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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Social Science • अध्याय 23
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

संचार माध्यमों को समझना (Understanding Media)

इस अध्याय में हम जनसंचार माध्यमों (Mass Media) और प्रौद्योगिकी के विकास, मीडिया और बड़े व्यापारिक घरानों के वित्तीय गठजोड़, विज्ञापनों की भूमिका, लोकतंत्र में निष्पक्ष व संतुलित रिपोर्ट (Balanced Report) की आवश्यकता, सरकारी सेंसरशिप तथा मीडिया द्वारा "एजेंडा तय करने" (Setting the Agenda) की शक्ति का आलोचनात्मक अध्ययन करेंगे।

क्या टीवी पर जो खबर आप देखते हैं, वह देश की सबसे बड़ी समस्या है या किसी विज्ञापनदाता का मुनाफा?

जब किसी बड़े शहर में फैशन वीक के कपड़ों को प्राइम-टाइम टीवी पर घंटों दिखाया जाता है, जबकि उसी शहर के पास गंदे पानी से मरते बच्चों या तोड़ी जाती झुग्गियों की खबर को एक सेकंड भी नहीं मिलता, तो सवाल उठता है कि हमारी सोच को कौन नियंत्रित कर रहा है? मीडिया केवल सूचना का साधन नहीं है, बल्कि वह यह तय करता है कि हमें किस मुद्दे पर सोचना चाहिए और किस पर चुप रहना चाहिए।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

एक जीवंत लोकतंत्र में जागरूक और तटस्थ नागरिक बनने के लिए मीडिया साक्षरता (Media Literacy) अनिवार्य है। इस अध्याय से विद्यार्थी यह समझ पाते हैं कि किसी भी समाचार के पीछे कॉर्पोरेट हितों, विज्ञापनों और राजनीतिक प्राथमिकताओं को कैसे परखा जाए और निष्पक्ष एवं संतुलित दृष्टिकोण कैसे विकसित किया जाए।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी और सरकार की जवाबदेही की बुनियादी समझ।
  • संचार के विभिन्न साधनों (समाचार पत्र, टीवी, रेडियो, इंटरनेट) का सामान्य परिचय।
  • विज्ञापन और विपणन की प्राथमिक अवधारणा।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • मास मीडिया (Mass Media) की परिभाषा और प्रिंट मीडिया बनाम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रौद्योगिकी के प्रभाव को समझना।
  • मीडिया के संचालन में लगने वाली विशाल पूंजी और बड़े व्यापारिक घरानों (Corporate Houses) पर उसकी वित्तीय निर्भरता का विश्लेषण करना।
  • एक संतुलित रिपोर्ट (Balanced Report) के आवश्यक तत्वों और अधूरी व पक्षपाती खबरों के खतरों को पहचानना।
  • सेंसरशिप (Censorship) की अवधारणा और भारतीय लोकतंत्र में इसके ऐतिहासिक उदाहरणों (जैसे 1975 का आपातकाल) को जानना।
  • 'एजेंडा तय करने' (Setting the Agenda) की प्रक्रिया और स्थानीय जन-मुद्दों को उठाने में दलित महिलाओं के अखबार 'खबर लहरिया' के योगदान का मूल्यांकन करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. संचार माध्यम और प्रौद्योगिकी (Me...
2 2. संचार माध्यम और धन : कॉर्पोरेट न...
3 3. मीडिया और लोकतंत्र : संतुलित रिप...
4 4. एजेंडा तय करना एवं स्थानीय मीडिय...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. संचार माध्यम और प्रौद्योगिकी (Media and Technology)

मीडिया (Media) अंग्रेजी शब्द 'Medium' का बहुवचन है जिसका अर्थ है माध्यम। जब संचार माध्यम देश और विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों तक एक साथ पहुँचते हैं, तो उन्हें मास मीडिया (Mass Media / जनसंचार माध्यम) कहा जाता है।

प्रिंट मीडिया (मुद्रित माध्यम)

समाचार पत्र, पत्रिकाएं और पुस्तकें प्रिंट मीडिया के उदाहरण हैं। 15वीं सदी में जोहानेस गुटेनबर्ग द्वारा प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार ने ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में पहली क्रांति की।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं उपग्रह

