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JAC • Class 7 • Science • Ch 10
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Electric Current and its Effects

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) कक्षा 7 विज्ञान का दशम अध्याय "विद्युत धारा और इसके प्रभाव" (Electric Current and its Effects) विद्युत परिपथ, विद्युत धारा के तापीय एवं चुंबकीय प्रभावों, तथा सुरक्षा युक्तियों का विस्तृत व प्रामाणिक अध्ययन है। इसमें परिपथ प्रतीकों, बैटरी संयोजन, हीटर व बल्ब के तंतु (नाइक्रोम व टंगस्टन), सुरक्षा फ्यूज व MCB, हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड की चुंबकीय खोज, विद्युत चुंबक (Electromagnet) तथा विद्युत घंटी (Electric Bell) की चरणबद्ध कार्यप्रणाली का वैज्ञानिक विश्लेषण शामिल है।

⚡ क्या आपने कभी सोचा है?

🔔 स्कूल की छुट्टी की घंटी बजते ही हथौड़ा लगातार घंटी की कटोरी पर टन-टन-टन क्यों बजाने लगता है, और जैसे ही चपरासी बटन छोड़ता है वह तुरंत शांत क्यों हो जाता है?

💡 कमरे में जलने वाला 100 वाट का पीला बल्ब छूने पर हाथ क्यों जल जाता है, जबकि उससे निकलने वाला प्रकाश तो बहुत शीतल दिखाई देता है?

🧲 लोहे की एक साधारण कील पर तांबे का तार लपेटकर सेल जोड़ते ही वह आलपिनों को चुंबक की तरह अपनी ओर कैसे खींचने लगती है?

🔌 घर में अचानक बिजली का लोड बढ़ने या शॉर्ट सर्किट होने पर मेन बोर्ड में लगा फ्यूज तार क्यों जल जाता है या MCB का खटका नीचे क्यों गिर जाता है?

Why This Chapter Matters

आधुनिक दुनिया की कल्पना बिना विद्युत के संभव नहीं है। घरों में रोशनी करने वाले LED बल्बों से लेकर पंखे, पानी के गीजर, भारी भरकम क्रेन जो टनों लोहे का कबाड़ उठाती हैं, अस्पतालों में एमआरआई मशीनें और घर की सुरक्षा घंटियाँ—ये सभी विद्युत धारा के तापीय और चुंबकीय प्रभावों पर कार्य करती हैं। इसके अतिरिक्त, घरों को भीषण आग और उपकरणों को जलने से बचाने के लिए विद्युत फ्यूज और MCB का सिद्धांत समझना प्रत्येक नागरिक और छात्र के लिए जीवन-रक्षक ज्ञान है।

Before You Begin (Prerequisites)

  • विद्युत धारा आवेशों के प्रवाह की दर है और यह बंद परिपथ (Closed Circuit) में ही बहती है।
  • सेल में दो सिरे होते हैं: धनात्मक (+) और ऋणात्मक (-)।
  • विद्युत के सुचालक (धातुएं) धारा प्रवाहित होने देते हैं, जबकि कुचालक (प्लास्टिक, रबर, लकड़ी) धारा को रोकते हैं।
  • चुंबक के दो ध्रुव (उत्तरी और दक्षिणी) होते हैं और समान ध्रुव प्रतिकर्षित तथा असमान ध्रुव आकर्षित होते हैं।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • विद्युत परिपथ के अवयवों (सेल, बैटरी, बल्ब, स्विच, तार) के मानक वैज्ञानिक प्रतीकों को पहचान और बना सकेंगे।
  • दो या अधिक सेलों को जोड़कर सही ध्रुवता के साथ बैटरी (Battery) तैयार कर सकेंगे।
  • विद्युत धारा के तापीय प्रभाव (Heating Effect) की व्याख्या और तापन अवयव (नाइक्रोम/टंगस्टन) के गुणों को समझ सकेंगे।
  • विद्युत फ्यूज (Fuse) और MCB की संरचना, कार्यप्रणाली और सुरक्षात्मक महत्व को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • ओर्स्टेड के प्रयोग द्वारा विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect) को सिद्ध कर सकेंगे।
  • विद्युत चुंबक (Electromagnet) का निर्माण कर सकेंगे तथा इसके चुंबकत्व को प्रभावित करने वाले कारकों को समझ सकेंगे।
  • विद्युत घंटी (Electric Bell) की आंतरिक रचना और आर्मेचर के दोलन की चरणबद्ध कार्यप्रणाली का सचित्र वर्णन कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. विद्युत परिपथ के अवयव एवं प्रतीक...
2 2. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव: ही...
3 3. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव ए...
4 4. विद्युत घंटी की संरचना एवं सचित्...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. विद्युत परिपथ के अवयव एवं प्रतीक (Symbols of Electric Circuit)

वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए वास्तविक उपकरणों के चित्र बनाना बहुत कठिन और समय लेने वाला होता है। इसलिए पूरे विश्व में विद्युत परिपथों को दर्शाने के लिए सरल मानक प्रतीकों (Standard Symbols) का उपयोग किया जाता है:

विद्युत अवयवमानक प्रतीक का विवरणविशेष वैज्ञानिक नियम
विद्युत सेल (Electric Cell)एक लंबी पतली रेखा और एक छोटी मोटी समानांतर रेखा।लंबी रेखा धनात्मक सिरा (+) तथा छोटी मोटी रेखा ऋणात्मक सिरा (-) दर्शाती है।
विद्युत बल्ब (Electric Bulb)वृत्त के अंदर फिलामेंट का घुमावदार लूप।तंतु (Filament) अखंडित होने पर ही बल्ब प्रकाशित होता है।
स्विच चालू स्थिति (Switch ON)दोनों बिंदुओं को जोड़ती हुई सीधी रेखा।बंद परिपथ (Closed Circuit): धारा निर्बाध बहती है।
स्विच बंद स्थिति (Switch OFF)एक बिंदु से उठी हुई खुली रेखा।खुला परिपथ (Open Circuit): धारा का प्रवाह रुक जाता है।
बैटरी (Battery)दो या अधिक सेलों का क्रमिक संयोजन।अनिवार्य शर्त: एक सेल का धनात्मक सिरा (+) सदैव दूसरे सेल के ऋणात्मक सिरे (-) से जुड़ना चाहिए!
संयोजी तार (Wire)सीधी रेखा।तांबे या एल्युमिनियम का अच्छा सुचालक तार।

2. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव: हीटर, बल्ब एवं सुरक्षा युक्तियाँ

जब किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो चालक के प्रतिरोध के कारण वह तार तप्त (गर्म) हो जाता है। इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) कहते हैं।

(A) विद्युत हीटर, गीजर व इस्त्री (Heating Appliances):

इन उपकरणों में चीनी मिट्टी की प्लेट पर तार की एक कुंडली लगी होती है, जिसे तापन अवयव (Heating Element) कहते हैं। यह नाइक्रोम (Nichrome — निकल, क्रोमियम व लोहे की मिश्रधातु) का बना होता है। नाइक्रोम का प्रतिरोध बहुत उच्च होता है और यह लाल तप्त होने पर भी वायु में पिघलता या जलता नहीं है।

(B) विद्युत बल्ब का तंतु (Tungsten Filament):

बल्ब का तंतु टंगस्टन (Tungsten) धातु का बना होता है। टंगस्टन का गलनांक अत्यधिक उच्च (लगभग $3422^\circ\text{C}$) होता है। अत्यधिक तप्त होने पर यह श्वेत प्रकाश उत्सर्जित करता है। ऊर्जा बचत हेतु अब LED और CFL का उपयोग किया जाता है।

(C) सुरक्षा फ्यूज (Electric Fuse) एवं MCB:
विद्युत फ्यूज (Electric Fuse):

