यदि दो राशियाँ $x$ और $y$ इस प्रकार परस्पर संबंधित हों कि जब $x$ में वृद्धि (या कमी) होती है, तो $y$ में भी उसी अनुपात में वृद्धि (या कमी) होती है, अर्थात उनका अनुपात $\frac{x}{y}$ सदैव स्थिर (Constant) रहता है, तो वे सीधे समानुपात (Direct Proportion) में कहलाती हैं।
सीधे समानुपात का गणितीय नियम:
$$\frac{x}{y} = k \quad \text{अथवा} \quad \frac{x_1}{y_1} = \frac{x_2}{y_2}$$
जहाँ $k$ एक धनात्मक अचर (Constant of Proportionality) है। तिर्यक गुणा करने पर: $x_1 \times y_2 = x_2 \times y_1$।
दैनिक जीवन में सीधे समानुपात के उदाहरण:
- खरीदी गई वस्तुओं की संख्या और उनका कुल मूल्य।
- नियत चाल पर किसी वाहन द्वारा तय की गई दूरी और उसमें लगा समय।
- बैंक में जमा मूलधन और उस पर मिलने वाला साधारण ब्याज।
- मानचित्र पर दो शहरों के बीच की दूरी और उनकी वास्तविक जमीनी दूरी।