टीवी, रेडियो और इंटरनेट। 1926 में जॉन एल. बेयर्ड (John L. Baird) द्वारा टेलीविजन के आविष्कार तथा भू-स्थिर उपग्रहों (Satellites) ने दुनिया को एक 'वैश्विक गांव' (Global Village) बना दिया है।

प्रौद्योगिकी में निरंतर बदलाव का प्रभाव

प्रौद्योगिकी केवल ध्वनि और चित्रों की गुणवत्ता को ही बेहतर नहीं बनाती, बल्कि यह हमारे सोचने के तरीके को भी बदल देती है। आज हम टेलीविजन और इंटरनेट के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।

2. संचार माध्यम और धन : कॉर्पोरेट नियंत्रण एवं विज्ञापन (Media, Money & Advertising)

मास मीडिया की आधुनिक तकनीकों (जैसे सैटेलाइट लिंक, अत्याधुनिक कैमरे, साउंड रिकॉर्डर, स्टूडियो की रोशनी और समाचार वाचकों के वेतन) पर अरबों रुपये खर्च होते हैं।

कॉर्पोरेट घरानों का स्वामित्व

इस भारी लागत के कारण अधिकांश प्रमुख समाचार पत्र और टीवी चैनल बड़े व्यापारिक घरानों (Corporate Houses) के स्वामित्व में आ गए हैं। इसका परिणाम यह है कि मीडिया उन कॉर्पोरेट घरानों के व्यापारिक हितों के खिलाफ निष्पक्ष रिपोर्टिंग नहीं कर पाता।

राजस्व का मुख्य स्रोत : विज्ञापन (Advertising)

मीडिया कंपनियों की आय का सबसे बड़ा और प्रमुख स्रोत विज्ञापन है। कारों, चॉकलेट, मोबाइल, साबुन, शैम्पू और कपड़ों के विज्ञापन कार्यक्रमों के बीच बार-बार दिखाए जाते हैं:

  • क्रिकेट मैच या लोकप्रिय धारावाहिक के दौरान हर ओवर या ब्रेक में वही विज्ञापन बार-बार दिखाया जाता है ताकि दर्शक के अवचेतन मन में उत्पाद बैठ जाए और वह बाजार जाकर उसे खरीदे।
  • प्राइम-टाइम में टीवी पर 10 सेकंड के विज्ञापन की कीमत ₹1 लाख से लेकर ₹10 लाख तक हो सकती है।

3. मीडिया और लोकतंत्र : संतुलित रिपोर्ट एवं सेंसरशिप (Balanced Report & Censorship)

लोकतंत्र में संचार माध्यम नागरिकों को देश और दुनिया की घटनाओं की निष्पक्ष जानकारी देकर जनमत (Public Opinion) तैयार करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संतुलित रिपोर्ट (Balanced Report)

एक संतुलित रिपोर्ट वह होती है जिसमें किसी विवाद या घटना के सभी पक्षों के दृष्टिकोण को ईमानदारी से सामने रखा जाता है और पाठकों/दर्शकों को अपनी स्वतंत्र राय बनाने की छूट दी जाती है। एकपक्षीय खबर जनता को गुमराह करती है।

सेंसरशिप (Censorship)

जब सरकार समाचार के किसी अंश, फिल्म के किसी दृश्य या गीत के बोल को जनसाधारण तक पहुँचने से प्रतिबंधित कर देती है, तो उसे सेंसरशिप कहते हैं। भारत में 1975 से 1977 के आपातकाल (Emergency) के दौरान मीडिया पर सबसे कठोर सेंसरशिप लगाई गई थी।

4. एजेंडा तय करना एवं स्थानीय मीडिया : खबर लहरिया (Setting Agendas & Khabar Lahriya)

मीडिया यह तय करने में भारी भूमिका निभाता है कि किन मुद्दों पर जनता का ध्यान केंद्रित किया जाए और किन मुद्दों को दरकिनार कर दिया जाए। इसे 'एजेंडा तय करना' (Setting the Agenda) कहा जाता है।

