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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Social Science • अध्याय 13
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

हमारी बदलती पृथ्वी (Our Changing Earth)

कक्षा 7 भूगोल का यह अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय "हमारी बदलती पृथ्वी" (Our Changing Earth) पृथ्वी के गतिशील धरातल और स्थलाकृतियों के निर्माण की वैज्ञानिक व्याख्या करता है। इस अध्याय में स्थलमंडलीय प्लेटों की गति, अंतर्जनित बल (भूकंप, ज्वालामुखी) और बहिर्जनित बल (अपक्षय व अपरदन), भूकंप के उद्गम केंद्र व अधिकेंद्र, रिक्टर स्केल मापन (भुज भूकंप केस स्टडी), तथा नदी के कार्य (जलप्रपात, विसर्प, गोखुर झील, डेल्टा), समुद्री तरंगों (तटीय मेहराब, स्टैक), हिमनद (हिमोढ़) एवं पवन द्वारा निर्मित छत्रक शैल, बालू के टिब्बे व लोएस (Loess) का प्रामाणिक व परीक्षा-उपयोगी विश्लेषण शामिल है।

🌊 क्या आपने कभी सोचा है?

🏔️ क्या आप जानते हैं कि जिस जमीन पर हम खड़े हैं, वह वास्तव में तैरती हुई विशाल चट्टानी प्लेटों पर टिकी है जो हर साल कुछ मिलीमीटर खिसक रही हैं?

और जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो एक ही झटके में पूरी पृथ्वी कांप उठती है जिसे हम भूकंप कहते हैं! वहीं दूसरी ओर बहता हुआ पानी, समुद्री लहरें और रेगिस्तान की धूल भरी हवाएं सदियों से कठोर पहाड़ों को तराशकर कभी मशरूम जैसी छत्रक शैल, कभी धनुषाकार तटीय मेहराब और कभी विशाल उपजाऊ डेल्टा बना रही हैं। आइए समझें कि हमारी पृथ्वी का चेहरा हर पल कैसे बदल रहा है!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भूकंप, सुनामी और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जान-माल की रक्षा के लिए भूगर्भीय बलों की वैज्ञानिक समझ जीवन-रक्षक साबित होती है। यह अध्याय हमें सिखाता है कि पृथ्वी का वर्तमान स्थलरूप करोड़ों वर्षों की विनाशकारी और निर्माणकारी शक्तियों के अद्भुत संतुलन का परिणाम है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • पृथ्वी की आंतरिक परतों (पर्पटी, मेंटल व क्रोड) की आधारभूत समझ।
  • नदी, समुद्र, बर्फ और हवा के सामान्य प्राकृतिक कार्य।
  • भूकंप और ज्वालामुखी के समाचारों व आपदाओं का सामान्य अनुभव।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • स्थलमंडलीय प्लेटों (Lithospheric Plates) की गति और उनके संचलन के कारणों को समझना।
  • अंतर्जनित (Endogenic) और बहिर्जनित (Exogenic) बलों में अंतर स्पष्ट करना।
  • भूकंप के उद्गम केंद्र (Focus), अधिकेंद्र (Epicentre) तथा रिक्टर स्केल मापन का विश्लेषण करना।
  • नदी द्वारा निर्मित स्थलरूपों—जलप्रपात, विसर्प (Meander), गोखुर झील (Ox-bow Lake) और डेल्टा के निर्माण को सीखना।
  • समुद्री तरंगों (गुफा, मेहराब, स्टैक, भृगु), हिमनद हिमोढ़ तथा रेगिस्तानी छत्रक शैल व लोएस के अपरदनात्मक कार्यों का मूल्यांकन करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. स्थलमंडलीय प्लेटें और पृथ्वी की...
2 2. ज्वालामुखी और भूकंप: उद्गम केंद्...
3 3. मुख्य स्थलाकृतियां: नदी के कार्य...
4 4. समुद्री तरंगों, हिमनद एवं पवन के...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. स्थलमंडलीय प्लेटें और पृथ्वी की गतियाँ (अंतर्जनित व बहिर्जनित बल)

