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CBSE • कक्षा XII • Mathematics • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

अवकलज के अनुप्रयोग

अवकलज के अनुप्रयोग (Application of Derivatives) उच्च गणित एवं व्यावहारिक विज्ञान की सबसे शक्तिशाली एवं उपयोगी शाखाओं में से एक है। अवकलन की प्रक्रिया केवल प्रतीकात्मक बीजगणित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भौतिक जगत में हो रहे परिवर्तनों, ज्यामितीय आकृतियों के स्पर्शियों तथा औद्योगिक व आर्थिक प्रणालियों के चरम अनुकूलन (Optimization) का अचूक गणितीय समाधान प्रदान करती है। प्रस्तुत अध्याय में अवकलज के पाँच प्रमुख व्यावहारिक स्तंभों का गहन अध्ययन किया जाता है: प्रथम, राशियों के परिवर्तन की दर (Rate of Change of Quantities), जहाँ $dy/dt$ के माध्यम से गुब्बारों के फूलने की दर, फिसलती सीढ़ी की गति, अथवा जल स्तर में वृद्धि का विश्लेषण होता है; द्वितीय, वर्धमान और ह्रासमान फलन (Increasing and Decreasing Functions), जहाँ प्रथम अवकलज $f'(x) > 0$ अथवा $f'(x) < 0$ की सहायता से फलनों के आरोही व अवरोही अंतरालों की पहचान की जाती है; तृतीय, स्पर्श रेखाएं एवं अभिलंब (Tangents and Normals), जहाँ वक्र के किसी बिंदु पर प्रवणता $m = \frac{dy}{dx}$ ज्ञात कर स्पर्श रेखा तथा उसके लंबवत अभिलंब के रैखिक समीकरण स्थापित किए जाते हैं; चतुर्थ, सन्निकटन एवं अवकल (Approximations and Differentials), जहाँ $\Delta y \approx dy = f'(x) \Delta x$ द्वारा वर्गमूल, घनमूल आदि के अत्यंत परिशुद्ध मान प्राप्त किए जाते हैं; तथा पंचम एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण, उच्चिष्ठ और निम्निष्ठ (Maxima and Minima), जहाँ प्रथम एवं द्वितीय अवकलज परीक्षण द्वारा न्यूनतम लागत में अधिकतम आयतन, न्यूनतम पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा व्यावहारिक ज्यामितीय आकृतियों के चरम मान (Extremum) सिद्ध किए जाते हैं।

एलन मस्क का स्पेसएक्स रॉकेट और न्यूनतम ईंधन में अधिकतम पेलोड: अवकलज से अनुकूलन का चमत्कार!

जब कोई अंतरिक्ष एजेंसी किसी रॉकेट को मंगल ग्रह की यात्रा पर भेजती है, तो सबसे बड़ा प्रश्न होता है: 'रॉकेट का आकार और ईंधन टैंक की बनावट कैसी हो कि धातु का वजन न्यूनतम हो परंतु ईंधन की क्षमता अधिकतम हो?' इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग के लॉस फंक्शन (Gradient Descent), शेयर बाजार के पोर्टफोलियो से लेकर किसी कारखाने में न्यूनतम टिन की चादर से अधिकतम धारिता वाला बेलनाकार डिब्बा बनाने तक—हर जगह एक ही गणितीय सिद्धांत कार्य करता है: फलन का अवकलज शून्य ($f'(x) = 0$) करना और द्वितीय अवकलज परीक्षण ($f''(x) < 0$) द्वारा अधिकतम लाभ (Global Maximum) प्राप्त करना! अवकलज ही विज्ञान की वह दूरबीन है जो आपको प्रकृति का सर्वोत्तम बिंदु दिखाती है!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