एजेंडा तय करने का सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव

  • सकारात्मक उदाहरण (शीतल पेयों में कीटनाशक) : जब मीडिया ने कोला पेयों में खतरनाक कीटनाशकों (Pesticides) की मौजूदगी की रिपोर्टिंग की, तो सरकार को खाद्य सुरक्षा मानक तय करने पर मजबूर होना पड़ा।
  • नकारात्मक उदाहरण (प्राथमिकताओं की अनदेखी) : देश में पीने के साफ पानी की कमी या झुग्गियों को तोड़े जाने जैसी गंभीर मानवीय समस्याओं को नजरअंदाज कर अमीर मॉडलों के 'फैशन वीक' को मुख्य समाचार बना दिया जाता है।

स्थानीय मीडिया की क्रांति : "खबर लहरिया" (Khabar Lahriya)

राष्ट्रीय मीडिया द्वारा ग्रामीण समस्याओं की उपेक्षा के जवाब में स्थानीय मीडिया उभरा है। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में 8 दलित महिलाओं के समूह द्वारा स्थानीय बुंदेली भाषा में 'खबर लहरिया' नामक आठ पन्नों का पाक्षिक अखबार निकाला जाता है। यह अखबार दलितों पर हिंसा, बंधुआ मजदूरी, पुलिस ज्यादती और राशन दुकानों के भ्रष्टाचार पर निडर रिपोर्टिंग करता है।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

संतुलित रिपोर्ट कसौटी (Balanced Report Standard)
संतुलित रिपोर्ट = पक्ष A का दृष्टिकोण + पक्ष B का दृष्टिकोण + वस्तुनिष्ठ तथ्य + पाठक की स्वतंत्र राय
एकपक्षीय या पीत पत्रकारिता (Yellow Journalism) लोकतांत्रिक चेतना को नष्ट करती है।
एजेंडा सेटिंग समीकरण (Agenda Setting Dynamic)
मीडिया कवरेज प्राथमिकता ➔ जन-चर्चा का केंद्र ➔ सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप अथवा उपेक्षा
मीडिया तय करता है कि जनता किस मुद्दे को महत्वपूर्ण माने और किसे भूल जाए।
मास मीडिया वित्तीय चक्र (Media Revenue Loop)
भारी तकनीकी लागत ➔ कॉर्पोरेट वित्तपोषण ➔ निरंतर विज्ञापन प्रसारण ➔ उपभोक्ता खरीदारी
विज्ञापनदाताओं पर निर्भरता मीडिया की निष्पक्षता को सबसे अधिक प्रभावित करती है।
सेंसरशिप विधिक सूत्र (Censorship Formula)
राज्य सत्ता द्वारा सूचना/दृश्य का विधिक प्रतिषेध = सेंसरशिप (Censorship)
1975-1977 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र में सेंसरशिप का सबसे काला अध्याय माना जाता है।
स्थानीय मीडिया सशक्तीकरण मॉडल
स्थानीय भाषा (बुंदेली) + दलित महिला पत्रकार = जमीनी जन-मुद्दों का साहसिक प्रकटन (Khabar Lahriya)
राष्ट्रीय मीडिया की अनदेखी के विरुद्ध चित्रकूट (UP) की महिलाओं का ऐतिहासिक मॉडल।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
जनसंचार माध्यम (Mass Media) क्या हैं और आधुनिक तकनीक ने इनके प्रभाव को किस प्रकार क्रांतिकारी रूप से बदल दिया है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. अर्थ : जब टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिकाएं और इंटरनेट जैसे संचार माध्यम एक साथ देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों तक सूचनाएं पहुँचाते हैं, तो उन्हें मास मीडिया (जनसंचार माध्यम) कहा जाता है।

2. तकनीक का क्रांतिकारी प्रभाव :

  • वैश्विक गांव (Global Village) : उपग्रहों और केबल टीवी के जरिए अमेरिका या यूरोप में घटित घटना को भारत के ग्रामीण क्षेत्र में बैठा व्यक्ति भी सीधे सजीव (Live) देख सकता है।
  • जनमत निर्माण : आधुनिक तकनीक ने समाचारों को अत्यधिक दृश्यमान और प्रभावशाली बना दिया है, जिससे लोग किसी भी मुद्दे पर तुरंत अपनी राय बना लेते हैं।
उदाहरण 2
मास मीडिया और बड़े व्यापारिक घरानों (Corporate Houses) के बीच क्या संबंध है? यह मीडिया की स्वतंत्रता को कैसे प्रभावित करता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. वित्तीय संबंध : मास मीडिया चलाने के लिए आधुनिक स्टूडियो, सैटेलाइट लिंक, कैमरे और महंगे स्टाफ की आवश्यकता होती है जिसके लिए भारी पूंजी चाहिए। इस कारण अधिकांश मीडिया संस्थान बड़े व्यापारिक घरानों के स्वामित्व में आ गए हैं।

