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WBB • कक्षा 7 • Environment & Science (পরিবেশ ও বিজ্ঞান) • अध्याय 3
अनुमानित समय: 50 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

परमाणु, अणु और रासायनिक अभिक्रियाएँ

पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBBSE) कक्षा 7 "पर्यावरण एवं विज्ञान" का अध्याय 3 "परमाणु, अणु और रासायनिक अभिक्रियाएँ"। इसमें परमाणु की आंतरिक संरचना, प्रोटॉन-न्यूट्रॉन-इलेक्ट्रॉन, परमाणु क्रमांक व द्रव्यमान संख्या, संयोजकता, क्रिस-क्रॉस सूत्र, 4 मुख्य रासायनिक अभिक्रियाएँ तथा द्रव्यमान संरक्षण नियम का संपूर्ण विश्लेषण उपलब्ध है।

लोहे की कील पर जंग लग जाती है, पर हजारों वर्ष पुराने सोने के गहने चमकदार क्यों रहते हैं?

हवा और नमी में लोहे के परमाणु तुरंत ऑक्सीजन के साथ इलेक्ट्रॉन साझा कर भूरे रंग का जंग (आयरन ऑक्साइड) बना लेते हैं। इसके विपरीत, सोने के परमाणु रासायनिक रूप से अक्रिय होते हैं और अपने इलेक्ट्रॉन आसानी से नहीं छोड़ते। तत्वों और यौगिकों के इस व्यवहार का रहस्य परमाणु की आंतरिक संरचना, संयोजकता और रासायनिक अभिक्रियाओं में छिपा है!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBBSE) कक्षा 7 "पर्यावरण एवं विज्ञान" का अध्याय 3 "परमाणु, अणु और रासायनिक अभिक्रियाएँ"। इसमें परमाणु की आंतरिक संरचना, प्रोटॉन-न्यूट्रॉन-इलेक्ट्रॉन, परमाणु क्रमांक व द्रव्यमान संख्या, संयोजकता, क्रिस-क्रॉस सूत्र, 4 मुख्य रासायनिक अभिक्रियाएँ तथा द्रव्यमान संरक्षण नियम का संपूर्ण विश्लेषण उपलब्ध है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • पदार्थ की तीनों भौतिक अवस्थाएँ (ठोस, द्रव, गैस) एवं मूल कणों की धारणा।
  • तत्व, यौगिक एवं मिश्रण में मूलभूत अंतर।
  • प्रमुख तत्वों के रासायनिक प्रतीक ($H, O, C, N, Na, Fe, Cu, Cl, Ca$)।
  • धनावेश तथा ऋणावेश की प्रकृति एवं आकर्षण-प्रतिकर्षण नियम।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • परमाणु के तीन मूल अव-परमाण्विक कणों (प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन) के आवेश, द्रव्यमान व स्थिति को समझना।
  • परमाणु क्रमांक ($Z$), द्रव्यमान संख्या ($A$) एवं न्यूट्रॉन संख्या ($N = A - Z$) की गणना करना।
  • संयोजकता के आधार पर क्रिस-क्रॉस विधि से सही रासायनिक सूत्र लिखना।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं को 4 श्रेणियों (संयोजन, अपघटन, विस्थापन, द्वि-विस्थापन) में वर्गीकृत करना।
  • द्रव्यमान संरक्षण नियम के आधार पर रासायनिक समीकरणों का संतुलन (Balancing) करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 अवधारणा 1: डॉल्टन का परमाणु सिद्धां...
2 अवधारणा 2: परमाणु क्रमांक ($Z$), द्...
3 अवधारणा 3: अणु, धनायन, ऋणायन एवं मू...
4 अवधारणा 4: संयोजकता एवं क्रिस-क्रॉस...
5 अवधारणा 5: रासायनिक समीकरण, अभिक्रि...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

अवधारणा 1: डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत एवं परमाणु की आंतरिक संरचना

चरण 1
मूल परिभाषा एवं अव-परमाण्विक कण

परमाणु (Atom): तत्व का सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है। आधुनिक सिद्धांत के अनुसार परमाणु तीन मूल कणों से निर्मित है: प्रोटॉन (धनावेशित कण), न्यूट्रॉन (विद्युत-तटस्थ कण) तथा इलेक्ट्रॉन (ऋणावेशित कण)।

