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JAC • Class 8 • Mathematics • Ch 8
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Algebraic Expressions and Identities

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 गणित का आठवाँ अध्याय "बीजीय व्यंजक एवं सर्वसमिकाएँ" (Algebraic Expressions and Identities) उच्च गणित, भौतिकी और तकनीकी गणनाओं का प्रवेश द्वार है। चर (Variables: x, y, z) और अचर (Constants: 1, 2, 5...) को गणितीय संक्रियाओं (+, -, ×, ÷) द्वारा संयोजित करने पर बीजीय व्यंजक बनते हैं। इस अध्याय में पदों (Terms), गुणांकों (Coefficients), समान व असमान पदों की पहचान, व्यंजकों के प्रकार—एकपदी (Monomial), द्विपदी (Binomial), त्रिपदी (Trinomial) एवं बहुपद (Polynomial), व्यंजकों के योग व व्यवकलन (समान पदों का संयोजन), बीजीय गुणन (एकपदी × एकपदी, एकपदी × द्विपदी/त्रिपदी, द्विपदी × द्विपदी), सर्वसमिका (Identity) की सार्वभौमिक सत्यता की अवधारणा, चार मूलभूत मानक सर्वसमिकाएँ: (a + b)² = a² + 2ab + b², (a - b)² = a² - 2ab + b², (a + b)(a - b) = a² - b² तथा (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab का ज्यामितीय सत्यापन एवं तीव्र मानसिक गणनाओं में अनुप्रयोग का गहन अध्ययन समाहित है।

⚡ बिना लंबा गुणा किए 103 × 97 का मान केवल 3 सेकंड में कैसे निकालें?

क्या आप जानते हैं कि (103 × 97) को वास्तव में (100 + 3)(100 - 3) = 100² - 3² = 10000 - 9 = 9991 लिखा जा सकता है? एक साधारण समीकरण x + 3 = 8 केवल x = 5 के लिए सही होता है, किंतु एक सर्वसमिका (Identity) चर के किसी भी मान (x = 0, 1, -5, 1000) के लिए हमेशा दोनों पक्षों में बिल्कुल समान रहती है! किसी कमरे के फर्श का क्षेत्रफल निकालना हो या आधुनिक कंप्यूटर चिप में गति समीकरणों को प्रोग्राम करना हो, बीजीय सर्वसमिकाएँ गणना को 100 गुना तेज बना देती हैं। आइए, बीजगणित के इन जादुई सूत्रों और तकनीकों में महारत हासिल करें!

Why This Chapter Matters

कक्षा 9 और 10 के द्विघात समीकरणों (Quadratic Equations), बहुपदों के गुणनखंडन (Factorisation), निर्देशांक ज्यामिति, भौतिकी के गति समीकरणों (v² - u² = 2as) तथा कंप्यूटर एल्गोरिदम और डेटा मॉडलिंग में बीजीय व्यंजकों और सर्वसमिकाओं की गहरी समझ अनिवार्य है।

Before You Begin (Prerequisites)

  • पूर्णांकों के जोड़, घटाव, गुणा के चिह्न नियम (+ × - = -, - × - = +)।
  • कक्षा 7 के सरल समीकरण और चर-अचर की मूल संकल्पना।
  • घातांक के बुनियादी नियम (x · x = x²)।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • पदों, गुणांकों, समान पदों (Like Terms) और असमान पदों की सटीक पहचान कर सकेंगे।
  • स्तंभ विधि (Column Method) व पंक्ति विधि से बीजीय व्यंजकों का योग और व्यवकलन कर सकेंगे।
  • वितरण नियम (Distributive Law) का उपयोग कर बहुपदों का गुणनफल ज्ञात कर सकेंगे।
  • समीकरण और सर्वसमिका में मूलभूत अंतर को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • चारों मानक सर्वसमिकाओं का ज्यामितीय प्रमाण समझकर संख्यात्मक मानों का तीव्र परिकलन कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. बीजीय व्यंजक, पद, गुणनखंड एवं गु...
2 2. पदों की संख्या के आधार पर व्यंजक...
3 3. बीजीय व्यंजकों का योग, व्यवकलन ए...
4 4. मानक सर्वसमिकाएँ (Standard Algeb...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. बीजीय व्यंजक, पद, गुणनखंड एवं गुणांक

चर (Variables): वे राशियाँ जिनका मान निश्चित नहीं होता और बदलता रहता है, उन्हें चर कहते हैं (जैसे $x, y, z, a, b$)।

अचर (Constants): वे राशियाँ जिनका संख्यात्मक मान सदैव स्थिर रहता है (जैसे $4, -7, \frac{3}{5}$)।

व्यंजक के प्रमुख घटक:

