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CBSE • कक्षा XII • Mathematics • अध्याय 9
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

अवकल समीकरण

अवकल समीकरण (Differential Equations) गणित, भौतिकी, इंजीनियरिंग, महामारी विज्ञान तथा अर्थशास्त्र की वह भाषा है जिसके माध्यम से प्रकृति के परिवर्तनशील नियमों को समीकरणबद्ध किया जाता है। एक ऐसा समीकरण जिसमें स्वतंत्र चर ($x$), आश्रित चर ($y$) तथा स्वतंत्र चर के सापेक्ष आश्रित चर के एक अथवा अधिक अवकलज ($\frac{dy}{dx}, \frac{d^2y}{dx^2}, \dots$) सम्मिलित हों, अवकल समीकरण कहलाता है। प्रस्तुत अध्याय में अवकल समीकरणों के दो आधारभूत लक्षणों—कोटि (Order), जो समीकरण में उपस्थित उच्चतम अवकलज की कोटि है, तथा घात (Degree), जो अवकलजों के संदर्भ में समीकरण के बहुपद होने पर उच्चतम कोटि के अवकलज की उच्चतम धनात्मक पूर्णांक घात है—का सूक्ष्म विवेचन किया गया है। इसके उपरांत स्वेच्छ अचरों के विलोपन द्वारा अवकल समीकरण का निर्माण, व्यापक हल (General Solution), जिसमें स्वेच्छ अचरों की संख्या समीकरण की कोटि के बराबर होती है, तथा विशिष्ट हल (Particular Solution), जिसमें दी गई प्रारंभिक शर्तों से अचरों के निश्चित संख्यात्मक मान प्राप्त होते हैं, का अध्ययन किया जाता है। प्रथम कोटि एवं प्रथम घात के अवकल समीकरणों को हल करने की तीन सर्वमान्य विधियाँ—1. चरों के पृथक्करण की विधि (Separation of Variables), 2. समघातीय अवकल समीकरण (Homogeneous Differential Equations) जहाँ $y = vx$ मानकर हल किया जाता है, तथा 3. रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations) $\frac{dy}{dx} + Py = Q$ जहाँ समाकलन गुणक (Integrating Factor, $\text{I.F.} = e^{\int P dx}$) द्वारा हल $y \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] dx + C$ प्राप्त होता है—का विस्तृत, चरणबद्ध गणितीय निगमन व बोर्ड परीक्षा उपयोगी प्रश्नों का संकलन प्रस्तुत किया गया है।

कोविड-19 महामारी का फैलाव और न्यूटन का शीतलन नियम: गणित से भविष्य की सटीक भविष्यवाणी!

जब कोई नई महामारी फैलती है, तो वैज्ञानिक यह कैसे अनुमान लगाते हैं कि अगले 30 दिनों में कितने लाख लोग संक्रमित होंगे? वे संक्रमण की तात्कालिक दर को अवकल समीकरण $\frac{dP}{dt} = k P (M - P)$ (Logistic Growth Equation) द्वारा व्यक्त करते हैं! इसी प्रकार, गर्म चाय की प्याली के ठंडे होने की दर ($\\frac{dT}{dt} = -k(T - T_0)$), रेडियोधर्मी यूरेनियम का क्षय, बैंक खाते में चक्रवृद्धि ब्याज की वृद्धि, तथा अंतरिक्ष यान की पलायन गति—समस्त ब्रह्मांड के गतिशील नियम केवल और केवल अवकल समीकरणों द्वारा ही संचालित होते हैं!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