CBSE तथा CBSE 12वीं गणित बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 8 से 10 अंकों का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान रखता है: 1. उच्चिष्ठ/निम्निष्ठ का 5 या 6 अंक का निश्चित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: किसी गोले के अंतर्गत महत्तम आयतन वाले शंकु/बेलन को सिद्ध करना, तार को दो टुकड़ों में काटकर वर्ग व वृत्त बनाकर कुल क्षेत्रफल न्यूनतम करना। 2. वर्धमान/ह्रासमान फलन (3 अंक): बहुपदीय या त्रिकोणमितीय फलनों के लिए वे अंतराल ज्ञात करना जिनमें फलन निरंतर वर्धमान या ह्रासमान हो। 3. परिवर्तन की दर (2 या 3 अंक): सीढ़ी, पानी की टंकी या वृत्त के क्षेत्रफल में परिवर्तन की तात्कालिक दर। 4. JEE / NDA: अधिकतम-न्यूनतम मान, वक्रों के प्रतिच्छेद कोण (Orthogonal Curves) तथा आरेखीय विश्लेषण पर प्रतिवर्ष बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • मूलभूत अवकलज सूत्र एवं श्रृंखला नियम (Chain Rule)।
  • ठोस ज्यामिति के पृष्ठीय क्षेत्रफल व आयतन सूत्र (गोला, शंकु, बेलन, घन)।
  • द्विघात एवं उच्चघातीय असमिकाओं को वेवी-कर्व विधि (Wavy Curve Method) से हल करना।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • संबंधित दरों (Related Rates) वाले प्रश्नों में चरों के मध्य संबंध स्थापित कर परिवर्तन की दर परिकलित करना।
  • प्रथम अवकलज की सहायता से फलनों के निरंतर वर्धमान एवं ह्रासमान होने के अंतराल ज्ञात करना।
  • दिए गए वक्र के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा एवं अभिलंब के समीकरण ज्ञात करना तथा वक्रों की लंबकोणीयता सिद्ध करना।
  • प्रथम एवं द्वितीय अवकलज परीक्षण (Second Derivative Test) का प्रयोग कर स्थानीय उच्चिष्ठ एवं स्थानीय निम्निष्ठ बिंदु प्राप्त करना।
  • त्रिविमीय ज्यामितीय आकृतियों एवं व्यावहारिक दैनिक जीवन की समस्याओं में अधिकतम अथवा न्यूनतम मान सिद्ध करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. राशियों के परिवर्तन की दर (Rate...
2 2. वर्धमान और ह्रासमान फलन (Increas...
3 3. स्पर्श रेखाएं और अभिलंब (Tangent...
4 4. उच्चिष्ठ और निम्निष्ठ: सिद्धांत...
5 5. व्यावहारिक अनुकूलन समस्याएं (App...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. राशियों के परिवर्तन की दर (Rate of Change of Quantities)

1.1 परिवर्तन की दर की गणितीय व्याख्या

यदि कोई राशि $y$, किसी अन्य राशि $x$ के फलन के रूप में परिवर्तित होती है, अर्थात् $y = f(x)$, तो $x$ में अल्प परिवर्तन $\Delta x$ के कारण $y$ में संगत परिवर्तन $\Delta y$ होता है। $x$ के सापेक्ष $y$ के परिवर्तन की औसत दर $\frac{\Delta y}{\Delta x}$ होती है।

जब $\Delta x \to 0$, तो इस सीमा को $x$ के सापेक्ष $y$ के परिवर्तन की तात्कालिक दर (Instantaneous Rate of Change) कहते हैं:

$$\frac{dy}{dx} = \lim_{\Delta x \to 0} \frac{\Delta y}{\Delta x} = f'(x)$$

1.2 समय ($t$) के सापेक्ष संबंधित दरें (Related Rates)

व्यावहारिक भौतिक समस्याओं में दो या अधिक चर प्रायः समय $t$ के साथ परिवर्तित होते हैं। श्रृंखला नियम के अनुसार, यदि $y = f(x)$ हो, तो समय $t$ के सापेक्ष $y$ के परिवर्तन की दर:

$$\frac{dy}{dt} = \frac{dy}{dx} \cdot \frac{dx}{dt}$$

प्रश्नों को हल करने की चरणबद्ध कार्यविधि:

  1. दी गई ज्यामितीय स्थिति का एक स्पष्ट रेखाचित्र बनाएं तथा परिवर्तनीय राशियों को उपयुक्त चरों ($r, h, x, V, S$) से निरूपित करें।
  2. प्रश्न में दी गई दरों (जैसे $\frac{dr}{dt}, \frac{dV}{dt}$) को उचित धनात्मक (वृद्धि हेतु) या ऋणात्मक (कमी हेतु) चिह्नों के साथ पहचानें।
  3. राशियों के मध्य एक ज्यामितीय संबंध सूत्र स्थापित करें (उदा. बेलन का आयतन $V = \pi r^2 h$, गोले का आयतन $V = \frac{4}{3}\pi r^3$)।
  4. समय $t$ के सापेक्ष दोनों पक्षों का अवकलन करें तथा दी गई तात्कालिक सीमाओं का मान रखकर अभीष्ट दर ज्ञात करें।

2. वर्धमान और ह्रासमान फलन (Increasing and Decreasing Functions)

2.1 परिभाषा

मान लीजिए $I$ विवृत अंतराल है जो फलन $f$ के प्रांत में समाहित है।

  • निरंतर वर्धमान (Strictly Increasing): फलन $f$ अंतराल $I$ में निरंतर वर्धमान कहलाता है यदि अंतराल के किन्हीं भी दो बिंदुओं $x_1, x_2$ के लिए:
    $$x_1 < x_2 \implies f(x_1) < f(x_2)$$
  • वर्धमान (Increasing / Non-decreasing): यदि $x_1 < x_2 \implies f(x_1) \le f(x_2)$ हो।
  • निरंतर ह्रासमान (Strictly Decreasing): फलन $f$ अंतराल $I$ में निरंतर ह्रासमान कहलाता है यदि:
    $$x_1 < x_2 \implies f(x_1) > f(x_2)$$
  • ह्रासमान (Decreasing / Non-increasing): यदि $x_1 < x_2 \implies f(x_1) \ge f(x_2)$ हो।

