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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Mathematics • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

घन और घनमूल (Cubes and Cube Roots)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 गणित का छठा अध्याय "घन और घनमूल" (Cubes and Cube Roots) त्रि-विमीय ज्यामिति और संख्या सिद्धांत का अत्यंत सुरुचिपूर्ण अध्याय है। जब किसी संख्या को स्वयं से दो बार गुणा किया जाता है (अर्थात संख्या को तीन बार आपस में गुणा किया जाए), तो प्राप्त संख्या को उस संख्या का "घन" (Cube, n³) कहते हैं, तथा मूल संख्या को "घनमूल" (Cube Root, ∛) कहते हैं। इस अध्याय में पूर्ण घन संख्याओं (Perfect Cubes) के विशिष्ट लक्षण (इकाई अंक संबंध, ऋणात्मक संख्याओं के घन), प्रसिद्ध हार्डी-रामानुजन संख्या (1729), क्रमागत विषम संख्याओं के योग प्रतिरूप, अभाज्य गुणनखंडन में त्रिक (Triplets of Prime Factors) बनाने की विधि, पूर्ण घन बनाने हेतु न्यूनतम गुणा या भाग की संख्या ज्ञात करना तथा बड़ी संख्याओं के घनमूल का त्वरित आकलन (Estimation Method) का विस्तृत एवं परीक्षा-उपयोगी अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🚕 जब प्रोफेसर हार्डी ने टैक्सी नंबर 1729 को "नीरस" कहा, तो रामानुजन ने क्या उत्तर दिया?

सन् 1918 में लंदन के अस्पताल में जब महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन बीमार थे, तो उनके मित्र प्रोफेसर जी. एच. हार्डी उनसे मिलने आए। हार्डी ने कहा, "मैं जिस टैक्सी से आया उसका नंबर 1729 था, जो मुझे एक अत्यंत नीरस और अशुभ संख्या लगी।" रामानुजन तुरंत बोले, "नहीं हार्डी! यह बहुत ही दिलचस्प संख्या है; यह वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या है जिसे दो अलग-अलग तरीकों से दो घनों के योग के रूप में लिखा जा सकता है: 1729 = 1³ + 12³ = 9³ + 10³!" क्या आपने कभी सोचा है कि 1 सेमी के 64 छोटे घनों से मिलकर एक बड़ा ठोस घन कैसे बनता है? और 6 अंकों की संख्या का घनमूल बिना कलम चलाए केवल देखकर कैसे बताया जा सकता है? आइए, घनों के इस जादुई संसार को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

ठोस ज्यामिति में किसी भी 3-विमीय वस्तु (घनाकार पानी की टंकी, कमरा, कार्टन) का आयतन लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई = a³ होता है। झारखण्ड के खनन क्षेत्रों में कोयले और लौह अयस्क के घन मीटर में आयतन मापन, धातु पिघलाने और घनमूल आधारित गणनाओं में इस अध्याय का सीधा व्यावहारिक अनुप्रयोग होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • वर्ग और वर्गमूल की मूलभूत संकल्पना।
  • प्राकृत संख्याओं का तीन बार गुणा करने की समझ (घातांक 3)।
  • अभाज्य गुणनखंडन की दक्षता।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • पूर्ण घन संख्याओं (Perfect Cubes) की परिभाषा तथा 1 से 20 तक की संख्याओं के घनों की पहचान कर सकेंगे।
  • संख्या और उसके घन के इकाई अंक के अद्वितीय संबंध को समझ सकेंगे।
  • अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा समान गुणनखंडों के त्रिक (Triplets) बनाकर घनमूल ∛ ज्ञात कर सकेंगे।
  • किसी दी गई संख्या को पूर्ण घन बनाने के लिए आवश्यक न्यूनतम गुणक या भाजक ज्ञात कर सकेंगे।
  • समूह विभाजन (Grouping Method) द्वारा बड़ी पूर्ण घन संख्याओं का घनमूल बिना लंबे विभाजन के आकलित कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. घन संख्या की अवधारणा एवं महत्वपू...
2 2. हार्डी-रामानुजन संख्या एवं घनों...
3 3. घनमूल (Cube Root) एवं अभाज्य गुण...
4 4. बड़ी पूर्ण घन संख्याओं के घनमूल...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. घन संख्या की अवधारणा एवं महत्वपूर्ण गुणधर्म

