Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Mathematics • अध्याय 4
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 गणित का चौथा अध्याय "आँकड़ों का प्रबंधन" (Data Handling) सांख्यिकी (Statistics) और प्रायिकता (Probability) का व्यावहारिक आधार स्तंभ है। सूचनाओं के संकलन और संख्यात्मक तथ्यों को "आँकड़े" (Data) कहते हैं। इस अध्याय में यथाप्राप्त आँकड़ों (Raw Data) का संगठन, बारंबारता बंटन सारणी (Frequency Distribution Table), मिलान चिह्न (Tally Marks), वर्गीकृत आँकड़े (Grouped Data), वर्ग अंतराल (Class Intervals), वर्ग सीमाएँ व वर्ग आमाप, आयतचित्र (Histogram) का आलेखन, वृत्त आलेख या पाई चार्ट (Pie Chart) के केंद्रीय कोणों की गणना ($Central\ Angle = \frac{Value}{Total} \times 360^\circ$), यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment), समप्रायिक परिणाम (Equally Likely Outcomes) तथा प्रायिकता के मौलिक सूत्र [$P(E) = \frac{Number\ of\ Favourable\ Outcomes}{Total\ Possible\ Outcomes}$] का सांगोपांग व प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🏏 मैच शुरू होने से पहले सिक्का ही क्यों उछाला जाता है, और मौसम विभाग बारिश की भविष्यवाणी कैसे करता है?

क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिकेट मैच में टॉस के लिए हमेशा निष्पक्ष सिक्का ही क्यों चुना जाता है? पासा फेंकने पर 6 आने की कितनी संभावना है? जब आप टीवी पर चुनाव परिणाम या बजट का विश्लेषण देखते हैं, तो एक गोल वृत्त को रंग-बिरंगे टुकड़ों में काटकर दिखाया जाता है—उसे पाई चार्ट क्यों कहते हैं और उसके कोण कैसे तय होते हैं? और जब डॉक्टर या वैज्ञानिक दवाओं का परीक्षण करते हैं, तो वे हजारों मरीजों के आँकड़ों को आयतचित्र में कैसे सजाते हैं? आइए, संख्याओं के भीतर छिपी कहानियों को उजागर करने वाले सांख्यिकी और प्रायिकता के विज्ञान को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

आधुनिक 21वीं सदी डेटा साइंस (Data Science), बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग है। झारखण्ड की जनगणना, खनिज उत्पादन रिपोर्ट, कृषि उपज के आँकड़ों, मौसम पूर्वानुमान और बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम निर्धारण में आँकड़ों के वर्गीकरण, पाई चार्ट और प्रायिकता सिद्धांतों का अनिवार्य उपयोग होता है। यह अध्याय कक्षा 9 और 10 के सांख्यिकी व प्रायिकता अध्यायों का सीधा प्रवेश द्वार है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • साधारण आँकड़ों का संकलन और टेली मार्क (मिलान चिह्न) लगाना।
  • दण्ड आलेख (Bar Graph) और दोहरा दण्ड आलेख (Double Bar Graph) की समझ।
  • कोणों की माप (डिग्री) तथा वृत्त के कुल कोण 360° होने का ज्ञान।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • यथाप्राप्त आँकड़ों को वर्गीकृत बारंबारता बंटन सारणी (Grouped Frequency Table) में व्यवस्थित कर सकेंगे।
  • वर्ग अंतराल, निम्न सीमा, उच्च सीमा, वर्ग आमाप तथा वर्ग चिह्न की सटीक गणना कर सकेंगे।
  • आयतचित्र (Histogram) खींच सकेंगे तथा किंक (निकुंज) रेखा की वैज्ञानिक आवश्यकता समझा सकेंगे।
  • दिए गए आँकड़ों के लिए केंद्रीय कोणों की गणना कर प्रकार व पटरी की सहायता से पाई चार्ट बना सकेंगे।
  • यादृच्छिक प्रयोगों (सिक्का उछालना, पासा फेंकना, ताश के पत्ते) में किसी घटना की प्रायिकता P(E) ज्ञात कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. आँकड़ों का संगठन, वर्गीकरण एवं ब...
2 2. आयतचित्र (Histogram): रचना एवं क...
3 3. वृत्त आलेख या पाई चार्ट (Circle...
4 4. प्रायिकता (Probability): संयोग,...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. आँकड़ों का संगठन, वर्गीकरण एवं बारंबारता बंटन सारणी