स्थलमंडल अनेक प्लेटों में विभाजित है जिन्हें स्थलमंडलीय प्लेटें (Lithospheric Plates) कहते हैं। ये प्लेटें हमेशा धीमी गति से चारों ओर घूमती रहती हैं—प्रत्येक वर्ष केवल कुछ मिलीमीटर। यह पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा की वृत्तीय गति के कारण होता है:

पृथ्वी की गतियों को उत्पन्न करने वाले दो प्रमुख बल:
(A) अंतर्जनित बल (Endogenic Forces)

जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में घटित होते हैं।
- आकस्मिक बल (Sudden Forces): भूकंप (Earthquake), ज्वालामुखी (Volcano) और भूस्खलन। इनसे सतह पर अत्यधिक विनाश होता है।
- पटल विरूपण बल (Diastrophic Forces): पर्वत निर्माणकारी बल जो करोड़ों वर्षों में ऊंचे पर्वतों को जन्म देते हैं।

(B) बहिर्जनित बल (Exogenic Forces)

जो बल पृथ्वी की बाह्य सतह पर उत्पन्न होते हैं।
- अपरदन एवं निक्षेपण (Erosion & Deposition): बहता जल (नदी), पवन, समुद्री तरंगें तथा हिमनद (बर्फ) जो लगातार स्थलाकृतियों को घिसते और नए रूप में सजाते हैं।

2. ज्वालामुखी और भूकंप: उद्गम केंद्र, अधिकेंद्र व रिक्टर पैमाना

ज्वालामुखी (Volcano):

ज्वालामुखी भूपर्पटी पर खुला एक ऐसा प्राकृतिक निकास (वेंट/क्रेटर) होता है जिससे पिघले हुए पदार्थ (मैग्मा, राख, गैसें) अचानक बाहर निकलते हैं।

भूकंप (Earthquake):

जब स्थलमंडलीय प्लेटें गति करती हैं, तो पृथ्वी की सतह पर कंपन उत्पन्न होता है। यह कंपन पृथ्वी के चारों ओर गति करता है जिसे भूकंप कहते हैं:

  • उद्गम केंद्र (Focus): भू-पर्पटी के नीचे का वह स्थान जहाँ गति/कंपन प्रारंभ होता है। यह भूकंपीय ऊर्जा का मूल उद्गम बिंदु है।
  • अधिकेंद्र (Epicentre): भू-सतह पर उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर लंबवत स्थित निकटतम स्थान को अधिकेंद्र कहते हैं। कंपन अधिकेंद्र से बाहर की ओर तरंगों के रूप में फैलता है। अधिकेंद्र के निकटतम भाग में सबसे अधिक क्षति होती है और अधिकेंद्र से दूरी बढ़ने पर भूकंप की तीव्रता धीरे-धीरे कम होती जाती है।
भूकंप का मापन: भूकंप का मापन एक यंत्र द्वारा किया जाता है जिसे "भूकंपलेखी" (Seismograph) कहते हैं। भूकंप की तीव्रता "रिक्टर स्केल" (Richter Scale) पर मापी जाती है:
- 2.0 या कम: इसका प्रभाव बहुत कम महसूस होता है।
- 5.0 से अधिक: वस्तुओं के गिरने से क्षति हो सकती है।
- 6.0 या अधिक: अत्यंत शक्तिशाली और 7.0 या अधिक महाविनाशकारी माना जाता है (उदा. 26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में 6.9 तीव्रता का भयंकर भूकंप)।

3. मुख्य स्थलाकृतियां: नदी के कार्य (जलप्रपात, विसर्प, गोखुर झील व डेल्टा)

