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JAC • Class 7 • Social Science • Ch 20
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

How the State Government Works

इस अध्याय में हम राज्य स्तर पर लोकतांत्रिक शासन की कार्यप्रणाली, विधानसभा (Legislative Assembly), विधायक (MLA) के निर्वाचन, बहुमत व विपक्ष की भूमिका, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के गठन, विधानसभा में होने वाली जीवंत बहसों तथा विभिन्न सरकारी विभागों (PWD, स्वास्थ्य, शिक्षा) के प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का व्यावहारिक अध्ययन करेंगे।

जब आपके शहर या गांव में पानी और अस्पताल की समस्या होती है, तो निर्णय कौन लेता है—विधायक, मंत्री या अधिकारी?

पातालपुरम जिले में दूषित पानी पीने से डायरिया फैल गया और दर्जनों बच्चों की मौत हो गई। जनता सड़कों पर उतर आई और विधायक के घर का घेराव कर दिया। लेकिन विधायक कहता है कि वह केवल एक प्रतिनिधि है, फैसला तो सरकार करती है! आखिर यह "सरकार" क्या है? विधानसभा में बहसें कैसे होती हैं और मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक नीतियां कैसे लागू होती हैं? आइए इसे विस्तार से समझें।

Why This Chapter Matters

यह अध्याय विद्यार्थियों को राज्य सरकार की संरचना, नागरिकों के प्रति जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही, कानून निर्माण की प्रक्रिया तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस व मीडिया की लोकतांत्रिक भूमिका से परिचित कराता है। यह जागरूक नागरिक बनने और स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु विधायी तंत्र को समझने के लिए अनिवार्य है।

Before You Begin (Prerequisites)

  • सरकार के तीन स्तरों (केंद्र, राज्य, स्थानीय) की बुनियादी समझ।
  • चुनाव प्रक्रिया, मतदान और राजनीतिक दलों की प्राथमिक अवधारणा।
  • कार्यपालिका (Executive) और विधायिका (Legislature) के मध्य सामान्य अंतर।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • विधायक (MLA) की परिभाषा, निर्वाचन क्षेत्र (Constituency) और जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को स्पष्ट करना।
  • विधानसभा में बहुमत (Ruling Party) और विपक्ष (Opposition) के गठन के गणितीय व राजनीतिक नियमों को समझना।
  • मुख्यमंत्री (Chief Minister), मंत्रिपरिषद और राज्यपाल (Governor) की संवैधानिक भूमिकाओं में अंतर करना।
  • पातालपुरम जल संकट और डायरिया प्रकरण के माध्यम से विधानसभा में होने वाली प्रश्नोत्तर व नीतिगत बहसों का विश्लेषण करना।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस, मीडिया की निगरानी तथा लोक निर्माण (PWD), स्वास्थ्य व कृषि जैसे सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को समझना।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. विधायक (MLA), निर्वाचन क्षेत्र ए...
2 2. पातालपुरम केस स्टडी एवं विधानसभा...
3 3. शासन की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न...
4 4. झारखंड विधानसभा एवं शासन व्यवस्थ...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. विधायक (MLA), निर्वाचन क्षेत्र एवं बहुमत का गठन (MLA, Constituency & Majority)

भारत का प्रत्येक राज्य कई छोटे-छोटे भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित होता है, जिन्हें विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly Constituency) कहा जाता है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की जनता मतदान द्वारा अपने एक प्रतिनिधि का चुनाव करती है, जिसे विधानसभा सदस्य या विधायक (MLA - Member of Legislative Assembly) कहा जाता है।

बहुमत (Majority) एवं सत्तारूढ़ दल

विधानसभा चुनाव के बाद जिस राजनीतिक दल के विधायक राज्य की आधे से अधिक सीटों (50% + 1) पर जीत हासिल करते हैं, उसे बहुमत प्राप्त दल कहा जाता है। बहुमत प्राप्त करने वाला दल सत्तारूढ़ दल (Ruling Party) कहलाता है और सरकार बनाता है।

विपक्ष (Opposition) की भूमिका

अन्य सभी निर्वाचित विधायक जो सत्तारूढ़ दल के नहीं होते, वे मिलकर विपक्ष (Opposition) बनाते हैं। इनमें सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) होता है। विपक्ष सरकार की गलतियों को उजागर करता है और जनता के सवालों को उठाता है।

