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CBSE • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 8
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

त्रिकोणमिति का परिचय

त्रिकोणमिति (Trigonometry) गणित की वह अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली शाखा है जो किसी त्रिभुज की भुजाओं और उसके कोणों के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन करती है। यह शब्द ग्रीक भाषा के तीन शब्दों 'Tri' (तीन), 'Gon' (भुजा) और 'Metron' (माप) से मिलकर बना है। प्राचीन काल में मिस्र, बेबीलोन और विशेष रूप से भारत के महान खगोलविदों—जैसे आर्यभट्ट (Aryabhata)—ने पृथ्वी से चंद्रमा, सूर्य और तारों की दूरियां नापने के लिए त्रिकोणमिति का विकास किया था। आर्यभट्ट ने अपनी पुस्तक 'आर्यभटीय' में ज्या (Sine) और कोज्या (Cosine) की संकल्पना का विश्व में सर्वप्रथम प्रतिपादन किया था। कक्षा 10वीं में हम एक समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle) के न्यूनकोणों (Acute Angles) के संदर्भ में त्रिकोणमिति के मूलभूत सिद्धांतों का अध्ययन करते हैं। इस अध्याय के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित हैं: छह त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios): समकोण त्रिभुज में किसी न्यूनकोण $\theta$ के सम्मुख भुजा (लंब - Perpendicular), संलग्न भुजा (आधार - Base) और सबसे बड़ी भुजा (कर्ण - Hypotenuse) के पारस्परिक अनुपात: $$\sin\theta = \frac{P}{H}, \quad \cos\theta = \frac{B}{H}, \quad \tan\theta = \frac{P}{B}, \quad \text{cosec}\theta = \frac{H}{P}, \quad \sec\theta = \frac{H}{B}, \quad \cot\theta = \frac{B}{P}$$ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय मान ($0^\circ, 30^\circ, 45^\circ, 60^\circ, 90^\circ$): इन कोणों के मानों की सारणी और ज्यामितीय निगमन। पूरक कोणों के अनुपात (Complementary Angles): $$\sin(90^\circ - \theta) = \cos\theta, \quad \tan(90^\circ - \theta) = \cot\theta, \quad \sec(90^\circ - \theta) = \text{cosec}\theta$$ त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigonometric Identities): $$\sin^2\theta + \cos^2\theta = 1, \qquad 1 + \tan^2\theta = \sec^2\theta, \qquad 1 + \cot^2\theta = \text{cosec}^2\theta$$ झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE Class 10) की बोर्ड परीक्षा में त्रिकोणमिति से 8 से 10 अंकों के प्रश्न प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं, जिसमें सर्वसमिकाओं को सिद्ध करने का 4 या 5 अंक का एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य होता है।

🌟 क्या आपने कभी सोचा है: 1500 साल पहले भारत के आर्यभट्ट ने आसमान के तारों की दूरी नापने के लिए जिस गणितीय जादू को खोजा था, वह आज आपके स्मार्टफोन का GPS कैसे चला रहा है?

जरा सोचिए: आज से 1500 वर्ष पूर्व जब दूरबीन (Telescope) का आविष्कार भी नहीं हुआ था, तब भारत के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट (476-550 ईस्वी) ने पटना (पाटलिपुत्र) की वेधशाला में बैठकर केवल एक छड़ी, धागे और समकोण त्रिभुज के कोणों की सहायता से पृथ्वी की परिधि और चंद्रमा की दूरी की गणना कर ली थी!

आर्यभट्ट ने समकोण त्रिभुज में अर्ध-जीवा (Half-chord) को नाम दिया 'ज्या' (Jya) और उसके पूरक को 'कोज्या' (Kojya)। जब अरब विद्वानों ने भारत के ग्रंथों का अध्ययन किया तो उन्होंने इसे 'जीबा' लिखा। बाद में 12वीं शताब्दी में जब लैटिन अनुवादकों ने स्पेन में इसका अनुवाद किया, तो उन्होंने अरबी शब्द को गलती से लैटिन शब्द 'Sinus' (जिसका अर्थ मोड़ या वक्षस्थल होता है) समझ लिया—और यहीं से अंग्रेजी का प्रसिद्ध शब्द Sine (sin) निकला!