  • पद (Terms): व्यंजक के वे भाग जो $+$ अथवा $-$ चिह्नों द्वारा अलग होते हैं। उदाहरण के लिए व्यंजक $4x^2 - 3xy + 7$ में तीन पद हैं: $4x^2$, $-3xy$ तथा $7$।
  • गुणनखंड (Factors): कोई पद जिन राशियों के गुणनफल से बनता है, वे उसके गुणनखंड कहलाते हैं। जैसे $-3xy$ के गुणनखंड $-3, x$ तथा $y$ हैं।
  • संख्यात्मक गुणांक (Numerical Coefficient): किसी पद में उपस्थित संख्यात्मक गुणनखंड को उसका गुणांक कहते हैं। पद $-3xy$ का संख्यात्मक गुणांक $-3$ है।
  • समान पद (Like Terms) एवं असमान पद (Unlike Terms): जिन पदों के बीजीय चर गुणनखंड बिल्कुल एक समान हों (घातांक सहित), वे समान पद कहलाते हैं; जैसे $7x$ और $-5x$; $4x^2y$ और $9yx^2$। यदि बीजीय गुणनखंड भिन्न हों, तो वे असमान पद होते हैं; जैसे $7x$ और $7y$; $3x^2$ और $3x$। केवल समान पदों को ही आपस में जोड़ा या घटाया जा सकता है!

2. पदों की संख्या के आधार पर व्यंजकों का वर्गीकरण

पदों की संख्या के आधार पर बीजीय व्यंजकों को मुख्य रूप से निम्न श्रेणियों में बाँटा जाता है:

प्रकार (Type) पदों की संख्या परिभाषा उदाहरण
एकपदी (Monomial) 1 पद केवल एक पद वाला व्यंजक 4x², -7xy, 5
द्विपदी (Binomial) 2 पद दो असमान पदों वाला व्यंजक 2a + 3b, x² - y²
त्रिपदी (Trinomial) 3 पद तीन असमान पदों वाला व्यंजक a + b + c, x² + 5x + 6
बहुपद (Polynomial) 1 या अधिक पद अऋणात्मक पूर्णांक घातांक वाले पदों की शृंखला 3x³ - 5x² + 2x - 9

सावधानी (Exam Trap):

व्यंजक $\frac{1}{x} + 2$ या $\sqrt{x} + 5$ बहुपद नहीं हैं, क्योंकि इनमें चर $x$ की घात क्रमशः $-1$ और $\frac{1}{2}$ है जो अऋणात्मक पूर्णांक नहीं हैं।

3. बीजीय व्यंजकों का योग, व्यवकलन एवं गुणन संक्रियाएँ

A. योग एवं व्यवकलन (Addition & Subtraction):

व्यंजकों को जोड़ते या घटाते समय समान पदों (Like Terms) को एक साथ लिखकर उनके संख्यात्मक गुणांकों को जोड़ा या घटाया जाता है।

  • स्तंभ विधि (Column Method): समान पदों को एक-दूसरे के ठीक नीचे स्तंभों में लिखा जाता है। घटाव करते समय नीचे वाली पंक्ति के सभी पदों के चिह्न (+ का -, - का +) बदल दिए जाते हैं।
  • पंक्ति विधि (Row Method): समान पदों को कोष्ठकों में समूहित करके सरल किया जाता है।

B. बीजीय व्यंजकों का गुणन (Multiplication):

गुणा करते समय अचर गुणांकों का परस्पर गुणा होता है तथा समान आधार वाले चरों के घातांक आपस में जुड़ जाते हैं ($x^m \times x^n = x^{m+n}$):

  1. एकपदी का एकपदी से गुणा: $(3x^2) \times (-4xy) = [3 \times (-4)] \times [x^2 \times x] \times y = -12x^3y$।
  2. एकपदी का द्विपदी / त्रिपदी से गुणा (वितरण नियम): $a(b + c) = ab + ac$। जैसे $2x(3x + 5y) = 6x^2 + 10xy$।
  3. द्विपदी का द्विपदी से गुणा (FOIL Method): $(a + b)(c + d) = a(c + d) + b(c + d) = ac + ad + bc + bd$।

4. मानक सर्वसमिकाएँ (Standard Algebraic Identities)

सर्वसमिका (Identity) क्या है? एक सर्वसमिका ऐसी समिका (Equality) होती है जो उसमें उपस्थित चरों के सभी संभावित मानों के लिए सत्य होती है। इसके विपरीत, एक समीकरण केवल चर के विशिष्ट मानों के लिए ही संतुष्ट होता है।

सर्वसमिका I: द्विपद योग का वर्ग

$$(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$$

ज्यामितीय अर्थ: $(a + b)$ भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल = $a^2$ भुजा वाला वर्ग + $b^2$ भुजा वाला वर्ग + $ab$ क्षेत्रफल वाले 2 आयत।

