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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Science • अध्याय 12
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

वन: हमारी जीवन रेखा (Forests: Our Lifeline)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) कक्षा 7 विज्ञान का द्वादश अध्याय "वन: हमारी जीवन रेखा" (Forests: Our Lifeline) पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem), जैव विविधता, तथा पर्यावरणीय संतुलन का एक अत्यंत समृद्ध व सारगर्भित अध्ययन है। इसमें वनों की बहुस्तरीय संरचना (कैनोपी व अंडरस्टोरी), वन तल, खाद्य श्रृंखला व खाद्य जाल, अपघटक (Decomposers) व ह्यूमस निर्माण, वनों द्वारा ऑक्सीजन-कार्बन डाइऑक्साइड संतुलन (हरे फेफड़े), जल संरक्षण व भूजल पुनर्भरण, मृदा अपरदन व बाढ़ रोकथाम, तथा झारखण्ड की वन संपदा व आदिवासी संस्कृति (सरहुल) का समग्र वैज्ञानिक विश्लेषण शामिल है।

🌲 क्या आपने कभी सोचा है?

🌳 हमारे राज्य का नाम "झारखण्ड" (झार + खण्ड) क्यों पड़ा, और प्राचीन काल से ही इसे "वनों की पावन भूमि" क्यों कहा जाता है?

🍂 घने जंगलों में हर साल अनगिनत पेड़ों से लाखों टन सूखे पत्ते, टहनियाँ और मरे हुए जीव गिरते हैं, फिर भी जंगल का फर्श कभी कूड़ेदान की तरह गंदा क्यों नहीं होता, बल्कि वहाँ से सौंधी खुशबू क्यों आती है?

🌧️ खुले खेतों और शहरों में मूसलाधार बारिश होते ही सड़कों पर बाढ़ आ जाती है और कीचड़ बह जाता है, किंतु घने जंगलों में भारी बारिश का पानी जमीन में कैसे चुपचाप समा जाता है?

🫁 वैज्ञानिकों ने जंगलों को पूरे ग्रह पृथ्वी का "हरा फेफड़ा" (Green Lungs) क्यों कहा है?

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

वन केवल लकड़ी या फल देने वाले पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि वे पृथ्वी के सबसे जटिल और गतिशील जीवन तंत्र हैं। वन वर्षा चक्र को संचालित करते हैं, वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ग्लोबल वार्मिंग से बचाते हैं, नदियों में स्वच्छ जल का निरंतर प्रवाह बनाए रखते हैं, और करोड़ों सजीवों को भोजन व आवास प्रदान करते हैं। झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में साल (सखुआ), महुआ, पलाश और केंदू पत्ता यहाँ की अर्थव्यवस्था, जनजातीय अस्मिता और पर्यावरण की धड़कन हैं। वनों का संरक्षण हमारे अपने अस्तित्व की रक्षा है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
  • सजीव भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पौधों पर निर्भर होते हैं।
  • पौधों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं और पानी सोखती हैं।
  • सूक्ष्मजीव मृत पदार्थों को सड़ाने और मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करते हैं।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • वनों की बहुस्तरीय संरचना—वितान (Canopy), अधोतल (Understorey), तथा वन तल (Forest Floor)—का सचित्र वर्णन कर सकेंगे।
  • वन को एक "गतिशील सजीव इकाई" (Dynamic Living Entity) के रूप में सिद्ध कर सकेंगे।
  • उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक (Decomposers) और ह्यूमस (Humus) के निर्माण की रासायनिक-जैविक प्रक्रिया समझा सकेंगे।
  • वन में खाद्य श्रृंखला (Food Chain) एवं खाद्य जाल (Food Web) में पोषक तत्वों के चक्रीय प्रवाह को आरेखित कर सकेंगे।
  • वनों को प्रकृति के "हरे फेफड़े" (Green Lungs) और प्राकृतिक जल अवशोषक (Water Sponge) कहने के वैज्ञानिक कारणों की व्याख्या कर सकेंगे।
  • मृदा अपरदन (Soil Erosion) रोकने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा बाढ़ नियंत्रण में वनों की अनिवार्य भूमिका का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • झारखण्ड के प्रमुख वृक्षों (साल, महुआ, पलाश), वन आधारित आजीविका और जनजातीय त्योहारों (सरहुल, करमा) के महत्व को रेखांकित कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. वनों की बहुस्तरीय संरचना (Struct...
2 2. वन एक गतिशील सजीव इकाई: अपघटक एव...
3 3. वनों की बहुआयामी भूमिका: फेफड़े,...
4 4. झारखण्ड की समृद्ध वन संपदा एवं ज...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. वनों की बहुस्तरीय संरचना (Structure of a Forest)

