जीवन परिचय:
संत अन्नमाचार्य का जन्म मई 1408 में आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के ताल्लपाक ग्राम में एक सुसंस्कृत नन्दवरिक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
- ईश्वरीय साक्षात्कार: बाल्यावस्था से ही वे सांसारिक प्रपंचों से विरक्त होकर भगवान वेंकटेश्वर की भक्ति में लीन रहते थे। सोलह वर्ष की अल्पायु में उन्हें दिव्य प्रेरणा प्राप्त हुई और वे तिरुमाला पहुँचकर भगवान के अनन्य सेवक बन गए।
- संकीर्तन रचना: उन्होंने तेलुगु और संस्कृत में 32,000 संकीर्तनों (भजनों) की रचना की, जिन्हें श्रृंगार संकीर्तन और अध्यात्म संकीर्तन में वर्गीकृत किया जाता है।