पृष्ठभूमि: जनवरी 1950 में भारत के चुनाव आयोग का गठन हुआ और सुकुमार सेन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बने। अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 तक देश में पहला आम चुनाव संपन्न हुआ।
| चुनौती का क्षेत्र | कठिनाई का विवरण | समाधान का नवाचार |
|---|---|---|
| मतदाता सूची | 17.32 करोड़ मतदाता थे, जिनमें 40 लाख महिलाओं के नाम 'फलाने की पत्नी/बेटी' दर्ज थे। | चुनाव आयुक्त ने इन सूचियों को रद्द कर महिलाओं के मूल नाम दर्ज करवाए। |
| व्यापक निरक्षरता | केवल 15% मतदाता साक्षर थे; वे उम्मीदवारों का नाम नहीं पढ़ सकते थे। | प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अलग मतपेटी रखी गई जिस पर उसका चुनाव चिन्ह चिपकाया गया। |
| विशाल भौगोलिक दायरा | दुर्गम पहाड़ियों, जंगलों और नदियों के पार मतदान केंद्र बनाना। | 3 लाख से अधिक अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर निष्पक्ष चुनाव कराए। |