CBSE तथा CBSE 12वीं गणित बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 8 से 10 अंकों का अनिवार्य स्थान रखता है: 1. कोटि एवं घात पर 1-अंकीय अनिवार्य वस्तुनिष्ठ प्रश्न: घात कब परिभाषित होती है और कब अपरिभाषित (जैसे $\sin(dy/dx)$ होने पर), इसका परीक्षण। 2. रैखिक अवकल समीकरण (5 या 6 अंक): $\frac{dy}{dx} + Py = Q$ अथवा $\frac{dx}{dy} + Px = Q$ का समाकलन गुणक निकालकर व्यापक अथवा विशिष्ट हल ज्ञात करना। 3. समघातीय समीकरण (4 या 5 अंक): प्रतिस्थापन $y = vx$ द्वारा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न। 4. इंजीनियरिंग प्रवेश (JEE / NDA): अवकल समीकरणों के रेखा-कुल तथा ऑर्थोगोनल ट्रैजेक्टरी पर अनिवार्य प्रश्न।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • संपूर्ण अनिश्चित समाकलन के सूत्र एवं प्रतिस्थापन विधियाँ।
  • आंशिक भिन्नों एवं खंडशः समाकलन (Integration by Parts) में प्रवीणता।
  • अवकलन के मूलभूत नियम एवं श्रृंखला नियम।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • किसी भी दिए गए अवकल समीकरण की कोटि (Order) एवं घात (Degree) की सही पहचान करना।
  • स्वेच्छ अचरों का विलोपन कर वक्रों के कुल का अवकल समीकरण बनाना।
  • व्यापक हल एवं विशिष्ट हल के मध्य अंतर को समझना और प्रारंभिक शर्तों द्वारा विशिष्ट हल ज्ञात करना।
  • चर पृथक्करण विधि द्वारा अवकल समीकरणों को समाकलित करना।
  • समघातीय अवकल समीकरणों की पहचान कर $y = vx$ अथवा $x = vy$ प्रतिस्थापन द्वारा हल करना।
  • प्रथम कोटि के रैखिक अवकल समीकरण हेतु समाकलन गुणक (I.F.) की गणना कर अभीष्ट हल प्राप्त करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. अवकल समीकरण की कोटि, घात एवं वर्...
2 2. हल के प्रकार: व्यापक हल बनाम विश...
3 3. चरों के पृथक्करण की विधि (Method...
4 4. समघातीय अवकल समीकरण (Homogeneous...
5 5. प्रथम कोटि के रैखिक अवकल समीकरण...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. अवकल समीकरण की कोटि, घात एवं वर्गीकरण (Order, Degree & Classification)

1.1 अवकल समीकरण की परिभाषा

एक ऐसा समीकरण जिसमें एक स्वतंत्र चर (उदा. $x$), एक आश्रित चर (उदा. $y$) तथा स्वतंत्र चर के सापेक्ष आश्रित चर के अवकलज ($\frac{dy}{dx}, \frac{d^2y}{dx^2}, \dots, \frac{d^n y}{dx^n}$) उपस्थित हों, अवकल समीकरण कहलाता है।

1.2 कोटि (Order)

किसी अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि के अवकलज (Highest Order Derivative) की कोटि को उस अवकल समीकरण की कोटि कहते हैं।

  • समीकरण $\frac{dy}{dx} + 5y = e^x$ की कोटि $1$ है।
  • समीकरण $\frac{d^2y}{dx^2} + 3\left(\frac{dy}{dx}\right)^4 + y = 0$ की कोटि $2$ है।

1.3 घात (Degree)

जब किसी अवकल समीकरण को उसके अवकलजों के संदर्भ में बहुपद समीकरण (Polynomial Equation in Derivatives) के रूप में व्यक्त किया जा सके, तो उसमें उपस्थित उच्चतम कोटि के अवकलज की उच्चतम घात (धनात्मक पूर्णांक घातांक) को उस समीकरण की घात कहते हैं।

अति महत्वपूर्ण परीक्षा चेतावनी (घात का अपरिभाषित होना):
यदि अवकलज किसी त्रिकोणमितीय, चरघातांकी अथवा लघुगणकीय फलन के भीतर आबद्ध हो (जैसे $\sin\left(\frac{dy}{dx}\right)$, $e^{dy/dx}$, अथवा $\ln\left(\frac{dy}{dx}\right)$) तथा उसे बीजगणितीय रूप से मुक्त न किया जा सके, तो ऐसे अवकल समीकरण की घात परिभाषित नहीं होती (Degree is Not Defined), यद्यपि उसकी कोटि सदैव परिभाषित होती है!