धरातल पर दो प्रक्रियाओं द्वारा स्थलरूपों का निरंतर निर्माण होता है: अपक्षय (Weathering) यानी चट्टानों का अपने स्थान पर टूटना, और अपरदन (Erosion) यानी जल, हवा द्वारा मलबे को बहाकर ले जाना:

नदी के कार्य (Work of a River):
  • जलप्रपात (Waterfall): जब नदी किसी खड़े ढाल वाले स्थान से अत्यधिक कठोर शैल या घाटी में लंबवत नीचे गिरती है, तो जलप्रपात बनता है (जैसे वेनेजुएला का एंजेल जलप्रपात—विश्व का सबसे ऊंचा, नियाग्रा जलप्रपात—कनाडा-अमेरिका सीमा, तथा विक्टोरिया जलप्रपात—अफ्रीका)।
  • विसर्प (Meander): जब नदी मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो वह मोड़दार मार्ग पर बहने लगती है। नदी के इन बड़े मोड़ों को विसर्प कहते हैं।
  • गोखुर झील (Ox-bow Lake): विसर्प लूप के सिरों पर निरंतर अपरदन व निक्षेपण से सिरे निकट आते जाते हैं। समय के साथ विसर्प लूप नदी से कट जाता है और एक अलग चापाकार झील बनाता है जिसे गोखुर झील कहते हैं।
  • बाढ़कृत मैदान व तटबंध: नदी जब तटों से बाहर बहती है, तो महीन मिट्टी और अवसाद जमाकर उपजाऊ बाढ़कृत मैदान बनाती है। नदी के दोनों किनारों पर बने ऊंचे तटों को प्राकृतिक तटबंध (Levees) कहते हैं।
  • डेल्टा (Delta): समुद्र में गिरने से पहले नदी की गति अत्यंत धीमी हो जाती है और वह कई शाखाओं (वितरिकाओं) में बंट जाती है। सभी मुहानों के अवसादों के संग्रह से त्रिभुजाकार डेल्टा का निर्माण होता है (जैसे सुंदरबन डेल्टा)।

4. समुद्री तरंगों, हिमनद एवं पवन के कार्य (छत्रक शैल व लोएस)

(A) समुद्री तरंगें

तरंगें लगातार चट्टानों से टकराकर दरारें बनाती हैं जो बड़ी होकर समुद्री गुफा बनती हैं। गुफा के आर-पार होने पर केवल छत बचती है जिसे तटीय मेहराब (Sea Arch) कहते हैं। छत टूटने पर बची दीवारें स्टैक (Stack) कहलाती हैं। समुद्र तट पर ऊंचे खड़े चट्टानी तट समुद्र भृगु (Sea Cliff) कहलाते हैं।

(B) हिमनद (बर्फ की नदियां)

हिमनद अपने नीचे की कठोर चट्टानों को घिसकर गहरे गर्त बनाती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ पिघलने पर उन गर्तों में जल भर जाता है और वे सुंदर झील बन जाते हैं। हिमनद द्वारा लाए गए छोटे-बड़े पत्थर, रेत और गाद के निक्षेप हिमनद हिमोढ़ (Glacial Moraine) का निर्माण करते हैं।

(C) पवन के कार्य (रेगिस्तान)

रेगिस्तान में पवन निचली शैल को ऊपर की तुलना में तेजी से काटती है, जिससे छत्रक शैल (Mushroom Rocks) बनती हैं जिनका आधार संकरा और शीर्ष चौड़ा होता है। हवा रुकने पर रेत की छोटी पहाड़ियां बालू का टिब्बा (Sand Dunes) बनती हैं। जब महीन कण बहुत दूर जाकर विस्तृत क्षेत्र में जमा होते हैं, तो उसे लोएस (Loess) कहते हैं (चीन में विशाल लोएस निक्षेप)।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

