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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Political Science • अध्याय 17
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

झारखण्ड बोर्ड (JAC) कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का अंतिम एवं सप्तदश अध्याय "भारतीय राजनीति: नए बदलाव" (Recent Developments in Indian Politics) 1989 के बाद भारतीय राजनीति के 5 युगांतकारी परिवर्तनों (कांग्रेस प्रणाली का अंत, मंडल मुद्दा व अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण, 1991 की नई आर्थिक नीति, बाबरी मस्जिद विध्वंस व सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता की बहस, तथा राजीव गांधी की हत्या व गठबंधन युग का प्रारंभ) का समग्र अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें संयुक्त मोर्चा, एनडीए (NDA-I से IV), यूपीए (UPA-I व II), बहुजन समाज पार्टी (BSP) व कांशीराम का योगदान तथा वर्तमान 2014-2024 के 'भाजपा-प्रधान बहुदलीय व्यवस्था' (BJP-led Surging System) का संपूर्ण प्रामाणिक विश्लेषण शामिल है।

🗳️ क्या आप जानते हैं: 1989 से 2014 तक पूरे 25 वर्षों तक भारत में किसी भी एक पार्टी को लोकसभा में पूर्ण बहुमत क्यों नहीं मिला?

1989 के चुनाव के बाद भारत की राजनीति में एक भूकंप आया जिसे 'गठबंधन युग' (Coalition Era) कहा गया। इस 25 साल के दौर में 9 अलग-अलग प्रधानमंत्री बने—कुछ तो मात्र 13 दिन (अटल बिहारी वाजपेयी) या कुछ महीने (देवगौड़ा, गुजराल) ही टिक पाए! मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू होने पर पूरे देश में छात्रों ने आत्मदाह किए, 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा ढहा दिया गया, और 1991 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आतंकी हमले में हत्या कर दी गई! लेकिन इसी उथल-पुथल के बीच देश में एक नई 'राजनीतिक आम सहमति' भी बनी। 2014 में 30 साल बाद जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला, तो भारतीय राजनीति का स्वरूप कैसे बदल गया? आइए स्वतंत्र भारत की राजनीति के इस सबसे आधुनिक और रोमांचक अध्याय को समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भारत की समकालीन राजनीति, संसद की कार्यप्रणाली, जातिगत व सामाजिक न्याय की राजनीति, ओबीसी आरक्षण, गठबंधन सरकारों की मजबूरियां और वर्तमान दलीय संतुलन को समझने के लिए यह अध्याय सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षा में 1989 के बाद के 5 बड़े बदलाव, मंडल आयोग की सिफारिशें, गठबंधन की राजनीति और राजनीतिक आम सहमति के 4 बिंदुओं पर सीधे प्रश्न आते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी का 415 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत।
  • संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत पिछड़ा वर्ग आयोग का प्रावधान।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • 1989 के बाद भारतीय राजनीति के 5 युगांतकारी बदलावों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • मंडल आयोग (B.P. मंडल आयोग - 1978/1980), 27% OBC आरक्षण और 'अन्य पिछड़ा वर्ग' (OBC) की राजनीतिक गोलबंदी को समझ सकेंगे।
  • गठबंधन सरकारों (Coalition Governments: 1989-2014) की कार्यप्रणाली और प्रमुख गठबंधनों (राष्ट्रीय मोर्चा, संयुक्त मोर्चा, NDA, UPA) की तुलना कर सकेंगे।
  • अयोध्या विवाद, 1992 बाबरी ढांचा विध्वंस और धर्मनिरपेक्षता की समकालीन बहसों का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उदय में कांशीराम की भूमिका और सामाजिक न्याय की राजनीति की समीक्षा कर सकेंगे।
  • 1990 के बाद उभरी 'नई आर्थिक व राजनीतिक आम सहमति' के चार प्रमुख तत्वों की पहचान कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. 1989 के बाद भारतीय राजनीति के पा...
2 2. मंडल आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग (O...
3 3. गठबंधन युग एवं नई आम सहमति (Coal...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. 1989 के बाद भारतीय राजनीति के पाँच बड़े बदलाव (Five Major Developments post-1989)