जंगल में विभिन्न प्रकार और ऊंचाइयों के पेड़-पौधे एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बनाकर रहते हैं। सूर्य के प्रकाश को अधिकतम ग्रहण करने के लिए जंगल में वृक्षों की कई क्षैतिज परतें (Vertical Layers) बन जाती हैं:

1. वितान / छत्र (Canopy)

ऊंचे वृक्षों की शाखाएं और पत्तियां जंगल के सबसे ऊपरी भाग में आपस में मिलकर एक विशाल हरी छत या छतरी (Roof) जैसी संरचना बनाती हैं। यह परत सूर्य के अधिकांश सीधे प्रकाश और वर्षा की तेज बौछारों को रोक लेती है।

2. अधोतल (Understorey)

कैनोपी के ठीक नीचे की परतें अधोतल कहलाती हैं। इसमें मध्यम ऊंचाई के छोटे वृक्ष, घनी झाड़ियाँ (Shrubs), और सबसे नीचे कोमल शाक (Herbs) तथा घास उगते हैं जो कम धूप में भी फलते-फूलते हैं।

3. वन तल (Forest Floor)

जंगल की जमीन नम और गहरे रंग की होती है। इस पर गिरी हुई पत्तियां, फल, बीज, छाल और सड़ते हुए कार्बनिक पदार्थ बिछे होते हैं, जो सूक्ष्मजीवों, कीड़ों, केंचुओं और कवक के लिए स्वर्ग समान होते हैं।

2. वन एक गतिशील सजीव इकाई: अपघटक एवं ह्यूमस (Decomposers & Humus)

जंगल में कोई भी पत्ता या मृत जीव व्यर्थ नहीं जाता। वन एक आत्मनिर्भर और गतिशील सजीव इकाई (Dynamic Living Entity) है:

अपघटक (Decomposers) की करामात:

पादपों और जंतुओं के मृत अवशेषों को खाने वाले सूक्ष्मजीवों—जैसे जीवाणु (Bacteria), कवक (Fungi), घुन और भृंग—को अपघटक कहते हैं।

ह्यूमस (Humus) का निर्माण: अपघटक मृत पत्तियों और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर एक गहरे भूरे-काले रंग के महीन चूर्ण जैसे पदार्थ में बदल देते हैं, जिसे ह्यूमस कहते हैं। ह्यूमस मिट्टी की जलधारण क्षमता को बढ़ाता है और मिट्टी को नाइट्रोजन, फास्फोरस जैसे आवश्यक खनिजों से समृद्ध कर देता है।
खाद्य श्रृंखला एवं ऊर्जा प्रवाह (Food Chain):

जंगल में प्रत्येक जीव दूसरे जीव का भोजन बनता है। अनेक खाद्य श्रृंखलाएं आपस में जुड़कर एक जटिल खाद्य जाल (Food Web) बनाती हैं:

घास (उत्पादक) ➔ टिड्डा / कीट (प्राथमिक उपभोक्ता) ➔ मेंढक (द्वितीयक) ➔ सर्प (तृतीयक) ➔ उकाब / चील (शीर्ष उपभोक्ता)

यदि जंगल से किसी एक प्रजाति (जैसे हिरण या बाघ) को हटा दिया जाए, तो संपूर्ण वन तंत्र असंतुलित हो जाता है। अपघटक अंतिम रूप से सभी पोषकों को पुनः मिट्टी में लौटा देते हैं, जिससे यह चक्र अनंत काल तक चलता रहता है।

3. वनों की बहुआयामी भूमिका: फेफड़े, स्पंज एवं ढाल

(A) प्रकृति के हरे फेफड़े (Green Lungs):

पौधे दिन में प्रकाश संश्लेषण द्वारा वातावरण से विषैली और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) गैस को अवशोषित करते हैं और जीवनदायिनी ऑक्सीजन ($O_2$) मुक्त करते हैं। इस प्रकार वन वायुमंडल में $O_2$ और $CO_2$ के अनुपात का संतुलन बनाए रखते हैं।

(B) प्राकृतिक जल अवशोषक (Water Sponge & Recharge):

जंगल वर्षा जल के लिए एक विशाल प्राकृतिक स्पंज की तरह कार्य करते हैं:

  • वृक्षों की कैनोपी वर्षा की बूंदों के सीधे प्रहार को धीमा कर देती है जिससे पानी बूंद-बूंद करके पत्तियों से छनकर धीरे-धीरे जमीन पर गिरता है।
  • ह्यूमस युक्त वन तल पानी को बहने नहीं देता, बल्कि स्पंज की तरह सोख लेता है।
  • वृक्षों की गहरी जड़ें पानी को जमीन के भीतर गहराई तक रिसने (Infiltration / अंतःस्रवण) में मदद करती हैं, जिससे साल भर कुओं और जलस्रोतों में भौमजल स्तर (Groundwater Level) ऊंचा बना रहता है।
(C) मृदा अपरदन एवं बाढ़ से सुरक्षा (Flood & Erosion Shield):

पेड़ों की जड़ें मिट्टी के कणों को परस्पर मजबूती से बांधे रखती हैं, जिससे तेज हवाएं और बारिश का पानी उपजाऊ ऊपरी मिट्टी को बहाकर नहीं ले जा पाते (मृदा अपरदन की रोकथाम)। साथ ही, वन तल वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर विनाशकारी बाढ़ आने से रोकते हैं।

4. झारखण्ड की समृद्ध वन संपदा एवं जनजातीय संस्कृति

झारखण्ड का शाब्दिक अर्थ ही "झाड़ियों और वनों का भूभाग" है। यहाँ का लगभग 29% से अधिक भूभाग सघन वनों से आच्छादित है:

वृक्ष / वन उत्पादवैज्ञानिक व सांस्कृतिक महत्वआर्थिक उपयोगिता
साल / सखुआ (Sal)झारखण्ड का राजकीय वृक्ष; कठोर व टिकाऊ लकड़ी।इमारती लकड़ी, रेलवे स्लीपर; पत्तों से पत्तल-दोने बनाए जाते हैं।
पलाश (Palash)झारखण्ड का राजकीय पुष्प ("जंगल की आग"); लाल फूल।होली के प्राकृतिक रंग, औषधीय उपयोग, लाह (Lac) कीट पालन।
महुआ (Mahua)आदिवासी जनजीवन का कल्पवृक्ष; मीठे फूल व पौष्टिक फल।खाद्य पदार्थ, तेल, पारंपारिक पेय व पशु आहार।
केंदू पत्ता एवं तसरसूखे जंगलों में प्रचुरता; अर्जुन व आसन के पेड़ों पर तसर कीट।बीड़ी निर्माण पत्ता, विश्वप्रसिद्ध झारखण्ड तसर रेशम उद्योग।
वनों से जुड़े पारंपारिक पर्व:
  • सरहुल (Sarhul): झारखण्ड के आदिवासियों (मुंडा, उरांव, संथाली, हो) का सबसे बड़ा वसंतोत्सव जिसमें सखुआ (साल) के फूलों और प्रकृति की पूजा की जाती है।
  • करमा (Karma): करम वृक्ष की डाल की पूजा कर प्रकृति, भाई-बहन के स्नेह और वनों के संरक्षण का संकल्प लिया जाता है।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

ऑक्सीजन चक्र संतुलन
CO2 (श्वसन/दहन) → वन (प्रकाश संश्लेषण) → O2 (प्राणवायु)
हरे फेफड़े का कार्य
ह्यूमस निर्माण चक्र
मृत अवशेष + अपघटक (जीवाणु/कवक) → ह्यूमस + खनिज पोषक तत्व
मृदा उर्वरता पुनर्जनन
जल अंतःस्रवण
वर्षा जल → वन कैनोपी (धीमी गति) → मृदा सोखना → भौमजल पुनर्भरण
बाढ़ रोकथाम व जल सुरक्षा
झारखण्ड वन प्रतिशत
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 29.7%
साल, महुआ, पलाश बहुल

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
Q1 (अवधारणा - बहुस्तरीय संरचना): वनों में विभिन्न ऊंचाइयों की परतें (Canopy व Understorey) क्यों पाई जाती हैं? यह पौधों के लिए किस प्रकार लाभदायक है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
वनों में विभिन्न ऊंचाइयों की क्षैतिज परतें सूर्य के प्रकाश, स्थान और वायु के अनुकूलतम उपयोग के लिए विकसित होती हैं:
1. सबसे ऊंचे वृक्षों की छत्र (वितान/Canopy) तेज धूप का अधिकतम उपयोग कर प्रकाश संश्लेषण करती है।
2. नीचे की अधोतल (Understorey) परत के छोटे पेड़, झाड़ियाँ और शाक कम धूप में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।
यह बहुस्तरीय व्यवस्था विभिन्न प्रकार के पक्षियों, बंदरों, कीटों और जमीन पर रहने वाले जानवरों को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग आवास और भोजन प्रदान करती है।