2.2 प्रथम अवकलज कसौटी (First Derivative Test for Monotonicity)

मान लीजिए $f$ संवृत अंतराल $[a, b]$ पर सतत तथा विवृत अंतराल $(a, b)$ पर अवकलनीय है। तब:

  1. यदि प्रत्येक $x \in (a, b)$ के लिए $f'(x) > 0$ है, तो $f$, अंतराल $[a, b]$ में निरंतर वर्धमान होता है।
  2. यदि प्रत्येक $x \in (a, b)$ के लिए $f'(x) < 0$ है, तो $f$, अंतराल $[a, b]$ में निरंतर ह्रासमान होता है।
  3. यदि प्रत्येक $x \in (a, b)$ के लिए $f'(x) = 0$ है, तो $f$, अंतराल $[a, b]$ में एक अचर फलन (Constant Function) होता है।

अंतराल ज्ञात करने की विधि:

  1. फलन का अवकलज $f'(x)$ ज्ञात करें।
  2. $f'(x) = 0$ रखकर क्रांतिक बिंदु (Critical Points) ज्ञात करें।
  3. इन क्रांतिक बिंदुओं को संख्या रेखा पर अंकित कर संपूर्ण वास्तविक रेखा को असंयुक्त अंतरालों में विभाजित करें।
  4. प्रत्येक उप-अंतराल में से कोई परीक्षण बिंदु चुनकर $f'(x)$ के चिह्न ($+$ अथवा $-$) का परीक्षण करें।

3. स्पर्श रेखाएं और अभिलंब (Tangents and Normals)

3.1 स्पर्श रेखा की प्रवणता एवं समीकरण

वक्र $y = f(x)$ के किसी बिंदु $P(x_0, y_0)$ पर खींची गई स्पर्श रेखा (Tangent) की प्रवणता (Slope) $m$, उस बिंदु पर फलन के अवकलज के बराबर होती है:

$$m = \left(\frac{dy}{dx}\right)_{(x_0, y_0)} = f'(x_0)$$

अतः बिंदु $P(x_0, y_0)$ पर स्पर्श रेखा का रैखिक समीकरण (बिंदु-ढाल रूप):

$$y - y_0 = f'(x_0)(x - x_0)$$

3.2 अभिलंब की प्रवणता एवं समीकरण

अभिलंब (Normal) स्पर्श रेखा के स्पर्श बिंदु $P(x_0, y_0)$ पर खींची गई लंबवत रेखा होती है। दो परस्पर लंबवत रेखाओं की ढालों का गुणनफल $m_1 \cdot m_2 = -1$ होता है। अतः अभिलंब की प्रवणता:

$$m_{\text{normal}} = -\frac{1}{m_{\text{tangent}}} = -\frac{1}{f'(x_0)} \quad (\text{यदि } f'(x_0) \neq 0)$$

अतः बिंदु $P(x_0, y_0)$ पर अभिलंब का समीकरण:

$$y - y_0 = -\frac{1}{f'(x_0)}(x - x_0)$$

3.3 विशेष स्थितियाँ एवं लंबकोणीय वक्र

  • क्षैतिज स्पर्श रेखा (Horizontal Tangent): यदि स्पर्श रेखा $x$-अक्ष के समांतर हो, तो $\frac{dy}{dx} = 0$, अतः समीकरण $y = y_0$ होगा।
  • ऊर्ध्वाधर स्पर्श रेखा (Vertical Tangent): यदि स्पर्श रेखा $x$-अक्ष पर लंब ($y$-अक्ष के समांतर) हो, तो $\frac{dx}{dy} = 0$ (अर्थात ढाल अपरिभाषित), अतः समीकरण $x = x_0$ होगा।
  • लंबकोणीय वक्र (Orthogonal Curves): दो वक्र एक दूसरे को समकोण पर काटते हैं यदि उनके प्रतिच्छेद बिंदु पर दोनों की स्पर्श रेखाओं की प्रवणताओं का गुणनफल $-1$ हो: $m_1 \cdot m_2 = -1$।

4. उच्चिष्ठ और निम्निष्ठ: सिद्धांत एवं परीक्षण (Maxima and Minima: Theory and Tests)

4.1 स्थानीय उच्चिष्ठ एवं स्थानीय निम्निष्ठ (Local Maxima and Local Minima)

मान लीजिए $f$ एक वास्तविक फलन है और $c$ उसके प्रांत में एक बिंदु है।

  • स्थानीय उच्चिष्ठ बिंदु: यदि $c$ के एक विवृत प्रतिवेश (Neighborhood) $(c - h, c + h)$ में प्रत्येक $x$ के लिए $f(c) \ge f(x)$ हो, तो $c$ को स्थानीय उच्चिष्ठ बिंदु तथा $f(c)$ को फलन का स्थानीय उच्चतम मान कहते हैं।
  • स्थानीय निम्निष्ठ बिंदु: यदि $(c - h, c + h)$ में प्रत्येक $x$ के लिए $f(c) \le f(x)$ हो, तो $c$ को स्थानीय निम्निष्ठ बिंदु तथा $f(c)$ को स्थानीय न्यूनतम मान कहते हैं।