आज उपग्रहों से आपकी लाइव लोकेशन बताने वाला GPS, संगीत की ध्वनि तरंगों को प्रोसेस करने वाला सॉफ्टवेयर और वीडियो गेम में 3D ग्राफिक्स रेंडरिंग आर्यभट्ट के उसी समकोण त्रिभुज के अनुपातों पर आधारित हैं! आइए, गणित की इस सबसे रोमांचक शाखा में कदम रखें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में 8-10 अंकों का महा-योगदान: CBSE Class 10वीं गणित परीक्षा में त्रिकोणमिति अनुपात, विशिष्ट मानों की गणना, और सर्वसमिका सिद्ध करने पर 1, 2, 3 और 5 अंक के प्रश्न आते हैं।
  2. अध्याय 9 (ऊँचाई और दूरी) की पूर्ण कुंजी: मीनार, पहाड़, पेड़ या पतंग की ऊँचाई निकालने के लिए $\tan\theta$ और $\sin\theta$ का प्रयोग सीधे इस अध्याय से होता है।
  3. कक्षा 11वीं एवं 12वीं का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय: कक्षा 11वीं और 12वीं में कैलकुलस (Differentiation & Integration), प्रतिलोम त्रिकोणमिति (Inverse Trigonometry), और भौतिकी (वेक्टर्स, तरंग, सरल आवर्त गति) 70% त्रिकोणमिति पर ही टिकी हैं।
  4. अभियांत्रिकी, कंप्यूटर गेमिंग एवं रोबोटिक्स: रोबोटिक भुजाओं का संचलन, वायुयानों का उड़ान पथ (Navigation) और सिविल इंजीनियरिंग में पुलों का डिज़ाइन त्रिकोणमिति से ही होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • समकोण त्रिभुज के अंग: समकोण के सामने की सबसे बड़ी भुजा को कर्ण (Hypotenuse), न्यूनकोण के सामने वाली भुजा को लंब (Perpendicular) और शेष संलग्न भुजा को आधार (Base) कहते हैं।
  • पाइथागोरस प्रमेय: $\text{कर्ण}^2 = \text{लंब}^2 + \text{आधार}^2$ ($H^2 = P^2 + B^2$)।
  • बीजगणितीय सर्वसमिकाएं: $(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$, $(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2$, $(a + b)(a - b) = a^2 - b^2$ तथा $a^3 \pm b^3$ के सूत्र।
  • हर का परिमेयीकरण (Rationalization of Denominators).

इस अध्याय के लक्ष्य

  • समकोण त्रिभुज के किसी भी न्यूनकोण के संदर्भ में छहों त्रिकोणमितीय अनुपातों की सही पहचान व गणना कर सकेंगे।
  • यदि एक त्रिकोणमितीय अनुपात दिया हो, तो पाइथागोरस प्रमेय द्वारा शेष पाँचों अनुपातों के मान निकाल सकेंगे।
  • $0^\circ, 30^\circ, 45^\circ, 60^\circ, 90^\circ$ के विशिष्ट त्रिकोणमितीय मानों की सारणी स्वतः बना सकेंगे और व्यंजकों का सटीक मान ज्ञात कर सकेंगे।
  • पूरक कोणों के संबंधों $\sin(90^\circ - \theta) = \cos\theta$ आदि का प्रयोग कर मानों को सरल कर सकेंगे।
  • तीनों आधारभूत सर्वसमिकाओं ($\sin^2\theta + \cos^2\theta = 1$ आदि) की बीजगणितीय उपपत्ति लिख सकेंगे।
  • जटिल त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं (LHS = RHS) को चरणबद्ध रूपांतरण और परिमेयीकरण द्वारा सिद्ध कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. समकोण त्रिभुज में त्रिकोणमितीय अ...
2 2. विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°...
3 3. पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपा...
4 4. त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigon...
5 5. त्रिकोणमितीय सिद्ध करने वाले प्र...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. समकोण त्रिभुज में त्रिकोणमितीय अनुपातों की संकल्पना एवं पारस्परिकता

(क) लंब, आधार और कर्ण की सटीक पहचान (अति महत्वपूर्ण):