किसी संदर्भ में एकत्रित किए गए संख्यात्मक प्रेक्षणों या तथ्यों के संग्रह को आँकड़े (Data) कहते हैं। जब आँकड़े अपने मूल रूप में होते हैं, तो उन्हें यथाप्राप्त आँकड़े (Raw Data) कहते हैं।

वर्गीकृत आँकड़े एवं बारंबारता शब्दावली:

जब प्रेक्षणों की संख्या बहुत अधिक हो, तो उन्हें छोटे-छोटे समूहों में बाँट लिया जाता है, जिन्हें वर्ग अंतराल (Class Intervals) कहते हैं:

  • वर्ग अंतराल (Class Interval): जैसे $10 - 20, 20 - 30, 30 - 40$। अंतराल $10 - 20$ में 10 को निम्न वर्ग सीमा (Lower Limit) तथा 20 को उच्च वर्ग सीमा (Upper Limit) कहते हैं।
  • अतिव्यापी विधि (Continuous Class): अंतराल $10 - 20$ में प्रेक्षण 10 सम्मिलित होता है, परंतु 20 अगले अंतराल $20 - 30$ में गिना जाता है।
  • वर्ग आमाप / चौड़ाई (Class Size / Width, $h$): उच्च सीमा और निम्न सीमा का अंतर वर्ग आमाप कहलाता है: $$h = \text{उच्च सीमा} - \text{निम्न सीमा} = 20 - 10 = 10$$
  • वर्ग चिह्न / मध्य बिंदु (Class Mark): वर्ग अंतराल का ठीक बीच का मान: $$\text{वर्ग चिह्न} = \frac{\text{उच्च सीमा} + \text{निम्न सीमा}}{2} = \frac{20 + 10}{2} = 15$$
  • बारंबारता (Frequency, $f$): कोई प्रेक्षण या वर्ग अंतराल में आँकड़े जितनी बार आते हैं, उसे उस वर्ग की बारंबारता कहते हैं। इसे दर्शाने के लिए मिलान चिह्न (Tally Marks) का उपयोग किया जाता है (1 = |, 2 = ||, 3 = |||, 4 = ||||, 5 = ||||)।

2. आयतचित्र (Histogram): रचना एवं किंक (निकुंज) रेखा

वर्गीकृत एवं संतत (Continuous) आँकड़ों का द्वि-विमीय ज्यामितीय निरूपण आयतचित्र (Histogram) कहलाता है:

  • आयतचित्र में क्षैतिज अक्ष ($X$-अक्ष) पर वर्ग अंतरालों को दर्शाया जाता है तथा ऊर्ध्वाधर अक्ष ($Y$-अक्ष) पर संगत बारंबारताओं को दर्शाया जाता है।
  • साधारण दण्ड आलेख और आयतचित्र में अंतर: दण्ड आलेख में स्तंभों के बीच समान दूरियाँ (Gaps) छोड़ी जाती हैं, जबकि आयतचित्र में दो संलग्न आयतों के बीच कोई रिक्त स्थान (Gap) नहीं होता, क्योंकि वर्ग अंतराल संतत होते हैं।
  • प्रत्येक आयत का क्षेत्रफल उसकी बारंबारता के समानुपाती होता है।

किंक या निकुंज (Jagged Line / Kink रेखा) का महत्व:

जब $X$-अक्ष पर आँकड़े शून्य (0) से प्रारंभ न होकर किसी बड़ी संख्या (जैसे 100, 150 आदि) से प्रारंभ होते हैं, तो मूल बिंदु 0 और प्रथम वर्ग सीमा के बीच अक्ष पर एक टेढ़ी-मेढ़ी (जिग-जैग / Kink) रेखा खींची जाती है। यह दर्शाती है कि 0 से उस संख्या के बीच की अक्ष दूरी को संकुचित (तोड़) दिया गया है।

3. वृत्त आलेख या पाई चार्ट (Circle Graph / Pie Chart)