उदाहरण: $\frac{d^2y}{dx^2} + \sin\left(\frac{dy}{dx}\right) = 0$ की कोटि $= 2$, परंतु घात = अपरिभाषित।

2. हल के प्रकार: व्यापक हल बनाम विशिष्ट हल (General vs Particular Solutions)

2.1 व्यापक हल (General Solution / Complete Primitive)

किसी अवकल समीकरण का वह हल जिसमें उपस्थित स्वेच्छ अचरों (Arbitrary Constants) की संख्या उस अवकल समीकरण की कोटि के ठीक बराबर हो, उस समीकरण का व्यापक हल कहलाता है।

महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ नियम: $n$-कोटि के अवकल समीकरण के व्यापक हल में सदैव ठीक $n$ स्वेच्छ अचर होते हैं। (उदा. 4-कोटि के अवकल समीकरण के व्यापक हल में 4 स्वेच्छ अचर होंगे)।

2.2 विशिष्ट हल (Particular Solution)

व्यापक हल में उपस्थित स्वेच्छ अचरों को विशिष्ट मान (प्रारंभिक या सीमांत शर्तों $y(x_0) = y_0$ द्वारा) देकर प्राप्त होने वाले हल को विशिष्ट हल कहते हैं।

महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ नियम: किसी भी कोटि के अवकल समीकरण के विशिष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या शून्य (0) होती है!

3. चरों के पृथक्करण की विधि (Method of Separation of Variables)

3.1 कार्यविधि

यदि प्रथम कोटि एवं प्रथम घात का अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = f(x) \cdot g(y)$ के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ $x$ और $y$ के पद गुणनफल के रूप में पृथक हो सकते हों, तो:

  1. $y$ के पदों को $dy$ के साथ तथा $x$ के पदों को $dx$ के साथ एकत्रित करें:
  2. $$\frac{dy}{g(y)} = f(x) \, dx$$
  3. दोनों पक्षों का सीधे अनिश्चित समाकलन करें:
  4. $$\int \frac{dy}{g(y)} = \int f(x) \, dx + C$$
  5. समाकलन हल कर $y$ और $x$ में अभीष्ट संबंध प्राप्त करें।

3.2 चरों के पृथक्करण में परिवर्तनीय रूप

यदि समीकरण $\frac{dy}{dx} = f(ax + by + c)$ के रूप में हो, तो नया चर $u = ax + by + c$ मानकर $\frac{du}{dx} = a + b\frac{dy}{dx}$ द्वारा उसे पृथक्करणीय चर रूप में बदला जाता है।

4. समघातीय अवकल समीकरण (Homogeneous Differential Equations)

4.1 समघातीय फलन की पहचान

फलन $F(x, y)$ शून्य घात का समघातीय फलन कहलाता है यदि प्रत्येक अशून्य $\lambda$ के लिए:

$$F(\lambda x, \lambda y) = \lambda^0 F(x, y) = F(x, y)$$
अथवा इसे $F(x, y) = g\left(\frac{y}{x}\right)$ के रूप में लिखा जा सके।

4.2 रूप 1: $\frac{dy}{dx} = g\left(\frac{y}{x}\right)$ का हल

  1. प्रतिस्थापन करें: $y = v x$
  2. $x$ के सापेक्ष अवकलन: $\frac{dy}{dx} = v + x \frac{dv}{dx}$
  3. मान रखने पर: $v + x \frac{dv}{dx} = g(v) \implies x \frac{dv}{dx} = g(v) - v$
  4. चरों का पृथक्करण: $\frac{dv}{g(v) - v} = \frac{dx}{x}$
  5. दोनों पक्षों का समाकलन करें तथा अंत में $v = \frac{y}{x}$ प्रतिस्थापित करें।

4.3 रूप 2: $\frac{dx}{dy} = h\left(\frac{x}{y}\right)$ का हल

यदि समीकरण $\frac{dx}{dy}$ के रूप में अधिक सरल हो, तो $x = v y$ मानकर $\frac{dx}{dy} = v + y \frac{dv}{dy}$ लागू किया जाता है।

5. प्रथम कोटि के रैखिक अवकल समीकरण एवं समाकलन गुणक (Linear Differential Equations & I.F.)

5.1 मानक रूप 1: $\frac{dy}{dx} + P(x) y = Q(x)$

जहाँ $P$ और $Q$ केवल $x$ के फलन हैं अथवा अचर हैं।

हल के चरण:

  1. समाकलन गुणक (Integrating Factor - I.F.) ज्ञात करना:
  2. $$\text{I.F.} = e^{\int P \, dx}$$
  3. व्यापक हल का सीधा सूत्र:
  4. $$y \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] \, dx + C$$

5.2 मानक रूप 2: $\frac{dx}{dy} + P(y) x = Q(y)$

जहाँ $P$ और $Q$ केवल $y$ के फलन हैं अथवा अचर हैं।

  1. समाकलन गुणक: $\text{I.F.} = e^{\int P \, dy}$
  2. व्यापक हल: $x \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] \, dy + C$

परीक्षा युक्ति: $e^{\ln f(x)} = f(x)$ होता है, अतः यदि समाकलन गुणक $e^{\ln(\sec x)}$ आए, तो सीधे $\sec x$ लिखें!