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद का गठन

  • नेता का चुनाव : चुनाव के बाद बहुमत दल के सभी विधायक मिलकर अपने दल के नेता का चुनाव करते हैं, जो मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनता है।
  • मंत्रियों का चयन : मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के विधायकों में से विभिन्न विभागों (जैसे वित्त, गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, PWD) के लिए मंत्रियों का चयन करता है।
  • राज्यपाल (Governor) की भूमिका : राज्य का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है (जिसे केंद्र की राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं)। राज्यपाल ही मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं।

2. पातालपुरम केस स्टडी एवं विधानसभा में बहस (Patalpuram Case & Assembly Debate)

पातालपुरम में स्वच्छ पेयजल की भारी कमी हो गई। लोगों को तीन-चार दिन में एक बार पानी मिल रहा था। गंदा पानी पीने से डायरिया (दस्त) की महामारी फैल गई और जिला अस्पताल में डॉक्टरों व बिस्तरों की कमी से दर्जनों मरीजों की मृत्यु हो गई। इस संकट ने विधानसभा में एक तीखी राजनीतिक बहस को जन्म दिया।

वक्ता (Speaker) विधानसभा में उठाए गए मुद्दे / उत्तर
विधायक 1 (विपक्ष) "मेरे निर्वाचन क्षेत्र अखंडगांव में पिछले तीन हफ्तों में डायरिया से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा क्यों नहीं करती?"
विधायक 2 (विपक्ष) "सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। पिछले कई सालों से नई नियुक्तियां क्यों नहीं की गईं?"
विधायक 3 (विपक्ष) "पातालपुरम में महिलाएं 3-4 किमी दूर से पीने का पानी सिर पर ढो रही हैं। सरकार ने कितने पानी के टैंकर लगाए हैं और कितने कुओं को साफ किया है?"
विधायक 4 (सत्तारूढ़ दल) "विपक्ष केवल सनसनी फैला रहा है। हमारी सरकार ने तुरंत राहत दल भेजा है, पानी के टैंकर तैनात किए हैं और ओआरएस (ORS) के लाखों पैकेट बांटे जा रहे हैं।"
स्वास्थ्य मंत्री (सरकार) "स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा व निःशुल्क इलाज दिया जा रहा है।"

दोहरी भूमिका : विधायक बनाम मंत्री

कुछ विधायकों की दोहरी जिम्मेदारी होती है—एक विधायक के रूप में वे अपने विशेष निर्वाचन क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, और एक मंत्री के रूप में वे पूरे राज्य के उस विभाग (जैसे स्वास्थ्य या शिक्षा) के सभी प्रशासनिक निर्णयों के लिए उत्तरदायी होते हैं।

3. शासन की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न कार्यकारी विभाग (Working of Government & Departments)

लोकतंत्र में सरकार केवल विधानसभा के भीतर बहस करने तक सीमित नहीं होती। विधानसभा में बहस के बाद निर्णय को लागू करने का वास्तविक कार्य कार्यपालिका (Executive) और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा किया जाता है।

प्रमुख सरकारी विभाग एवं उनके कार्य
  • स्वास्थ्य विभाग : सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, दवाओं की आपूर्ति और महामारी नियंत्रण का प्रबंधन।
  • लोक निर्माण विभाग (PWD) : सड़कों, सरकारी भवनों, पुलों और जल निकासी व्यवस्था का निर्माण व मरम्मत।
  • कृषि विभाग : बीजों, खादों, सिंचाई योजनाओं और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने का काम।
  • शिक्षा विभाग : सरकारी स्कूलों, शिक्षकों की भर्ती, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों और मध्याह्न भोजन की निगरानी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) एवं मीडिया

विधानसभा सत्र के बाद या किसी गंभीर घटना के समय संबंधित मंत्री अथवा मुख्यमंत्री पत्रकारों को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं। इसमें मंत्री सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हैं और पत्रकार तीखे सवाल पूछते हैं। यह खबर अखबारों और टीवी चैनलों के जरिए आम जनता तक पहुँचती है।

4. झारखंड विधानसभा एवं शासन व्यवस्था (Jharkhand State Assembly Context)

झारखंड राज्य में एकसदनीय (Unicameral) विधायिका है, जिसका नाम झारखंड विधानसभा है। इसका नया अत्याधुनिक भवन रांची के धुर्वा (कूटे) में स्थित है।