जब आँकड़ों को एक वृत्त के विभिन्न त्रिज्यखंडों (Sectors) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, तो इस आलेख को वृत्त आलेख या पाई चार्ट (Pie Chart) कहते हैं। संपूर्ण वृत्त संपूर्ण आँकड़े (100% या कुल योग) को दर्शाता है और प्रत्येक त्रिज्यखंड उस संपूर्ण के एक भाग को प्रदर्शित करता है।

केंद्रीय कोण (Central Angle) की गणना:

वृत्त के केंद्र पर बना कुल कोण सदैव $360^\circ$ होता है। अतः किसी घटक के त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण निम्नलिखित सूत्र से निकाला जाता है:

$$\text{त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण} = \left( \frac{\text{उस घटक का मान}}{\text{कुल मान}} \right) \times 360^\circ$$

प्रतिशत के रूप में: यदि घटक $P\%$ है, तो $\text{केंद्रीय कोण} = \frac{P}{100} \times 360^\circ$।

पाई चार्ट बनाने के चरण:

  1. प्रत्येक मद (घटक) के लिए केंद्रीय कोण की गणना कीजिए।
  2. जाँच कीजिए कि सभी केंद्रीय कोणों का योग ठीक $360^\circ$ आ रहा है या नहीं।
  3. प्रकार (Compass) की सहायता से किसी सुविधाजनक त्रिज्या का वृत्त खींचिए।
  4. चाँदे (Protractor) की सहायता से केंद्र पर प्रत्येक कोण का त्रिज्यखंड बनाइए।
  5. प्रत्येक त्रिज्यखंड को अलग-अलग रंगों/शेपों से नामांकित कीजिए।

4. प्रायिकता (Probability): संयोग, घटना एवं गणितीय संभावना

दैनिक जीवन में हम अक्सर ऐसे वाक्य बोलते हैं: "आज वर्षा होने का संयोग (संभावना) है", "भारत का मैच जीतने का चांस अधिक है"। गणित में किसी घटना के घटित होने की अनिश्चितता के संख्यात्मक माप को प्रायिकता (Probability) कहते हैं।

प्रायिकता की मूलभूत शब्दावली:

  • यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment): एक ऐसा प्रयोग जिसके सभी संभावित परिणाम पहले से ज्ञात हों, परंतु किसी विशिष्ट परीक्षण में क्या परिणाम आएगा, इसकी निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती; जैसे निष्पक्ष सिक्का उछालना या पासा फेंकना।
  • समप्रायिक परिणाम (Equally Likely Outcomes): जब किसी प्रयोग के प्रत्येक परिणाम के आने की संभावना ठीक बराबर हो; जैसे सिक्के में शीर्ष (Head) और पुच्छ (Tail) आने की संभावना $1/2$ और $1/2$ बराबर है।
  • घटना (Event, $E$): प्रयोग के एक या अधिक परिणामों के संग्रह को घटना कहते हैं।

प्रायिकता का मौलिक सूत्र (Formula for Probability):

$$P(E) = \frac{\text{घटना } E \text{ के अनुकूल परिणामों की संख्या (Number of Favourable Outcomes)}}{\text{प्रयोग के कुल संभावित परिणामों की संख्या (Total Possible Outcomes)}}$$

प्रायिकता के मौलिक नियम:

  • किसी भी घटना की प्रायिकता सदैव 0 और 1 के बीच (0 और 1 सहित) होती है: $$0 \le P(E) \le 1$$
  • असंभव घटना (Impossible Event): जो कभी नहीं हो सकती; उसकी प्रायिकता $0$ होती है (जैसे 6-फलकीय पासे पर संख्या 7 आना)।
  • निश्चित घटना (Sure / Certain Event): जो निश्चित रूप से होगी; उसकी प्रायिकता $1$ होती है (जैसे पासे पर 7 से छोटी संख्या आना)।
  • किसी घटना के होने की प्रायिकता $P(E)$ तथा न होने की प्रायिकता $P(\bar{E})$ का योग सदैव 1 होता है: $$P(E) + P(\bar{E}) = 1$$