चरण 2
नाभिक एवं इलेक्ट्रॉन कोश

रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से ज्ञात हुआ कि परमाणु के केंद्र में एक सघन, धनावेशित नाभिक (Nucleus) होता है जिसमें समस्त प्रोटॉन व न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं। नाभिक के बाहर विशाल रिक्त स्थान में इलेक्ट्रॉन विभिन्न वृत्ताकार कक्षाओं में तीव्र गति से घूमते हैं।

चरण 3
मूल कणों की तुलना सारणी
कणखोजकर्ताआवेशआपेक्षिक द्रव्यमानस्थिति
प्रोटॉन ($p^+$)रदरफोर्ड / गोल्डस्टीन$+1$$1\text{ amu}$नाभिक में
न्यूट्रॉन ($n^0$)जेम्स चैडविक (1932)$0$ (उदासीन)$1\text{ amu}$नाभिक में
इलेक्ट्रॉन ($e^-$)जे. जे. थॉमसन (1897)$-1$$\frac{1}{1837}\text{ amu}$नाभिक के बाहर
चरण 4
परीक्षक चेतावनी एवं सामान्य भ्रम

चेतावनी: इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन की तुलना में नगण्य (1/1837 भाग) होता है। अतः परमाणु का संपूर्ण द्रव्यमान केवल उसके नाभिक (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) में ही केंद्रित होता है।

चरण 5
व्यावहारिक विज्ञान

ब्रह्मांड का प्रत्येक भौतिक पिंड केवल इन्हीं तीन मूल कणों के संयोजन से बना है। उच्च भौतिकी में सिद्ध हुआ है कि प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन और भी सूक्ष्म कणों क्वार्क (Quarks) से बने हैं!

अवधारणा 2: परमाणु क्रमांक ($Z$), द्रव्यमान संख्या ($A$) एवं समस्थानिक

चरण 1
परमाणु क्रमांक ($Z$) एवं द्रव्यमान संख्या ($A$)

परमाणु क्रमांक ($Z$): नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या ($Z = p$)।
द्रव्यमान संख्या ($A$): नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों एवं न्यूट्रॉनों की कुल संख्या ($A = p + n = Z + N$)। अतः न्यूट्रॉन $N = A - Z$।

चरण 2
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का नियम

बोर-बरी नियमानुसार कक्षाओं को क्रमशः $K, L, M, N$ कहते हैं। किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन संख्या $2n^2$ होती है ($K=2, L=8, M=18$)। बाह्यतम कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन ही रह सकते हैं।

चरण 3
गणना का उदाहरण

क्लोरीन $_{17}^{35}\text{Cl}$:
प्रोटॉन $Z = 17$, इलेक्ट्रॉन = 17। न्यूट्रॉन $N = 35 - 17 = 18$।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: K-2, L-8, M-7 (2, 8, 7)। बाह्यतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन होने के कारण यह 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर $\text{Cl}^-$ बनाता है।

चरण 4
समस्थानिक बनाम समभारिक

भ्रम: समस्थानिक (Isotopes) में परमाणु क्रमांक समान परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है (जैसे $_1^1\text{H}, _1^2\text{H}, _1^3\text{H}$)। समभारिक (Isobars) में द्रव्यमान संख्या समान परंतु परमाणु क्रमांक भिन्न होता है (जैसे $_{18}^{40}\text{Ar}$ एवं $_{20}^{40}\text{Ca}$)।

चरण 5
बोर्ड परीक्षा उपयोगी तथ्य

ड्यूटेरियम से बने जल को भारी जल (Heavy Water, $\text{D}_2\text{O}$) कहते हैं, जो परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन मंदक (Moderator) के रूप में प्रयुक्त होता है।

अवधारणा 3: अणु, धनायन, ऋणायन एवं मूलक

चरण 1
अणु एवं आयनों की उत्पत्ति

अणु (Molecule): दो या अधिक परमाणुओं के रासायनिक बंध से बना स्वतंत्र कण।
आयन (Ion): इलेक्ट्रॉन त्यागने पर धनावेशित धनायन ($M^{n+}$) एवं इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऋणावेशित ऋणायन ($X^{m-}$) बनता है।