समकोण त्रिभुज $\triangle ABC$ में मान लीजिए $\angle B = 90^\circ$ है।

  • कर्ण (Hypotenuse - $H$): समकोण ($90^\circ$) के ठीक सम्मुख सबसे बड़ी भुजा, जो सदैव स्थिर रहती है ($AC$)।
  • लंब (Perpendicular - $P$): विचाराधीन न्यूनकोण के ठीक सम्मुख (Opposite) वाली भुजा।
    • यदि हम $\angle A$ (या $\theta$) की बात करें, तो लंब $= BC$ और आधार $= AB$ होगा।
    • यदि हम $\angle C$ की बात करें, तो लंब $= AB$ और आधार $= BC$ होगा!
  • आधार (Base - $B$): विचाराधीन न्यूनकोण की संलग्न (Adjacent) भुजा।

(ख) छह त्रिकोणमितीय अनुपातों की परिभाषा:

अनुपात का नाम संक्षिप्त रूप भुजाओं का अनुपात व्युत्क्रम संबंध (Reciprocal)
Sine (साइन) $\sin\theta$ $\frac{\text{लंब}}{\text{कर्ण}} = \frac{P}{H}$ $\sin\theta = \frac{1}{\text{cosec}\theta}$
Cosine (कोसाइन) $\cos\theta$ $\frac{\text{आधार}}{\text{कर्ण}} = \frac{B}{H}$ $\cos\theta = \frac{1}{\sec\theta}$
Tangent (टैंजेंट) $\tan\theta$ $\frac{\text{लंब}}{\text{आधार}} = \frac{P}{B}$ $\tan\theta = \frac{1}{\cot\theta} = \frac{\sin\theta}{\cos\theta}$
Cosecant (कोसीकेंट) $\text{cosec}\theta$ $\frac{\text{कर्ण}}{\text{लंब}} = \frac{H}{P}$ $\text{cosec}\theta = \frac{1}{\sin\theta}$
Secant (सीकेंट) $\sec\theta$ $\frac{\text{कर्ण}}{\text{आधार}} = \frac{H}{B}$ $\sec\theta = \frac{1}{\cos\theta}$
Cotangent (कोटैंजेंट) $\cot\theta$ $\frac{\text{आधार}}{\text{लंब}} = \frac{B}{P}$ $\cot\theta = \frac{1}{\tan\theta} = \frac{\cos\theta}{\sin\theta}$
याद रखने की लोकप्रिय ट्रिक:
हिंदी माध्यम: "लाल / कक्का" (LAL / KAKKA): $\frac{L}{K} = \sin, \; \frac{A}{K} = \cos, \; \frac{L}{A} = \tan$
अंग्रेजी माध्यम: "Pandit Badri Prasad / Har Har Bole": $\frac{P}{H} = \sin, \; \frac{B}{H} = \cos, \; \frac{P}{B} = \tan$

2. विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) के त्रिकोणमितीय मानों की सारणी

कक्षा 10वीं के पाठ्यक्रम में $0^\circ, 30^\circ, 45^\circ, 60^\circ$ तथा $90^\circ$ के मानों का प्रयोग सीधे संख्यात्मक प्रश्नों में किया जाता है:

$\angle A$ $0^\circ$ $30^\circ$ $45^\circ$ $60^\circ$ $90^\circ$
$\sin A$ $0$ $\frac{1}{2}$ $\frac{1}{\sqrt{2}}$ $\frac{\sqrt{3}}{2}$ $1$
$\cos A$ $1$ $\frac{\sqrt{3}}{2}$ $\frac{1}{\sqrt{2}}$ $\frac{1}{2}$ $0$
$\tan A$ $0$ $\frac{1}{\sqrt{3}}$ $1$ $\sqrt{3}$ अपरिभाषित ($\infty$)
$\text{cosec } A$ अपरिभाषित $2$ $\sqrt{2}$ $\frac{2}{\sqrt{3}}$ $1$
$\sec A$ $1$ $\frac{2}{\sqrt{3}}$ $\sqrt{2}$ $2$ अपरिभाषित
$\cot A$ अपरिभाषित $\sqrt{3}$ $1$ $\frac{1}{\sqrt{3}}$ $0$
सारणी याद रखने की चमत्कारी ट्रिक (Magic Finger Trick):
क्रम से संख्याएं लिखें: $0, 1, 2, 3, 4$।
प्रत्येक को 4 से भाग दें: $\frac{0}{4}, \frac{1}{4}, \frac{2}{4}, \frac{3}{4}, \frac{4}{4}$।
सबका वर्गमूल ले लें: $\sqrt{0} = 0$, $\sqrt{\frac{1}{4}} = \frac{1}{2}$, $\sqrt{\frac{1}{2}} = \frac{1}{\sqrt{2}}$, $\sqrt{\frac{3}{4}} = \frac{\sqrt{3}}{2}$, $\sqrt{1} = 1$।
यह सीधे $\sin$ की पहली पंक्ति बन गई! $\cos$ के लिए इसे उल्टे क्रम में लिख दें, और $\tan = \frac{\sin}{\cos}$ से भाग दे दें!

3. पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात (Complementary Angles)

(क) पूरक कोणों की संकल्पना:

दो कोण परस्पर पूरक (Complementary) कहलाते हैं यदि उनका योग $90^\circ$ हो (जैसे $30^\circ$ और $60^\circ$, $18^\circ$ और $72^\circ$)। समकोण $\triangle ABC$ में यदि $\angle B = 90^\circ$ हो, तो अन्य दो न्यूनकोण $\angle A + \angle C = 90^\circ \implies \angle C = 90^\circ - \angle A$ होते हैं।

पूरक कोणों के छह सूत्र:
$$\mathbf{\sin(90^\circ - A) = \cos A} \qquad \mathbf{\cos(90^\circ - A) = \sin A}$$ $$\mathbf{\tan(90^\circ - A) = \cot A} \qquad \mathbf{\cot(90^\circ - A) = \tan A}$$ $$\mathbf{\sec(90^\circ - A) = \text{cosec } A} \qquad \mathbf{\text{cosec}(90^\circ - A) = \sec A}$$

(ख) बोर्ड परीक्षा अनुप्रयोग:

जब भी दो कोणों का जोड़ $90^\circ$ दिखाई दे (जैसे $\frac{\sin 18^\circ}{\cos 72^\circ}$), तो किसी एक कोण को बदलें:

$$\sin 18^\circ = \sin(90^\circ - 72^\circ) = \cos 72^\circ \implies \frac{\cos 72^\circ}{\cos 72^\circ} = 1$$

4. त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigonometric Identities) एवं उपपत्तियां

(क) सर्वसमिका क्या है?

एक समीकरण को त्रिकोणमितीय सर्वसमिका कहा जाता है जब यह इसमें शामिल कोणों के सभी संभव मानों के लिए सत्य हो।

तीन आधारभूत सर्वसमिकाएँ (Fundamental Identities):
$$\mathbf{1. \quad \sin^2\theta + \cos^2\theta = 1}$$ $$\mathbf{2. \quad 1 + \tan^2\theta = \sec^2\theta \implies \sec^2\theta - \tan^2\theta = 1}$$ $$\mathbf{3. \quad 1 + \cot^2\theta = \text{cosec}^2\theta \implies \text{cosec}^2\theta - \cot^2\theta = 1}$$

(ख) पाइथागोरस प्रमेय द्वारा उपपत्ति:

समकोण $\triangle ABC$ में $\angle B = 90^\circ$ है। पाइथागोरस प्रमेय से:

$$AB^2 + BC^2 = AC^2 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
  • उपपत्ति 1: समीकरण (1) के प्रत्येक पद को $AC^2$ से भाग देने पर: $$\frac{AB^2}{AC^2} + \frac{BC^2}{AC^2} = \frac{AC^2}{AC^2} \implies \left(\frac{AB}{AC}\right)^2 + \left(\frac{BC}{AC}\right)^2 = 1$$ चूंकि $\cos A = \frac{AB}{AC}$ तथा $\sin A = \frac{BC}{AC}$, अतः: $$\mathbf{\cos^2 A + \sin^2 A = 1}$$
  • उपपत्ति 2: समीकरण (1) को $AB^2$ से भाग देने पर: $$1 + \left(\frac{BC}{AB}\right)^2 = \left(\frac{AC}{AB}\right)^2 \implies \mathbf{1 + \tan^2 A = \sec^2 A}$$
  • उपपत्ति 3: समीकरण (1) को $BC^2$ से भाग देने पर: $$\left(\frac{AB}{BC}\right)^2 + 1 = \left(\frac{AC}{BC}\right)^2 \implies \mathbf{\cot^2 A + 1 = \text{cosec}^2 A}$$