झारखंड विधानसभा का राजनीतिक गणित

  • कुल निर्वाचित सीटें : झारखंड विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित सदस्य (विधायक) होते हैं।
  • बहुमत का जादुई आंकड़ा : सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को न्यूनतम 41 सीटों (81 / 2 + 1) का स्पष्ट समर्थन आवश्यक होता है।
  • संवैधानिक प्रमुख बनाम वास्तविक प्रमुख : झारखंड के राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं, जबकि निर्वाचित मुख्यमंत्री राज्य सरकार के वास्तविक कार्यकारी प्रमुख (Real Executive Head) होते हैं।
  • जिला प्रशासन : राज्य सरकार की नीतियों को जिलों में लागू करने की जिम्मेदारी उपायुक्त (Deputy Commissioner / DC) तथा जिला पुलिस अधीक्षक (SP) की होती है।

Key Historical Terms, Chronology & Administrative Principles

विधानसभा बहुमत सूत्र (Legislative Majority Formula)
बहुमत का आंकड़ा = (कुल विधानसभा सीटें / 2) + 1 (न्यूनतम 50% + 1 सीट)
झारखंड में कुल 81 सीटें हैं; अतः सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों का समर्थन अनिवार्य है।
राज्य सरकार संरचना समीकरण
राज्य सरकार = विधायिका (विधानसभा/विधायक) + कार्यपालिका (राज्यपाल + मुख्यमंत्री + मंत्रिपरिषद + नौकरशाही)
विधायिका कानून बनाती है और कार्यपालिका उन कानूनों व नीतियों को प्रशासनिक रूप से लागू करती है।
विधायक दोहरी भूमिका सिद्धांत (Dual Role of MLA-Minister)
MLA (अपने क्षेत्र का जन-प्रतिनिधित्व) + मंत्री (पूरे राज्य के उस विभाग का नीतिगत व प्रशासनिक नेतृत्व)
प्रत्येक मंत्री अनिवार्य रूप से एक विधायक होता है, परंतु हर विधायक मंत्री नहीं होता।
लोकतांत्रिक जवाबदेही चक्र (Democratic Accountability Loop)
जनता (मतदान/समस्या) ➔ विधायक/विपक्ष ➔ विधानसभा में बहस ➔ कार्यपालिका निर्देश ➔ PWD/स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई ➔ प्रेस कॉन्फ्रेंस
पातालपुरम जैसे जल संकटों का समाधान इसी चक्र के माध्यम से धरातल पर उतरता है।
राज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री संवैधानिक संबंध
राज्यपाल = संवैधानिक राज्य प्रमुख (Nominal Head) | मुख्यमंत्री = वास्तविक शासन प्रमुख (Real Executive Head)
राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र सरकार की सिफारिश पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्ष के लिए की जाती है।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
विधायक (MLA) कौन होता है और उसका चुनाव किस प्रकार होता है? क्या सभी विधायक मंत्री बनते हैं?
Step-by-Step Solution:

1. विधायक का अर्थ : विधायक (Member of Legislative Assembly - MLA) विधानसभा का सदस्य होता है। वह किसी एक विशिष्ट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है।

2. चुनाव प्रक्रिया : राज्य की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की जनता सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार द्वारा गुप्त मतदान के जरिए अपने निर्वाचन क्षेत्र से 5 वर्षों के लिए विधायक चुनती है।

3. क्या सभी विधायक मंत्री बनते हैं? : नहीं। चुनाव के बाद केवल बहुमत प्राप्त दल के कुछ प्रमुख विधायकों को ही मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों का मंत्री (जैसे गृह, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा मंत्री) नियुक्त किया जाता है। शेष विधायक केवल विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाते हैं।

Example 2
सत्तारूढ़ दल (Ruling Party) और विपक्ष (Opposition) में क्या अंतर है? लोकतंत्र में विपक्ष की क्या आवश्यकता है?
Step-by-Step Solution:

1. अंतर :

  • सत्तारूढ़ दल : जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को विधानसभा की कुल सीटों के आधे से अधिक (बहुमत) पर जीत मिलती है, वह सत्तारूढ़ दल कहलाता है और सरकार चलाता है।
  • विपक्ष : अन्य सभी राजनीतिक दलों के निर्वाचित विधायक जो सरकार का हिस्सा नहीं होते, वे विपक्ष कहलाते हैं।

2. विपक्ष की आवश्यकता : यदि विपक्ष न हो तो सरकार निरंकुश और तानाशाह हो सकती है। विपक्ष विधानसभा में सरकार की विफलताओं, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं पर तीखे सवाल पूछता है, बजट पर बहस करता है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखता है।