चरण 2
अष्टक नियम (Octet Rule)

उत्कृष्ट गैसों के बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन (हीलियम में 2) होने के कारण वे स्थिर होती हैं। अन्य सभी परमाणु रासायनिक अभिक्रिया द्वारा अपने बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, जिसे अष्टक नियम कहते हैं।

चरण 3
बहु-परमाण्विक मूलक (Radicals)

परमाणुओं का समूह जो एक इकाई के रूप में व्यवहार करता है तथा आवेश धारण करता है:
• संयोजकता 1: $\text{OH}^-, \text{NO}_3^-, \text{NH}_4^+$
• संयोजकता 2: $\text{SO}_4^{2-}, \text{CO}_3^{2-}$
• संयोजकता 3: $\text{PO}_4^{3-}$।

चरण 4
आयन निर्माण का भ्रम

त्रुटि: आयन बनने पर प्रोटॉन नहीं बदलते! केवल बाह्य कोश के इलेक्ट्रॉनों के आदान-प्रदान से ही धनायन या ऋणायन बनता है।

चरण 5
दैनिक जीवन में आयन

मानव शरीर में तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के संचालन हेतु $\text{Na}^+$ एवं $\text{K}^+$ आयन अत्यंत आवश्यक हैं। निर्जलीकरण में ORS घोल इन्हें पुनः संतुलित करता है।

अवधारणा 4: संयोजकता एवं क्रिस-क्रॉस सूत्र निर्माण

चरण 1
संयोजकता की संकल्पना

किसी तत्व की अन्य तत्वों के साथ संयोग करने की क्षमता को संयोजकता (Valency) कहते हैं। इसे हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या द्वारा मापा जाता है। जैसे $\text{HCl}$ में Cl की 1, $\text{H}_2\text{O}$ में O की 2 और $\text{NH}_3$ में N की संयोजकता 3 है।

चरण 2
क्रिस-क्रॉस नियम (Criss-Cross Rule)

रासायनिक सूत्र लिखने का नियम:
1. धातु/धनायन बाएँ और अधातु/ऋणायन दाएँ लिखें।
2. उनकी संयोजकताएँ ऊपर लिखें।
3. संयोजकताएँ तिरछी (क्रिस-क्रॉस) बदलकर पादांक के रूप में लिखें।
4. उभयनिष्ठ गुणक होने पर सरल अनुपात में बदलें (जैसे $\text{Ca}_2\text{O}_2 \implies \text{CaO}$)।

चरण 3
सूत्र निर्माण उदाहरण

• एल्युमिनियम ऑक्साइड: $\text{Al}$ (3) एवं $\text{O}$ (2) $\implies$ $\text{Al}_2\text{O}_3$।
• कैल्शियम क्लोराइड: $\text{Ca}$ (2) एवं $\text{Cl}$ (1) $\implies$ $\text{CaCl}_2$।
• सोडियम सल्फेट: $\text{Na}$ (1) एवं $\text{SO}_4$ (2) $\implies$ $\text{Na}_2\text{SO}_4$।

चरण 4
कोष्ठक का अनिवार्य प्रयोग

सावधानी: जब किसी मूलक की संख्या 2 या अधिक हो, तो कोष्ठक अनिवार्य है; जैसे $\text{Ca(OH)}_2$। $\text{CaOH}_2$ लिखना पूर्णतः अमान्य है।

चरण 5
परिवर्तनीय संयोजकता

कुछ धातुएँ एक से अधिक संयोजकता प्रदर्शित करती हैं:
• आयरन (Fe): फेरस (संयोजकता 2) एवं फेरिक (संयोजकता 3)।
• कॉपर (Cu): क्यूप्रस (1) एवं क्यूप्रिक (2)।