2. स्वतंत्रता पर प्रभाव :

  • मीडिया कंपनियां उन बड़े व्यापारिक घरानों और कंपनियों के खिलाफ कभी कोई नकारात्मक खबर नहीं दिखातीं जो उन्हें लाखों-करोड़ों रुपयों के विज्ञापन देते हैं।
  • खबरों का चयन जनहित के बजाय टीआरपी (TRP) और विज्ञापनदाताओं को खुश करने के आधार पर होने लगता है, जिससे मीडिया अपनी निष्पक्षता खो देता है।
उदाहरण 3
एक 'संतुलित रिपोर्ट' (Balanced Report) से आप क्या समझते हैं? लोकतंत्र में इसका क्या महत्व है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. संतुलित रिपोर्ट का अर्थ : संतुलित रिपोर्ट वह होती है जिसमें किसी विवाद या घटना के सभी पक्षों (जैसे सरकार का पक्ष, प्रभावित जनता का पक्ष और विशेषज्ञों की राय) को बिना किसी पक्षपात के समान स्थान दिया जाता है। पत्रकार अपनी निजी राय थोपने के बजाय निर्णय पाठकों या दर्शकों के विवेक पर छोड़ देता है।

2. लोकतंत्र में महत्व : लोकतंत्र में नागरिक मीडिया की खबरों के आधार पर ही यह तय करते हैं कि सरकार सही काम कर रही है या नहीं। यदि रिपोर्ट एकतरफा या भ्रामक होगी, तो नागरिक सही निर्णय नहीं ले पाएंगे और सरकार की मनमानी पर अंकुश नहीं लग सकेगा।

उदाहरण 4
मीडिया द्वारा 'एजेंडा तय करने' (Setting the Agenda) का क्या तात्पर्य है? इसके दो विपरीत उदाहरण दीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. तात्पर्य : जब मीडिया यह तय करता है कि किस विषय को प्रमुखता से बार-बार दिखाया जाए ताकि वह जनता और सरकार की सोच का मुख्य मुद्दा बन जाए, तो इसे 'एजेंडा तय करना' कहते हैं।

2. दो विपरीत उदाहरण :

  • सकारात्मक उदाहरण : जब मीडिया ने कोला पेयों में कीटनाशकों की खतरनाक मात्रा पर निरंतर रिपोर्ट दिखाई, तो देशव्यापी बहस छिड़ गई और सरकार को कड़े सुरक्षा नियम लागू करने पड़े।
  • नकारात्मक उदाहरण : देश की राजधानी में आयोजित 'फैशन वीक' में अमीर मॉडलों के कपड़ों को मीडिया फ्रंट पेज पर दिखाता है, जबकि उसी हफ्ते हजारों गरीबों की झुग्गियां ढहाए जाने या पेयजल संकट की गंभीर खबर को पूरी तरह दबा दिया जाता है।
उदाहरण 5
'खबर लहरिया' (Khabar Lahriya) क्या है और यह मुख्यधारा के मीडिया से किस प्रकार भिन्न है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. परिचय : 'खबर लहरिया' उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिलों में 8 दलित महिलाओं के समूह द्वारा स्थानीय बुंदेली भाषा में निकाला जाने वाला आठ पन्नों का पाक्षिक समाचार पत्र है।

2. मुख्यधारा से भिन्नता :

