Foundation वायु हमारे चारों ओर फैला हुआ एक अदृश्य गैसीय आवरण है। क्योंकि वायु एक पदार्थ है, इसलिए इसमें निश्चित द्रव्यमान और भार होता है। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल वायुमंडलीय गैसों को धरातल की ओर आकर्षित करता है। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण वायुमंडल की गैसों द्वारा धरातल की प्रति इकाई क्षेत्रफल पर पड़ने वाले ऊर्ध्वाधर बल या भार को वायुमंडलीय दाब या वायुदाब (Atmospheric Pressure) कहते हैं।
Scientific Phenomenon मानक समुद्रतलीय वायुदाब (Standard Sea-Level Pressure):
समुद्र तल पर 45° अक्षांश पर 0°C तापमान पर वायुमंडल जो औसत भार डालता है, उसे मानक वायुदाब कहा जाता है:
- पारा स्तंभ के आधार पर: 76 सेंटीमीटर (या 760 मिलीमीटर) पारे के स्तंभ के बराबर दाब।
- अंतरराष्ट्रीय इकाई (SI Unit): 1013.25 मिलीबार (mb) या 1013.25 हेक्टोपास्कल (hPa)।
- भार के आधार पर: धरातल के प्रति 1 वर्ग सेमी क्षेत्र पर लगभग 1.033 किलोग्राम भार (प्रति वर्ग इंच लगभग 14.7 पाउंड)।
Mechanism वायुदाब मापक यंत्र: बैरोमीटर (Barometer):
1643 ईस्वी में इटली के भौतिकविज्ञानी इवानजेलिस्टा टोरिसेली (Evangelista Torricelli) ने सर्वप्रथम काँच की नली में पारे का उपयोग करके पारद बैरोमीटर का आविष्कार किया था। बाद में बिना किसी तरल के धातु की कमानी से निर्मित सुवाह्य एनीरॉयड बैरोमीटर (Aneroid Barometer) बनाया गया, जिसका उपयोग विमानों में ऊँचाई मापने वाले अल्टीमीटर (Altimeter) के रूप में होता है।
Analysis समदाब रेखाएँ (Isobars):
मौसम मानचित्र पर समुद्र तल के संदर्भ में समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाने वाली काल्पनिक वक्र रेखाओं को समदाब रेखाएँ (Isobars) कहते हैं (ग्रीक शब्द 'Isos' = समान तथा 'Baros' = भार)।
Application बैरोमीटर के पाठ्यांक द्वारा मौसम का पूर्वानुमान:
- पारे का धीरे-धीरे ऊपर चढ़ना: स्वच्छ, शुष्क एवं शांत मौसम का सूचक है (उच्चदाब की स्थापना)।
- पारे का धीरे-धीरे नीचे गिरना: वर्षा एवं नमी के आगमन का सूचक है।
- पारे का अचानक और तेजी से गिरना: उस स्थान पर गहरा निम्नदाब बन गया है और अतिशीघ्र भयानक आंधी, तूफान या चक्रवात आने वाला है!