यह सीसे और टिन की मिश्रधातु का बना एक विशेष तार होता है जिसका गलनांक बहुत कम (Low Melting Point) होता है। जब परिपथ में शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग से धारा सुरक्षित सीमा से अधिक बहती है, तो यह तार तुरंत पिघलकर टूट जाता है और उपकरण जलने से बच जाते हैं।

MCB (Miniature Circuit Breaker):

यह एक विद्युत-चुंबकीय स्वचालित स्विच है जो परिपथ में खराबी आने पर अपने आप ट्रिप (Trip) होकर बंद हो जाता है। खराबी ठीक करने के बाद इसे केवल हाथ से ऊपर उठा देने पर परिपथ पुनः चालू हो जाता है।

3. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव एवं विद्युत चुंबक (Magnetic Effect & Electromagnet)

ओर्स्टेड का ऐतिहासिक प्रयोग (Hans Christian Oersted, 1820):

डेनमार्क के वैज्ञानिक हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने देखा कि जब किसी चालक तार के समीप एक चुंबकीय सुई रखी जाती है और तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो चुंबकीय सुई तुरंत विक्षेपित (Deflect) हो जाती है। धारा बंद करते ही सुई वापस अपनी मूल उत्तर-दक्षिण दिशा में आ जाती है।

निष्कर्ष: किसी चालक तार में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर वह तार एक चुंबक की भाँति व्यवहार करता है। इसे विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect) कहते हैं।
विद्युत चुंबक (Electromagnet):

नरम लोहे की कील या छड़ के ऊपर विद्युतरोधी तांबे के तार को कसकर स्प्रिंग की तरह लपेटकर जब उसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह विद्युत चुंबक बन जाती है।

  • यह एक अस्थायी चुंबक (Temporary Magnet) है; धारा बंद होते ही इसका चुंबकत्व तुरंत समाप्त हो जाता है।
  • चुंबकीय शक्ति बढ़ाने के उपाय: 1. तार के फेरों (Turns) की संख्या बढ़ाकर, 2. धारा का मान (Current) बढ़ाकर।

विद्युत चुंबक के औद्योगिक उपयोग: कबाड़खानों में भारी लोहे को उठाने वाली क्रेन में, लाउडस्पीकर में, तथा डॉक्टरों द्वारा आँख से लोहे के कण बाहर निकालने में।

4. विद्युत घंटी की संरचना एवं सचित्र कार्यप्रणाली (Electric Bell Mechanism)

विद्युत घंटी विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव और विद्युत चुंबक के सिद्धांत पर कार्य करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है।

विद्युत घंटी के मुख्य 5 भाग:
  1. विद्युत चुंबक (U-आकार): लोहे के दो टुकड़ों पर तांबे के तार की कुंडली लिपटी होती है।
  2. नरम लोहे की पट्टी (आर्मेचर / Armature): जो एक लचीली स्प्रिंगदार पत्ती से जुड़ी होती है।
  3. हथौड़ा (Striker / Hammer): आर्मेचर के सिरे पर लगा धातु का गोला।
  4. घंटी की कटोरी (Gong): धातु की कटोरी जिस पर हथौड़ा चोट करता है।
  5. संपर्क पेंच (Contact Screw): जो आर्मेचर की पत्ती को छूता रहता है।
चरणबद्ध कार्यप्रणाली (Step-by-Step Working):
चरण 1: जब घंटी का स्विच दबाया जाता है, तो परिपथ पूरा हो जाता है और विद्युत चुंबक में धारा बहने लगती है।
चरण 2: विद्युत चुंबक शक्तिशाली बन जाता है और सामने स्थित लोहे के आर्मेचर को अपनी ओर खींचता है।
चरण 3: आर्मेचर के आगे खिंचने से हथौड़ा जोर से घंटी की कटोरी (Gong) से टकराता है और तीव्र ध्वनि उत्पन्न होती है।
चरण 4: जैसे ही आर्मेचर आगे खिंचता है, उसका संपर्क पेंच (Contact Screw) से संपर्क टूट जाता है।
चरण 5: संपर्क टूटते ही परिपथ खुला (Open) हो जाता है, धारा रुक जाती है, और विद्युत चुंबक का चुंबकत्व समाप्त हो जाता है।
चरण 6: लचीली स्प्रिंग आर्मेचर को वापस खींच लेती है, जिससे संपर्क पेंच से संपर्क फिर से जुड़ जाता है।
परिणाम: यह चक्र प्रति सेकंड कई बार दोहराया जाता है जिससे लगातार घंटी बजती रहती है!