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

पृथक्करणीय चर समाकलन रूप
$$\int \frac{dy}{g(y)} = \int f(x) dx + C$$
समघातीय प्रतिस्थापन (Homogeneous Substitution)
$$y = v x \implies \frac{dy}{dx} = v + x \frac{dv}{dx}$$
रैखिक समाकलन गुणक (Integrating Factor)
$$\text{I.F.} = e^{\int P(x) dx}$$
रैखिक अवकल समीकरण का व्यापक हल
$$y \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] dx + C$$
द्वितीय रैखिक रूप का समाकलन गुणक
$$\text{I.F.} = e^{\int P(y) dy}$$
द्वितीय रैखिक रूप का व्यापक हल
$$x \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] dy + C$$

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
समीकरण $\left(\frac{d^2y}{dx^2}\right)^3 + \left(\frac{dy}{dx}\right)^2 + \sin\left(\frac{dy}{dx}\right) + 1 = 0$ की कोटि एवं घात ज्ञात कीजिए। [CBSE 2019, 2022]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: उच्चतम कोटि के अवकलज की पहचान:
समीकरण में उपस्थित अवकलज हैं: $\frac{d^2y}{dx^2}$ (द्वितीय कोटि) तथा $\frac{dy}{dx}$ (प्रथम कोटि)।
उच्चतम कोटि का अवकलज $\frac{d^2y}{dx^2}$ है, जिसकी कोटि $2$ है।
अतः अवकल समीकरण की कोटि (Order) = 2।

चरण 2: बहुपद होने का परीक्षण एवं घात का निर्धारण:
समीकरण में $\sin\left(\frac{dy}{dx}\right)$ का पद उपस्थित है।
$\sin\left(\frac{dy}{dx}\right)$ एक त्रिकोणमितीय फलन है जिसे अवकलजों के संदर्भ में सीमित बहुपद के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
अतः यह समीकरण अवकलजों में एक बहुपद समीकरण नहीं है।
अतः इस अवकल समीकरण की घात (Degree) परिभाषित नहीं है (Not Defined)।
उदाहरण 2
अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} + y \sec x = \tan x$ का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। [NCERT / CBSE 2018, 2023]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: मानक रूप से तुलना:
यह प्रथम कोटि का रैखिक अवकल समीकरण है: $\frac{dy}{dx} + P y = Q$
तुलना करने पर: $P = \sec x$ तथा $Q = \tan x$।

चरण 2: समाकलन गुणक (I.F.) की गणना:
$$\int P \, dx = \int \sec x \, dx = \ln|\sec x + \tan x|$$
$$\text{I.F.} = e^{\int P \, dx} = e^{\ln|\sec x + \tan x|} = \sec x + \tan x$$

चरण 3: व्यापक हल के सूत्र में मान रखना:
$$y \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] \, dx + C$$
$$y(\sec x + \tan x) = \int \tan x (\sec x + \tan x) \, dx + C$$
$$y(\sec x + \tan x) = \int (\sec x \tan x + \tan^2 x) \, dx + C$$

चरण 4: समाकलन हल करना:
हम जानते हैं कि $\tan^2 x = \sec^2 x - 1$:
$$= \int (\sec x \tan x + \sec^2 x - 1) \, dx + C$$
$$= \sec x + \tan x - x + C$$

अंतिम व्यापक हल:
$$y(\sec x + \tan x) = \sec x + \tan x - x + C$$
उदाहरण 3
अवकल समीकरण $(x^2 - y^2) dx + 2xy dy = 0$ को हल कीजिए। [CBSE 2017, 2021, 2024]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समीकरण को $\frac{dy}{dx}$ रूप में लिखना:
$$2xy dy = -(x^2 - y^2) dx = (y^2 - x^2) dx$$
$$\frac{dy}{dx} = \frac{y^2 - x^2}{2xy} \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
अंश और हर दोनों घात 2 के समघातीय फलन हैं, अतः यह एक समघातीय अवकल समीकरण है।