सर्वसमिका II: द्विपद अंतर का वर्ग

$$(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2$$

सर्वसमिका III: वर्गों का अंतर

$$(a + b)(a - b) = a^2 - b^2$$

संख्यात्मक गणना का सर्वाधिक उपयोगी सूत्र: जैसे $52 \times 48 = (50+2)(50-2) = 50^2 - 2^2 = 2500 - 4 = 2496$।

सर्वसमिका IV: सामान्य द्विपद गुणन

$$(x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab$$

जैसे $105 \times 106 = (100+5)(100+6) = 100^2 + (5+6)100 + 5 \times 6 = 10000 + 1100 + 30 = 11130$।

Key Formulas, Identities & Theorems

सर्वसमिका I (द्विपद योग वर्ग)
(a + b)² = a² + 2ab + b²
प्रथम पद का वर्ग + 2 × प्रथम पद × द्वितीय पद + द्वितीय पद का वर्ग।
सर्वसमिका II (द्विपद अंतर वर्ग)
(a - b)² = a² - 2ab + b²
मध्य पद सदैव ऋणात्मक (-2ab) तथा अंतिम पद सदैव धनात्मक (+b²) होता है।
सर्वसमिका III (वर्गों का अंतर)
(a + b)(a - b) = a² - b²
तीव्र गुणा में (x + c)(x - c) = x² - c² के रूप में अत्यधिक प्रयुक्त।
सर्वसमिका IV (द्विपद गुणन)
(x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab
यदि a या b ऋणात्मक हों, तो चिह्न सहित मान रखा जाता है।
घातांक गुणन नियम (Product of Powers)
xᵐ · xⁿ = xᵐ⁺ⁿ
बीजीय पदों के गुणन में समान चरों के घातांक जुड़ते हैं।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
जोड़िए: (7x² - 4x + 5) तथा (9x - 10).
Step-by-Step Solution:
हल:\nदी गई व्यंजकों को समान पदों के स्तंभ में व्यवस्थित करने पर:\n 7x² - 4x + 5\n+ 9x - 10\n-----------------\n 7x² + 5x - 5\n\n(विस्तार: 7x² का कोई समान पद नहीं है; (-4x + 9x = +5x); (5 - 10 = -5))\nउत्तर: योग = 7x² + 5x - 5.
Example 2
(5x² - 4y² + 6y - 3) में से (7x² - 4xy + 8y + 5) को घटाइए।
Step-by-Step Solution:
हल:\nघटाव के नियम से, घटाए जाने वाले व्यंजक के सभी पदों के चिह्न बदल जाते हैं:\n (5x² - 4y² + 6y - 3)\n- (7x² - 4xy + 8y + 5)\n------------------------\nचिह्न बदलने पर:\n= 5x² - 4y² + 6y - 3 - 7x² + 4xy - 8y - 5\nसमान पदों का समूहन:\n= (5x² - 7x²) - 4y² + 4xy + (6y - 8y) + (-3 - 5)\n= -2x² - 4y² + 4xy - 2y - 8\n\nउत्तर: -2x² - 4y² + 4xy - 2y - 8.
Example 3
गुणनफल ज्ञात कीजिए: (2x + 3y)(3x + 5y).
Step-by-Step Solution:
हल:\nद्विपदी का द्विपदी से गुणन (वितरण नियम):\n(2x + 3y)(3x + 5y) = 2x(3x + 5y) + 3y(3x + 5y)\n= (2x × 3x) + (2x × 5y) + (3y × 3x) + (3y × 5y)\n= 6x² + 10xy + 9xy + 15y²\n\nसमान पदों (10xy + 9xy) को जोड़ने पर:\n= 6x² + 19xy + 15y²\n\nउत्तर: 6x² + 19xy + 15y².
Example 4
सर्वसमिका (a + b)² = a² + 2ab + b² का उपयोग करके (103)² का मान ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:
हल:\n103 को (100 + 3) के रूप में लिखा जा सकता है।\nयहाँ a = 100 तथा b = 3 है।\n\nसर्वसमिका (a + b)² = a² + 2ab + b² से:\n(100 + 3)² = (100)² + 2(100)(3) + (3)²\n= 10000 + 600 + 9\n= 10609\n\nउत्तर: (103)² का मान 10609 है।
Example 5
सर्वसमिका (a + b)(a - b) = a² - b² का उपयोग करके 105 × 95 का मान ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:
हल:\n105 को (100 + 5) तथा 95 को (100 - 5) लिखा जा सकता है।\nयहाँ a = 100 तथा b = 5 है।\n\nसर्वसमिका (a + b)(a - b) = a² - b² से:\n105 × 95 = (100 + 5)(100 - 5)\n= (100)² - (5)²\n= 10000 - 25\n= 9975\n\nउत्तर: 105 × 95 का मान 9975 है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