Key Formulas, Reactions & Definitions

ऊष्मा का जूल नियम
$$H = I^2 * R * t$$
ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध व समय के समानुपाती
बैटरी ध्रुवता नियम
(+) सिरा → (-) सिरा
विपरीत ध्रुव आपस में जुड़ते हैं
विद्युत चुंबकत्व बल
B ∝ N * I
फेरों की संख्या और धारा बढ़ाने पर चुंबकत्व बढ़ता है
परिपथ अवस्था
बंद परिपथ (ON) = धारा प्रवाह | खुला परिपथ (OFF) = धारा शून्य
स्विच की दो अवस्थाएं

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
Q1 (अवधारणा - बैटरी संयोजन): आपको 4 विद्युत सेल दिए गए हैं। एक 6 वोल्ट की बैटरी बनाने के लिए आप इन्हें तारों द्वारा किस प्रकार जोड़ेंगे? सही ध्रुवता का नियम स्पष्ट कीजिए।
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
चार सेलों की बैटरी बनाने के लिए सेलों को श्रेणीक्रम (Series Connection) में इस प्रकार जोड़ा जाता है कि पहले सेल का धनात्मक (+) सिरा स्वतंत्र रहे, उसका ऋणात्मक (-) सिरा दूसरे सेल के धनात्मक (+) सिरे से जुड़े, दूसरे का ऋणात्मक तीसरे के धनात्मक से, और तीसरे का ऋणात्मक चौथे के धनात्मक से जुड़े। अंत में चौथे सेल का ऋणात्मक सिरा बाहर निकलेगा।
$$\text{क्रम: } (+) \text{ सेल 1 } (-) \to (+) \text{ सेल 2 } (-) \to (+) \text{ सेल 3 } (-) \to (+) \text{ सेल 4 } (-)$$ इस प्रकार चारों सेलों के विभवांतर जुड़कर एक शक्तिशाली बैटरी बनाते हैं।
Example 2
Q2 (कारण व प्रभाव): विद्युत हीटर का तापन अवयव (Heating Element) लाल तप्त होकर चमकता है, किंतु उसे विद्युत स्रोत से जोड़ने वाला संयोजी तार बिल्कुल गर्म नहीं होता, क्यों?
Step-by-Step Solution:

उत्तर:
वैज्ञानिक कारण: विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न ऊष्मा चालक के प्रतिरोध पर निर्भर करती है ($H \propto R$):
1. हीटर का तापन अवयव नाइक्रोम का बना होता है, जिसका विद्युत प्रतिरोध अत्यंत उच्च होता है, जिससे उसमें अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है और वह लाल तप्त हो जाता है।
2. संयोजी तार तांबे (Copper) का बना होता है, जिसका प्रतिरोध नगण्य (बहुत कम) होता है। कम प्रतिरोध होने के कारण इसमें ऊष्मा उत्पन्न नहीं होती और यह ठंडा बना रहता है।