पृथ्वी के बल वर्गीकरण
अंतर्जनित बल (आंतरिक / भूकंप व ज्वालामुखी) + बहिर्जनित बल (सतही / नदी, पवन व हिम)
स्थलाकृति निर्माण के मूल कारक
भूकंप केंद्र संबंध
उद्गम केंद्र (भूगर्भ में ऊर्जा स्रोत) ➔ अधिकेंद्र (धरातल पर लंबवत निकटतम बिंदु)
अधिकेंद्र पर सर्वाधिक क्षति
नदी स्थलरूप विकास
जलप्रपात ➔ विसर्प ➔ गोखुर झील (Ox-bow) ➔ डेल्टा
पर्वत से समुद्र तक की यात्रा
समुद्री अपरदन क्रम
समुद्री गुफा ➔ तटीय मेहराब (Sea Arch) ➔ स्टैक (Stack) ➔ समुद्र भृगु
लहरों की अनवरत चोट
रेगिस्तानी पवन स्थलरूप
छत्रक शैल (Mushroom Rock) + बालू का टिब्बा + लोएस निक्षेप
पवन अपरदन व निक्षेपण

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
Q1 (भूकंपीय अंतर): भूकंप के "उद्गम केंद्र" (Focus) और "अधिकेंद्र" (Epicentre) में क्या अंतर है? किस स्थान पर सबसे अधिक विनाश होता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. उद्गम केंद्र (Focus): भू-पर्पटी के नीचे भूगर्भ में वह वास्तविक गहराई का बिंदु जहाँ स्थलमंडलीय प्लेटों के खिसकने से चट्टानें टूटती हैं और भूकंपीय कंपन/ऊर्जा प्रारंभ होती है, उसे उद्गम केंद्र कहते हैं।
2. अधिकेंद्र (Epicentre): उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की धरातलीय सतह पर स्थित लंबवत निकटतम बिंदु को अधिकेंद्र कहते हैं।
3. विनाश का स्तर: सबसे अधिक विनाश और जान-माल की हानि अधिकेंद्र के बिल्कुल निकटवर्ती क्षेत्र में होती है। जैसे-जैसे अधिकेंद्र से दूरी बढ़ती जाती है, भूकंपीय तरंगों की ऊर्जा बिखरने के कारण तीव्रता और नुकसान धीरे-धीरे कम होता जाता है।

उदाहरण 2
Q2 (नदी स्थलाकृति निर्माण): "गोखुर झील" (Ox-bow Lake) का निर्माण किस प्रकार होता है? सचित्र समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. विसर्प का घुमाव: जब कोई नदी मैदानी भाग में बहती है, तो वह सीधे बहने के बजाय एस-आकार (S-shaped) के बड़े घुमावों में बहती है जिन्हें विसर्प (Meander) कहते हैं।
2. किनारों का कटाव: विसर्प लूप के बाहरी किनारे पर पानी का तेज बहाव लगातार अपरदन (कटाव) करता है और अंदरूनी किनारे पर मिट्टी जमा होती जाती है। इससे विसर्प लूप के दोनों सिरे एक-दूसरे के अत्यधिक पास आने लगते हैं।
3. लूप का अलग होना: बाढ़ या तेज बहाव के समय नदी घुमावदार चक्कर छोड़कर सीधे मार्ग से बहने लगती है। फलस्वरूप घुमावदार लूप मुख्य नदी से पूरी तरह कटकर अलग हो जाता है। इस कटे हुए चापाकार जल क्षेत्र को गोखुर झील (Ox-bow Lake) कहते हैं क्योंकि इसका आकार गाय के खुर (पैर) जैसा होता है।