5. त्रिकोणमितीय सिद्ध करने वाले प्रश्नों (LHS = RHS) की मास्टर कार्यनीति

CBSE बोर्ड परीक्षा में 5 अंक प्राप्त करने के 4 स्वर्णिम नियम:

  1. नियम 1 (सर्वोत्तम विधि - Sine और Cosine में रूपांतरण):
    यदि प्रश्न में $\tan, \cot, \sec, \text{cosec}$ हों और कोई सीधी सर्वसमिका न दिख रही हो, तो सबको $\sin$ और $\cos$ में बदल दें: $$\tan\theta = \frac{\sin\theta}{\cos\theta}, \quad \cot\theta = \frac{\cos\theta}{\sin\theta}, \quad \sec\theta = \frac{1}{\cos\theta}, \quad \text{cosec}\theta = \frac{1}{\sin\theta}$$ इसके बाद ल.स. (LCM) लेकर सरल करें—90% प्रश्न इसी एक नियम से हल हो जाते हैं!
  2. नियम 2 (संयुग्मी से गुणा / परिमेयीकरण):
    जब भी हर में $1 \pm \sin\theta$ या $1 \pm \cos\theta$ या $\sec\theta \pm \tan\theta$ दिखे, तो उसके उल्टे चिह्न वाले पद (Conjugate) से अंश और हर में गुणा करें। उदाहरण के लिए, $(1 - \sin\theta)$ से गुणा करने पर हर $1 - \sin^2\theta = \cos^2\theta$ बन जाता है।
  3. नियम 3 (बीजगणितीय सूत्रों का प्रयोग):
    बीजगणित के सूत्र $a^2 - b^2 = (a - b)(a + b)$ और $a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)$ का भरपूर उपयोग करें। उदाहरण: $\sec^4\theta - \tan^4\theta = (\sec^2\theta - \tan^2\theta)(\sec^2\theta + \tan^2\theta) = 1 \times (\sec^2\theta + \tan^2\theta)$।
  4. नियम 4 (दोनों पक्षों को सरल करना):
    यदि बायाँ पक्ष (LHS) सरल करते हुए दायाँ पक्ष (RHS) तक न पहुँचे, तो LHS को एक सरल रूप तक हल करें, और फिर RHS को भी उसी सरल रूप तक हल कर दें!

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

Sine अनुपात
sin θ = लंब / कर्ण = P / H
Cosine अनुपात
cos θ = आधार / कर्ण = B / H
Tangent अनुपात
tan θ = लंब / आधार = P / B = sin θ / cos θ
Cosecant अनुपात
cosec θ = कर्ण / लंब = H / P = 1 / sin θ
Secant अनुपात
sec θ = कर्ण / आधार = H / B = 1 / cos θ
Cotangent अनुपात
cot θ = आधार / लंब = B / P = cos θ / sin θ
मूल सर्वसमिका 1
sin² θ + cos² θ = 1 ⇒ sin² θ = 1 - cos² θ
मूल सर्वसमिका 2
1 + tan² θ = sec² θ ⇒ sec² θ - tan² θ = 1
मूल सर्वसमिका 3
1 + cot² θ = cosec² θ ⇒ cosec² θ - cot² θ = 1
पूरक कोण: Sine और Cosine
sin(90° - θ) = cos θ, cos(90° - θ) = sin θ
पूरक कोण: Tan और Cot
tan(90° - θ) = cot θ, cot(90° - θ) = tan θ
पूरक कोण: Sec और Cosec
sec(90° - θ) = cosec θ, cosec(90° - θ) = sec θ

