मूल परिभाषा एवं अव-परमाण्विक कण
परमाणु (Atom): तत्व का सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है। आधुनिक सिद्धांत के अनुसार परमाणु तीन मूल कणों से निर्मित है: प्रोटॉन (धनावेशित कण), न्यूट्रॉन (विद्युत-तटस्थ कण) तथा इलेक्ट्रॉन (ऋणावेशित कण)।
नाभिक एवं इलेक्ट्रॉन कोश
रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से ज्ञात हुआ कि परमाणु के केंद्र में एक सघन, धनावेशित नाभिक (Nucleus) होता है जिसमें समस्त प्रोटॉन व न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं। नाभिक के बाहर विशाल रिक्त स्थान में इलेक्ट्रॉन विभिन्न वृत्ताकार कक्षाओं में तीव्र गति से घूमते हैं।
मूल कणों की तुलना सारणी
| कण | खोजकर्ता | आवेश | आपेक्षिक द्रव्यमान | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| प्रोटॉन ($p^+$) | रदरफोर्ड / गोल्डस्टीन | $+1$ | $1\text{ amu}$ | नाभिक में |
| न्यूट्रॉन ($n^0$) | जेम्स चैडविक (1932) | $0$ (उदासीन) | $1\text{ amu}$ | नाभिक में |
| इलेक्ट्रॉन ($e^-$) | जे. जे. थॉमसन (1897) | $-1$ | $\frac{1}{1837}\text{ amu}$ | नाभिक के बाहर |
परीक्षक चेतावनी एवं सामान्य भ्रम
चेतावनी: इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन की तुलना में नगण्य (1/1837 भाग) होता है। अतः परमाणु का संपूर्ण द्रव्यमान केवल उसके नाभिक (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) में ही केंद्रित होता है।
व्यावहारिक विज्ञान
ब्रह्मांड का प्रत्येक भौतिक पिंड केवल इन्हीं तीन मूल कणों के संयोजन से बना है। उच्च भौतिकी में सिद्ध हुआ है कि प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन और भी सूक्ष्म कणों क्वार्क (Quarks) से बने हैं!