चरण 2: प्रतिस्थापन $y = vx$ लागू करना:
$$\frac{dy}{dx} = v + x \frac{dv}{dx}$$
समीकरण (1) में रखने पर:
$$v + x \frac{dv}{dx} = \frac{v^2 x^2 - x^2}{2x(vx)} = \frac{x^2(v^2 - 1)}{2x^2 v} = \frac{v^2 - 1}{2v}$$
$$x \frac{dv}{dx} = \frac{v^2 - 1}{2v} - v = \frac{v^2 - 1 - 2v^2}{2v} = \frac{-(v^2 + 1)}{2v}$$

चरण 3: चरों का पृथक्करण एवं समाकलन:
$$\frac{2v}{v^2 + 1} dv = -\frac{dx}{x}$$
दोनों पक्षों का समाकलन करने पर:
$$\int \frac{2v}{v^2 + 1} dv = -\int \frac{dx}{x} + \ln C$$
$$\ln(v^2 + 1) = -\ln|x| + \ln C = \ln\left|\frac{C}{x}\right|$$
एंटीलॉग लेने पर:
$$v^2 + 1 = \frac{C}{x}$$

चरण 4: $v = \frac{y}{x}$ प्रतिस्थापित करना:
$$\frac{y^2}{x^2} + 1 = \frac{C}{x} \implies \frac{y^2 + x^2}{x^2} = \frac{C}{x}$$
$$x^2 + y^2 = C x$$
उत्तर: अभीष्ट व्यापक हल $x^2 + y^2 = Cx$ है (जो मूलबिंदु से गुजरने वाले वृत्तों का कुल है)।
उदाहरण 4
अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = 1 + x + y + xy$ का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। [CBSE 2020]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: गुणनखंड द्वारा चरों का पृथक्करण:
दाएं पक्ष के पदों का समूहन करने पर:
$$\frac{dy}{dx} = (1 + x) + y(1 + x) = (1 + x)(1 + y)$$

चरण 2: चरों को अलग करना:
$$\frac{dy}{1 + y} = (1 + x) dx$$

चरण 3: दोनों पक्षों का समाकलन करना:
$$\int \frac{dy}{1 + y} = \int (1 + x) dx$$
$$\ln|1 + y| = x + \frac{x^2}{2} + C$$

चरण 4: हल को स्पष्ट रूप में व्यक्त करना:
$$|1 + y| = e^{x + \frac{x^2}{2} + C} = e^C \cdot e^{x + x^2/2}$$
माना $A = \pm e^C$ एक नया स्वेच्छ अचर है:
$$1 + y = A e^{x + x^2/2} \implies y = A e^{x + x^2/2} - 1$$
उदाहरण 5
अवकल समीकरण $(1 + x^2) \frac{dy}{dx} + 2xy = \frac{1}{1 + x^2}$ का विशिष्ट हल ज्ञात कीजिए, दिया गया है कि जब $x = 1$ तब $y = 0$। [CBSE 2018, 2022]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समीकरण को मानक रैखिक रूप में बदलना:
पूरे समीकरण को $(1 + x^2)$ से भाग देने पर:
$$\frac{dy}{dx} + \left(\frac{2x}{1 + x^2}\right) y = \frac{1}{(1 + x^2)^2}$$
यहाँ $P = \frac{2x}{1 + x^2}$ तथा $Q = \frac{1}{(1 + x^2)^2}$।

चरण 2: समाकलन गुणक (I.F.) निकालना:
$$\int P \, dx = \int \frac{2x}{1 + x^2} \, dx = \ln(1 + x^2)$$
$$\text{I.F.} = e^{\ln(1 + x^2)} = 1 + x^2$$

चरण 3: व्यापक हल प्राप्त करना:
$$y \cdot (\text{I.F.}) = \int [Q \cdot (\text{I.F.})] \, dx + C$$
$$y(1 + x^2) = \int \frac{1}{(1 + x^2)^2} \cdot (1 + x^2) \, dx + C$$
$$y(1 + x^2) = \int \frac{dx}{1 + x^2} + C = \tan^{-1} x + C \quad \text{--- (व्यापक हल)}$$