Example 3
Q3 (सुरक्षा नियम): विद्युत फ्यूज के स्थान पर कभी भी लोहे या तांबे के मोटे तार का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
विद्युत फ्यूज का तार विशेष सीसे-टिन मिश्रधातु का बना होता है जिसका गलनांक बहुत कम (Low Melting Point) होता है ताकि धारा सुरक्षित सीमा से ऊपर जाते ही वह तुरंत पिघलकर परिपथ तोड़ दे।
यदि इसके स्थान पर तांबे या लोहे का मोटा तार लगा दिया जाए, तो उसका गलनांक बहुत अधिक होने के कारण शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग के समय भी तार नहीं पिघलेगा। परिणामस्वरूप धारा घरों के तारों में दौड़ती रहेगी जिससे तारों में भीषण आग लग सकती है और टीवी, फ्रिज, पंखे जलकर राख हो सकते हैं।
Example 4
Q4 (प्रायोगिक जांच): एक विद्युत चुंबक की आकर्षण शक्ति को बढ़ाने के दो प्रायोगिक उपाय बताइए।
Step-by-Step Solution:

उत्तर:
विद्युत चुंबक की शक्ति बढ़ाने के दो प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:
1. तार के फेरों (Turns) की संख्या बढ़ाकर: लोहे की कील पर तांबे के तार के जितने अधिक लपेटे (Coil turns) लगाए जाएँगे, चुंबकीय क्षेत्र उतना ही अधिक शक्तिशाली होगा।
2. विद्युत धारा (Current) का मान बढ़ाकर: परिपथ में एक के स्थान पर दो या तीन सेल जोड़कर प्रवाहित धारा की प्रबलता बढ़ाने से चुंबक अधिक भारी भार उठाने में सक्षम हो जाता है।

Example 5
Q5 (कार्यप्रणाली विश्लेषण): विद्युत घंटी में जब हथौड़ा कटोरी से टकराता है, तो विद्युत चुंबक का चुंबकत्व उसी क्षण क्यों समाप्त हो जाता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
जैसे ही आर्मेचर आगे खिंचकर हथौड़े को कटोरी पर मारता है, आर्मेचर के पीछे लगी पत्ती का संपर्क पेंच (Contact Screw) से अलगाव (Disconnection) हो जाता है। संपर्क टूटते ही विद्युत परिपथ खुला (Open Circuit) हो जाता है जिससे तार में धारा का बहना तुरंत बंद हो जाता है। चूंकि विद्युत चुंबक केवल तभी तक चुंबक रहता है जब तक उसमें धारा बहती है, अतः धारा रुकते ही उसका चुंबकत्व उसी क्षण नष्ट हो जाता है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

सेल के दोनों धनात्मक (+) सिरों को आपस में जोड़कर बैटरी बनाने का प्रयास करना।

Scientific Reality & Correction

बैटरी बनाने के लिए सदैव एक सेल का धनात्मक (+) सिरा दूसरे सेल के ऋणात्मक (-) सिरे से ही जुड़ना चाहिए; समान ध्रुवों को जोड़ने पर धारा का प्रवाह नहीं होगा और बल्ब नहीं जलेगा।

Common Misconception

फ्यूज तार पिघलने पर उसे तांबे के मोटे तार से बदल देना।

Scientific Reality & Correction

यह अत्यंत खतरनाक गलती है; तांबे का तार उच्च गलनांक के कारण शॉर्ट सर्किट पर नहीं पिघलेगा और पूरे घर की वायरिंग में आग लग सकती है। सदैव निर्धारित रेटिंग का असली फ्यूज तार या MCB ही उपयोग करें।

Common Misconception

विद्युत चुंबक को एक स्थायी चुंबक (Permanent Magnet) समझना।

Scientific Reality & Correction

विद्युत चुंबक एक विशुद्ध अस्थायी चुंबक है; यह केवल तब तक चुंबकीय गुण प्रदर्शित करता है जब तक उसमें विद्युत धारा प्रवाहित हो रही होती है।

Visual Learning & Conceptual Map

विद्युत धारा के प्रभाव एवं सुरक्षा चक्र (Effects of Electric Current)
विद्युत परिपथ (प्रतीक व सेल) ➔ तापीय प्रभाव (नाइक्रोम/फ्यूज) ➔ चुंबकीय प्रभाव (ओर्स्टेड खोज) ➔ विद्युत घंटी (स्वचालित दोलन)