क्रांतिक बिंदु (Critical Points): वे बिंदु जहाँ या तो $f'(x) = 0$ हो अथवा $f'(x)$ अस्तित्व में न हो। स्थानीय चरम मान सदैव केवल क्रांतिक बिंदुओं पर ही प्राप्त हो सकते हैं।

4.2 प्रथम अवकलज परीक्षण (First Derivative Test)

मान लीजिए $c$ एक क्रांतिक बिंदु है ($f'(c) = 0$):

  • यदि बिंदु $c$ से बाईं ओर से दाईं ओर गुजरने पर $f'(x)$ का चिह्न धनात्मक ($+$) से ऋणात्मक ($-$) में परिवर्तित होता है, तो $c$ स्थानीय उच्चिष्ठ का बिंदु है।
  • यदि $f'(x)$ का चिह्न ऋणात्मक ($-$) से धनात्मक ($+$) में परिवर्तित होता है, तो $c$ स्थानीय निम्निष्ठ का बिंदु है।
  • यदि $c$ से गुजरने पर $f'(x)$ का चिह्न परिवर्तित नहीं होता (जैसे दोनों ओर धनात्मक रहे), तो $c$ न तो उच्चिष्ठ है और न ही निम्निष्ठ; ऐसे बिंदु को नति-परिवर्तन बिंदु (Point of Inflection) कहते हैं (उदा. $f(x) = x^3$ पर $x=0$)।

4.3 द्वितीय अवकलज परीक्षण (Second Derivative Test)

यह बोर्ड परीक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों को हल करने की सर्वाधिक लोकप्रिय व तीव्र विधि है:

  1. फलन $f(x)$ का अवकलन कर $f'(x)$ ज्ञात करें और $f'(x) = 0$ रखकर क्रांतिक बिंदु $x = c$ प्राप्त करें।
  2. द्वितीय अवकलज $f''(x)$ ज्ञात करें तथा उसमें $x = c$ प्रतिस्थापित करें:
    • यदि $f''(c) < 0$ (ऋणात्मक) हो, तो $x = c$ स्थानीय उच्चिष्ठ का बिंदु है और $f(c)$ स्थानीय उच्चतम मान है।
    • यदि $f''(c) > 0$ (धनात्मक) हो, तो $x = c$ स्थानीय निम्निष्ठ का बिंदु है और $f(c)$ स्थानीय न्यूनतम मान है।
    • यदि $f''(c) = 0$ हो, तो यह परीक्षण विफल (Inconclusive) हो जाता है। ऐसी स्थिति में पुनः प्रथम अवकलज परीक्षण का सहारा लिया जाता है।

4.4 संवृत अंतराल में निरपेक्ष उच्चिष्ठ एवं निम्निष्ठ (Absolute Maxima and Minima)

संवृत अंतराल $[a, b]$ पर किसी सतत फलन के निरपेक्ष (Global) चरम मान ज्ञात करने हेतु:

  1. विवृत अंतराल $(a, b)$ में वे सभी क्रांतिक बिंदु $c_1, c_2, \dots$ ज्ञात करें जहाँ $f'(x) = 0$ हो।
  2. फलन का मान क्रांतिक बिंदुओं $f(c_1), f(c_2)$ तथा अंतराल के अंतिम सिरों $f(a)$ एवं $f(b)$ पर परिकलित करें।
  3. इन सभी मानों में जो सबसे बड़ा होगा वह निरपेक्ष उच्चतम मान तथा जो सबसे छोटा होगा वह निरपेक्ष न्यूनतम मान कहलाता है।

5. व्यावहारिक अनुकूलन समस्याएं (Applied Optimization Problems)

5.1 5-अंकीय बोर्ड परीक्षा प्रश्नों की रूपरेखा

CBSE बोर्ड परीक्षा में अनुप्रयुक्त कलन (Applied Calculus) का एक 5-अंकीय प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछा जाता है। इनमें ज्यामितीय आकृतियों के आयतन या पृष्ठीय क्षेत्रफल को चरम (Maximize/Minimize) करना होता है।

सटीक कार्यप्रणाली (Standard Blueprint):