अवधारणा 5: रासायनिक समीकरण, अभिक्रियाओं के प्रकार एवं द्रव्यमान संरक्षण

चरण 1
रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण

वह प्रक्रिया जिसमें नए गुणधर्मों वाले पदार्थ बनते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है। भाग लेने वाले पदार्थ अभिकारक तथा बनने वाले पदार्थ उत्पाद कहलाते हैं।

चरण 2
अभिक्रिया के 4 मुख्य प्रकार
प्रकारसामान्य रूपउदाहरण
1. संयोजन (Synthesis)$A + B \to AB$$2\text{Mg} + \text{O}_2 \to 2\text{MgO}$
2. अपघटन (Decomposition)$AB \to A + B$$\text{CaCO}_3 \to \text{CaO} + \text{CO}_2\uparrow$
3. विस्थापन (Displacement)$A + BC \to AC + B$$\text{Fe} + \text{CuSO}_4 \to \text{FeSO}_4 + \text{Cu}$
4. द्वि-विस्थापन (Double Disp.)$AB + CD \to AD + CB$$\text{AgNO}_3 + \text{NaCl} \to \text{AgCl}\downarrow + \text{NaNO}_3$
चरण 3
द्रव्यमान संरक्षण एवं संतुलन

लेवॉइज़ियर का नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान सदैव संरक्षित रहता है। अतः समीकरण के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर करना समीकरण संतुलन (Balancing) कहलाता है।
जैसे: $$2\text{H}_2 + \text{O}_2 \to 2\text{H}_2\text{O}$$ (दोनों ओर 4 H और 2 O)।

चरण 4
संतुलन में सामान्य गलती

गलती: संतुलन के लिए सूत्र के नीचे के अंक (Subscripts) बदलना वर्जित है; केवल आगे के गुणांक (Coefficients) बदले जा सकते हैं।

चरण 5
दैनिक जीवन में अभिक्रियाएँ

श्वसन, प्रकाश संश्लेषण, लोहे पर जंग लगना तथा एलपीजी का दहन हमारे दैनिक जीवन की प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ हैं।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

परमाणु क्रमांक (Atomic Number)
$$Z = p$$
उदासीन परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर होती है।
द्रव्यमान संख्या (Mass Number)
$$A = Z + N = p + n$$
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है, अतः कुल द्रव्यमान नाभिक में केंद्रित होता है।
प्रतीकात्मक निरूपण (Nuclide Notation)
$$_Z^A\text{X}$$
उदाहरण: $_{11}^{23}\text{Na}$, जहाँ प्रोटॉन = 11, इलेक्ट्रॉन = 11 और न्यूट्रॉन = 12।
क्रिस-क्रॉस सूत्र (Criss-Cross Rule)
$$\text{A}^x + \text{B}^y \implies \text{A}_y\text{B}_x$$
संयोजकताएँ परस्पर बदलकर पादांक (Subscript) बन जाती हैं।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Conservation of Mass)
$$\sum m_{\text{reactants}} = \sum m_{\text{products}}$$
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश।
प्रमुख मूलक एवं संयोजकता (Radicals & Valency)
$$\text{OH}^-(1),\; \text{NO}_3^-(1),\; \text{SO}_4^{2-}(2),\; \text{CO}_3^{2-}(2),\; \text{NH}_4^+(1)$$
यौगिक में मूलक की संख्या एक से अधिक होने पर कोष्ठक अनिवार्य है, जैसे $\text{Ca(OH)}_2$।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
सोडियम $_{11}^{23}\text{Na}$ एवं क्लोरीन $_{17}^{35}\text{Cl}$ के प्रोटॉन, इलेक्ट्रॉन व न्यूट्रॉन की संख्या ज्ञात करें।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

• सोडियम ($_{11}^{23}\text{Na}$):
परमाणु क्रमांक $Z = 11 \implies$ प्रोटॉन = 11, इलेक्ट्रॉन = 11।
द्रव्यमान संख्या $A = 23 \implies$ न्यूट्रॉन ($N$) = $23 - 11 = 12$।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: K-2, L-8, M-1 (2, 8, 1)।

• क्लोरीन ($_{17}^{35}\text{Cl}$):
परमाणु क्रमांक $Z = 17 \implies$ प्रोटॉन = 17, इलेक्ट्रॉन = 17।
द्रव्यमान संख्या $A = 35 \implies$ न्यूट्रॉन ($N$) = $35 - 17 = 18$।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: K-2, L-8, M-7 (2, 8, 7)।