  • मुख्यधारा का मीडिया बड़े शहरों, कॉरपोरेट जगत और मशहूर हस्तियों की चमक-दमक दिखाता है, जबकि 'खबर लहरिया' सीधे गांवों के दलितों, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के जीवन से जुड़े मुद्दे उठाता है।
  • यह स्थानीय भाषा में छपता है जिससे कम पढ़े-लिखे ग्रामीण और महिलाएं भी इसे आसानी से पढ़ और समझ सकते हैं। इसने स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और पुलिस की मनमानी को उजागर करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह मान लेना कि टीवी और अखबारों में जो कुछ भी दिखाया या लिखा जाता है, वह पूर्णतः सत्य और निष्पक्ष होता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अधिकांश मीडिया संस्थान बड़े व्यापारिक घरानों और विज्ञापनदाताओं के दबाव में होते हैं, इसलिए खबरों में अक्सर एकतरफा दृष्टिकोण या व्यावसायिक झुकाव होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सेंसरशिप को केवल फिल्मों की कांट-छांट तक सीमित समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सेंसरशिप का व्यापक अर्थ है सरकार द्वारा किसी भी समाचार, विचार, लेख या विरोध प्रदर्शन को जनता तक पहुँचने से कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर देना, जैसा 1975 के आपातकाल में हुआ था।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विज्ञापन को केवल मनोरंजन का साधन मानना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

विज्ञापन मास मीडिया की आय का प्राथमिक आधार है जिसका उद्देश्य दर्शकों की मनोवैज्ञानिक सोच को प्रभावित कर उत्पादों की बाजार में मांग पैदा करना है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

संचार माध्यमों को समझना : तकनीक, पूंजी एवं लोकतांत्रिक जनमत 1. तकनीक एवं मास मीडिया • गुटेनबर्ग : प्रिंटिंग प्रेस • बेयर्ड (1926) : टेलीविजन • उपग्रह ➔ 'वैश्विक गांव' सूचना का तीव्रतम प्रसार 2. पूंजी एवं विज्ञापन • भारी तकनीकी व स्टूडियो व्यय • कॉर्पोरेट घरानों का स्वामित्व • विज्ञापनों पर 100% निर्भरता व्यापारिक हितों की छाया 3. लोकतंत्र व एजेंडा • संतुलित रिपोर्ट की आवश्यकता • सरकारी सेंसरशिप (1975) • 'खबर लहरिया' दलित मीडिया जनमत निर्माण का पहिया जागरूक पाठक की पहचान : "खबर के पीछे का विज्ञापनदाता कौन है? किस पक्ष की आवाज दबाई गई?" "स्वतंत्र मीडिया ही लोकतंत्र की आंख और कान है; निष्पक्षता से ही नागरिक संप्रभु बनते हैं।"