  1. चरों की पहचान: स्वतंत्र चर (जैसे त्रिज्या $r$, ऊंचाई $h$) तथा दी गई अचर राशि (जैसे स्थिर आयतन $V$ या स्थिर पृष्ठीय क्षेत्रफल $S$) को स्पष्टतः लिखें।
  2. समीकरण संबंध: दी गई स्थिर शर्त से एक चर को दूसरे चर के पदों में व्यक्त करें (उदा. $S = 2\pi rh + 2\pi r^2 \implies h = \frac{S - 2\pi r^2}{2\pi r}$)।
  3. उद्देश्य फलन (Objective Function): जिस राशि को महत्तम या न्यूनतम करना है, उसे केवल एक ही चर के फलन के रूप में सूत्रबद्ध करें (उदा. $V(r) = \pi r^2 h(r)$)।
  4. अवकलन एवं क्रांतिक बिंदु: उद्देश्य फलन का अवकलन कर $\frac{dV}{dr} = 0$ रखें तथा क्रांतिक मान निकालें।
  5. द्वितीय अवकलज की जांच: $\frac{d^2V}{dr^2}$ ज्ञात करें और सिद्ध करें कि वह ऋणात्मक (उच्चिष्ठ हेतु) या धनात्मक (निम्निष्ठ हेतु) है। यह चरण बोर्ड मार्किंग स्कीम में अनिवार्य 1 अंक वहन करता है!
  6. अंतिम निष्कर्ष: अभीष्ट संबंध (जैसे $h = 2r$ या $V = \frac{8}{27} V_{\text{sphere}}$) स्थापित करें।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

परिवर्तन की तात्कालिक दर (Instantaneous Rate of Change)
$$\frac{dy}{dt} = \frac{dy}{dx} \cdot \frac{dx}{dt}$$
निरंतर वर्धमान फलन की शर्त (Strictly Increasing Condition)
$$f'(x) > 0, \quad \forall x \in (a, b)$$
निरंतर ह्रासमान फलन की शर्त (Strictly Decreasing Condition)
$$f'(x) < 0, \quad \forall x \in (a, b)$$
स्पर्श रेखा की प्रवणता (Slope of Tangent)
$$m = \left(\frac{dy}{dx}\right)_{(x_0, y_0)}$$
स्पर्श रेखा का समीकरण (Equation of Tangent)
$$y - y_0 = f'(x_0)(x - x_0)$$
अभिलंब की प्रवणता (Slope of Normal)
$$m_{\text{normal}} = -\frac{1}{f'(x_0)}$$
अभिलंब का समीकरण (Equation of Normal)
$$y - y_0 = -\frac{1}{f'(x_0)}(x - x_0)$$
लंबकोणीय वक्रों की शर्त (Orthogonal Curves)
$$m_1 \cdot m_2 = -1$$
द्वितीय अवकलज परीक्षण - उच्चिष्ठ (Second Derivative Test - Maxima)
f'(c) = 0 तथा f''(c) < 0
द्वितीय अवकलज परीक्षण - निम्निष्ठ (Second Derivative Test - Minima)
f'(c) = 0 तथा f''(c) > 0

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक $5\text{ m}$ लंबी सीढ़ी दीवार के सहारे झुकी है। सीढ़ी का नीचे का सिरा जमीन के अनुदिश दीवार से दूर $2\text{ cm/s}$ की दर से खींचा जाता है। दीवार पर इसकी ऊंचाई किस दर से घट रही है जबकि सीढ़ी का निचला सिरा दीवार से $4\text{ m}$ दूर है? [NCERT / CBSE 2018, 2022]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: चरों का निर्धारण एवं रेखाचित्र:
माना किसी समय $t$ पर सीढ़ी के निचले सिरे की दीवार से दूरी $= x$ तथा दीवार पर ऊपरी सिरे की ऊंचाई $= y$ है।
सीढ़ी की लंबाई अचर है: $L = 5\text{ m}$।
दिया गया है: $\frac{dx}{dt} = 2\text{ cm/s} = 0.02\text{ m/s}$।
हमें ज्ञात करना है: $\frac{dy}{dt}$ जब $x = 4\text{ m}$ हो।

चरण 2: पाइथागोरस प्रमेय द्वारा संबंध स्थापित करना:
समकोण त्रिभुज में:
$$x^2 + y^2 = 5^2 = 25 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
जब $x = 4\text{ m}$ हो, तो:
$$4^2 + y^2 = 25 \implies 16 + y^2 = 25 \implies y^2 = 9 \implies y = 3\text{ m}$$

चरण 3: समय $t$ के सापेक्ष दोनों पक्षों का अवकलन करना:
$$\frac{d}{dt}(x^2 + y^2) = \frac{d}{dt}(25)$$
$$2x \frac{dx}{dt} + 2y \frac{dy}{dt} = 0 \implies x \frac{dx}{dt} + y \frac{dy}{dt} = 0$$
$$\frac{dy}{dt} = -\frac{x}{y} \frac{dx}{dt}$$