असमान पदों को जोड़ देना; जैसे 2x + 3y = 5xy लिख देना।

Scientific Reality & Correction

असमान पदों (जैसे 2x और 3y) को कभी भी एकल पद में नहीं जोड़ा जा सकता; उनका योग 2x + 3y ही रहेगा।

Common Misconception

(a + b)² को a² + b² लिख देना और मध्य पद 2ab भूल जाना।

Scientific Reality & Correction

द्विपद वर्ग का पूर्ण प्रसार (a + b)² = a² + 2ab + b² होता है; 2ab पद को छोड़ना अत्यंत सामान्य त्रुटि है।

Common Misconception

घटाव करते समय घटाए जाने वाले व्यंजक के सभी पदों के चिह्न न बदलना।

Scientific Reality & Correction

जब कोष्ठक के बाहर माइनस (-) चिह्न हो, तो कोष्ठक खोलने पर अंदर के प्रत्येक पद का चिह्न बदल जाता है।

Visual Learning & Conceptual Map

बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities): ज्यामितीय निरूपण A. (a + b)² = a² + 2ab + b² का ज्यामितीय प्रमाण a² (वर्ग: a × a) ab ab b² a b a b कुल क्षेत्रफल = a² + ab + ab + b² = a² + 2ab + b² B. प्रमुख मानक सर्वसमिकाएँ एवं अनुप्रयोग I. (a + b)² = a² + 2ab + b² उदा. 103² = (100+3)² = 10000 + 600 + 9 = 10,609 II. (a − b)² = a² − 2ab + b² उदा. 98² = (100−2)² = 10000 − 400 + 4 = 9,604 III. (a + b)(a − b) = a² − b² उदा. 103 × 97 = 100² − 3² = 10000 − 9 = 9,991 IV. (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab उदा. 104 × 103 = 100² + (4+3)100 + 12 = 10,712

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
  1. चर और अचर राशियों को गणितीय संक्रियाओं द्वारा संयोजित करने पर बीजीय व्यंजक बनते हैं।
Takeaway 2
  1. व्यंजक में + और - द्वारा अलग होने वाले भाग पद कहलाते हैं तथा संख्यात्मक भाग गुणांक कहलाता है।
Takeaway 3
  1. जिन पदों के बीजीय चर गुणनखंड समान हों, वे समान पद (Like Terms) कहलाते हैं; केवल समान पद ही जुड़ते या घटते हैं।
Takeaway 4
  1. पदों की संख्या के आधार पर व्यंजक एकपदी (1 पद), द्विपदी (2 पद), त्रिपदी (3 पद) या बहुपद कहलाते हैं।
Takeaway 5
  1. व्यंजकों के गुणन में संख्यात्मक गुणांकों का गुणा होता है तथा समान आधार वाले चरों के घातांक जुड़ते हैं (xᵐ · xⁿ = xᵐ⁺ⁿ)।
Takeaway 6
  1. वितरण नियम (Distributive Law) a(b + c) = ab + ac बहुपदों के गुणन का मूल आधार है।
Takeaway 7
  1. सर्वसमिका (Identity) एक ऐसी समिका है जो चरों के सभी संभावित मानों के लिए सत्य होती है।
Takeaway 8
  1. मानक सर्वसमिका I: (a + b)² = a² + 2ab + b².
Takeaway 9
  1. मानक सर्वसमिका II: (a - b)² = a² - 2ab + b².
Takeaway 10
  1. मानक सर्वसमिका III: (a + b)(a - b) = a² - b² तथा सर्वसमिका IV: (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab.

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
व्यंजक 7xy - 5x²y + 9 में पद -5x²y का संख्यात्मक गुणांक क्या है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: -5
पद में उपस्थित चिह्न सहित अचर मान उसका संख्यात्मक गुणांक होता है।
2
सर्वसमिका (a + b)(a - b) का मान क्या होता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: a² - b²
यह दो वर्गों के अंतर का सूत्र है।
3
क्या 3x² और 5x समान पद हैं?
Reveal Answer & Explanation
Answer: नहीं, ये असमान पद हैं।
यद्यपि चर x समान है, किंतु घातांक (2 और 1) भिन्न हैं।
4
(x + 4)(x + 6) का मान सर्वसमिका IV से क्या होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: x² + 10x + 24
सूत्र: x² + (4+6)x + (4 × 6) = x² + 10x + 24।
5
(2x + 3y)² का विस्तार क्या होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: 4x² + 12xy + 9y²
(2x)² + 2(2x)(3y) + (3y)² = 4x² + 12xy + 9y²।
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