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उदा 1. यदि tan A = 4/3 है, तो कोण A के अन्य सभी त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात कीजिए। (CBSE 2020, 2023 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समकोण त्रिभुज की भुजाएं ज्ञात करें:
हम जानते हैं कि $\tan A = \frac{\text{लंब}}{\text{आधार}} = \frac{BC}{AB} = \frac{4}{3}$
माना लंब $P = 4k$ तथा आधार $B = 3k$ (जहाँ $k > 0$ धन संख्या है)।
पाइथागोरस प्रमेय द्वारा कर्ण $H$ निकालें:
$$H^2 = P^2 + B^2 = (4k)^2 + (3k)^2 = 16k^2 + 9k^2 = 25k^2$$ $$H = \sqrt{25k^2} = 5k$$
चरण 2: सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों के मान लिखें:
$$\sin A = \frac{P}{H} = \frac{4k}{5k} = \frac{4}{5}$$ $$\cos A = \frac{B}{H} = \frac{3k}{5k} = \frac{3}{5}$$ $$\text{cosec } A = \frac{1}{\sin A} = \frac{5}{4}$$ $$\sec A = \frac{1}{\cos A} = \frac{5}{3}$$ $$\cot A = \frac{1}{\tan A} = \frac{3}{4}$$
उत्तर: $\sin A = 4/5, \cos A = 3/5, \text{cosec } A = 5/4, \sec A = 5/3, \cot A = 3/4$।
उदाहरण 2
उदा 2. मान ज्ञात कीजिए: (sin 30° + tan 45° - cosec 60°) / (sec 30° + cos 60° + cot 45°)। (NCERT / CBSE 2019, 2022 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: विशिष्ट कोणों के मान रखें:
$\sin 30^\circ = \frac{1}{2}, \; \tan 45^\circ = 1, \; \text{cosec } 60^\circ = \frac{2}{\sqrt{3}}$
$\sec 30^\circ = \frac{2}{\sqrt{3}}, \; \cos 60^\circ = \frac{1}{2}, \; \cot 45^\circ = 1$