Example 3
पातालपुरम में फैली बीमारी के संदर्भ में विधानसभा में हुई बहस से क्या निष्कर्ष निकलता है?
Step-by-Step Solution:

पातालपुरम में डायरिया और पेयजल संकट पर विधानसभा में हुई बहस से निम्नलिखित महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक निष्कर्ष निकलते हैं:

  • समस्या का राजनीतिकरण नहीं, समाधान जरूरी : विपक्ष ने मौतों, डॉक्टरों की कमी और गंदे पानी पर मंत्रियों से तीखे सवाल पूछे, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता उजागर हुई।
  • मंत्रियों की सीधी जवाबदेही : स्वास्थ्य मंत्री को सदन में खड़े होकर बताना पड़ा कि सरकार ने क्या राहत कदम उठाए हैं (जैसे ओआरएस पैकेट, पानी के टैंकर और सफाई अभियान)।
  • जनता के दबाव का प्रभाव : जब जनता सड़कों पर उतरी और मीडिया ने रिपोर्टिंग की, तभी सरकार ने तुरंत उच्च-स्तरीय बैठक बुलाकर प्रभावित परिवारों को मुआवजा और आपातकालीन मदद दी।
Example 4
प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) क्या होती है और यह सरकार को जवाबदेह बनाने में किस प्रकार सहायक है?
Step-by-Step Solution:

1. अर्थ : प्रेस कॉन्फ्रेंस पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की एक ऐसी आधिकारिक बैठक होती है जिसे सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री या उच्चाधिकारी किसी महत्वपूर्ण निर्णय, घटना या संकट के समय बुलाते हैं।

2. जवाबदेही में भूमिका :

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की रिपोर्ट पेश करते हैं।
  • पत्रकार जनता की ओर से सीधे तीखे और खोजपरक सवाल पूछते हैं (जैसे—"पातालपुरम में अब तक कितने टैंकर भेजे गए? मौतों का जिम्मेदार कौन है?")।
  • इन सवालों और जवाबों को अखबार, न्यूज चैनल और इंटरनेट पूरे राज्य और देश में प्रसारित करते हैं, जिससे जनता को सीधे पता चलता है कि उसकी चुनी हुई सरकार क्या काम कर रही है।
Example 5
झारखंड विधानसभा में कुल कितने निर्वाचित सदस्य होते हैं और सरकार बनाने के लिए न्यूनतम कितनी सीटों की आवश्यकता होती है?
Step-by-Step Solution:

1. कुल सीटें : झारखंड विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित सदस्य (विधायक) होते हैं।

2. बहुमत का गणित : सरकार बनाने के लिए आवश्यक सीटों का सूत्र है: (कुल सीटें / 2) + 1।

अतः 81 सीटों में आधे से अधिक का आंकड़ा 41 सीटें होता है। जिस किसी राजनीतिक दल या चुनाव-पूर्व गठबंधन के पास 41 या उससे अधिक विधायक होते हैं, राज्यपाल उसी दल के नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

यह समझना कि प्रत्येक विधायक (MLA) के पास सरकारी विभागों का मंत्री पद भी होता है।

Scientific Reality & Correction

प्रत्येक विधायक केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधि होता है; बहुमत दल के कुछ गिने-चुने विधायकों को ही मुख्यमंत्री द्वारा मंत्री (जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त मंत्री) बनाया जाता है।

Common Misconception

राज्यपाल (Governor) और मुख्यमंत्री (Chief Minister) को एक ही पद मान लेना।

Scientific Reality & Correction

राज्यपाल केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राज्य का संवैधानिक (नाममात्र का) प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री जनता द्वारा चुने गए विधायकों का नेता और राज्य सरकार का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख होता है।

Common Misconception

यह सोचना कि कानून बनने और फैसले होने का काम केवल विधानसभा के अंदर ही होता है।

Scientific Reality & Correction

विधानसभा में केवल बहस और मंजूरी होती है; वास्तविक प्रशासनिक क्रियान्वयन विभिन्न कार्यकारी विभागों (लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग) और जिला स्तर पर उपायुक्त (DC/DM) द्वारा किया जाता है।