चरण 4: मान प्रतिस्थापित करना:
$$\frac{dy}{dt} = -\frac{4}{3} \times 2\text{ cm/s} = -\frac{8}{3}\text{ cm/s}$$
उत्तर: दीवार पर सीढ़ी की ऊंचाई $\frac{8}{3}\text{ cm/s}$ की दर से घट रही है (ऋणात्मक चिह्न ऊंचाई में कमी दर्शाता है)।
उदाहरण 2
अंतराल ज्ञात कीजिए जिनमें फलन $f(x) = 2x^3 - 3x^2 - 36x + 7$: (a) निरंतर वर्धमान है, (b) निरंतर ह्रासमान है। [CBSE 2019, 2023]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: प्रथम अवकलज $f'(x)$ ज्ञात करना:
दिया गया फलन: $f(x) = 2x^3 - 3x^2 - 36x + 7$
$$f'(x) = \frac{d}{dx}(2x^3 - 3x^2 - 36x + 7) = 6x^2 - 6x - 36$$
उभयनिष्ठ $6$ बाहर लेने पर:
$$f'(x) = 6(x^2 - x - 6) = 6(x - 3)(x + 2)$$

चरण 2: क्रांतिक बिंदु प्राप्त करना:
$f'(x) = 0 \implies 6(x - 3)(x + 2) = 0 \implies x = 3, \quad x = -2$
ये दोनों बिंदु वास्तविक संख्या रेखा $(-\infty, \infty)$ को तीन असंयुक्त अंतरालों में विभाजित करते हैं:
$(-\infty, -2), \quad (-2, 3), \quad (3, \infty)$

चरण 3: अंतरालों में $f'(x)$ के चिह्न का परीक्षण:
  • अंतराल $(-\infty, -2)$ में: मान लीजिए $x = -3$:
    $f'(-3) = 6(-3 - 3)(-3 + 2) = 6(-6)(-1) = +36 > 0$। अतः $f'(x) > 0$।
  • अंतराल $(-2, 3)$ में: मान लीजिए $x = 0$:
    $f'(0) = 6(0 - 3)(0 + 2) = 6(-3)(2) = -36 < 0$। अतः $f'(x) < 0$।
  • अंतराल $(3, \infty)$ में: मान लीजिए $x = 4$:
    $f'(4) = 6(4 - 3)(4 + 2) = 6(1)(6) = +36 > 0$। अतः $f'(x) > 0$।
निष्कर्ष:
(a) फलन $f(x)$ अंतराल $(-\infty, -2) \cup (3, \infty)$ में निरंतर वर्धमान है।
(b) फलन $f(x)$ अंतराल $(-2, 3)$ में निरंतर ह्रासमान है।
उदाहरण 3
वक्र $x^{2/3} + y^{2/3} = 2$ के बिंदु $(1, 1)$ पर स्पर्श रेखा तथा अभिलंब के समीकरण ज्ञात कीजिए। [NCERT / CBSE 2020]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: अस्पष्ट अवकलन द्वारा $\frac{dy}{dx}$ ज्ञात करना:
दिया गया वक्र: $x^{2/3} + y^{2/3} = 2$
$x$ के सापेक्ष अवकलन करने पर:
$$\frac{2}{3} x^{-1/3} + \frac{2}{3} y^{-1/3} \frac{dy}{dx} = 0$$
$$\frac{1}{y^{1/3}} \frac{dy}{dx} = -\frac{1}{x^{1/3}} \implies \frac{dy}{dx} = -\left(\frac{y}{x}\right)^{1/3}$$

चरण 2: बिंदु $(1, 1)$ पर प्रवणता की गणना:
स्पर्श रेखा की प्रवणता:
$$m = \left.\frac{dy}{dx}\right|_{(1, 1)} = -\left(\frac{1}{1}\right)^{1/3} = -1$$
अभिलंब की प्रवणता:
$$m_{\text{normal}} = -\frac{1}{m} = -\frac{1}{-1} = +1$$

चरण 3: स्पर्श रेखा का समीकरण:
$$y - y_0 = m(x - x_0) \implies y - 1 = -1(x - 1)$$
$$y - 1 = -x + 1 \implies x + y - 2 = 0$$

चरण 4: अभिलंब का समीकरण:
$$y - y_0 = m_{\text{normal}}(x - x_0) \implies y - 1 = 1(x - 1)$$
$$y - 1 = x - 1 \implies y = x \quad \text{अथवा} \quad x - y = 0$$
उदाहरण 4
सिद्ध कीजिए कि दिए गए पृष्ठ और महत्तम आयतन वाले लंब वृत्तीय शंकु का अर्ध-शीर्ष कोण $\sin^{-1}\left(\frac{1}{3}\right)$ होता है। [CBSE 2017, 2021, 2024 - 6 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: ज्यामितीय चरों की स्थापना:
माना शंकु की आधार त्रिज्या $= r$, ऊंचाई $= h$, तिर्यक ऊंचाई $= l$ तथा अर्ध-शीर्ष कोण $= \alpha$ है।
शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $S$ अचर (दिया गया) है:
$$S = \pi r l + \pi r^2 \implies \pi r l = S - \pi r^2 \implies l = \frac{S - \pi r^2}{\pi r} \quad \text{--- (1)}$$
हम जानते हैं कि समकोण त्रिभुज में: $l^2 = r^2 + h^2 \implies h^2 = l^2 - r^2$।

