वे पदार्थ जो अपने में से विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं, उन्हें विद्युत के सुचालक (Good Conductors) कहते हैं, तथा जो आसानी से प्रवाहित नहीं होने देते, उन्हें हीन चालक (Poor Conductors) कहते हैं। ठोसों की तरह कई द्रव भी विद्युत का चालन करते हैं:
| परीक्षण द्रव | विद्युत धारा का संवहन | चालकता की श्रेणी | वैज्ञानिक कारण |
|---|---|---|---|
| आसुत जल (Distilled Water) | बल्ब नहीं जलता | हीन चालक / कुचालक | इसमें कोई घुले हुए खनिज लवण या मुक्त आयन ($H^+, OH^-$ को छोड़कर) नहीं होते। |
| नल / कुएँ / तालाब का जल | बल्ब जलता है | सुचालक | इसमें अल्प मात्रा में प्राकृतिक खनिज लवण घुले होते हैं जो मुक्त आयन प्रदान करते हैं। |
| नींबू का रस / सिरका | बल्ब जलता है | सुचालक | साइट्रिक अम्ल और एसीटिक अम्ल जल में वियोजित होकर आयन बनाते हैं। |
| नमक का जलीय घोल (NaCl) | बल्ब बहुत तेज जलता है | उत्कृष्ट सुचालक | सोडियम ($Na^+$) और क्लोराइड ($Cl^-$) आयनों की प्रचुरता के कारण। |
| वनस्पति तेल / शहद / चीनी का घोल | बल्ब नहीं जलता | हीन चालक | ये सहसंयोजक यौगिक हैं और जल में आयनों में नहीं टूटते। |
सर्वव्यापी निष्कर्ष (Universal Principle):
विद्युत का चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्लों (Acids), क्षारकों (Bases) तथा लवणों (Salts) के जलीय विलयन होते हैं, क्योंकि इनमें स्वतंत्र रूप से गति करने वाले धनायन (Cations) और ऋणायन (Anions) उपस्थित होते हैं।