1.1 किसी बिंदु पर सांतत्य की औपचारिक परिभाषा
मान लीजिए $f$ किसी वास्तविक संख्याओं के उपसमुच्चय पर परिभाषित एक वास्तविक फलन है तथा $c$ उसके प्रांत में कोई बिंदु है। फलन $f$, बिंदु $x = c$ पर सतत (Continuous) कहलाता है यदि और केवल यदि:
$$\lim_{x \to c} f(x) = f(c)$$विस्तृत रूप में, इसका अर्थ है कि निम्नलिखित तीनों शर्तें एक साथ संतुष्ट होनी चाहिए:
- फलन का मान $f(c)$ अस्तित्व में हो (अर्थात यह अपरिभाषित या अनिरूपित न हो)।
- बिंदु $c$ पर सीमा अस्तित्व में हो: वाम-पक्ष सीमा (LHL) तथा दक्षिण-पक्ष सीमा (RHL) परिमित रूप से विद्यमान एवं समान हों: $$\text{LHL} = \lim_{h \to 0^+} f(c - h) = \lim_{h \to 0^+} f(c + h) = \text{RHL}$$
- सीमा का मान बिंदु पर फलन के मान के बराबर हो: $$\lim_{x \to c^-} f(x) = \lim_{x \to c^+} f(x) = f(c)$$
1.2 किसी अंतराल में सांतत्य (Continuity in an Interval)
- विवृत अंतराल (Open Interval) $(a, b)$ में सांतत्य: फलन $f$ अंतराल $(a, b)$ के प्रत्येक बिंदु पर सतत होना चाहिए।
- संवृत अंतराल (Closed Interval) $[a, b]$ में सांतत्य: फलन $f$ को $[a, b]$ में सतत कहा जाता है यदि:
- वह विवृत अंतराल $(a, b)$ के प्रत्येक बिंदु पर सतत हो,
- बिंदु $x = a$ पर दाईं ओर से सतत हो: $\lim_{x \to a^+} f(x) = f(a)$, तथा
- बिंदु $x = b$ पर बाईं ओर से सतत हो: $\lim_{x \to b^-} f(x) = f(b)$।
1.3 सतत फलनों का बीजगणित (Algebra of Continuous Functions)
मान लीजिए $f$ और $g$ दो वास्तविक फलन हैं जो किसी बिंदु $c$ पर सतत हैं। तब:
- योग (Sum): $(f + g)(x) = f(x) + g(x)$, बिंदु $c$ पर सतत होता है।
- अंतर (Difference): $(f - g)(x) = f(x) - g(x)$, बिंदु $c$ पर सतत होता है।
- अदिश गुणन (Scalar Multiple): $(\alpha f)(x) = \alpha f(x)$, जहाँ $\alpha \in \mathbb{R}$, सतत होता है।
- गुणनफल (Product): $(f \cdot g)(x) = f(x) \cdot g(x)$, बिंदु $c$ पर सतत होता है।
- भागफल (Quotient): $\left(\frac{f}{g}\right)(x) = \frac{f(x)}{g(x)}$, बिंदु $c$ पर सतत होता है, बशर्ते $g(c) \neq 0$ हो।
1.4 महत्वपूर्ण मानक सतत फलन
गणित के निम्नलिखित मूलभूत फलन अपने संपूर्ण प्रांत (Domain) में सर्वत्र सतत होते हैं:
- प्रत्येक बहुपदीय फलन (Polynomial Function, जैसे $P(x) = a_n x^n + \dots + a_0$) $\mathbb{R}$ पर सतत होता है।
- त्रिकोणमितीय फलन $\sin x$ तथा $\cos x$ संपूर्ण $\mathbb{R}$ पर सतत हैं। $\tan x$ अपने प्रांत $\mathbb{R} \setminus \{(2n+1)\frac{\pi}{2}\}$ पर सतत है।
- चरघातांकी फलन $f(x) = e^x$ तथा लघुगणकीय फलन $g(x) = \ln x$ ($x > 0$) अपने प्रांत में सतत हैं।
- मापांक फलन (Modulus function) $f(x) = |x|$ संपूर्ण $\mathbb{R}$ पर सतत है।
- संयुक्त फलन प्रमेय (Composite Function Theorem): यदि $g$, बिंदु $c$ पर सतत है और $f$, बिंदु $g(c)$ पर सतत है, तो संयुक्त फलन $(f \circ g)(x) = f(g(x))$ भी बिंदु $c$ पर सतत होता है। (उदा. $\sin(x^2)$ सतत है क्योंकि $x^2$ और $\sin x$ दोनों सतत हैं)।