चरण 2: आयतन फलन को $r$ के पदों में व्यक्त करना:
शंकु का आयतन: $V = \frac{1}{3}\pi r^2 h$।
गणना को सुगम बनाने हेतु दोनों पक्षों का वर्ग करने पर (माना $Z = V^2$):
$$Z = V^2 = \frac{1}{9}\pi^2 r^4 h^2 = \frac{1}{9}\pi^2 r^4 (l^2 - r^2)$$
समीकरण (1) से $l$ का मान रखने पर:
$$Z = \frac{1}{9}\pi^2 r^4 \left[ \left(\frac{S - \pi r^2}{\pi r}\right)^2 - r^2 \right] = \frac{1}{9}\pi^2 r^4 \left[ \frac{S^2 - 2\pi r^2 S + \pi^2 r^4 - \pi^2 r^4}{\pi^2 r^2} \right]$$
$$Z = \frac{1}{9} r^2 (S^2 - 2\pi r^2 S) = \frac{1}{9}(S^2 r^2 - 2\pi S r^4)$$

चरण 3: क्रांतिक बिंदु हेतु अवकलन:
$$\frac{dZ}{dr} = \frac{1}{9}(2S^2 r - 8\pi S r^3)$$
महत्तम आयतन के लिए $\frac{dZ}{dr} = 0$ रखने पर ($r \neq 0$):
$$2S^2 r - 8\pi S r^3 = 0 \implies 2Sr(S - 4\pi r^2) = 0$$
चूँकि $2Sr \neq 0$, अतः $S - 4\pi r^2 = 0 \implies S = 4\pi r^2$।

चरण 4: द्वितीय अवकलज परीक्षण:
$$\frac{d^2Z}{dr^2} = \frac{1}{9}(2S^2 - 24\pi S r^2)$$
$S = 4\pi r^2$ रखने पर: $\frac{d^2Z}{dr^2} = \frac{1}{9}(2(4\pi r^2)^2 - 24\pi(4\pi r^2)r^2) = \frac{1}{9}(32\pi^2 r^4 - 96\pi^2 r^4) = -\frac{64}{9}\pi^2 r^4 < 0$।
अतः $S = 4\pi r^2$ पर आयतन $V$ अधिकतम (महत्तम) है!

चरण 5: अर्ध-शीर्ष कोण $\alpha$ का मान ज्ञात करना:
समीकरण (1) में $S = 4\pi r^2$ रखने पर:
$$l = \frac{4\pi r^2 - \pi r^2}{\pi r} = \frac{3\pi r^2}{\pi r} = 3r \implies \frac{r}{l} = \frac{1}{3}$$
समकोण त्रिभुज में अर्ध-शीर्ष कोण की ज्या: $\sin \alpha = \frac{r}{l} = \frac{1}{3}$
$$\alpha = \sin^{-1}\left(\frac{1}{3}\right)$$
इति सिद्धम्।
उदाहरण 5
$45\text{ cm} \times 24\text{ cm}$ की टिन की आयताकार चादर के चारों कोनों पर बराबर वर्ग काटकर तथा फलकों को मोड़कर ढक्कन रहित एक संदूक बनाना है। काटे जाने वाले वर्ग की भुजा कितनी होनी चाहिए जिससे संदूक का आयतन उच्चतम हो? [CBSE 2019, 2023]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: काटे जाने वाले वर्ग की भुजा मानना:
माना काटे जाने वाले प्रत्येक वर्ग की भुजा $= x\text{ cm}$ है।
कोनों से $x$ भुजा के वर्ग काटने और किनारों को मोड़ने पर बने खुले संदूक की विमाएं होंगी:
लंबाई: $l = 45 - 2x$
चौड़ाई: $b = 24 - 2x$
ऊंचाई: $h = x$
जहाँ $x > 0$ तथा $24 - 2x > 0 \implies 0 < x < 12$।

चरण 2: आयतन फलन $V(x)$ का निर्माण:
संदूक का आयतन $V = l \cdot b \cdot h$:
$$V(x) = (45 - 2x)(24 - 2x)x = (1080 - 90x - 48x + 4x^2)x = 4x^3 - 138x^2 + 1080x$$

चरण 3: क्रांतिक बिंदु ज्ञात करना:
$$\frac{dV}{dx} = 12x^2 - 276x + 1080$$
महत्तम आयतन हेतु $\frac{dV}{dx} = 0$ रखने पर:
$$12(x^2 - 23x + 90) = 0 \implies 12(x - 5)(x - 18) = 0$$
चूँकि $x < 12$ होना अनिवार्य है, अतः $x = 18$ संभव नहीं है (क्योंकि $x = 18$ पर चौड़ाई $24 - 36 = -12$ ऋणात्मक हो जाएगी)।
अतः एकमात्र स्वीकार्य क्रांतिक बिंदु $x = 5\text{ cm}$ है।