अंश:
$$\frac{1}{2} + 1 - \frac{2}{\sqrt{3}} = \frac{3}{2} - \frac{2}{\sqrt{3}} = \frac{3\sqrt{3} - 4}{2\sqrt{3}}$$ हर:
$$\frac{2}{\sqrt{3}} + \frac{1}{2} + 1 = \frac{2}{\sqrt{3}} + \frac{3}{2} = \frac{4 + 3\sqrt{3}}{2\sqrt{3}} = \frac{3\sqrt{3} + 4}{2\sqrt{3}}$$ पूरा व्यंजक:
$$\frac{\frac{3\sqrt{3} - 4}{2\sqrt{3}}}{\frac{3\sqrt{3} + 4}{2\sqrt{3}}} = \frac{3\sqrt{3} - 4}{3\sqrt{3} + 4}$$
चरण 2: हर का परिमेयीकरण करें:
$$\frac{(3\sqrt{3} - 4)(3\sqrt{3} - 4)}{(3\sqrt{3} + 4)(3\sqrt{3} - 4)} = \frac{(3\sqrt{3} - 4)^2}{(3\sqrt{3})^2 - 4^2}$$ $$= \frac{(27 + 16 - 24\sqrt{3})}{27 - 16} = \frac{43 - 24\sqrt{3}}{11}$$
उत्तर: अभीष्ट मान $\frac{43 - 24\sqrt{3}}{11}$ है।
उदाहरण 3
उदा 3. सिद्ध कीजिए: (cos A / (1 + sin A)) + ((1 + sin A) / cos A) = 2 sec A। (CBSE 2018, 2021, 2024 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: बायाँ पक्ष (LHS) लें:
$$\text{LHS} = \frac{\cos A}{1 + \sin A} + \frac{1 + \sin A}{\cos A}$$
चरण 2: ल.स. (LCM) लेकर जोड़ें:
$$\text{LHS} = \frac{\cos^2 A + (1 + \sin A)^2}{(1 + \sin A)\cos A}$$
चरण 3: अंश का विस्तार करें:
$$\text{LHS} = \frac{\cos^2 A + (1 + 2\sin A + \sin^2 A)}{(1 + \sin A)\cos A}$$ चूंकि $\cos^2 A + \sin^2 A = 1$ होता है:
$$\text{LHS} = \frac{(1) + 1 + 2\sin A}{(1 + \sin A)\cos A} = \frac{2 + 2\sin A}{(1 + \sin A)\cos A}$$
चरण 4: 2 उभयनिष्ठ (Common) लें:
$$\text{LHS} = \frac{2(1 + \sin A)}{(1 + \sin A)\cos A} = \frac{2}{\cos A} = 2\sec A = \text{RHS}$$
इति सिद्धम्।
उदाहरण 4
उदा 4. सिद्ध कीजिए: √((1 + sin A) / (1 - sin A)) = sec A + tan A। (NCERT / CBSE 2019, 2023 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: बायाँ पक्ष (LHS) लें तथा करणी के भीतर परिमेयीकरण करें:
$$\text{LHS} = \sqrt{\frac{1 + \sin A}{1 - \sin A}}$$ अंश और हर में $(1 + \sin A)$ से गुणा करने पर:
$$\text{LHS} = \sqrt{\frac{(1 + \sin A)(1 + \sin A)}{(1 - \sin A)(1 + \sin A)}} = \sqrt{\frac{(1 + \sin A)^2}{1 - \sin^2 A}}$$ हम जानते हैं कि $1 - \sin^2 A = \cos^2 A$, अतः:
$$\text{LHS} = \sqrt{\frac{(1 + \sin A)^2}{\cos^2 A}} = \frac{1 + \sin A}{\cos A}$$
चरण 2: पदों को अलग-अलग करें:
$$\text{LHS} = \frac{1}{\cos A} + \frac{\sin A}{\cos A} = \sec A + \tan A = \text{RHS}$$
इति सिद्धम्।
उदाहरण 5
उदा 5. सिद्ध कीजिए: (sin A + cosec A)² + (cos A + sec A)² = 7 + tan² A + cot² A। (CBSE Board 5 अंक अनिवार्य प्रश्न)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: बायाँ पक्ष (LHS) का विस्तार करें:
$$\text{LHS} = (\sin^2 A + 2\sin A \cdot \text{cosec } A + \text{cosec}^2 A) + (\cos^2 A + 2\cos A \cdot \sec A + \sec^2 A)$$
चरण 2: व्युत्क्रम संबंधों का प्रयोग करें:
हम जानते हैं कि $\sin A \cdot \text{cosec } A = 1$ तथा $\cos A \cdot \sec A = 1$, अतः:
$$\text{LHS} = (\sin^2 A + \cos^2 A) + (2 \times 1) + (2 \times 1) + \text{cosec}^2 A + \sec^2 A$$ $$= 1 + 2 + 2 + \text{cosec}^2 A + \sec^2 A = 5 + \text{cosec}^2 A + \sec^2 A$$
चरण 3: सर्वसमिकाओं द्वारा tan और cot में बदलें:
हम जानते हैं कि $\text{cosec}^2 A = 1 + \cot^2 A$ तथा $\sec^2 A = 1 + \tan^2 A$:
$$\text{LHS} = 5 + (1 + \cot^2 A) + (1 + \tan^2 A)$$ $$= (5 + 1 + 1) + \tan^2 A + \cot^2 A$$ $$= 7 + \tan^2 A + \cot^2 A = \text{RHS}$$
इति सिद्धम्।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

कोण बदलने पर लंब और आधार को स्थिर मान लेना (जैसे ∠C के लिए भी AB को आधार मान लेना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कर्ण सदैव स्थिर रहता है, परंतु लंब और आधार कोण के अनुसार बदलते हैं। कोण के ठीक सामने वाली भुजा ही लंब होती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

sin² θ को (sin θ)² के स्थान पर sin θ² समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

sin² θ का अर्थ (sin θ) का संपूर्ण वर्ग है। sin θ² का अर्थ कोण θ के वर्ग का साइन है, जो सर्वथा भिन्न है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विशिष्ट मानों में tan 90° या cosec 0° का मान शून्य (0) लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

tan 90° और cosec 0° में हर 0 हो जाता है, अतः ये अपरिभाषित (Undefined / ∞) होते हैं, शून्य नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सर्वसमिका 1 + tan² θ = sec² θ को 1 + sec² θ = tan² θ लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सही रूप sec² θ - tan² θ = 1 है। इसी प्रकार cosec² θ - cot² θ = 1 होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सिद्ध करने वाले प्रश्नों में LHS से RHS तक जाते समय दोनों पक्षों को एक साथ हल करके समीकरण बना देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