चरण 4: प्रारंभिक शर्त $x = 1, y = 0$ रखकर अचर $C$ ज्ञात करना:
$$0 \cdot (1 + 1^2) = \tan^{-1}(1) + C \implies 0 = \frac{\pi}{4} + C \implies C = -\frac{\pi}{4}$$

चरण 5: अभीष्ट विशिष्ट हल:
$$y(1 + x^2) = \tan^{-1} x - \frac{\pi}{4} \implies y = \frac{\tan^{-1} x - \pi/4}{1 + x^2}$$

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

d²y/dx² + sin(dy/dx) = 0 की घात को 1 लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

चूँकि अवकलज sin के अंदर आबद्ध है, समीकरण अवकलजों में बहुपद नहीं है। अतः घात अपरिभाषित (Not Defined) है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

रैखिक समीकरण dy/dx + Py = Q को हल करते समय dy/dx के गुणांक (जैसे 1+x²) से पहले पूरे समीकरण को भाग न देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

मानक रूप में dy/dx का गुणांक सदैव 1 होना चाहिए। किसी भी पद से गुणा होने पर पहले उससे पूरे समीकरण को भाग दें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

I.F. = e^(ln(f(x))) को e^(ln(f(x))) ही छोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

घातांक और लघुगणक एक दूसरे के प्रतिलोम हैं: e^(ln(f(x))) = f(x)। इसे तुरंत सरलतम रूप में लिखें ताकि समाकलन आसान हो सके।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विशिष्ट हल में स्वेच्छ अचर (+ C) को छोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

दी गई शर्तों से C का निश्चित मान अवश्य निकालें और उसे व्यापक हल में प्रतिस्थापित करें।

अवकल समीकरण: वक्रों का कुल (Family of Integral Curves) एवं प्रवणता क्षेत्र

अवकल समीकरण: वक्रों का कुल (Family of Curves) dy/dx = -x/yxyC = 1C = 4विशिष्ट हल (C = 9): बिंदु (0, 3) से गुजरता वृत्तC = 16प्रारंभिक शर्त: y(0) = 3समाधान विश्लेषणव्यापक हल: x² + y² = C(स्वेच्छ अचर C युक्त कुल)विशिष्ट हल: x² + y² = 9(शर्त y(0)=3 द्वारा C=9)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
अवकल समीकरण में स्वतंत्र चर, आश्रित चर एवं उसके अवकलज सम्मिलित होते हैं।
मुख्य बिंदु 2
कोटि समीकरण में उपस्थित उच्चतम अवकलज की कोटि होती है।
मुख्य बिंदु 3
घात उच्चतम कोटि के अवकलज की उच्चतम धनात्मक पूर्णांक घात होती है, बशर्ते समीकरण अवकलजों में बहुपद हो।
मुख्य बिंदु 4
यदि अवकलज sin, cos, ln, e के अंदर हो, तो घात अपरिभाषित होती है।
मुख्य बिंदु 5
n-कोटि के अवकल समीकरण के व्यापक हल में ठीक n स्वेच्छ अचर होते हैं।
मुख्य बिंदु 6
विशिष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या सदैव शून्य होती है।
मुख्य बिंदु 7
चर पृथक्करण विधि में f(x)dx तथा g(y)dy को अलग कर सीधा समाकलन किया जाता है।
मुख्य बिंदु 8
समघातीय अवकल समीकरण dy/dx = f(y/x) में y = vx प्रतिस्थापन द्वारा हल किया जाता है।
मुख्य बिंदु 9
रैखिक अवकल समीकरण dy/dx + Py = Q का समाकलन गुणक I.F. = e^(∫P dx) होता है।
मुख्य बिंदु 10
रैखिक समीकरण का व्यापक हल y · (I.F.) = ∫[Q · (I.F.)] dx + C द्वारा दिया जाता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
अवकल समीकरण (d²y/dx²)³ + (dy/dx)⁴ + y = 0 की कोटि एवं घात क्रमशः क्या हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: A
2
कोटि 4 के किसी अवकल समीकरण के व्यापक हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या कितनी होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: D
3
अवकल समीकरण dy/dx + y/x = x² का समाकलन गुणक (I.F.) क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
4
कोटि 3 के किसी अवकल समीकरण के विशिष्ट हल (Particular Solution) में स्वेच्छ अचरों की संख्या क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: C
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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