1.1 अवकल समीकरण की परिभाषा
एक ऐसा समीकरण जिसमें एक स्वतंत्र चर (उदा. $x$), एक आश्रित चर (उदा. $y$) तथा स्वतंत्र चर के सापेक्ष आश्रित चर के अवकलज ($\frac{dy}{dx}, \frac{d^2y}{dx^2}, \dots, \frac{d^n y}{dx^n}$) उपस्थित हों, अवकल समीकरण कहलाता है।
1.2 कोटि (Order)
किसी अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि के अवकलज (Highest Order Derivative) की कोटि को उस अवकल समीकरण की कोटि कहते हैं।
- समीकरण $\frac{dy}{dx} + 5y = e^x$ की कोटि $1$ है।
- समीकरण $\frac{d^2y}{dx^2} + 3\left(\frac{dy}{dx}\right)^4 + y = 0$ की कोटि $2$ है।
1.3 घात (Degree)
जब किसी अवकल समीकरण को उसके अवकलजों के संदर्भ में बहुपद समीकरण (Polynomial Equation in Derivatives) के रूप में व्यक्त किया जा सके, तो उसमें उपस्थित उच्चतम कोटि के अवकलज की उच्चतम घात (धनात्मक पूर्णांक घातांक) को उस समीकरण की घात कहते हैं।
यदि अवकलज किसी त्रिकोणमितीय, चरघातांकी अथवा लघुगणकीय फलन के भीतर आबद्ध हो (जैसे $\sin\left(\frac{dy}{dx}\right)$, $e^{dy/dx}$, अथवा $\ln\left(\frac{dy}{dx}\right)$) तथा उसे बीजगणितीय रूप से मुक्त न किया जा सके, तो ऐसे अवकल समीकरण की घात परिभाषित नहीं होती (Degree is Not Defined), यद्यपि उसकी कोटि सदैव परिभाषित होती है!
उदाहरण: $\frac{d^2y}{dx^2} + \sin\left(\frac{dy}{dx}\right) = 0$ की कोटि $= 2$, परंतु घात = अपरिभाषित।