चरण 4: द्वितीय अवकलज परीक्षण:
$$\frac{d^2V}{dx^2} = 24x - 276$$
$x = 5$ पर मान: $\left.\frac{d^2V}{dx^2}\right|_{x=5} = 24(5) - 276 = 120 - 276 = -156 < 0$।
चूँकि द्वितीय अवकलज ऋणात्मक है, अतः $x = 5\text{ cm}$ पर संदूक का आयतन अधिकतम होगा।

उत्तर: काटे जाने वाले वर्ग की भुजा $5\text{ cm}$ होनी चाहिए।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

उच्चतम/न्यूनतम सिद्ध करने वाले 6-अंकीय प्रश्नों में क्रांतिक बिंदु निकालकर द्वितीय अवकलज (d²V/dx² < 0 या > 0) की उपपत्ति छोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

बोर्ड परीक्षा मार्किंग स्कीम में द्वितीय अवकलज परीक्षण के लिए अलग से 1 से 2 अंक निर्धारित होते हैं। d²V/dx² का चिह्न सिद्ध किए बिना पूरे अंक नहीं मिल सकते।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सीढ़ी या गति वाले प्रश्नों में घटती हुई दर के आगे ऋण (-) चिह्न न लगाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि कोई राशि समय के साथ घट रही है (जैसे सीढ़ी की दीवार पर ऊंचाई), तो dy/dt ऋणात्मक होता है। संबंध स्थापित करते समय इस चिह्न का ध्यान रखें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अभिलंब की प्रवणता निकालते समय व्युत्क्रम का ऋण चिह्न भूलकर सीधे m लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अभिलंब स्पर्श रेखा के लंबवत होता है, अतः m_normal = -1/m_tangent होता है, केवल 1/m नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वर्धमान/ह्रासमान अंतरालों में असमिका हल करते समय ऋणात्मक संख्या से गुणा/भाग करने पर चिह्न न बदलना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि असमिका को ऋण से गुणा किया जाए, तो असमिका का चिह्न उलट जाता है (उदा. -2x < 6 ⇒ x > -3)।

उच्चिष्ठ, निम्निष्ठ एवं स्पर्श रेखा प्रवणता का ज्यामितीय आरेख

अवकलज के अनुप्रयोग: उच्चिष्ठ, निम्निष्ठ एवं वर्धमान/ह्रासमान वक्रxy = f(x)स्थानीय उच्चिष्ठ (Local Maxima)f'(c₁) = 0, f''(c₁) < 0x = c₁स्थानीय निम्निष्ठ (Local Minima)f'(c₂) = 0, f''(c₂) > 0x = c₂वर्धमान: f'(x) > 0ह्रासमान: f'(x) < 0वर्धमान: f'(x) > 0

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
राशियों के परिवर्तन की तात्कालिक दर dy/dt = (dy/dx) · (dx/dt) द्वारा व्यक्त की जाती है।
मुख्य बिंदु 2
यदि विवृत अंतराल (a, b) में प्रत्येक x के लिए f'(x) > 0 हो, तो फलन निरंतर वर्धमान होता है।
मुख्य बिंदु 3
यदि प्रत्येक x के लिए f'(x) < 0 हो, तो फलन निरंतर ह्रासमान होता है।
मुख्य बिंदु 4
वक्र के बिंदु (x₀, y₀) पर स्पर्श रेखा की ढाल m = (dy/dx)_(x₀, y₀) होती है।
मुख्य बिंदु 5
स्पर्श रेखा का समीकरण y - y₀ = f'(x₀)(x - x₀) तथा अभिलंब का समीकरण y - y₀ = (-1/f'(x₀))(x - x₀) होता है।
मुख्य बिंदु 6
दो वक्र समकोण पर काटते हैं यदि उनके प्रतिच्छेद बिंदु पर ढालों का गुणनफल m₁ · m₂ = -1 हो।
मुख्य बिंदु 7
क्रांतिक बिंदु वे बिंदु हैं जहाँ f'(x) = 0 हो अथवा f'(x) अस्तित्व में न हो।
मुख्य बिंदु 8
द्वितीय अवकलज परीक्षण: यदि f'(c) = 0 तथा f''(c) < 0 हो, तो x = c स्थानीय उच्चिष्ठ है।
मुख्य बिंदु 9
यदि f'(c) = 0 तथा f''(c) > 0 हो, तो x = c स्थानीय निम्निष्ठ है।
मुख्य बिंदु 10
संवृत अंतराल [a, b] में निरपेक्ष चरम मान क्रांतिक बिंदुओं तथा अंतिम सिरों f(a), f(b) की तुलना कर ज्ञात किए जाते हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
वृत्त के क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर इसकी त्रिज्या r के सापेक्ष क्या होगी जब r = 6 cm हो?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
2
फलन f(x) = x² - 4x + 6 किस अंतराल में निरंतर वर्धमान है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
3
वक्र y = 2x² + 3 sin x के x = 0 पर अभिलंब की प्रवणता क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: D
4
फलन f(x) = 2x³ - 6x² + 6x + 5 के लिए बिंदु x = 1 क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: C
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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