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
मीडिया शब्द Medium का बहुवचन है; जनसंचार माध्यम (Mass Media) लाखों-करोड़ों लोगों तक सूचनाएं पहुँचाते हैं।
मुख्य बिंदु 2
गुटेनबर्ग द्वारा प्रिंटिंग प्रेस तथा बेयर्ड द्वारा 1926 में टीवी के आविष्कार ने जनसंचार में तकनीकी क्रांति ला दी।
मुख्य बिंदु 3
उपग्रहों और आधुनिक तकनीकों ने दुनिया को एक "वैश्विक गांव" (Global Village) बना दिया है।
मुख्य बिंदु 4
मास मीडिया चलाने की भारी लागत के कारण अधिकांश टीवी चैनल और समाचार पत्र बड़े कॉर्पोरेट व्यापारिक घरानों के स्वामित्व में हैं।
मुख्य बिंदु 5
मीडिया की आय का मुख्य स्रोत विज्ञापन हैं, जो दर्शकों को उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करने हेतु बार-बार दिखाए जाते हैं।
मुख्य बिंदु 6
एक संतुलित रिपोर्ट (Balanced Report) घटना के सभी पक्षों को निष्पक्षता से प्रस्तुत कर निर्णय पाठकों पर छोड़ती है।
मुख्य बिंदु 7
जब सरकार समाचार या फिल्मों पर पाबंदी लगाती है तो उसे सेंसरशिप कहते हैं; 1975 के आपातकाल में मीडिया पर सबसे कड़ी सेंसरशिप थी।
मुख्य बिंदु 8
मीडिया यह तय करता है कि किन मुद्दों पर जनता का ध्यान जाए; इसे "एजेंडा तय करना" (Setting the Agenda) कहते हैं।
मुख्य बिंदु 9
मीडिया अक्सर अमीर घरानों के फैशन शो को दिखाता है परंतु झुग्गियों को तोड़े जाने या स्वच्छ पेयजल के अभाव जैसे गंभीर मुद्दों को दबा देता है।
मुख्य बिंदु 10
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में 8 दलित महिलाओं द्वारा बुंदेली भाषा में प्रकाशित "खबर लहरिया" स्थानीय समस्याओं को उठाने वाला प्रेरक अखबार है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
वर्ष 1926 में टेलीविजन (TV) का आविष्कार किस वैज्ञानिक द्वारा किया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जॉन एल. बेयर्ड (John L. Baird)।
जॉन एल. बेयर्ड ने 1926 में टेलीविजन का प्रारंभिक मॉडल विकसित किया जिसने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के युग का सूत्रपात किया।
2
मास मीडिया (समाचार पत्र एवं टीवी चैनल) की आय का सबसे बड़ा और प्राथमिक स्रोत क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: विज्ञापन (Advertisements)।
विभिन्न कंपनियों के उत्पादों के विज्ञापनों से मिलने वाला भारी राजस्व ही मास मीडिया की आय का मुख्य आधार होता है।
3
स्वतंत्र भारत में किस ऐतिहासिक कालखंड के दौरान मीडिया पर सबसे कठोर सरकारी 'सेंसरशिप' लगाई गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1975 से 1977 के आपातकाल (Emergency) के दौरान।
1975 में घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान सरकार ने समाचार पत्रों की खबरों को छापने से पहले सरकारी अनुमति (सेंसरशिप) लेना अनिवार्य कर दिया था।
4
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में दलित महिलाओं द्वारा किस स्थानीय भाषा में 'खबर लहरिया' अखबार निकाला जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: बुंदेली भाषा में।
चित्रकूट की 8 दलित महिलाओं का समूह स्थानीय बुंदेली बोली में आठ पन्नों का पाक्षिक अखबार "खबर लहरिया" प्रकाशित करता है।
5
एक निष्पक्ष और 'संतुलित रिपोर्ट' (Balanced Report) की मुख्य विशेषता क्या होती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यह किसी विषय के सभी दृष्टिकोणों को निष्पक्षता से सामने रखती है और अंतिम राय पाठकों पर छोड़ती है।
संतुलित रिपोर्ट में किसी एक पक्ष की तरफदारी नहीं होती बल्कि सभी संबंधित पक्षों के तथ्य समान रूप से रखे जाते हैं।
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कक्षा 7 Social Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: हज़ार वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनों की पड़ताल (Tracing Changes Through a Thousand Years) अध्याय 2: नए राजा और साम्राज्य (New Kings and Kingdoms) अध्याय 3: दिल्ली के सुल्तान (The Delhi Sultans) अध्याय 4: मुगल साम्राज्य (The Mughal Empire) अध्याय 5: शासक और इमारतें (Rulers and Buildings) अध्याय 6: नगर, व्यापारी और शिल्पकार (Towns, Traders and Craftspersons) अध्याय 7: जनजातियां, खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय (Tribes, Nomads and Settled Communities) अध्याय 8: ईश्वर से अनुराग (Devotional Paths to the Divine) अध्याय 9: क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण (The Making of Regional Cultures) अध्याय 10: अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन (Eighteenth-Century Political Formations) अध्याय 11: पर्यावरण (Environment) अध्याय 12: हमारी पृथ्वी के अंदर (Inside Our Earth) अध्याय 13: हमारी बदलती पृथ्वी (Our Changing Earth) अध्याय 14: वायु (Air) अध्याय 15: जल (Water) अध्याय 16: मानव-पर्यावरण अंतःक्रिया: उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र (Human-Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Region) अध्याय 17: रेगिस्तान में जीवन (Life in the Deserts) अध्याय 18: समानता (On Equality) (On Equality) अध्याय 19: स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका (Role of the Government in Health) अध्याय 20: राज्य शासन कैसे काम करता है (How the State Government Works) अध्याय 21: लड़के और लड़कियों के रूप में बड़ा होना (Growing Up as Boys and Girls) अध्याय 22: औरतों ने बदली दुनिया (Women Change the World) अध्याय 23: संचार माध्यमों को समझना (Understanding Media) अध्याय 24: हमारे आस-पास के बाज़ार (Markets Around Us) अध्याय 25: बाज़ार में एक कमीज़ (A Shirt in the Market) अध्याय 26: समानता के लिए संघर्ष (Struggles for Equality)

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