यदि किसी प्राकृत संख्या $m$ को $n^3$ के रूप में व्यक्त किया जा सके ($m = n \times n \times n$), तो $m$ को एक पूर्ण घन संख्या (Perfect Cube) कहते हैं।

संख्या ($n$) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
घन ($n^3$) 1 8 27 64 125 216 343 512 729 1000

घन संख्याओं के प्रमुख गुणधर्म:

  • सम व विषम संख्याओं के घन: सम प्राकृत संख्या का घन सदैव सम होता है (जैसे $4^3 = 64, 8^3 = 512$), तथा विषम प्राकृत संख्या का घन सदैव विषम होता है (जैसे $3^3 = 27, 7^3 = 343$)।
  • इकाई अंक का परस्पर संबंध:
    • जिन संख्याओं के अंत में 0, 1, 4, 5, 6, 9 आता है, उनके घनों के अंत में भी क्रमशः वही अंक (0, 1, 4, 5, 6, 9) ही आता है।
    • जिन संख्याओं के अंत में 2 आता है, उनके घन के अंत में 8 आता है (जैसे $2^3 = 8, 12^3 = 1728$); तथा अंत में 8 आने पर घन के अंत में 2 आता है ($8^3 = 512$)।
    • जिन संख्याओं के अंत में 3 आता है, उनके घन के अंत में 7 आता है ($3^3 = 27$); तथा अंत में 7 आने पर घन के अंत में 3 आता है ($7^3 = 343$)। (2 ↔ 8 तथा 3 ↔ 7 एक-दूसरे के पूरक हैं, योग = 10)।
  • शून्यों की संख्या: पूर्ण घन संख्या के अंत में शून्यों की संख्या सदैव 3 का गुणज (Multiple of 3: जैसे 3, 6, 9 शून्य) होती है (जैसे 1000, 8000, 27000000)।

2. हार्डी-रामानुजन संख्या एवं घनों के रोचक प्रतिरूप

A. हार्डी-रामानुजन संख्याएँ (Taxicab Numbers):

संख्या 1729 को हार्डी-रामानुजन संख्या कहा जाता है क्योंकि यह सबसे छोटी ऐसी संख्या है जिसे दो घनों के योग के रूप में दो भिन्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है:

$$1729 = 1^3 + 12^3 = 1 + 1728$$

$$1729 = 9^3 + 10^3 = 729 + 1000$$

ऐसी अन्य संख्याएँ: $4104 = 2^3 + 16^3 = 9^3 + 15^3$; $13832 = 18^3 + 20^3 = 2^3 + 24^3$ आदि।

B. क्रमागत विषम संख्याओं का योग प्रतिरूप:

किसी भी प्राकृत संख्या $n$ के घन को $n$ क्रमागत विषम संख्याओं के योग के रूप में लिखा जा सकता है:

  • $1^3 = 1$ (1 विषम संख्या)
  • $2^3 = 3 + 5 = 8$ (अगली 2 विषम संख्याएँ)
  • $3^3 = 7 + 9 + 11 = 27$ (अगली 3 विषम संख्याएँ)
  • $4^3 = 13 + 15 + 17 + 19 = 64$ (अगली 4 विषम संख्याएँ)
  • $5^3 = 21 + 23 + 25 + 27 + 29 = 125$ (अगली 5 विषम संख्याएँ)

