Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Social Science • अध्याय 17
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

रेगिस्तान में जीवन (Life in the Deserts)

इस अध्याय में हम पृथ्वी के दो चरम जलवायु वाले मरुस्थलीय प्रदेशों—विश्व के सबसे बड़े गर्म मरुस्थल "सहारा" (अफ्रीका) तथा भारत के वृहत हिमालय में स्थित शीत मरुस्थल "लद्दाख"—की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, वनस्पति, वन्यजीवों तथा वहाँ की कठोर परिस्थितियों में मानव जीवन के अद्भुत अनुकूलन का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

क्या आप जानते हैं कि रेगिस्तान सिर्फ जलती हुई रेत ही नहीं, बल्कि -40°C पर जमी हुई बर्फ की घाटी भी हो सकता है?

जब हम "रेगिस्तान" शब्द सुनते हैं, तो आँखों के सामने तपती रेत और ऊँट की तस्वीर उभरती है। लेकिन भूगोल में रेगिस्तान का अर्थ केवल गर्मी नहीं, बल्कि अत्यधिक कम वर्षा (10 सेमी से कम) और विरल वनस्पति वाला शुष्क क्षेत्र है। एक तरफ अफ्रीका का सहारा रेगिस्तान 50°C के प्रचंड तापमान से दहकता है, तो दूसरी तरफ भारत का लद्दाख शीत मरुस्थल -40°C की हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बर्फ से ढका रहता है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

यह अध्याय हमें सिखाता है कि किस प्रकार मानव समाज पानी और संसाधनों की घोर कमी के बावजूद प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर समृद्ध संस्कृति और टिकाऊ जीवनशैली विकसित कर सकता है। लद्दाख के लोगों का जल संरक्षण और सहारा में तेल क्रांति का अध्ययन आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों को समझने में मदद करता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • वर्षा, वाष्पीकरण, तापमान और आर्द्रता की बुनियादी अवधारणाओं की समझ।
  • विश्व मानचित्र पर अफ्रीका महाद्वीप और भारत के उत्तरी हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का ज्ञान।
  • वृष्टि-छाया क्षेत्र (Rain Shadow Area) और ऊँचाई के साथ वायुमंडलीय दाब व तापमान में कमी के नियम।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • गर्म रेगिस्तान (सहारा) और ठंडे रेगिस्तान (लद्दाख) की भौगोलिक स्थिति, विस्तार एवं जलवायु दशाओं की तुलना करना।
  • सहारा के मरुद्यान (Oasis), बेदोइन व तुआरेग खानाबदोश जनजातियों तथा हालिया खनिज तेल क्रांति के प्रभाव को समझना।
  • लद्दाख की स्थिति (काराकोरम व जास्कर के मध्य), वृष्टि-छाया प्रभाव, अत्यंत शुष्क शीत जलवायु और सिंधु नदी घाटी को समझना।
  • लद्दाख के विशिष्ट वन्यजीवों—चीरू (तिब्बती बारहसिंगा व शहतूश ऊन), याक, विलो क्रिकेट बैट तथा हेमिस व थिकसे बौद्ध गोम्पाओं के सांस्कृतिक महत्व को जानना।
  • कठोर मरुस्थलीय परिस्थितियों में जल एवं ऊर्जा संरक्षण की पारंपरिक बुद्धिमत्ता का मूल्यांकन करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. रेगिस्तान की अवधारणा एवं गर्म रे...
2 2. सहारा के लोग, संस्कृति एवं आधुनि...
3 3. ठंडा रेगिस्तान : लद्दाख की भौगोल...
4 4. लद्दाख की वनस्पति, वन्यजीव, संस्...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. रेगिस्तान की अवधारणा एवं गर्म रेगिस्तान : सहारा (The Concept of Desert & Sahara)