उदाहरण 2
Q2 (वैज्ञानिक कारण): वनों को "प्रकृति के हरे फेफड़े" (Green Lungs) क्यों कहा जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
जैसे हमारे फेफड़े रक्त को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं, ठीक उसी प्रकार वन संपूर्ण जीवमंडल के लिए यही कार्य करते हैं:
1. वन प्रकाश संश्लेषण के दौरान जंतुओं द्वारा छोड़ी गई और प्रदूषण से उत्पन्न विशाल मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) को अवशोषित करते हैं।
2. बदले में वे शुद्ध ऑक्सीजन ($O_2$) वातावरण में छोड़ते हैं, जिससे वायुमंडल में गैसों का जीवन-रक्षक संतुलन बना रहता है। इसलिए वनों को हरे फेफड़े कहा जाता है।

उदाहरण 3
Q3 (पारिस्थितिक भूमिका): अपघटक (Decomposers) किसे कहते हैं? यदि वन से सभी अपघटकों को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए, तो क्या होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
मृत पादपों और जंतुओं के अवशेषों को अपघटित करके ह्यूमस (Humus) में बदलने वाले सूक्ष्मजीवों (जीवाणु और कवक) को अपघटक कहते हैं।
यदि अपघटक समाप्त हो जाएँ:
1. वन तल पर मृत पत्तियों, गिरी शाखाओं और मृत जीवों के विशाल ढेर लग जाएंगे और उनका सड़ना बंद हो जाएगा।
2. मृत शरीरों में बंधे आवश्यक खनिज पोषक तत्व (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस) कभी मिट्टी में वापस नहीं लौट सकेंगे।
3. मिट्टी की उर्वरता समाप्त हो जाएगी जिससे नए पौधों का उगना बंद हो जाएगा और अंततः पूरा जंगल नष्ट हो जाएगा।

उदाहरण 4
Q4 (जल संरक्षण): वन वर्षा जल के प्राकृतिक अवशोषक (Sponges) के रूप में किस प्रकार कार्य करते हैं? स्पष्ट कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. वर्षा की गति धीमी करना: वनों की घनी कैनोपी वर्षा की तेज बौछारों के सीधे जमीन पर गिरने के वेग को तोड़ देती है, जिससे पानी पत्तों और तनों से रिसता हुआ धीरे-धीरे जमीन पर आता है।
2. ह्यूमस का स्पंज प्रभाव: वन तल पर उपस्थित सड़े-गले पत्तों और ह्यूमस की मोटी परत पानी को तुरंत बहने से रोककर स्पंज की तरह सोख लेती है।
3. अंतःस्रवण (Infiltration): पेड़ों की गहरी जड़ें मिट्टी को भुरभुरा बनाती हैं जिससे पानी रिसकर जमीन की गहराइयों में चला जाता है और भौमजल स्तर बढ़ जाता है, जिससे बाढ़ का खतरा भी टल जाता है।

उदाहरण 5
Q5 (झारखण्ड संदर्भ): झारखण्ड के वनों में पाए जाने वाले "साल" (सखुआ) वृक्ष का वानस्पतिक और सांस्कृतिक महत्व बताइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:
1. वानस्पतिक व आर्थिक महत्व: साल (सखुआ) झारखण्ड का राजकीय वृक्ष है। इसकी लकड़ी अत्यंत कठोर, भारी और दीमक-रोधी होती है, जिसका उपयोग इमारती कार्यों और फर्नीचर में होता है। इसके पत्तों से पत्तल और दोने बनाए जाते हैं।
2. सांस्कृतिक महत्व: झारखण्ड के आदिवासियों का सबसे पवित्र पर्व सरहुल वसंत ऋतु में साल के वृक्षों पर नए फूल खिलने के उपलक्ष्य में ही मनाया जाता है, जिसमें पाहन (पुजारी) द्वारा साल के फूलों की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वितान (Canopy) और अधोतल (Understorey) को एक ही समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वितान जंगल की सबसे ऊपरी परत (छतरी जैसी छत) है जो ऊंचे पेड़ों की शाखाओं से बनती है, जबकि अधोतल वितान के नीचे स्थित छोटे पेड़ों, झाड़ियों और शाकों की अलग-अलग परतें हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जंगल में गिरे सड़े पत्तों को प्रदूषण या गंदगी समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सड़े पत्ते कोई गंदगी नहीं हैं; अपघटक इन्हें बहुमूल्य ह्यूमस में बदल देते हैं जो मिट्टी की प्राकृतिक खाद और जीवनदायिनी पोषक शक्ति है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह मानना कि पेड़ केवल लकड़ी और फल देने के काम आते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वनों का सबसे बड़ा मूल्य उनका पारिस्थितिक कार्य है—ऑक्सीजन निर्माण, बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, वर्षा लाना तथा मृदा अपरदन रोकना।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

वन पारिस्थितिकी तंत्र एवं जीवन चक्र (Forest Ecosystem)
कैनोपी व अधोतल (संरचना) ➔ खाद्य श्रृंखला व खाद्य जाल ➔ अपघटक व ह्यूमस निर्माण ➔ हरे फेफड़े (O2/CO2 संतुलन) ➔ जल संरक्षण व मृदा सुरक्षा

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
वन विभिन्न पादपों, जंतुओं और सूक्ष्मजीवों का एक परस्पर आश्रित गतिशील पारिस्थितिक तंत्र है।
मुख्य बिंदु 2
ऊंचे वृक्षों की शाखाएं मिलकर वितान (Canopy / छत) बनाती हैं, और उसके नीचे झाड़ियों व शाकों की परतें अधोतल (Understorey) कहलाती हैं।
मुख्य बिंदु 3
वन तल पर गिरे कार्बनिक पदार्थों को अपघटक (जीवाणु व कवक) सड़ाकर गहरे रंग के पोषक तत्व युक्त ह्यूमस में बदल देते हैं।
मुख्य बिंदु 4
वन में अनेक खाद्य श्रृंखलाएं आपस में जुड़कर खाद्य जाल बनाती हैं, जिससे पोषक तत्वों का चक्र निरंतर चलता रहता है।
मुख्य बिंदु 5
प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन बनाए रखने के कारण वनों को "हरे फेफड़े" कहा जाता है।
मुख्य बिंदु 6
वन प्राकृतिक जल अवशोषक (Sponges) हैं जो वर्षा जल को धीरे-धीरे सोखकर भौमजल स्तर को ऊंचा बनाए रखते हैं।
मुख्य बिंदु 7
वृक्षों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं जिससे तीव्र वर्षा और हवा से मृदा अपरदन रुकता है तथा बाढ़ का प्रकोप कम होता है।
मुख्य बिंदु 8
वनों के विनाश (वनोन्मूलन) से वर्षा में कमी, ग्लोबल वार्मिंग, मृदा कटाव और वन्यजीवों के आवास का विनाश होता है।
मुख्य बिंदु 9
झारखण्ड के प्रमुख वन वृक्ष साल (सखुआ - राजकीय वृक्ष), महुआ, पलाश (राजकीय पुष्प) और केंदू हैं।
मुख्य बिंदु 10
झारखण्ड की जनजातीय संस्कृति में सरहुल और करमा जैसे पर्व वनों और प्रकृति की पूजा व संरक्षण के प्रतीक हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
वनों में वितान (Canopy) किसे कहते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ऊंचे वृक्षों की शाखाएं और पत्तियां जंगल के सबसे ऊपरी भाग में परस्पर मिलकर जो एक विशाल हरी छतरी या छत जैसी संरचना बनाती हैं, उसे वितान (छत्र / Canopy) कहते हैं।
2
ह्यूमस (Humus) क्या है और यह मिट्टी के लिए क्यों लाभदायक है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: अपघटकों द्वारा मृत पादपों और जंतुओं के अवशेषों को विघटित करके बनाया गया गहरे भूरे रंग का कार्बनिक पदार्थ ह्यूमस कहलाता है। यह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है और उसकी जलधारण क्षमता बढ़ाता है।
3
वनों को "प्रकृति के हरे फेफड़े" क्यों कहा जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि वन प्रकाश संश्लेषण के दौरान वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) को अवशोषित करते हैं और सभी सजीवों के लिए प्राणवायु ऑक्सीजन ($O_2$) का विसर्जन करते हैं, जिससे दोनों गैसों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।
4
वन किस प्रकार बाढ़ और मृदा अपरदन को रोकते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: वृक्षों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से जकड़े रखती हैं जिससे तेज पानी से मिट्टी कटने से बचती है, और वनों का तल वर्षा जल को सोखकर उसके प्रवाह को धीमा कर देता है जिससे अचानक बाढ़ नहीं आती।
5
झारखण्ड के राजकीय वृक्ष और राजकीय पुष्प का नाम लिखिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: झारखण्ड का राजकीय वृक्ष साल (सखुआ) है तथा राजकीय पुष्प पलाश (ढाक) है।
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