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CBSE • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 13
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

सांख्यिकी (Statistics)

सांख्यिकी (Statistics) गणित की वह अत्यंत व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शाखा है जो विभिन्न स्रोतों से संख्यात्मक आंकड़ों (Numerical Data) के संग्रहण, वर्गीकरण, सारणीयन, विश्लेषण और निष्कर्ष निकालने का व्यवस्थित अध्ययन करती है। आधुनिक युग में मौसम के पूर्वानुमान, जनगणना, क्रिकेट मैचों में खिलाड़ियों के स्ट्राइक रेट और औसत, चुनावों के एग्जिट पोल, चिकित्सा अनुसंधानों और आर्थिक नीतियों के निर्धारण में सांख्यिकी की केंद्रीय भूमिका है। कक्षा 9वीं में हमने अवर्गीकृत आंकड़ों (Ungrouped Data) के केंद्रीय प्रवृत्ति के मापों (माध्य, माध्यक और बहुलक) तथा बारंबारता बहुभुज और आयतचित्र का अध्ययन किया था। कक्षा 10वीं में हम एक अधिक वैज्ञानिक और वास्तविक पद्धति—वर्गीकृत बारंबारता बंटन (Grouped Frequency Distribution)—के लिए केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन प्रमुख मापों (Measures of Central Tendency) का गहन अध्ययन करते हैं: माध्य (Mean - $\bar{x}$): सभी प्रेक्षणों के मानों का भारित औसत। इसे ज्ञात करने की तीन विधियाँ हैं: प्रत्यक्ष विधि (Direct Method): $\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$ कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method): $\bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}$ पद-विचलन विधि (Step-Deviation Method): $\bar{x} = a + \left(\frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i}\right) \times h$ बहुलक (Mode): वह प्रेक्षण जिसकी बारंबारता सर्वाधिक होती है: $$\text{बहुलक} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h$$ माध्यक (Median): मध्यवर्ती प्रेक्षण का मान जो आंकड़ों को दो बराबर भागों में विभाजित करता है: $$\text{माध्यक} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$ आनुभविक संबंध (Empirical Relationship): $$3 \times \text{माध्यक} = \text{बहुलक} + 2 \times \text{माध्य}$$ झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE Class 10) की बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से 6 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें 5 अंक का एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (जैसे अज्ञात बारंबारता $x$ और $y$ ज्ञात करना अथवा माध्यक/बहुलक निकालना) अनिवार्य रूप से आता है।

📊 क्या आपने कभी सोचा है: क्रीमिया युद्ध में तोपों और बंदूकों से नहीं, बल्कि एक नर्स के सांख्यिकीय ग्राफ से हजारों सैनिकों की जानें कैसे बची थीं?

जरा सोचिए: 1854 में जब क्रीमिया का भीषण युद्ध चल रहा था, तो ब्रिटिश सेना के हजारों सैनिक घायल होकर सैन्य अस्पतालों में भर्ती हो रहे थे। लेकिन युद्ध में गोली लगने से जितने सैनिक मर रहे थे, उससे 10 गुना अधिक सैनिक अस्पतालों की गंदगी, संक्रमण और हैजे से मर रहे थे!

वहां काम करने वाली एक युवा ब्रिटिश नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale)—जिन्हें दुनिया 'द लेडी विद द लैम्प' के नाम से जानती है—केवल एक दयालु नर्स ही नहीं थीं, बल्कि एक विलक्षण सांख्यिकीविद (Statistician) भी थीं!

नाइटिंगेल ने अस्पतालों में मरने वाले सैनिकों के आंकड़ों को पहली बार एक रंगीन वृत्ताकार सांख्यिकीय ग्राफ (Polar Area Diagram या Coxcomb) के रूप में ब्रिटिश संसद के सामने प्रस्तुत किया। उस ग्राफ ने संसद के नेताओं को हिलाकर रख दिया—साफ दिख रहा था कि सैनिक युद्ध से नहीं बल्कि अस्पताल की अव्यवस्था से मर रहे थे! तुरंत सेना के सभी अस्पतालों में स्वच्छता की नई नीतियां लागू की गईं और मृत्यु दर 42% से घटकर मात्र 2% रह गई!