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
विद्युत परिपथ के अवयवों को सुविधाजनक रूप से प्रदर्शित करने के लिए मानक प्रतीकों का उपयोग किया जाता है।
Takeaway 2
सेल के प्रतीक में लंबी पतली रेखा धनात्मक (+) तथा छोटी मोटी रेखा ऋणात्मक (-) सिरे को दर्शाती है।
Takeaway 3
दो या दो से अधिक सेलों के संयोजन को बैटरी कहते हैं, जिसमें विपरीत ध्रुव आपस में जुड़े होते हैं।
Takeaway 4
जब परिपथ बंद (Switch ON) होता है, तो धारा धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर बहती है।
Takeaway 5
तार में धारा प्रवाहित होने पर उत्पन्न ऊष्मा को विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं।
Takeaway 6
हीटर का तापन अवयव नाइक्रोम मिश्रधातु का तथा बल्ब का तंतु उच्च गलनांक वाले टंगस्टन का बना होता है।
Takeaway 7
विद्युत फ्यूज एक सुरक्षा युक्ति है जो निम्न गलनांक के तार से बनती है और ओवरलोडिंग पर पिघलकर परिपथ तोड़ती है।
Takeaway 8
MCB एक स्वचालित स्विच है जो अतिभारण पर स्वतः ट्रिप हो जाता है और सुरक्षा प्रदान करता है।
Takeaway 9
विद्युत धारावाही तार चुंबक की तरह व्यवहार करता है, इसे चुंबकीय प्रभाव कहते हैं (खोज: हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड)।
Takeaway 10
विद्युत घंटी विद्युत चुंबक के सिद्धांत पर कार्य करती है जिसमें आर्मेचर और संपर्क पेंच का संपर्क बार-बार जुड़ने व टूटने से लगातार ध्वनि उत्पन्न होती है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
विद्युत सेल के प्रतीक में लंबी रेखा और छोटी मोटी रेखा क्या दर्शाती हैं?
Reveal Answer & Explanation
Answer: लंबी पतली रेखा सेल के धनात्मक (+) सिरे को तथा छोटी मोटी रेखा सेल के ऋणात्मक (-) सिरे को दर्शाती है।
2
विद्युत हीटर का तापन अवयव किस मिश्रधातु का बना होता है और क्यों?
Reveal Answer & Explanation
Answer: विद्युत हीटर का तापन अवयव नाइक्रोम (Nichrome) मिश्रधातु का बना होता है क्योंकि इसका विद्युत प्रतिरोध बहुत उच्च होता है और यह लाल तप्त होने पर भी पिघलता या जलता नहीं है।
3
विद्युत फ्यूज किस सिद्धांत पर कार्य करता है और यह क्यों आवश्यक है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: विद्युत फ्यूज धारा के तापीय प्रभाव पर कार्य करता है। यह निम्न गलनांक के तार से बनता है, जो परिपथ में अत्यधिक धारा बहने पर तुरंत पिघलकर परिपथ भंग कर देता है और उपकरणों को जलने से बचाता है।
4
ओर्स्टेड ने अपने ऐतिहासिक प्रयोग में क्या देखा था?
Reveal Answer & Explanation
Answer: ओर्स्टेड ने देखा कि जब किसी धारावाही चालक तार के पास चुंबकीय सुई रखी जाती है, तो सुई तुरंत विक्षेपित हो जाती है, जिससे सिद्ध हुआ कि धारावाही तार चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
5
विद्युत घंटी में संपर्क पेंच (Contact Screw) का क्या कार्य है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: संपर्क पेंच आर्मेचर के साथ मिलकर परिपथ को बारी-बारी से पूरा (बंद) और अधूरा (खुला) करता है, जिससे विद्युत चुंबक का चुंबकत्व बार-बार बनता और समाप्त होता है तथा हथौड़ा लगातार घंटी पर चोट करता है।
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