3. घनमूल (Cube Root) एवं अभाज्य गुणनखंडन विधि

घनमूल, घन करने की संक्रिया का प्रतिलोम (Inverse) है। यदि $a^3 = b$ हो, तो $b$ का घनमूल $a$ होता है, जिसे संकेत $\sqrt[3]{b} = a$ द्वारा दर्शाया जाता है।

अभाज्य गुणनखंडन विधि (Prime Factorisation Method):

  1. दी गई संख्या का पूर्ण अभाज्य गुणनखंडन कीजिए।
  2. समान अभाज्य गुणनखंडों के तीन-तीन के समूह (त्रिक / Triplets) बनाइए।
  3. यदि प्रत्येक गुणनखंड तीन-तीन के पूर्ण त्रिक में व्यवस्थित हो जाता है, तो संख्या पूर्ण घन है।
  4. प्रत्येक त्रिक में से एक-एक गुणनखंड लेकर उनका गुणनफल ज्ञात कीजिए; वही अभीष्ट घनमूल होगा।

पूर्ण घन बनाने हेतु न्यूनतम गुणा या भाग:

  • यदि किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में कोई गुणनखंड त्रिक बनाने से कम रह जाता है (जैसे केवल 2 बार आया हो), तो उसे पूर्ण घन बनाने के लिए उस गुणनखंड की जितनी कमी है, उससे गुणा करना होगा।
  • यदि उसे भाग देकर पूर्ण घन बनाना हो, तो जो अतिरिक्त अभाज्य गुणनखंड त्रिक नहीं बना पा रहे हैं, उनके गुणनफल से पूरी संख्या को भाग दिया जाता है।

4. बड़ी पूर्ण घन संख्याओं के घनमूल का त्वरित आकलन (Estimation Method)

यदि कोई बड़ी संख्या पहले से ही पूर्ण घन हो (जैसे 6 अंकों तक की संख्या), तो बिना लंबे अभाज्य गुणनखंडन के केवल आकलन (Estimation) द्वारा 5 सेकंड में उसका घनमूल निकाला जा सकता है:

आकलन विधि के चरण (उदाहरण: 857375 का घनमूल):

  1. समूह बनाना (Grouping from Right): दी गई संख्या के इकाई अंक से प्रारंभ करके दाईं ओर से तीन-तीन अंकों के समूह (Groups) बनाते हैं:

    पहला समूह (इकाई वाला) = 375 | दूसरा समूह = 857

  2. इकाई अंक का निर्धारण (प्रथम समूह से):

    प्रथम समूह 375 का इकाई अंक 5 है। हम जानते हैं कि 5 का घन करने पर ही इकाई अंक 5 आता है ($5^3 = 125$)। अतः घनमूल का इकाई अंक 5 होगा।

  3. दहाई अंक का निर्धारण (दूसरे समूह से):

    दूसरा समूह 857 है। अब हम देखते हैं कि 857 किन दो घनों के बीच स्थित है: $$9^3 = 729 \quad \text{तथा} \quad 10^3 = 1000$$ चूँकि $729 \le 857 < 1000$, हम छोटी संख्या का आधार (अर्थात 9) चुनते हैं। अतः घनमूल का दहाई अंक 9 होगा।

  4. अंतिम परिणाम: दोनों अंकों को मिलाने पर: $\sqrt[3]{857375} = 95$।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