रेगिस्तान (Desert) : यह एक ऐसा शुष्क प्रदेश है जिसकी मुख्य विशेषताएँ हैं—अत्यधिक उच्च अथवा अत्यधिक निम्न तापमान, विरल वनस्पति और बहुत कम वर्षा (सामान्यतः 10 सेमी या 25 सेमी से कम प्रतिवर्ष)। तापमान के आधार पर रेगिस्तान दो प्रकार के होते हैं—गर्म रेगिस्तान और ठंडे रेगिस्तान।

सहारा रेगिस्तान : विश्व का सबसे विशाल गर्म मरुस्थल

  • विस्तार : अफ्रीका महाद्वीप के उत्तरी भाग में लगभग 8.54 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है (यह भारत के कुल क्षेत्रफल 3.28 लाख वर्ग किमी से लगभग 2.6 गुना बड़ा है)।
  • 11 देशों में फैलाव : अल्जीरिया, चाड, मिस्र (Egypt), लीबिया, माली, मॉरीतानिया, मोरक्को, नाइजर, सूडान, ट्यूनीशिया और पश्चिमी सहारा।
  • धरातलीय स्वरूप : सहारा केवल रेत के विशाल टीलों (Sand Dunes) से ही नहीं ढका है, बल्कि यहाँ बजरी के विशाल मैदान और नग्न चट्टानी सतहों वाले उत्थित पठार भी पाए जाते हैं (जो कुछ स्थानों पर 2500 मीटर से भी अधिक ऊंचे हैं)।
  • ऐतिहासिक रहस्य : सहारा की गुफाओं से प्राप्त शैलचित्रों से पता चलता है कि किसी समय सहारा एक पूर्णतः हरा-भरा एवं उपजाऊ मैदान था जहाँ नदियाँ, मगरमच्छ, हाथी, शेर, जिराफ और मवेशी पाए जाते थे। परंतु जलवायु परिवर्तन ने इसे अत्यंत शुष्क बना दिया।
चरम जलवायु (Extreme Climate)

सहारा की जलवायु अत्यधिक गर्म और शुष्क है। वर्षा ऋतु बहुत छोटी होती है। आकाश बादलरहित और साफ रहता है, जिससे नमी तेजी से वाष्पीकृत हो जाती है। दिन में तापमान 50°C से ऊपर पहुँच जाता है जिससे रेत और नंगी चट्टानें अत्यधिक तपने लगती हैं। इसके विपरीत, रातें अत्यधिक ठंडी होती हैं और तापमान गिरकर 0°C (हिमांक बिंदु) के समीप पहुँच जाता है।

वनस्पति एवं वन्यजीव (Flora & Fauna)

यहाँ कैक्टस, खजूर के पेड़ (Date Palms) और बबूल (Acacia) उगते हैं। जहाँ जल सतह पर आ जाता है, वहाँ मरुद्यान (Oasis) बनते हैं (उदा. मोरक्को का ताफिलालेट मरुद्यान 13,000 वर्ग किमी में फैला है)। प्रमुख जीवों में ऊँट (रेगिस्तान का जहाज), लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, बिच्छू तथा कई विषैले सांप और छिपकलियां शामिल हैं।

2. सहारा के लोग, संस्कृति एवं आधुनिक तेल क्रांति (People, Culture & Modern Oil Boom)

कठोरतम जलवायु के बावजूद सहारा में विभिन्न जनजातीय समुदाय सदियों से निवास कर रहे हैं। इनमें बेदोइन (Bedouins) और तुआरेग (Tuaregs) सबसे प्रमुख खानाबदोश जनजातियाँ हैं।