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

पाई चार्ट का केंद्रीय कोण सूत्र (Central Angle for Pie Chart Sector)
θ = (घटक का मान / कुल मान) × 360°
सभी घटकों के केंद्रीय कोणों का योग सदैव 360° होना चाहिए।
प्रायिकता का मौलिक सूत्र (Classical Probability Formula)
P(E) = n(E) / n(S)
जहाँ n(E) = अनुकूल परिणाम, n(S) = प्रतिदर्श समष्टि में कुल संभावित परिणाम। 0 ≤ P(E) ≤ 1।
वर्ग चिह्न / मध्य बिंदु सूत्र (Class Mark / Mid-point)
Class Mark = (उच्च सीमा + निम्न सीमा) / 2
वर्ग आमाप h = उच्च वर्ग सीमा - निम्न वर्ग सीमा।
पूरक घटना प्रायिकता (Complementary Event Probability)
P(न होने की) = 1 - P(होने की) ⇒ P(not E) = 1 - P(E)
सिक्के में हेड न आने की प्रायिकता = 1 - 1/2 = 1/2।
पासे के कुल संभावित परिणाम (Outcomes of Rolling a Die)
S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} ⇒ n(S) = 6
सम संख्या {2,4,6} ⇒ P = 3/6 = 1/2; अभाज्य संख्या {2,3,5} ⇒ P = 3/6 = 1/2।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक पासे को एक बार फेंका जाता है। निम्नलिखित प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए:\n(i) एक अभाज्य संख्या (ii) 2 और 6 के बीच स्थित कोई संख्या (iii) एक विषम संख्या
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nपासे को फेंकने पर कुल संभावित परिणाम: $S = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\}$\nकुल परिणामों की संख्या $n(S) = 6$\n\n(i) एक अभाज्य संख्या (Prime number):\nअभाज्य संख्याएँ हैं: $\{2, 3, 5\}$\nअनुकूल परिणाम $n(E_1) = 3$\n$$P(\text{अभाज्य}) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$$\n\n(ii) 2 और 6 के बीच स्थित संख्या:\nसंख्याएँ हैं: $\{3, 4, 5\}$\nअनुकूल परिणाम $n(E_2) = 3$\n$$P(2 \text{ और } 6 \text{ के बीच}) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$$\n\n(iii) एक विषम संख्या (Odd number):\nविषम संख्याएँ हैं: $\{1, 3, 5\}$\nअनुकूल परिणाम $n(E_3) = 3$\n$$P(\text{विषम संख्या}) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$$\n\nउत्तर: तीनों घटनाओं की प्रायिकता 1/2 है।
उदाहरण 2
एक दिन में एक विद्यार्थी द्वारा विभिन्न क्रियाकलापों में व्यतीत किया गया समय (घंटों में) निम्नलिखित है:\nसोना: 8 घंटे, स्कूल: 6 घंटे, गृहकार्य: 4 घंटे, खेलकूद: 4 घंटे, अन्य: 2 घंटे।\nइन आँकड़ों के लिए पाई चार्ट खींचने हेतु प्रत्येक घटक के केंद्रीय कोण की गणना कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nकुल समय = $8 + 6 + 4 + 4 + 2 = 24$ घंटे\nसंपूर्ण वृत्त का कुल कोण = $360^\circ$\n\nकेंद्रीय कोण की गणना सूत्र:\n$$\text{केंद्रीय कोण} = \left( \frac{\text{घंटे}}{24} \right) \times 360^\circ$$\n\n1. सोना: $\frac{8}{24} \times 360^\circ = \frac{1}{3} \times 360^\circ = 120^\circ$\n2. स्कूल: $\frac{6}{24} \times 360^\circ = \frac{1}{4} \times 360^\circ = 90^\circ$\n3. गृहकार्य: $\frac{4}{24} \times 360^\circ = \frac{1}{6} \times 360^\circ = 60^\circ$\n4. खेलकूद: $\frac{4}{24} \times 360^\circ = \frac{1}{6} \times 360^\circ = 60^\circ$\n5. अन्य: $\frac{2}{24} \times 360^\circ = \frac{1}{12} \times 360^\circ = 30^\circ$\n\nजाँच:\n$120^\circ + 90^\circ + 60^\circ + 60^\circ + 30^\circ = 360^\circ$ (पूर्ण वृत्त)।
उदाहरण 3
अच्छी प्रकार से फेंटी गई 52 पत्तों की ताश की गड्डी में से एक पत्ता यादृच्छया निकाला जाता है।\n(i) लाल रंग का बादशाह प्राप्त करने की प्रायिकता क्या है?\n(ii) एक हुकुम का पत्ता प्राप्त करने की प्रायिकता क्या है?\n(iii) एक इक्का प्राप्त करने की प्रायिकता क्या है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nताश की गड्डी में कुल पत्तों की संख्या $n(S) = 52$\n\n(i) लाल रंग का बादशाह (King of red color):\nलाल रंग के 2 बादशाह होते हैं (एक पान का और एक ईंट का)।\nअनुकूल परिणाम $n(E_1) = 2$\n$$P(\text{लाल बादशाह}) = \frac{2}{52} = \frac{1}{26}$$\n\n(ii) हुकुम का पत्ता (Spade):\nहुकुम के कुल 13 पत्ते होते हैं।\nअनुकूल परिणाम $n(E_2) = 13$\n$$P(\text{हुकुम}) = \frac{13}{52} = \frac{1}{4}$$\n\n(iii) एक इक्का (Ace):\nकुल 4 इक्के होते हैं (पान, ईंट, हुकुम, चिड़ी)।\nअनुकूल परिणाम $n(E_3) = 4$\n$$P(\text{इक्का}) = \frac{4}{52} = \frac{1}{13}$$
उदाहरण 4
वर्ग अंतराल 25 - 35 के लिए:\n(i) निम्न वर्ग सीमा क्या है?\n(ii) उच्च वर्ग सीमा क्या है?\n(iii) वर्ग आमाप (चौड़ाई) क्या है?\n(iv) वर्ग चिह्न क्या है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nदिए गए वर्ग अंतराल 25 - 35 में:\n(i) निम्न वर्ग सीमा (Lower limit) = 25\n(ii) उच्च वर्ग सीमा (Upper limit) = 35\n(iii) वर्ग आमाप ($h$) = उच्च सीमा − निम्न सीमा = $35 - 25 = 10$\n(iv) वर्ग चिह्न = $\frac{35 + 25}{2} = \frac{60}{2} = 30$
उदाहरण 5
एक थैले में 5 लाल गेंदें और 3 नीली गेंदें हैं। थैले में से एक गेंद बिना देखे निकाली जाती है।\n(i) एक लाल गेंद प्राप्त होने की प्रायिकता क्या है?\n(ii) एक लाल गेंद न प्राप्त होने की प्रायिकता क्या है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nकुल गेंदों की संख्या $n(S) = 5 + 3 = 8$\n\n(i) लाल गेंद प्राप्त होना:\nलाल गेंदों की संख्या $n(R) = 5$\n$$P(\text{लाल गेंद}) = \frac{5}{8}$$\n\n(ii) लाल गेंद न प्राप्त होना (अर्थात नीली गेंद होना):\nनीली गेंदों की संख्या $n(B) = 3$\n$$P(\text{लाल नहीं}) = \frac{3}{8}$$\n(अथवा सूत्र से: $P(\text{लाल नहीं}) = 1 - P(\text{लाल}) = 1 - \frac{5}{8} = \frac{3}{8}$)\n\nउत्तर: (i) 5/8 (ii) 3/8।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आयतचित्र (Histogram) बनाते समय स्तंभों के बीच दूरी (Gaps) छोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