उदाहरण 2
क्रिस-क्रॉस नियम का उपयोग कर निम्न के रासायनिक सूत्र लिखें:
(क) एल्युमिनियम सल्फेट
(ख) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
(ग) फेरिक ऑक्साइड (Fe की संयोजकता 3)।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

• (क) एल्युमिनियम सल्फेट: $\text{Al}$ की संयोजकता = 3, $\text{SO}_4$ की संयोजकता = 2। परस्पर बदलने पर सूत्र = $\text{Al}_2(\text{SO}_4)_3$।
• (ख) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड: $\text{Ca}$ की संयोजकता = 2, $\text{OH}$ की संयोजकता = 1। परस्पर बदलने पर सूत्र = $\text{Ca(OH)}_2$।
• (ग) फेरिक ऑक्साइड: $\text{Fe}$ की संयोजकता = 3, $\text{O}$ की संयोजकता = 2। परस्पर बदलने पर सूत्र = $\text{Fe}_2\text{O}_3$।

उदाहरण 3
समीकरण संतुलित करें एवं प्रकार बताएँ:
(क) $\text{Fe} + \text{CuSO}_4 \to \text{FeSO}_4 + \text{Cu}$
(ख) $\text{KClO}_3 \to \text{KCl} + \text{O}_2$
(ग) $\text{BaCl}_2 + \text{Na}_2\text{SO}_4 \to \text{BaSO}_4 + \text{NaCl}$
विस्तृत समाधान / उत्तर:

• (क) $\text{Fe} + \text{CuSO}_4 \to \text{FeSO}_4 + \text{Cu}$ — संतुलित है। प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया (Displacement)।
• (ख) $2\text{KClO}_3 \to 2\text{KCl} + 3\text{O}_2\uparrow$। प्रकार: अपघटन अभिक्रिया (Decomposition)।
• (ग)

$$\text{BaCl}_2 + \text{Na}_2\text{SO}_4 \to \text{BaSO}_4\downarrow + 2\text{NaCl}$$

। प्रकार: द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement)।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या को आपस में मिला देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

परमाणु क्रमांक ($Z$) प्रोटॉनों की संख्या है। द्रव्यमान संख्या ($A$) प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों का कुल योग है ($A = p + n$)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बहु-परमाण्विक मूलक में कोष्ठक न लगाना (जैसे $\text{CaOH}_2$ लिखना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

मूलक समूह के लिए कोष्ठक अनिवार्य है, जैसे $\text{Ca(OH)}_2$। $\text{CaOH}_2$ अमान्य है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समीकरण संतुलित करते समय रासायनिक सूत्र बदल देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

संतुलन हेतु केवल आगे गुणांक (Coefficients) बदले जाते हैं, उप-अंक (Subscripts) बदलना वर्जित है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

परमाणु संरचना, संयोजकता एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ 1. परमाणु की आंतरिक संरचना (p⁺, n⁰, e⁻) 11p,12n सोडियम परमाणु (₁₁²³Na: 2, 8, 1) • नाभिक (p⁺ + n⁰) • K-कोश (2e⁻), L-कोश (8e⁻) • M-कोश (1e⁻) Z = 11, A = 23, N = A - Z = 12 2. संयोजकता एवं क्रिस-क्रॉस नियम Al Al संयोजकता 3 O O संयोजकता 2 2 3 Criss-Cross: Al₂O₃ एल्युमिनियम ऑक्साइड: Al₂O₃ Valencies cross over to become subscripts 3. 4 प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ 1. संयोजन: 2Mg + O₂ → 2MgO 2. अपघटन: CaCO₃ → CaO + CO₂↑ 3. विस्थापन: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu 4. द्वि-विस्थापन: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃ 4. द्रव्यमान संरक्षण एवं संतुलन 2H₂ + O₂ (4g + 32g = 36g) 2H₂O (36g Water) अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान 2H₂ + O₂ → 2H₂O (दोनों ओर 4H एवं 2O)
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