पूर्ण घन एवं घनमूल संबंध (Cube and Cube Root Definition)
m = n³ ⇔ ∛m = n (जहाँ m, n ∈ ℕ)
किसी ऋणात्मक संख्या का घनमूल भी ऋणात्मक होता है: ∛(-a) = -∛a।
हार्डी-रामानुजन संख्या (Hardy-Ramanujan Number Formula)
1729 = 1³ + 12³ = 9³ + 10³
दो घनों के योग के रूप में दो प्रकार से व्यक्त होने वाली सबसे छोटी प्राकृत संख्या।
अभाज्य गुणनखंड त्रिक नियम (Triplet Rule for Cube Roots)
∛(p³ · q³ · r³) = p · q · r
प्रत्येक तीन समान अभाज्य गुणनखंडों के समूह (त्रिक) में से एक गुणनखंड बाहर निकलता है।
इकाई अंक पूरक नियम (Units Digit Inversion Pairs)
2 ↔ 8 तथा 3 ↔ 7 (अन्य अंक: 0, 1, 4, 5, 6, 9 स्वयं के समान)
इकाई अंक 2 होने पर घन का इकाई अंक 8 होगा; 3 होने पर 7 होगा।
क्रमागत विषम संख्याओं का योग प्रतिरूप (Sum of Consecutive Odds)
n³ = ∑ [n क्रमागत विषम संख्याएँ]
n³ की प्रथम विषम संख्या = n(n - 1) + 1।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा 13824 का घनमूल ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nचरण 1: 13824 का अभाज्य गुणनखंडन करने पर:\n$$13824 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 3 \times 3$$\n\nचरण 2: समान अभाज्य गुणनखंडों के तीन-तीन के समूह (त्रिक / Triplets) बनाने पर:\n$$13824 = (2 \times 2 \times 2) \times (2 \times 2 \times 2) \times (2 \times 2 \times 2) \times (3 \times 3 \times 3)$$\n\nचरण 3: प्रत्येक त्रिक में से एक-एक गुणनखंड लेने पर:\n$$\sqrt[3]{13824} = 2 \times 2 \times 2 \times 3 = 24$$\n\nउत्तर: $\sqrt[3]{13824} = 24$।
उदाहरण 2
वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 675 को गुणा करने पर एक पूर्ण घन संख्या प्राप्त हो।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nचरण 1: 675 का अभाज्य गुणनखंडन:\n$$675 = 3 \times 3 \times 3 \times 5 \times 5$$\n$$675 = (3 \times 3 \times 3) \times (5 \times 5)$$\n\nचरण 2: त्रिक का निरीक्षण:\nगुणनखंड 3 का पूर्ण त्रिक ($3 \times 3 \times 3$) बन रहा है।\nपरंतु गुणनखंड 5 केवल 2 बार आया है; इसका त्रिक बनाने के लिए एक और 5 की आवश्यकता है।\n\nअतः 675 को पूर्ण घन बनाने के लिए सबसे छोटी संख्या 5 से गुणा करना होगा।\nनई संख्या = $675 \times 5 = 3375$ (और $\sqrt[3]{3375} = 3 \times 5 = 15$)।\n\nउत्तर: सबसे छोटी अभीष्ट संख्या 5 है।
उदाहरण 3
वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 704 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो जाए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nचरण 1: 704 का अभाज्य गुणनखंडन:\n$$704 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 11$$\n$$704 = (2 \times 2 \times 2) \times (2 \times 2 \times 2) \times 11$$\n\nचरण 2: त्रिक का निरीक्षण:\n2 के दो पूर्ण त्रिक बन रहे हैं, परंतु अभाज्य गुणनखंड 11 अकेला रह जाता है और त्रिक में नहीं है।\nपूर्ण घन प्राप्त करने के लिए इस अतिरिक्त 11 को हटाना (भाग देना) होगा।\n\nअतः 704 को 11 से भाग देना होगा।\nप्राप्त संख्या = $704 \div 11 = 64$ (जो $4^3$ है)।\n\nउत्तर: सबसे छोटी अभीष्ट संख्या 11 है।
उदाहरण 4
आकलन विधि (Estimation Method) द्वारा पूर्ण घन संख्या 17576 का घनमूल ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nदी गई पूर्ण घन संख्या = 17576\n\nचरण 1: दाईं ओर से तीन-तीन अंकों के समूह बनाने पर:\n- पहला समूह = 576\n- दूसरा समूह = 17\n\nचरण 2: पहले समूह 576 से इकाई अंक ज्ञात करना:\n576 का इकाई अंक 6 है। हम जानते हैं कि केवल 6 का घन करने पर इकाई में 6 आता है ($6^3 = 216$)।\nअतः घनमूल का इकाई अंक = 6।\n\nचरण 3: दूसरे समूह 17 से दहाई अंक ज्ञात करना:\nसंख्या 17 किन दो घनों के मध्य स्थित है:\n$$2^3 = 8 \quad \text{तथा} \quad 3^3 = 27$$\nचूँकि $8 < 17 < 27$, हम छोटी संख्या 2 चुनते हैं।\nअतः घनमूल का दहाई अंक = 2।\n\nचरण 4: दोनों अंकों को मिलाने पर: $\sqrt[3]{17576} = 26$।\n\nउत्तर: 26।
उदाहरण 5
परीक्षित प्लास्टिकिन का एक घनाभ बनाता है, जिसकी भुजाएँ 5 सेमी, 2 सेमी और 5 सेमी हैं। एक पूर्ण घन बनाने के लिए ऐसे कितने घनाभों की आवश्यकता होगी?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nएक घनाभ का आयतन = $5 \text{ cm} \times 2 \text{ cm} \times 5 \text{ cm} = (5 \times 5 \times 2) \text{ cm}^3$\n\nइसे पूर्ण घन बनाने के लिए अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक (Triplets) होने चाहिए:\n- अभाज्य संख्या 5 दो बार आई है; अतः इसका त्रिक पूरा करने के लिए एक 5 चाहिए।\n- अभाज्य संख्या 2 केवल एक बार आई है; अतः इसका त्रिक पूरा करने के लिए दो 2 (अर्थात $2 \times 2$) चाहिए।\n\nअतः आवश्यक अतिरिक्त गुणनखंड = $5 \times 2 \times 2 = 20$\n\nनिष्कर्ष: एक पूर्ण घन बनाने के लिए ऐसे कुल 20 घनाभों की आवश्यकता होगी।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वर्गमूल की तरह घनमूल में भी दो-दो के जोड़े बनाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वर्गमूल में दो-दो के जोड़े बनते हैं, परंतु घनमूल में अभाज्य गुणनखंडों के तीन-तीन के समूह (त्रिक / Triplets) बनाए जाते हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऋणात्मक संख्या का घन धनात्मक लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