बड़ा बदलावघटनाक्रम एवं ऐतिहासिक प्रभाव
1. कांग्रेस प्रणाली का अंत1989 के चुनाव में कांग्रेस की पराजय (197 सीटें); एकदलीय प्रभुत्व हमेशा के लिए समाप्त और बहुदलीय गठबंधन युग की शुरुआत।
2. मंडल मुद्दा (Mandal Issue)अगस्त 1990 में वी. पी. सिंह की राष्ट्रीय मोर्चा सरकार द्वारा मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण देना।
3. नई आर्थिक नीतियां (LPG)1991 में नरसिम्हा राव सरकार और वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा लाइसेंस राज समाप्त कर उदारीकरण, निजीकरण व वैश्वीकरण को अपनाना।
4. अयोध्या विवाद व हिंदुत्व की राजनीतिदिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस; भारतीय राजनीति में धर्मनिरपेक्षता बनाम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद (हिंदुत्व) की तीखी बहस और भाजपा का उभार।
5. राजीव गांधी की हत्या (मई 1991)तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में LTTE के आत्मघाती हमले में राजीव गांधी का निधन; कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन (पी. वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने)।

2. मंडल आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की राजनीति (Mandal Commission & OBC Politics)

मंडल आयोग (द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग): 1978 में मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार द्वारा बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल (B.P. Mandal) की अध्यक्षता में गठित हुआ। इसने 1980 में अपनी रिपोर्ट सौंपी।

सिफारिशें / निष्कर्षविवरण
OBC की पहचानआयोग ने पाया कि देश की कुल आबादी का लगभग 52% भाग 'अन्य पिछड़ा वर्ग' (OBC) है, जो सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है।
27% आरक्षणकेंद्र सरकार की नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में OBC के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की गई।
इंदिरा साहनी वाद (1992)सुप्रीम कोर्ट ने 27% आरक्षण को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया, परंतु 'क्रीमी लेयर' (सम्पन्न पिछड़े वर्ग) को बाहर रखने और कुल आरक्षण सीमा 50% तय करने का निर्देश दिया।

कांशीराम और बहुजन समाज पार्टी (BSP): 1984 में कांशीराम ने 'बामसेफ' (BAMCEF - 1978) और 'डीएस-4' (DS-4) के आधार पर बसपा का गठन किया जिसने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों (बहुजन) को सत्ता की चाबी दिलाने की राजनीति की (मायावती 1995 में पहली बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं)।

3. गठबंधन युग एवं नई आम सहमति (Coalition Era & Growing Consensus)

1989 से 2014 तक केंद्र में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। विभिन्न गठबंधन सरकारें बनीं:

  • राष्ट्रीय मोर्चा (1989-1990): वी. पी. सिंह (BJP और वामपंथियों का बाहर से समर्थन)।
  • संयुक्त मोर्चा (1996-1998): एच. डी. देवगौड़ा व आई. के. गुजराल (कांग्रेस का बाहर से समर्थन)।
  • राजग (NDA - 1998-2004): अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन।
  • संप्रग (UPA - 2004-2014): डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन।
  • 2014 व 2019: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत मिला (एनडीए-III व IV)।
🤝 1990 के बाद भारतीय राजनीति में 4 मुद्दों पर बनी 'व्यापक आम सहमति' (Growing Consensus):
  1. नई आर्थिक नीतियों पर सहमति: सभी दल (चाहे भाजपा हो या कांग्रेस या क्षेत्रीय दल) मानते हैं कि उदारीकरण और आर्थिक विकास की नीतियां देश के लिए आवश्यक हैं।
  2. पिछड़ी जातियों के राजनीतिक व सामाजिक दावों की स्वीकृति: सभी पार्टियां नौकरियों और शिक्षा में OBC आरक्षण तथा उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समर्थन करती हैं।
  3. क्षेत्रीय दलों की केंद्रीय भूमिका की स्वीकृति: राष्ट्रीय राजनीति में राज्य-स्तरीय क्षेत्रीय दलों की महत्ता और गठबंधन शासन को सभी ने स्वीकार किया है।
  4. विचारधारा के स्थान पर कार्यसिद्धि पर बल: दल अब कठोर वैचारिक संकीर्णता छोड़कर सत्ता में भागीदारी और व्यावहारिक मुद्दों पर गठबंधन करते हैं।

महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, राजनीतिक सिद्धांत एवं कालक्रम

