Foundation पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर 24 घंटे में एक चक्कर लगाने (घूर्णन / दैनिक गति) के साथ-साथ एक निश्चित अंडाकार कक्षा में सूर्य के चारों ओर निरंतर चक्कर लगाती है। सूर्य के चारों ओर घूमने की इस गति को ‘परिक्रमण गति’ या ‘वार्षिक गति’ (Earth's Revolution) कहते हैं। जिस मार्ग पर पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, उसे कक्षा (Orbit) तथा कक्षा जिस काल्पनिक तल में स्थित है, उसे कक्षा-तल (Orbital Plane) कहते हैं। पृथ्वी की कक्षा की कुल लंबाई लगभग 96 करोड़ किलोमीटर है।
Scientific Phenomenon परिक्रमण के दौरान पृथ्वी अंतरिक्ष में अत्यंत तीव्र गति से चलती है। पृथ्वी का औसत कक्षीय वेग लगभग 30 किलोमीटर प्रति सेकंड (लगभग 1,07,000 किमी/घंटा) होता है। सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने में पृथ्वी को 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड (लगभग 365 दिन 6 घंटे या 365¼ दिन) का समय लगता है। इस अवधि को एक सौर वर्ष (Solar Year) कहा जाता है।
Mechanism सामान्य कैलेंडर में 1 वर्ष को ठीक 365 दिन माना जाता है। इससे प्रत्येक वर्ष लगभग 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड (लगभग 6 घंटे) की समय-गणना छूट जाती है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए प्रत्येक 4 वर्ष में (4 × 6 = 24 घंटे = 1 दिन) एक अतिरिक्त दिन जोड़कर उस वर्ष को 366 दिन गिना जाता है। इस वर्ष को अधिवर्ष या लीप ईयर (Leap Year) कहा जाता है। यह अतिरिक्त 29वाँ दिन फरवरी माह में जोड़ा जाता है।
Analysis लीप ईयर की गणना का सटीक गणितीय नियम:
- जो सामान्य वर्ष 4 से पूर्णतः विभाजित होते हैं, वे लीप ईयर होते हैं (जैसे: 2024, 2028)।
- किंतु जिन वर्षों के अंत में दो शून्य होते हैं (अर्थात शताब्दी वर्ष / Century Years, जैसे: 1800, 1900, 2000, 2100), उन्हें केवल 4 से नहीं बल्कि 400 से पूर्णतः विभाजित होना आवश्यक है। इसका कारण यह है कि अतिरिक्त समय ठीक 6 घंटे नहीं, बल्कि 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड (6 घंटे से 11 मिनट 14 सेकंड कम) होता है। प्रति 4 वर्ष में लगभग 45 मिनट अधिक जुड़ जाते हैं, जो 400 वर्षों में लगभग 3 अतिरिक्त दिनों के बराबर हो जाते हैं। अतः 1600 और 2000 लीप ईयर थे, किंतु 1800, 1900 और 2100 सामान्य वर्ष हैं।
Application यदि लीप ईयर का यह समायोजन न किया जाए, तो प्रत्येक 100 वर्ष में ऋतुएं लगभग 24 दिन आगे खिसक जाएंगी। कुछ ही शताब्दियों में हमारा कैलेंडर ऋतुओं से पूरी तरह अलग हो जाएगा और भीषण अव्यवस्था फैल जाएगी।