Foundation मानव समाज को सुव्यवस्थित रखने के लिए आदिकाल से ही एक नियमबद्ध शासन प्रणाली की आवश्यकता रही है। ‘सरकार’ शब्द हमारे दैनिक जीवन में निरंतर प्रयुक्त होता है। भाषाई दृष्टि से ‘सरकार’ शब्द फारसी भाषा से आया है। फारसी शब्द ‘सर’ (जिसका अर्थ सिर अथवा प्रमुख होता है) और ‘कार’ (जिसका अर्थ काम अथवा कर्ता होता है) के मेल से ‘सरकार’ शब्द बना, जिसका शाब्दिक अर्थ है शासनप्रमुख या राष्ट्र का सर्वोच्च नियामक तंत्र। किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों को सुरक्षा देने, कर संग्रह करने और जनकल्याणकारी कार्य करने वाली सर्वोच्च संस्था को सरकार कहा जाता है।
Chronology इतिहास के विभिन्न युगों में शासन व्यवस्था के रूप बदलते रहे हैं:
- प्राचीन एवं मध्यकालीन राजतंत्र (Monarchy): मौर्य, गुप्त, सल्तनत एवं मुग़ल काल में संपूर्ण शासन सत्ता एक व्यक्ति (राजा, सुल्तान अथवा बादशाह) के हाथों में केंद्रित होती थी। राजा का पद वंशानुगत था और प्रजा को कोई राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं थे।
- औपनिवेशिक एवं अधिनायकवादी शासन (Colonialism & Autocracy): 18वीं व 19वीं सदी में भारत पर ब्रिटिश साम्राज्य का औपनिवेशिक शासन था, जहां भारतीयों की अपनी कोई संप्रभुता नहीं थी। दुनिया के कई देशों में सैनिक तानाशाही भी देखी गई जहां बलपूर्वक शासन चलाया गया।
- आधुनिक लोकतांत्रिक गणराज्य (Modern Democratic Republic): 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के उपरांत 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
Mechanism सरकार के मुख्य रूप से तीन प्रमुख कर्तव्य होते हैं:
- कानून निर्माण: नागरिकों एवं समाज के कल्याण के लिए उचित नियम एवं कानून बनाना।
- सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था: पुलिस के माध्यम से आंतरिक शांति बनाए रखना और थल, जल व नभ सेना द्वारा देश की सीमाओं की बाहरी शत्रुओं से रक्षा करना।
- जनकल्याणकारी विकास: विद्यालय, चिकित्सालय, पेयजल, सड़कें, रेलमार्ग, कृषि, उद्योग तथा आपदा के समय राहत उपलब्ध कराना।
Synthesis मध्यकालीन राजतंत्र में जनता केवल करदाता और आज्ञापालक प्रजा थी। लेकिन आधुनिक शासन में जनता ही संपूर्ण राजनीतिक शक्ति का वास्तविक स्रोत है।
Impact सरकार के बिना किसी सभ्य और सुरक्षित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार ही सामाजिक न्याय और कानून का शासन सुनिश्चित करती है।