उदाहरण 3
Q3 (रेगिस्तानी भू-आकृति): रेगिस्तान में "छत्रक शैल" (Mushroom Rocks) कैसे बनती हैं? उनका आकार मशरूम जैसा क्यों होता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. पवन की प्रकृति: रेगिस्तानी क्षेत्रों में पवन (हवा) अपरदन और निक्षेपण का सबसे शक्तिशाली साधन है। पवन के साथ उड़ने वाले भारी रेत के कण जमीन से 1 से 2 मीटर की ऊंचाई तक ही उड़ते हैं, ऊपर केवल बहुत हल्के कण होते हैं।
2. निचले भाग का तीव्र कटाव: जब रेत भरी तेज हवा किसी खड़ी चट्टान से टकराती है, तो वह चट्टान के निचले हिस्से को भारी रेत के घर्षण से बहुत तेजी से घिसकर काट देती है, जबकि ऊपरी हिस्से पर कटाव बहुत धीमा होता है।
3. परिणाम: समय बीतने पर चट्टान का निचला आधार अत्यंत संकरा और पतला हो जाता है जबकि ऊपरी सिरा चौड़ा और छतरीनुमा बना रहता है। देखने में यह कुकुरमुत्ते (Mushroom) जैसी लगती है, इसलिए इसे छत्रक शैल कहते हैं।

उदाहरण 4
Q4 (समुद्री तटीय विकास): समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित "तटीय मेहराब" (Sea Arch) और "स्टैक" (Stack) की निर्माण प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. समुद्री गुफा: समुद्री तरंगें लगातार तटीय चट्टानों से टकराकर उनमें दरारें बनाती हैं। समय के साथ ये दरारें बड़ी होकर खोखली गुफा जैसी बन जाती हैं जिन्हें समुद्री गुफा कहते हैं।
2. तटीय मेहराब (Sea Arch): जब लहरों का कटाव जारी रहता है, तो गुफा इतनी चौड़ी हो जाती है कि आर-पार छेद हो जाता है और केवल ऊपर की छत शेष बचती है। इस पुल या चाप जैसी आकृति को तटीय मेहराब कहते हैं।
3. स्टैक (Stack): निरंतर अपरदन से जब छत भी टूटकर गिर जाती है और केवल खंभे जैसी सीधी खड़ी चट्टानी दीवारें ही समुद्र में बची रह जाती हैं, तो इन एकाकी खंभों को स्टैक कहा जाता है।

उदाहरण 5
Q5 (पवन निक्षेप): "लोएस" (Loess) क्या है और यह विश्व के किस देश में सबसे बड़े पैमाने पर पाया जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. लोएस की परिभाषा: जब रेगिस्तान या शुष्क मैदानों में चलने वाली तेज हवाएं अत्यंत बारीक, चिकने और हल्के बालू-कणों व धूल को उड़ाकर अपने साथ हजारों किलोमीटर दूर तक ले जाती हैं, और जब हवा की गति धीमी होने पर यह महीन पीली धूल किसी विस्तृत क्षेत्र में समतल चादर के रूप में जमा हो जाती है, तो ऐसे उपजाऊ निक्षेप को लोएस (Loess) कहा जाता है।
2. वैश्विक उदाहरण: विश्व में सबसे विशाल और प्रसिद्ध लोएस के निक्षेप उत्तरी चीन में ह्वांगहो (पीली नदी) के बेसिन में पाए जाते हैं, जहां लोएस की परतें सैकड़ों फीट मोटी हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

भूकंप के उद्गम केंद्र और अधिकेंद्र को एक ही मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

उद्गम केंद्र पृथ्वी के अंदर गहराई में स्थित वह बिंदु है जहाँ भूकंप आरंभ होता है; अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह पर उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर का निकटतम बिंदु होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

छत्रक शैल (Mushroom rock) को जल द्वारा निर्मित स्थलाकृति समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

छत्रक शैल रेगिस्तान में पवन (हवा) द्वारा चट्टान के निचले हिस्से को तेजी से घिसने के कारण बनती है, यह नदी या जल की आकृति नहीं है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

गोखुर झील को समुद्र किनारे की झील समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

गोखुर झील मैदानी भागों में नदी के विसर्प (लूप) के कट जाने से बनती है; यह तटीय लैगून झील नहीं है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