पारंपरिक खानाबदोश जीवनशैली
  • पशुधन पालन : ये लोग बकरी, भेड़, ऊँट और घोड़े पालते हैं। इन पशुओं से इन्हें दूध, चमड़ा (बेल्ट, जूते, पानी की कुप्पी) तथा बाल (चटाई, कालीन, कपड़े, कंबल) मिलते हैं।
  • भारी वस्त्र (Heavy Robes) : धूल भरी प्रचंड आंधियों और गर्म शुष्क हवाओं से रक्षा के लिए ये लोग भारी गाउन/चोगा पहनते हैं।
  • मरुद्यान कृषि : मिस्र में नील घाटी और मरुद्यानों के आसपास लोग खजूर, चावल, गेहूँ, जौ और सेम की खेती करते हैं। मिस्र की उच्च कोटि की कपास विश्व प्रसिद्ध है।
खनिज तेल क्रांति एवं आधुनिक रूपांतरण
  • पेट्रोलियम की खोज : अल्जीरिया, लीबिया और मिस्र में तेल की खोज ने सहारा का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। यहाँ लोहा, फास्फोरस, मैंगनीज और यूरेनियम भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।
  • नगरीकरण : प्राचीन ऊँट मार्गों के स्थान पर चौड़े राष्ट्रीय राजमार्ग और सुपर हाईवे बन गए हैं। नमक के व्यापार में ऊँटों का स्थान अब विशाल ट्रकों ने ले लिया है।
  • तुआरेग जनजाति : अब कई तुआरेग विदेशी पर्यटकों के गाइड बन रहे हैं और युवा तेल एवं गैस कंपनियों में तकनीकी नौकरियों की ओर बढ़ रहे हैं।

3. ठंडा रेगिस्तान : लद्दाख की भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु (Cold Desert: Ladakh)

लद्दाख (Ladakh) दो शब्दों से मिलकर बना है—'ला' का अर्थ है पर्वतीय दर्रा और 'दाख' का अर्थ है देश। यह भारत के उत्तर में जम्मू और कश्मीर के पूर्व में वृहत हिमालय के पहाड़ों में स्थित एक प्रसिद्ध शीत मरुस्थल (Cold Desert) है।

लद्दाख की भू-आकृतिक संरचना

  • पर्वत श्रेणियां : लद्दाख के उत्तर में शक्तिशाली काराकोरम पर्वत श्रेणी और दक्षिण में जास्कर पर्वत श्रेणी स्थित है।
  • नदियाँ एवं हिमनद : लद्दाख से होकर बहने वाली मुख्य नदी सिंधु (Indus) है। यहाँ अनेक विशाल हिमनद (Glaciers) पाए जाते हैं, जिनमें गैंगरी हिमनद (Gangri Glacier) प्रमुख है।
  • ऊँचाई : लद्दाख की ऊँचाई लेह में लगभग 3,000 मीटर से लेकर काराकोरम में 8,000 मीटर से भी अधिक है।
अति-शीत एवं शुष्क जलवायु

अत्यधिक ऊँचाई के कारण यहाँ वायु की परत अत्यंत पतली है, जिससे सूर्य की धूप की तीव्रता बहुत अधिक महसूस होती है। ग्रीष्म ऋतु में दिन का तापमान शून्य डिग्री (0°C) से थोड़ा ऊपर और रात में -30°C से भी नीचे चला जाता है। शीत ऋतु में यह लगभग पूरे समय -40°C से नीचे जमा रहता है।

वृष्टि-छाया प्रभाव (Rain-Shadow Area)

क्योंकि लद्दाख हिमालय के वृष्टि-छाया क्षेत्र में स्थित है, इसलिए मानसूनी बादल यहाँ नहीं पहुँच पाते। यहाँ वर्षा नाममात्र की होती है—प्रतिवर्ष 10 सेमी से भी कम। यह क्षेत्र हमेशा बर्फीली ठंडी हवाओं और तेज धूप के दोहरे प्रभाव में रहता है। यदि आप अपने पैर छाया में और सिर धूप में रखें, तो एक साथ सनस्ट्रोक और तुषार-उपघात (Frostbite) हो सकता है!

4. लद्दाख की वनस्पति, वन्यजीव, संस्कृति एवं पर्यटन (Ladakh: Flora, Fauna, Culture & Tourism)

अत्यधिक शुष्कता के कारण लद्दाख में वनस्पति बहुत विरल है। जानवरों के चरने के लिए केवल कहीं-कहीं ही छोटी घास और झाड़ियां मिलती हैं।

वनस्पति एवं क्रिकेट बैट का विलो (Willow)

घाटियों में सरपत (विलो / Willow) और पॉप्लर (Poplar) के उपवन देखे जाते हैं। विलो वृक्ष की लकड़ी से दुनिया के सबसे बेहतरीन क्रिकेट बैट बनाए जाते हैं। गर्मियों में सेब, खुबानी (Apricot) और अखरोट के पेड़ फलते हैं।

अनोखे वन्यजीव एवं 'शहतूश' (Shahtoosh)

पक्षी: रॉबिन, रेडस्टार्ट, तिब्बती स्नोकॉक, रेवेन और हूप। पशुओं में जंगली बकरी, जंगली भेड़, याक (Yak) और कुत्ते। याक के दूध से पनीर और मक्खन बनाया जाता है। चीरू (तिब्बती बारहसिंगा) एक संकटापन्न जीव है, जिसका शिकार उसके हल्के और अत्यधिक गर्म ऊन 'शहतूश' के लिए किया जाता है। पश्मीना बकरियों से विश्व प्रसिद्ध पश्मीना शॉल बनती है।

लोग, बौद्ध गोम्पा एवं समृद्ध संस्कृति

यहाँ के निवासी या तो मुसलमान हैं या बौद्ध। लद्दाख में कई प्रसिद्ध तिब्बती बौद्ध मठ (गोम्पा) स्थित हैं—जैसे हेमिस (Hemis), थिकसे (Thiksey), शे (Shey) तथा लामायुरू (Lamayuru)।

ऋतु आधारित कार्य :

गर्मियों में लोग जौ, आलू, मटर, सेम और शलजम उगाते हैं। कड़ाके की सर्दियों में उत्सवों और धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त रहते हैं।

परिवहन व संपर्क :

राजधानी लेह वायु मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग 1A द्वारा कश्मीर से जुड़ा है। मनाली-लेह राजमार्ग 4 दर्रों (रोहतांग ला, बारालाचा ला, लुंगालाचा ला, तांगलांग ला) से गुजरता है।

टिकाऊ जीवनशैली :

जल और ईंधन की भारी कमी के कारण लद्दाखी प्रकृति के साथ अद्भुत संतुलन बनाकर रहते हैं। यहाँ संसाधनों का रत्ती भर भी अपव्यय नहीं होता।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

रेगिस्तान निर्धारण सूत्र (Aridity Criterion)
वार्षिक वर्षा < 25 सेमी (या < 10 सेमी) + चरम तापमान + विरल वनस्पति = रेगिस्तान (Desert)
रेगिस्तान केवल गर्मी का प्रतीक नहीं है; लद्दाख शीत मरुस्थल है जहाँ वर्षा 10 सेमी से कम होती है।
मरुद्यान (Oasis) जलभृत सिद्धांत
पवन अपरदन द्वारा गर्त निर्माण ➔ भूमिगत जल स्तर का सतही प्रकटन = उपजाऊ मरुद्यान एवं खजूर वन
सहारा में ताफिलालेट मरुद्यान (मोरक्को) 13,000 वर्ग किमी में फैला एक विशाल कृषि क्षेत्र है।
वृष्टि-छाया प्रभाव सूत्र (Rain Shadow Effect)
पवनमुखी ढाल (Windward) ➔ भारी वर्षा | वृष्टि-छाया ढाल (Leeward/लद्दाख) ➔ शुष्क हवा व शीत मरुस्थल
ग्रेट हिमालयन पर्वतमाला मानसूनी दक्षिण-पश्चिमी बादलों को लद्दाख में प्रवेश करने से रोकती है।
शहतूश एवं पश्मीना ऊन मानक
चीरू मृग ➔ शहतूश (Shahtoosh - अत्यधिक गर्म व हल्का) | पश्मीना बकरी ➔ पश्मीना शॉल
चीरू संकटापन्न जीव है, अतः शहतूश के व्यापार पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू है।
सहारा ऊर्जा रूपांतरण समीकरण
कच्चा पेट्रोलियम (खनिज तेल) + प्रचुर सौर ऊर्जा = सहारा देशों का आर्थिक पुनरुद्धार
अल्जीरिया, लीबिया और मिस्र में तेल भंडार मिलने से प्राचीन रेगिस्तानी जीवन आधुनिक उद्योगों में बदल रहा है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
सहारा (गर्म रेगिस्तान) और लद्दाख (ठंडा रेगिस्तान) की भौगोलिक दशाओं और जीवनशैली की तुलना सारणीबद्ध रूप में कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दोनों मरुस्थलों की तुलना निम्नलिखित प्रमुख घटकों के आधार पर की जाती है:

लक्षण सहारा (गर्म रेगिस्तान) लद्दाख (शीत रेगिस्तान)
स्थिति व महाद्वीप उत्तरी अफ्रीका (11 देशों में विस्तृत) भारत (उत्तरी वृहत हिमालय, J&K के पूर्व)
तापमान दिन में 50°C+ तक, रात में 0°C तक ग्रीष्म में दिन 0°C+, शीत में -40°C से नीचे
वर्षा अल्पकालिक, अत्यंत न्यून प्रतिवर्ष 10 सेमी से भी कम (वृष्टि-छाया क्षेत्र)
प्रमुख जीव ऊँट, लकड़बग्घा, सियार, बिच्छू, सांप याक, पश्मीना बकरी, चीरू मृग, जंगली भेड़
संस्कृति व धर्म इस्लाम धर्म, बेदोइन व तुआरेग खानाबदोश तिब्बती बौद्ध (गोम्पा) एवं मुसलमान
उदाहरण 2
सहारा रेगिस्तान के लोग अत्यधिक भारी वस्त्र (Robes) क्यों पहनते हैं? इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

सहारा के बेदोइन और तुआरेग जैसे खानाबदोश लोग ढीले-ढाले लेकिन अत्यधिक भारी वस्त्र और पगड़ी पहनते हैं। इसके प्रमुख वैज्ञानिक कारण हैं:

  • धूल भरी आंधियों से बचाव : रेगिस्तान में अचानक तीव्र गति से धूल और रेत की आंधियां चलती हैं। भारी वस्त्र शरीर की त्वचा को रेत के तेज घर्षण से बचाते हैं।
  • तीव्र धूप व लू से सुरक्षा : 50°C की प्रचंड धूप और सीधी पराबैंगनी किरणों से शरीर के सीधे संपर्क को रोकते हैं।
  • शरीर में जल का संरक्षण : भारी और ढीले कपड़े पसीने के त्वरित वाष्पीकरण को रोकते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन (जल की कमी) होने से बचाव होता है।
  • अत्यधिक ठंडी रातों में गर्माहट : रेगिस्तान में रातें अचानक 0°C तक ठंडी हो जाती हैं, भारी वस्त्र रात की ठंड से भी रक्षा करते हैं।
उदाहरण 3
लद्दाख को 'शीत मरुस्थल' (Cold Desert) क्यों कहा जाता है? यहाँ वर्षा बहुत कम क्यों होती है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. शीत मरुस्थल कहे जाने का कारण : लद्दाख वृहत हिमालय में 3000 से 8000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। अत्यधिक ऊँचाई और विरल वायु के कारण यहाँ वर्ष के अधिकांश समय तापमान शून्य से नीचे रहता है (सर्दियों में -40°C)। मिट्टी और चट्टानें बर्फीली हवाओं से जमी रहती हैं और वनस्पति लगभग नदारद है।

2. वर्षा की कमी का कारण (वृष्टि-छाया प्रभाव) : दक्षिण-पश्चिम मानसून की आर्द्र हवाएं जब भारत में प्रवेश करती हैं, तो हिमालय की विशाल पर्वत श्रेणियां उन्हें रोककर दक्षिण में भारी वर्षा कराती हैं। लद्दाख हिमालय के उत्तर में वृष्टि-छाया क्षेत्र (Leeward / Rain-shadow area) में पड़ता है। मानसूनी बादल इस दीवार को पार नहीं कर पाते, जिससे यहाँ प्रतिवर्ष 10 सेमी से भी कम वर्षा होती है।

उदाहरण 4
चीरू (Chiru) क्या है और इसका शिकार क्यों किया जाता है? पर्यावरणविद् इसके संरक्षण पर इतना जोर क्यों दे रहे हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. परिचय : चीरू को तिब्बती बारहसिंगा (Tibetan Antelope) भी कहा जाता है। यह लद्दाख और तिब्बत के ऊंचे शीत मरुस्थलीय पठार पर पाया जाने वाला एक दुर्लभ वन्यजीव है।

2. शिकार का कारण : इसके बालों से विश्व का सबसे बेहतरीन ऊन बनता है जिसे 'शहतूश' (Shahtoosh) कहा जाता है। शहतूश का ऊन आश्चर्यजनक रूप से अत्यंत हल्का और अत्यधिक गर्म होता है (एक पूरी शॉल एक छोटी सी अंगूठी से निकल सकती है)।

3. संरक्षण का महत्व : शहतूश प्राप्त करने के लिए शिकारी इस निर्दोष जीव को बेरहमी से मार डालते हैं क्योंकि इसके बाल कतरे नहीं जा सकते। अत्यधिक शिकार के कारण चीरू विलुप्ति के कगार पर पहुँच गया है। अतः भारतीय वन्यजीव संरक्षण कानून और CITES के तहत चीरू के शिकार तथा शहतूश के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उदाहरण 5
लद्दाख के लोगों की जीवनशैली प्रकृति के साथ सामंजस्य (Ecological Balance) का एक उत्कृष्ट उदाहरण कैसे है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

लद्दाख में जल, ईंधन, उपजाऊ भूमि और वनस्पतियों की अत्यधिक कमी है। सदियों के अनुभव से लद्दाखियों ने सीखा है कि प्रकृति का दोहन करने के बजाय उसके साथ संतुलन में कैसे जिया जाए:

  • संसाधनों का न्यूनतम उपयोग : पानी की एक-एक बूंद को हिमनदों के पिघलने पर नहरों (कुहल) द्वारा सहेजा जाता है और अत्यधिक मितव्ययिता से उपयोग किया जाता है।
  • शून्य अपशिष्ट (Zero Waste) : मानव और पशु अपशिष्ट का उपयोग खेतों के लिए जैविक खाद बनाने में किया जाता है। कुछ भी फेंका या बर्बाद नहीं किया जाता।
  • सामूहिक सहयोग : शीतकाल के कठोर महीनों में पूरे गांव के लोग धार्मिक उत्सवों, गोम्पाओं और पारंपरिक कार्यों में एक-दूसरे की मदद करते हैं। आधुनिक दुनिया के लिए लद्दाख की यह जीवनशैली सतत विकास (Sustainable Living) का वैश्विक मॉडल है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह मानना कि रेगिस्तान केवल रेत के टीलों और गर्म जलवायु वाला क्षेत्र ही होता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

रेगिस्तान की परिभाषा तापमान से नहीं बल्कि शुष्कता और विरल वनस्पति (अल्प वर्षा) से तय होती है। सहारा गर्म रेगिस्तान है, जबकि लद्दाख और अंटार्कटिका शीत रेगिस्तान (Cold Deserts) हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लद्दाख में विलो (सरपत) की लकड़ी को केवल जलावन लकड़ी समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

लद्दाख की घाटी में उगने वाले सरपत (Willow) की लकड़ी का उपयोग विश्व के सबसे उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बैट बनाने में किया जाता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

पश्मीना और शहतूश को एक ही प्रकार का ऊन मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पश्मीना ऊन पहाड़ी बकरियों के बालों से जीवित पशु को बिना नुकसान पहुँचाए कतरा जाता है; जबकि शहतूश ऊन जंगली चीरू मृग को मारकर अवैध रूप से प्राप्त किया जाता है, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

रेगिस्तान में जीवन : गर्म बनाम शीत मरुस्थल का तुलनात्मक मॉडल सहारा मरुस्थल (गर्म रेगिस्तान) • स्थिति : उत्तरी अफ्रीका (8.54 लाख वर्ग किमी, 11 देश) • तापमान : दिन 50°C+ | रातें हिमांक बिंदु (0°C) के करीब • जल स्रोत : मरुद्यान (Oasis - ताफिलालेट, नील घाटी) • निवासी : बेदोइन व तुआरेग (पशुपालन, भारी वस्त्र) • जीव : ऊँट (रेगिस्तान का जहाज), सियार, बिच्छू • आधुनिक क्रांति : अल्जीरिया, लीबिया, मिस्र में खनिज तेल रेत के टीले व गर्म चट्टानी पठार लद्दाख मरुस्थल (शीत रेगिस्तान) • स्थिति : वृहत हिमालय (काराकोरम व जास्कर के मध्य) • तापमान : ग्रीष्म 0°C+ | शीतकाल में -40°C से नीचे • वर्षा : वृष्टि-छाया क्षेत्र (< 10 सेमी वार्षिक) • निवासी : बौद्ध व मुस्लिम (हेमिस, थिकसे गोम्पा) • जीव : याक, पश्मीना बकरी, चीरू (शहतूश ऊन) • वनस्पति : विलो क्रिकेट बैट, पॉप्लर, खुबानी बर्फीली चोटियाँ, दर्रे एवं प्राकृतिक संतुलन

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
रेगिस्तान एक ऐसा शुष्क प्रदेश है जहाँ अत्यधिक उच्च अथवा अत्यधिक निम्न तापमान, अल्प वर्षा (< 25 सेमी) और विरल वनस्पति पाई जाती है।
मुख्य बिंदु 2
सहारा विश्व का सबसे विशाल गर्म रेगिस्तान है जो उत्तरी अफ्रीका के 11 देशों में लगभग 8.54 लाख वर्ग किमी में फैला है।
मुख्य बिंदु 3
सहारा में दिन का तापमान 50°C से ऊपर पहुँच जाता है जबकि रातें 0°C के समीप अत्यधिक ठंडी हो जाती हैं।
मुख्य बिंदु 4
सहारा में बेदोइन और तुआरेग खानाबदोश जनजातियाँ धूल भरी आंधियों और धूप से बचने के लिए भारी वस्त्र पहनती हैं।
मुख्य बिंदु 5
अल्जीरिया, लीबिया और मिस्र में खनिज तेल (पेट्रोलियम) की खोज ने सहारा की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को आधुनिक औद्योगिक युग में बदल दिया है।
मुख्य बिंदु 6
लद्दाख भारत के उत्तर में वृहत हिमालय में स्थित एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जो उत्तर में काराकोरम और दक्षिण में जास्कर पर्वत से घिरा है।
मुख्य बिंदु 7
लद्दाख हिमालय के वृष्टि-छाया क्षेत्र में होने के कारण प्रतिवर्ष 10 सेमी से भी कम वर्षा प्राप्त करता है और यहाँ वायु परत बहुत पतली है।
मुख्य बिंदु 8
लद्दाख की सरपत (विलो / Willow) लकड़ी से विश्व के सबसे बेहतरीन क्रिकेट बैट बनाए जाते हैं।
मुख्य बिंदु 9
चीरू (तिब्बती बारहसिंगा) का शिकार उसके अत्यंत हल्के व गर्म 'शहतूश' ऊन के लिए किया जाता है, जो अब संकटापन्न व प्रतिबंधित है।
मुख्य बिंदु 10
लद्दाख के लोग (बौद्ध व मुस्लिम) हेमिस व थिकसे जैसे गोम्पाओं के साथ जुड़े हैं और जल व ईंधन का अत्यंत मितव्ययिता से सतत उपयोग करते हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
सहारा रेगिस्तान विश्व के किस महाद्वीप में स्थित है और यह कितने देशों में फैला है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: अफ्रीका महाद्वीप, 11 देशों में (अल्जीरिया, चाड, मिस्र, लीबिया, माली, मॉरीतानिया, मोरक्को, नाइजर, सूडान, ट्यूनीशिया और पश्चिमी सहारा)।
सहारा लगभग 8.54 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ उत्तरी अफ्रीका के 11 देशों में विस्तृत दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है।
2
लद्दाख किन दो प्रमुख पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: उत्तर में काराकोरम पर्वत श्रेणी और दक्षिण में जास्कर पर्वत श्रेणी।
लद्दाख वृहत हिमालय के उत्तर-पूर्वी भाग में काराकोरम और जास्कर पर्वत श्रेणियों के मध्य सिंधु नदी घाटी में बसा है।
3
लद्दाख में पाए जाने वाले किस पेड़ की लकड़ी से विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट बैट बनाए जाते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: सरपत (विलो / Willow) वृक्ष की लकड़ी से।
लद्दाख की घाटी में उगने वाले विलो (सरपत) की लकड़ी बहुत मजबूत और हल्की होती है, जिससे दुनिया के सबसे बेहतरीन क्रिकेट बैट निर्मित होते हैं।
4
चीरू (तिब्बती बारहसिंगा) का शिकार किस विशेष वस्तु को प्राप्त करने के लिए किया जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: शहतूश (Shahtoosh) ऊन के लिए।
चीरू के बालों से अत्यंत हल्का और अत्यधिक गर्म शहतूश ऊन तैयार होता है, जिसके अत्यधिक शिकार के कारण यह जीव संकटापन्न हो गया है।
5
सहारा के किन देशों में खनिज तेल (पेट्रोलियम) की खोज ने वहाँ के जीवन को बदल दिया है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: अल्जीरिया, लीबिया और मिस्र (Egypt)।
इन देशों में बड़े पैमाने पर तेल और प्राकृतिक गैस मिलने से प्राचीन खानाबदोश जीवन की जगह आधुनिक सड़कों, ट्रकों और गगनचुंबी इमारतों ने ले ली है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

