भारत का प्रत्येक राज्य कई छोटे-छोटे भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित होता है, जिन्हें विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly Constituency) कहा जाता है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की जनता मतदान द्वारा अपने एक प्रतिनिधि का चुनाव करती है, जिसे विधानसभा सदस्य या विधायक (MLA - Member of Legislative Assembly) कहा जाता है।
बहुमत (Majority) एवं सत्तारूढ़ दल
विधानसभा चुनाव के बाद जिस राजनीतिक दल के विधायक राज्य की आधे से अधिक सीटों (50% + 1) पर जीत हासिल करते हैं, उसे बहुमत प्राप्त दल कहा जाता है। बहुमत प्राप्त करने वाला दल सत्तारूढ़ दल (Ruling Party) कहलाता है और सरकार बनाता है।
विपक्ष (Opposition) की भूमिका
अन्य सभी निर्वाचित विधायक जो सत्तारूढ़ दल के नहीं होते, वे मिलकर विपक्ष (Opposition) बनाते हैं। इनमें सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) होता है। विपक्ष सरकार की गलतियों को उजागर करता है और जनता के सवालों को उठाता है।
मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद का गठन
- नेता का चुनाव : चुनाव के बाद बहुमत दल के सभी विधायक मिलकर अपने दल के नेता का चुनाव करते हैं, जो मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनता है।
- मंत्रियों का चयन : मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के विधायकों में से विभिन्न विभागों (जैसे वित्त, गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, PWD) के लिए मंत्रियों का चयन करता है।
- राज्यपाल (Governor) की भूमिका : राज्य का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है (जिसे केंद्र की राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं)। राज्यपाल ही मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं।