A. पत्र का रचना-काल व संदर्भ:
- यह पत्र स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नैनी सेंट्रल जेल (इलाहाबाद) से पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुत्री इंदिरा गांधी को लिखा गया था।
- इन पत्रों को मूलतः अंग्रेजी में लिखा गया था और बाद में उपन्यास-सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने इनका अत्यंत सुंदर हिन्दी अनुवाद *"पिता के पत्र पुत्री के नाम"* शीर्षक से किया।
B. पत्र को "अनोखा" क्यों कहा गया है?
यह कोई औपचारिक या व्यक्तिगत कुशल-क्षेम पूछने वाला पत्र नहीं था। जेल की तंग कोठरी से लिखा गया यह पत्र संसार को देखने की एक नई दृष्टि प्रदान करता है। यह इतिहास, भूगोल, विज्ञान और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम है।