: अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन (Eighteenth-Century Political Formations) अध्याय 11: पर्यावरण (Environment) अध्याय 12: हमारी पृथ्वी के अंदर (Inside Our Earth) अध्याय 13: हमारी बदलती पृथ्वी (Our Changing Earth) अध्याय 14: वायु (Air) अध्याय 15: जल (Water) अध्याय 16: मानव-पर्यावरण अंतःक्रिया: उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र (Human-Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Region) अध्याय 17: रेगिस्तान में जीवन (Life in the Deserts) अध्याय 18: समानता (On Equality) (On Equality) अध्याय 19: स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका (Role of the Government in Health) अध्याय 20: राज्य शासन कैसे काम करता है (How the State Government Works) अध्याय 21: लड़के और लड़कियों के रूप में बड़ा होना (Growing Up as Boys and Girls) अध्याय 22: औरतों ने बदली दुनिया (Women Change the World) अध्याय 23: संचार माध्यमों को समझना (Understanding Media) अध्याय 24: हमारे आस-पास के बाज़ार (Markets Around Us) अध्याय 25: बाज़ार में एक कमीज़ (A Shirt in the Market) अध्याय 26: समानता के लिए संघर्ष (Struggles for Equality)

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