दण्ड आलेख में गैप छोड़े जाते हैं, परंतु आयतचित्र में वर्ग अंतराल संतत होने के कारण आयत परस्पर सटे हुए होते हैं और कोई गैप नहीं होता।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

किसी घटना की प्रायिकता 1 से अधिक या ऋणात्मक लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

प्रायिकता सदैव 0 से 1 के मध्य (0 ≤ P ≤ 1) होती है। प्रायिकता कभी ऋणात्मक या 1 से बड़ी नहीं हो सकती।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

पाई चार्ट में घटक के प्रतिशत मान को ही सीधे कोण मान लेना (जैसे 25% को 25° समझ लेना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

प्रतिशत को कोण में बदलने के लिए 360° के आधार पर गणना की जाती है: 25% का केंद्रीय कोण = (25/100) × 360° = 90°।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling): आयतचित्र, पाई चार्ट व प्रायिकता A. आयतचित्र (Histogram with Kink) वर्ग बारंबारता (f) किंक 4 8 6 3 20 30 40 50 60 संतत वर्ग अंतराल ⇒ कोई गैप नहीं B. पाई चार्ट एवं प्रायिकता सोना 120° स्कूल 90° गृहकार्य खेल अन्य प्रायिकता P(E) P = n(E) / n(S) 0 ≤ P(E) ≤ 1 • असंभव = 0 • निश्चित = 1 • पासा: सम = 1/2 • सिक्का: हेड = 1/2 केंद्रीय कोण = (मान / कुल) × 360° P(E) + P(not E) = 1 सांख्यिकी व संभावना का गणितीय समन्वय