1978
द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग (मंडल आयोग) का गठन (अध्यक्ष: बी. पी. मंडल)।
1989
नौवां लोकसभा चुनाव - कांग्रेस प्रणाली का अंत और गठबंधन युग की शुरुआत।
Aug 1990
प्रधानमंत्री वी. पी. सिंह द्वारा मंडल आयोग की सिफारिशें (27% OBC आरक्षण) लागू करने की घोषणा।
21 May 1991
श्रीपेरंबदूर (तमिलनाडु) में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या।
6 Dec 1992
अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा ढहाया गया।
2014 & 2019
30 वर्षों बाद लोकसभा में एकल पार्टी (BJP) को पूर्ण बहुमत की पुनर्स्थापना।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
1989 के बाद भारतीय राजनीति में आए किन्हीं चार बड़े बदलावों का वर्णन कीजिए। (JAC Board 5 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: 1989 के बाद भारतीय राजनीति में 5 युगांतकारी परिवर्तन आए जिनमें से प्रमुख चार निम्नलिखित हैं:
1. कांग्रेस प्रणाली का अंत: 1989 के चुनावों के बाद कांग्रेस का एकछत्र वर्चस्व समाप्त हो गया और केंद्र में बहुदलीय गठबंधन सरकारों के युग की शुरुआत हुई।
2. मंडल मुद्दे और OBC का उभार: 1990 में मंडल आयोग लागू होने से 27% OBC आरक्षण मिला और देश में अन्य पिछड़े वर्गों की राजनीति व सत्ता में भागीदारी निर्णायक बन गई।
3. नई आर्थिक नीतियों की शुरुआत: 1991 में आर्थिक संकट से उबरने हेतु भारत ने समाजवादी मॉडल छोड़कर उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) को अपनाया।
4. अयोध्या विवाद और हिंदुत्व की राजनीति: दिसंबर 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद राजनीति में धर्मनिरपेक्षता बनाम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की तीव्र बहस छिड़ी और भाजपा एक प्रमुख राष्ट्रीय शक्ति बनकर उभरी।
उदाहरण 2
मंडल आयोग की मुख्य सिफारिशें क्या थीं और सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर क्या निर्णय दिया? (JAC Board 4 Marks)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले आयोग (1980) ने निम्नलिखित मुख्य सिफारिशें की थीं:
1. देश की लगभग 52% आबादी 'अन्य पिछड़ा वर्ग' (OBC) है, अतः केंद्र सरकार की नौकरियों और उच्च शिक्षा में OBC को 27% आरक्षण दिया जाए।
2. भूमि सुधारों को सख्ती से लागू किया जाए ताकि पिछड़े किसानों की स्थिति सुधरे।
सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय (इंदिरा साहनी वाद 1992): सुप्रीम कोर्ट ने 27% आरक्षण को वैध ठहराया, लेकिन दो शर्तें जोड़ीं—(1) सम्पन्न तबके (क्रीमी लेयर) को आरक्षण का लाभ न मिले, और (2) कुल आरक्षण 50% से अधिक न हो।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मंडल आयोग को पहला पिछड़ा वर्ग आयोग समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

मंडल आयोग 'द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग' था (1978)। प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग 1953 में 'काका कालेलकर' की अध्यक्षता में बना था।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

गठबंधन सरकारों को पूरी तरह अस्थिर और अप्रभावी मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

गठबंधन सरकारों ने देश के सभी भौगोलिक क्षेत्रों और उपेक्षित सामाजिक वर्गों को राष्ट्रीय नीति-निर्माण में आवाज देकर लोकतंत्र और संघवाद को अधिक समावेशी बनाया।
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कक्षा 12 Political Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: शीतयुद्ध काल (The Cold War Era) अध्याय 2: दो ध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) अध्याय 3: विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य (US Hegemony in World Politics) अध्याय 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र (Alternative Centres of Power) अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया (Contemporary South Asia) अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) अध्याय 8: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन (Environment and Natural Resources) अध्याय 9: वैश्वीकरण (Globalisation) (Globalisation) अध्याय 10: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) अध्याय 11: एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) अध्याय 12: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) अध्याय 13: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations) अध्याय 14: कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुनर्स्थापना (Challenges to and Restoration of the Congress System) अध्याय 15: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (The Crisis of Democratic Order) अध्याय 16: क्षेत्रीय आकांक्षाएं (Regional Aspirations) अध्याय 17: भारतीय राजनीति: नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

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