किसी ऋणात्मक संख्या का घन सदैव ऋणात्मक होता है; जैसे (-3)³ = (-3) × (-3) × (-3) = -27।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आकलन विधि को ऐसी संख्याओं पर लागू करना जो पूर्ण घन नहीं हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

आकलन (Estimation) विधि केवल तभी वैध है जब यह पहले से निश्चित रूप से ज्ञात हो कि दी गई संख्या एक पूर्ण घन (Perfect Cube) संख्या है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

घन और घनमूल (Cubes & Roots): 3D ज्यामिति, रामानुजन संख्या 1729 व त्रिक A. 3D घन एवं हार्डी-रामानुजन संख्या 1729 3 × 3 × 3 = 27 इकाई घन हार्डी-रामानुजन संख्या: 1729 1729 = 1³ + 12³ = 9³ + 10³ दो घनों के योग के रूप में 2 प्रकार से व्यक्त सबसे छोटी संख्या इकाई अंक: 2 ↔ 8 तथा 3 ↔ 7 (योग = 10) B. अभाज्य गुणनखंड त्रिक व आकलन विधि ∛216 का अभाज्य त्रिक विभाजन 216 = (2 × 2 × 2) × (3 × 3 × 3) त्रिक 1 ⇒ 2 त्रिक 2 ⇒ 3 ∛216 = 2 × 3 = 6 प्रत्येक 3 समान अभाज्य गुणनखंडों से 1 बाहर आता है आकलन विधि (Estimation for ∛857375): 1. पहला समूह 375 ⇒ इकाई अंक = 5 2. दूसरा समूह 857 ⇒ 9³ (729) < 857 < 10³ ⇒ दहाई = 9 ∛857375 = 95 (बिना भाग विधि के त्वरित हल)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. किसी संख्या को तीन बार आपस में गुणा करने पर प्राप्त संख्या उस संख्या का घन (Cube, n³) कहलाती है।
मुख्य बिंदु 2
  1. सम संख्या का घन सदैव सम तथा विषम संख्या का घन सदैव विषम होता है।
मुख्य बिंदु 3
  1. किसी ऋणात्मक संख्या का घन भी सदैव ऋणात्मक होता है [(-a)³ = -a³]।
मुख्य बिंदु 4
  1. पूर्ण घन संख्या के अंत में शून्यों की संख्या सदैव 3 का गुणज (3, 6, 9 आदि) होती है।
मुख्य बिंदु 5
  1. जिन संख्याओं के अंत में 0, 1, 4, 5, 6, 9 होता है, उनके घन के अंत में भी वही अंक आता है।
मुख्य बिंदु 6
  1. इकाई अंक 2 और 8 तथा 3 और 7 एक-दूसरे के पूरक होते हैं (2³ का इकाई 8, 8³ का इकाई 2; 3³ का इकाई 7, 7³ का इकाई 3)।
मुख्य बिंदु 7
  1. 1729 सबसे छोटी हार्डी-रामानुजन संख्या है जिसे दो घनों के योग के रूप में दो प्रकार से लिखा जा सकता है (1³ + 12³ = 9³ + 10³)।
मुख्य बिंदु 8
  1. n³ को n क्रमागत विषम संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
मुख्य बिंदु 9
  1. अभाज्य गुणनखंडन में प्रत्येक अभाज्य संख्या का तीन-तीन का समूह (त्रिक) बनने पर ही संख्या पूर्ण घन होती है।
मुख्य बिंदु 10
  1. बड़ी पूर्ण घन संख्याओं का घनमूल दाईं ओर से 3-3 के समूह बनाकर इकाई और दहाई अंक के त्वरित आकलन से निकाला जा सकता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
संख्या 1728 का घनमूल अभाज्य गुणनखंडन द्वारा ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1728 = (2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2) × (3 × 3 × 3) ⇒ ∛1728 = 2 × 2 × 3 = 12।
प्रत्येक त्रिक में से एक-एक गुणनखंड लेकर गुणा किया जाता है।
2
हार्डी-रामानुजन संख्या 1729 को दो घनों के योग के रूप में किन दो प्रकारों से लिखा जा सकता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:
  1. 1729 = 1³ + 12³ (1 + 1728) तथा 2. 1729 = 9³ + 10³ (729 + 1000)।

यह दो घनों के योग के रूप में दो प्रकार से व्यक्त होने वाली सबसे छोटी प्राकृत संख्या है।
3
संख्या 53240 को पूर्ण घन बनाने के लिए किस सबसे छोटी संख्या से भाग दिया जाना चाहिए?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 53240 = (2 × 2 × 2) × (11 × 11 × 11) × 5। यहाँ 5 का त्रिक नहीं है, अतः 5 से भाग देना होगा।
5 से भाग देने पर प्राप्त संख्या 10648 = 22³ एक पूर्ण घन होगी।
4
यदि किसी संख्या का इकाई अंक 7 है, तो उसके घन का इकाई अंक क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 3 होगा (क्योंकि 7³ = 343 में इकाई अंक 3 है)।
नियम: 7 के घन का इकाई अंक 3 तथा 3 के घन का इकाई अंक 7 होता है।
5
आकलन विधि द्वारा पूर्ण घन संख्या 91125 का घनमूल क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: समूह: 125 (इकाई 5 ⇒ 5) तथा 91 (4³ = 64 < 91 < 5³ = 125 ⇒ दहाई 4)। अतः ∛91125 = 45।
इकाई अंक 5 और दहाई अंक 4 से संख्या 45 बनती है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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