बोर्ड परीक्षा में सिद्ध करने के लिए LHS से शुरुआत करके स्वतंत्र रूप से RHS तक पहुँचना चाहिए, शुरू से दोनों को बराबर लेकर चलना वर्जित है।

त्रिकोणमिति - समकोण त्रिभुज अनुपात एवं सर्वसमिका संकल्पना मानचित्र

त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry) - संपूर्ण संकल्पना समकोण त्रिभुज एवं T-अनुपात A (θ) B (90°) C आधार (B) लंब (P) कर्ण (H) sin = P/H | cos = B/H | tan = P/B तीन आधारभूत सर्वसमिकाएँ सर्वसमिका 1 (मूल): sin² θ + cos² θ = 1 सर्वसमिका 2 (Secant & Tan): 1 + tan² θ = sec² θ सर्वसमिका 3 (Cosec & Cot): 1 + cot² θ = cosec² θ पूरक कोण संबंध: sin(90°-θ) = cos θ | tan(90°-θ) = cot θ

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
समकोण त्रिभुज में कोण θ के सामने वाली भुजा लंब (P), संलग्न भुजा आधार (B) तथा 90° के सम्मुख भुजा कर्ण (H) कहलाती है।
मुख्य बिंदु 2
छह त्रिकोणमितीय अनुपात: sin θ = P/H, cos θ = B/H, tan θ = P/B, cosec θ = H/P, sec θ = H/B, cot θ = B/P।
मुख्य बिंदु 3
व्युत्क्रम संबंध: sin θ = 1/cosec θ, cos θ = 1/sec θ, tan θ = 1/cot θ = sin θ / cos θ।
मुख्य बिंदु 4
विशिष्ट मान: sin 0° = 0, sin 30° = 1/2, sin 45° = 1/√2, sin 60° = √3/2, sin 90° = 1।
मुख्य बिंदु 5
cos के मान sin के उल्टे क्रम में होते हैं: cos 0° = 1, cos 30° = √3/2, cos 45° = 1/√2, cos 60° = 1/2, cos 90° = 0।
मुख्य बिंदु 6
tan के मान: tan 0° = 0, tan 30° = 1/√3, tan 45° = 1, tan 60° = √3, tan 90° अपरिभाषित।
मुख्य बिंदु 7
पूरक कोण: sin(90° - θ) = cos θ, cos(90° - θ) = sin θ, tan(90° - θ) = cot θ।
मुख्य बिंदु 8
मूल सर्वसमिका: sin² θ + cos² θ = 1 ⇒ sin² θ = 1 - cos² θ।
मुख्य बिंदु 9
द्वितीय सर्वसमिका: 1 + tan² θ = sec² θ ⇒ sec² θ - tan² θ = 1।
मुख्य बिंदु 10
तृतीय सर्वसमिका: 1 + cot² θ = cosec² θ ⇒ cosec² θ - cot² θ = 1।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. यदि sin θ = 3/5 हो, तो tan θ का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: लंब P = 3, कर्ण H = 5 ⇒ आधार B = √(25 - 9) = 4। अतः tan θ = P/B = 3/4।
2
2. 9 sec² A - 9 tan² A का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 9 उभयनिष्ठ लेने पर: 9(sec² A - tan² A) = 9(1) = 9।
3
3. sin 18° / cos 72° का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: sin 18° = sin(90° - 72°) = cos 72° ⇒ cos 72° / cos 72° = 1।
4
4. (1 + tan² θ) · cos² θ का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1 + tan² θ = sec² θ ⇒ sec² θ · cos² θ = (1/cos² θ) · cos² θ = 1।
5
5. यदि tan 2A = cot(A - 18°), जहाँ 2A न्यूनकोण है, तो A का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: tan 2A = cot(90° - 2A) ⇒ cot(90° - 2A) = cot(A - 18°) ⇒ 90° - 2A = A - 18° ⇒ 3A = 108° ⇒ A = 36°।
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