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. संख्यात्मक तथ्यों और प्रेक्षणों के संग्रह को आँकड़े (Data) कहते हैं; मूल रूप को यथाप्राप्त आँकड़े कहते हैं।
मुख्य बिंदु 2
  1. बड़े आँकड़ों को सुव्यवस्थित करने के लिए वर्ग अंतरालों में बाँटकर बारंबारता बंटन सारणी बनाई जाती है।
मुख्य बिंदु 3
  1. वर्ग आमाप = उच्च वर्ग सीमा - निम्न वर्ग सीमा; वर्ग चिह्न = (उच्च सीमा + निम्न सीमा)/2।
मुख्य बिंदु 4
  1. संतत बारंबारता बंटन को प्रदर्शित करने वाले आयतों के समूह को आयतचित्र (Histogram) कहते हैं, जिसमें आयतों के बीच कोई गैप नहीं होता।
मुख्य बिंदु 5
  1. यदि आँकड़े शून्य से प्रारंभ न होकर बड़ी संख्या से शुरू हों, तो X-अक्ष पर किंक (निकुंज रेखा) बनाई जाती है।
मुख्य बिंदु 6
  1. आँकड़ों को वृत्त के त्रिज्यखंडों द्वारा प्रदर्शित करने वाले आलेख को वृत्त आलेख या पाई चार्ट कहते हैं।
मुख्य बिंदु 7
  1. त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण = (घटक का मान / कुल मान) × 360° होता है; सभी केंद्रीय कोणों का योग 360° होता है।
मुख्य बिंदु 8
  1. जिस प्रयोग के सभी संभावित परिणाम ज्ञात हों पर निश्चित परिणाम पूर्व-ज्ञात न हो, उसे यादृच्छिक प्रयोग कहते हैं।
मुख्य बिंदु 9
  1. किसी घटना E की प्रायिकता P(E) = अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या होती है।
मुख्य बिंदु 10
  1. प्रायिकता का मान सदैव 0 और 1 के बीच (0 ≤ P ≤ 1) होता है; असंभव घटना की प्रायिकता 0 तथा निश्चित घटना की 1 होती है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
वर्ग अंतराल 40 - 50 की निम्न सीमा, उच्च सीमा तथा वर्ग आमाप क्या हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: निम्न सीमा = 40, उच्च सीमा = 50, तथा वर्ग आमाप = 50 - 40 = 10।
वर्ग आमाप = उच्च सीमा - निम्न सीमा।
2
आयतचित्र (Histogram) में किंक (Kink / निकुंज) रेखा क्यों बनाई जाती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जब X-अक्ष पर मान शून्य (0) से शुरू न होकर किसी बड़ी संख्या से प्रारंभ होते हैं, तो 0 और प्रथम वर्ग सीमा के बीच की दूरी को संकुचित दर्शाने के लिए किंक रेखा बनाई जाती है।
यह आलेख को अनुपातहीन और अनावश्यक लंबा होने से बचाता है।
3
पाई चार्ट में संपूर्ण वृत्त का कुल केंद्रीय कोण कितना होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: संपूर्ण वृत्त का कुल केंद्रीय कोण 360° होता है।
वृत्त के केंद्र पर चारों ओर बनने वाले सभी कोणों का योग 360° होता है।
4
एक निष्पक्ष पासा फेंकने पर 7 आने की प्रायिकता क्या होगी और क्यों?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: प्रायिकता 0 होगी क्योंकि 7 आना एक असंभव घटना (Impossible Event) है।
पासे पर केवल संख्याएँ 1 से 6 तक ही अंकित होती हैं, 7 आना असंभव है।
5
यदि किसी घटना के होने की प्रायिकता 0.65 है, तो उसके न होने की प्रायिकता क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: P(न होने की) = 1 - 0.65 = 0.35।
सूत्र: P(E) + P(not E) = 1।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling) में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।