1.1 द्विक लवण (Double Salts) बनाम उपसहसंयोजन यौगिक (Coordination Compounds)
| लक्षण | द्विक लवण (Double Salt) | उपसहसंयोजन यौगिक (Coordination Compound) |
|---|---|---|
| जलीय विलयन में व्यवहार | जल में घोलने पर यह अपने सभी संघटक आयनों में पूर्णतः वियोजित (dissociate) हो जाते हैं। | जल में घोलने पर संकुल आयन अपनी पहचान बनाए रखता है तथा संघटक आयनों में वियोजित नहीं होता। |
| आयनों का परीक्षण | यह अपने सभी संघटक आयनों का धनात्मक रासायनिक परीक्षण देते हैं। | संकुल मंडल (Coordination sphere) में उपस्थित धातु व लिगैंड अपना स्वतंत्र परीक्षण नहीं देते। |
| आबंधन | इनमें केवल सामान्य आयनिक बंध होते हैं। | इनमें केंद्रीय धातु एवं लिगैंडों के मध्य उपसहसंयोजक बंध होते हैं। |
| प्रमुख उदाहरण | • मोहर लवण: $\text{FeSO}_4\cdot(\text{NH}_4)_2\text{SO}_4\cdot 6\text{H}_2\text{O} \to \text{Fe}^{2+} + 2\text{NH}_4^+ + 2\text{SO}_4^{2-}$ • पोटाश फिटकरी: $\text{K}_2\text{SO}_4\cdot\text{Al}_2(\text{SO}_4)_3\cdot 24\text{H}_2\text{O}$ | • पोटैशियम फेरोसाइनाइड: $\text{K}_4[\text{Fe(CN)}_6] \to 4\text{K}^+ + [\text{Fe(CN)}_6]^{4-}$ (यह $\text{Fe}^{2+}$ या $\text{CN}^-$ का परीक्षण नहीं देता!) |
1.2 वर्नर का उपसहसंयोजन सिद्धांत (Werner's Theory)
अल्फ्रेड वर्नर (उपसहसंयोजन रसायन के जनक, 1913 नोबेल पुरस्कार) के अनुसार धातुएं दो प्रकार की संयोजकताएं प्रदर्शित करती हैं:
- प्राथमिक संयोजकता (Primary Valency):
- यह आयननीय (Ionizable) होती है।
- यह धातु की ऑक्सीकरण अवस्था (Oxidation State) से संबंधित होती है।
- यह केवल ऋणायनों (Anions) द्वारा संतुष्ट होती है।
- यह अ-दिशात्मक होती है (संरचना या ज्यामिति तय नहीं करती)। इसे बिंदुदार रेखाओं (dashed lines $---$) से दर्शाते हैं।
- द्वितीयक संयोजकता (Secondary Valency):
- यह अ-आयननीय (Non-ionizable) होती है।
- यह धातु की उपसहसंयोजन संख्या (Coordination Number) के बराबर होती है।
- यह उदासीन अणुओं (उदा. $\text{NH}_3, \text{H}_2\text{O}$) अथवा ऋणायनों द्वारा संतुष्ट होती है।
- यह दिशात्मक (Directional) होती है तथा संकुल की त्रिविम ज्यामिति (जैसे अष्टफलकीय, चतुष्फलकीय, वर्ग समतलीय) निर्धारित करती है। इसे ठोस रेखाओं (solid lines —) से दर्शाते हैं।
• $[\text{Co(NH}_3)_6]\text{Cl}_3 + 3\text{AgNO}_3 \longrightarrow 3\text{AgCl} \downarrow$ (3 $\text{Cl}^-$ प्राथमिक संयोजकता में हैं)
• $[\text{Co(NH}_3)_5\text{Cl}]\text{Cl}_2 + 2\text{AgNO}_3 \longrightarrow 2\text{AgCl} \downarrow$ (2 $\text{Cl}^-$ प्राथमिक, 1 $\text{Cl}^-$ द्वितीयक संयोजकता में)
• $[\text{Co(NH}_3)_4\text{Cl}_2]\text{Cl} + 1\text{AgNO}_3 \longrightarrow 1\text{AgCl} \downarrow$ (1 $\text{Cl}^-$ प्राथमिक, 2 $\text{Cl}^-$ द्वितीयक संयोजकता में)