पृथ्वी की परिवर्तनकारी शक्तियों एवं स्थलरूपों का चक्र
प्लेट संचलन (मैग्मा वृत्तीय गति) ➔ अंतर्जनित (भूकंप व ज्वालामुखी) ➔ नदी (जलप्रपात ➔ विसर्प ➔ डेल्टा) ➔ समुद्री तरंगें (मेहराब व स्टैक) ➔ पवन (छत्रक शैल व लोएस)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
स्थलमंडल अनेक प्लेटों में बंटा है जो पिघले मैग्मा की वृत्तीय गति से प्रति वर्ष कुछ मिलीमीटर खिसकती हैं।
मुख्य बिंदु 2
पृथ्वी की गतियों के दो कारक हैं: अंतर्जनित बल (आंतरिक / भूकंप, ज्वालामुखी) तथा बहिर्जनित बल (सतही / अपरदन)।
मुख्य बिंदु 3
भूगर्भ में जहाँ कंपन शुरू होता है उसे उद्गम केंद्र तथा ठीक ऊपर सतह के निकटतम बिंदु को अधिकेंद्र कहते हैं।
मुख्य बिंदु 4
भूकंप का मापन भूकंपलेखी द्वारा तथा तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है; 7.0 से अधिक तीव्रता विनाशकारी होती है।
मुख्य बिंदु 5
26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज शहर में 6.9 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था।
मुख्य बिंदु 6
नदी के कठोर चट्टान से गिरने पर जलप्रपात तथा मैदानों में बड़े मोड़ों को विसर्प (Meander) कहा जाता है।
मुख्य बिंदु 7
विसर्प लूप के कटने से गोखुर झील (Ox-bow Lake) तथा मुहाने पर अवसादों के जमाव से डेल्टा बनता है।
मुख्य बिंदु 8
समुद्री लहरों के कटाव से समुद्री गुफा, तटीय मेहराब (Sea Arch), स्टैक और समुद्र भृगु का निर्माण होता है।
मुख्य बिंदु 9
हिमनद के पत्थरों और मलबे के जमाव से हिमनद हिमोढ़ (Glacial Moraine) बनता है।
मुख्य बिंदु 10
रेगिस्तान में पवन अपरदन से छत्रक शैल, रेत के टीलों से बालू का टिब्बा तथा अत्यंत बारीक धूल से चीन में विशाल लोएस निक्षेप बनते हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
भूकंप की तीव्रता मापने वाले पैमाने (Scale) का क्या नाम है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: भूकंप की तीव्रता मापने वाले वैज्ञानिक पैमाने का नाम "रिक्टर स्केल" (Richter Scale) है।
2
विश्व का सबसे ऊंचा जलप्रपात कौन-सा है और यह किस देश में स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: विश्व का सबसे ऊंचा जलप्रपात "एंजेल जलप्रपात" (Angel Falls) है, जो दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला देश में स्थित है।
3
नदी के विसर्प लूप के मुख्य धारा से कट जाने पर बनने वाली चापाकार झील को क्या कहते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नदी के विसर्प लूप के कटने से अलग बनने वाली झील को "गोखुर झील" (Ox-bow Lake) कहते हैं।
4
रेगिस्तान में मशरूम के आकार की बनने वाली विशिष्ट शैलों को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: रेगिस्तान में मशरूम के आकार की बनने वाली शैलों को "छत्रक शैल" (Mushroom Rocks) कहा जाता है।
5
पवन द्वारा उड़ाई गई अत्यधिक बारीक बालू के विस्तृत निक्षेप को क्या कहते हैं और यह किस देश में सबसे अधिक है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: पवन द्वारा दूर तक उड़ाई गई बारीक बालू के विस्तृत निक्षेप को "लोएस" (Loess) कहते हैं और इसके सबसे विशाल निक्षेप चीन में पाए जाते हैं।
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