Visual Learning & Conceptual Map

राज्य शासन की कार्यप्रणाली : लोकतांत्रिक संरचना एवं शक्ति प्रवाह 1. जनता एवं निर्वाचन क्षेत्र • वयस्क मताधिकार द्वारा चुनाव • प्रत्येक क्षेत्र से 1 विधायक (MLA) • झारखंड : 81 विधानसभा सीटें जनता ➔ लोकतंत्र की नींव 2. विधानसभा एवं बहुमत • बहुमत (50%+1) ➔ सत्तारूढ़ दल • नेता ➔ मुख्यमंत्री (CM) • शेष दल ➔ विपक्ष (Opposition) बहुमत = 41 सीटें (झारखंड) 3. कार्यपालिका एवं विभाग • PWD, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग • जिला स्तर पर DC / DM • प्रेस कॉन्फ्रेंस ➔ मीडिया जांच नीतियों का धरातल पर क्रियान्वयन लोकतांत्रिक जवाबदेही : जनता ➔ विधायक ➔ विधानसभा बहस ➔ मंत्रिपरिषद निर्णय ➔ लोक सेवा "सरकार केवल शासन नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान की निरंतर प्रक्रिया है।"

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
भारत में शासन तीन स्तरों पर कार्य करता है—केंद्र स्तर, राज्य स्तर तथा स्थानीय स्तर।
Takeaway 2
प्रत्येक राज्य कई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बंटा होता है जहाँ से जनता गुप्त मतदान द्वारा अपने विधायक (MLA) को चुनती है।
Takeaway 3
जिस राजनीतिक दल के विधायक कुल सीटों के आधे से अधिक (50% + 1) पर जीतते हैं, वह बहुमत हासिल कर सत्तारूढ़ दल बनता है।
Takeaway 4
बहुमत प्राप्त दल के विधायक अपने नेता को मुख्यमंत्री चुनते हैं और मुख्यमंत्री अन्य मंत्रियों का चयन करता है।
Takeaway 5
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है जो मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद को पद की शपथ दिलाता है।
Takeaway 6
विधानसभा में पक्ष और विपक्ष के विधायक जनता की समस्याओं (जैसे पातालपुरम का जल संकट व डायरिया) पर सवाल-जवाब और बहस करते हैं।
Takeaway 7
कुछ विधायक मंत्री के रूप में दोहरी भूमिका निभाते हैं—अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और पूरे विभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारी।
Takeaway 8
विधानसभा के निर्णयों को लागू करने के लिए सरकार के पास लोक निर्माण (PWD), स्वास्थ्य, कृषि तथा शिक्षा जैसे कार्यकारी विभाग होते हैं।
Takeaway 9
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मंत्री मीडिया के सवालों का जवाब देते हैं और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाते हैं।
Takeaway 10
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं जहाँ बहुमत का आंकड़ा 41 है; जिलों में उपायुक्त (DC) नीतियों का क्रियान्वयन करते हैं।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
एमएलए (MLA) का पूर्ण रूप (Full Form) क्या होता है और वह किसका सदस्य होता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: Member of Legislative Assembly (विधानसभा सदस्य)।
एमएलए राज्य विधानसभा का सदस्य होता है जिसे संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की जनता प्रत्यक्ष रूप से चुनती है।
2
विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी दल को न्यूनतम कितने प्रतिशत अथवा कितनी सीटों के समर्थन की आवश्यकता होती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: कुल सीटों के आधे से अधिक (50% + 1 सीट) अर्थात स्पष्ट बहुमत।
जिस दल या गठबंधन के पास कुल निर्वाचन क्षेत्रों की 50% से अधिक सीटें होती हैं, वही सत्तारूढ़ दल बनकर सरकार का गठन करता है।
3
राज्य में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ कौन दिलाता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: राज्य का राज्यपाल (Governor)।
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और वही बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री तथा उसकी सिफारिश पर अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाता है।
4
सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत की जिम्मेदारी सरकार के किस विभाग की होती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: लोक निर्माण विभाग (PWD - Public Works Department)।
पीडब्ल्यूडी राज्य का वह कार्यकारी विभाग है जो सार्वजनिक ढांचागत सुविधाओं जैसे सड़कों और सरकारी इमारतों का निर्माण व रख-रखाव करता है।
5
झारखंड विधानसभा में कुल कितनी निर्वाचित सीटें हैं और वहाँ बहुमत के लिए कितने विधायकों की आवश्यकता होती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: कुल 81 निर्वाचित सीटें हैं और बहुमत के लिए 41 सीटों की आवश्यकता होती है।
झारखंड में 81 सीटों के आधे से अधिक (81/2 = 40.5 ➔ 41) सीटें हासिल करने वाला दल या गठबंधन ही सरकार बना सकता है।
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