कक्षा 7 Social Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: हज़ार वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनों की पड़ताल (Tracing Changes Through a Thousand Years) अध्याय 2: नए राजा और साम्राज्य (New Kings and Kingdoms) अध्याय 3: दिल्ली के सुल्तान (The Delhi Sultans) अध्याय 4: मुगल साम्राज्य (The Mughal Empire) अध्याय 5: शासक और इमारतें (Rulers and Buildings) अध्याय 6: नगर, व्यापारी और शिल्पकार (Towns, Traders and Craftspersons) अध्याय 7: जनजातियां, खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय (Tribes, Nomads and Settled Communities) अध्याय 8: ईश्वर से अनुराग (Devotional Paths to the Divine) अध्याय 9: क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण (The Making of Regional Cultures) अध्याय 10: अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन (Eighteenth-Century Political Formations) अध्याय 11: पर्यावरण (Environment) अध्याय 12: हमारी पृथ्वी के अंदर (Inside Our Earth) अध्याय 13: हमारी बदलती पृथ्वी (Our Changing Earth) अध्याय 14: वायु (Air) अध्याय 15: जल (Water) अध्याय 16: मानव-पर्यावरण अंतःक्रिया: उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र (Human-Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Region) अध्याय 17: रेगिस्तान में जीवन (Life in the Deserts) अध्याय 18: समानता (On Equality) (On Equality) अध्याय 19: स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका (Role of the Government in Health) अध्याय 20: राज्य शासन कैसे काम करता है (How the State Government Works) अध्याय 21: लड़के और लड़कियों के रूप में बड़ा होना (Growing Up as Boys and Girls) अध्याय 22: औरतों ने बदली दुनिया (Women Change the World) अध्याय 23: संचार माध्यमों को समझना (Understanding Media) अध्याय 24: हमारे आस-पास के बाज़ार (Markets Around Us) अध्याय 25: बाज़ार में एक कमीज़ (A Shirt in the Market) अध्याय 26: समानता के लिए संघर्ष (Struggles for Equality)

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

रेगिस्तान में जीवन (Life in the Deserts) में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।