यदि किसी प्राकृत संख्या $m$ को $n^3$ के रूप में व्यक्त किया जा सके ($m = n \times n \times n$), तो $m$ को एक पूर्ण घन संख्या (Perfect Cube) कहते हैं।
| संख्या ($n$) | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| घन ($n^3$) | 1 | 8 | 27 | 64 | 125 | 216 | 343 | 512 | 729 | 1000 |
घन संख्याओं के प्रमुख गुणधर्म:
- सम व विषम संख्याओं के घन: सम प्राकृत संख्या का घन सदैव सम होता है (जैसे $4^3 = 64, 8^3 = 512$), तथा विषम प्राकृत संख्या का घन सदैव विषम होता है (जैसे $3^3 = 27, 7^3 = 343$)।
- इकाई अंक का परस्पर संबंध:
- जिन संख्याओं के अंत में 0, 1, 4, 5, 6, 9 आता है, उनके घनों के अंत में भी क्रमशः वही अंक (0, 1, 4, 5, 6, 9) ही आता है।
- जिन संख्याओं के अंत में 2 आता है, उनके घन के अंत में 8 आता है (जैसे $2^3 = 8, 12^3 = 1728$); तथा अंत में 8 आने पर घन के अंत में 2 आता है ($8^3 = 512$)।
- जिन संख्याओं के अंत में 3 आता है, उनके घन के अंत में 7 आता है ($3^3 = 27$); तथा अंत में 7 आने पर घन के अंत में 3 आता है ($7^3 = 343$)। (2 ↔ 8 तथा 3 ↔ 7 एक-दूसरे के पूरक हैं, योग = 10)।
- शून्यों की संख्या: पूर्ण घन संख्या के अंत में शून्यों की संख्या सदैव 3 का गुणज (Multiple of 3: जैसे 3, 6, 9 शून्य) होती है (जैसे 1000, 8000, 27000000)।