सांख्यिकी केवल संख्याओं का खेल नहीं है—यह मानव जीवन की रक्षा करने और सही निर्णय लेने का सबसे शक्तिशाली विज्ञान है! आइए, इस अध्याय में आंकड़ों की शक्ति को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में 6-8 अंक का विशाल योगदान: CBSE Class 10वीं बोर्ड परीक्षा में माध्य, माध्यक, बहुलक और आनुभविक संबंध पर 1 अंक, 3 अंक तथा 5 अंक के प्रश्न प्रतिवर्ष आते हैं।
  2. अज्ञात बारंबारता ($x, y$) का 5 अंक प्रश्न: जब माध्यक दिया हो (जैसे 28.5) और अज्ञात बारंबारताएं पूछी जाएं, तो यह CBSE बोर्ड का सबसे लोकप्रिय और सर्वाधिक अंक दिलाने वाला प्रश्न होता है।
  3. डेटा साइंस (Data Science) एवं AI की आधारशिला: आज की डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स सांख्यिकी के इन्हीं बुनियादी सिद्धांतों पर कार्य करते हैं।
  4. प्रतियोगी परीक्षाओं का अनिवार्य भाग: UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं (CAT/MAT) में डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) का 100% आधार सांख्यिकी ही है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • कक्षा 9वीं के अवर्गीकृत आंकड़ों के माध्य, माध्यक और बहुलक की समझ।
  • वर्ग अंतराल (Class Interval): निम्न सीमा (Lower Limit - $l$) और उच्च सीमा (Upper Limit - $u$)।
  • वर्ग माप या वर्ग आमाप (Class Size): $h = u - l$।
  • वर्ग चिह्न (Class Mark): $x_i = \frac{u + l}{2}$ (वर्ग अंतराल का मध्य-मान)।
  • बीजगणितीय दो चरों वाले रैखिक समीकरणों को हल करने की क्षमता।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • वर्गीकृत बारंबारता सारणी से वर्ग चिह्न ($x_i$), कल्पित विचलन ($d_i$) तथा पद-विचलन ($u_i$) की सही गणना कर सकेंगे।
  • माध्य निकालने की तीनों विधियों (प्रत्यक्ष, कल्पित माध्य, पद-विचलन) का उपयुक्त चयन एवं सटीक अनुप्रयोग कर सकेंगे।
  • बहुलक वर्ग की पहचान कर बहुलक सूत्र द्वारा सटीक मान ज्ञात कर सकेंगे।
  • संचयी बारंबारता ($cf$) सारणी बनाकर माध्यक वर्ग की पहचान और माध्यक की गणना कर सकेंगे।
  • जब कुल बारंबारता और माध्यक ज्ञात हों, तो अज्ञात बारंबारताओं ($x$ और $y$) का मान निकाल सकेंगे।
  • केंद्रीय प्रवृत्ति के तीनों मापों के आनुभविक संबंध ($3 \text{ Median} = \text{Mode} + 2 \text{ Mean}$) का प्रयोग कर 1 अंक के प्रश्नों को हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. सांख्यिकी की संकल्पना, बारंबारता...
2 2. वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य (Mean...
3 3. वर्गीकृत आंकड़ों का बहुलक (Mode)...
4 4. वर्गीकृत आंकड़ों का माध्यक (Medi...
5 5. आनुभविक संबंध एवं अज्ञात बारंबार...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. सांख्यिकी की संकल्पना, बारंबारता बंटन एवं वर्ग चिह्न (x_i)

(क) वर्गीकृत बारंबारता बंटन की मूल शब्दावली:

  • वर्ग अंतराल (Class Interval): आंकड़ों को व्यवस्थित करने के लिए बनाए गए समूह, जैसे $10 - 20, 20 - 30, 30 - 40$ आदि।
  • निम्न वर्ग सीमा (Lower Limit - $l$): वर्ग अंतराल की न्यूनतम संख्या (जैसे $20 - 30$ में $l = 20$)।
  • उच्च वर्ग सीमा (Upper Limit - $u$): वर्ग अंतराल की अधिकतम संख्या (जैसे $20 - 30$ में $u = 30$)।
  • वर्ग माप / वर्ग आमाप (Class Size - $h$): उच्च सीमा और निम्न सीमा का अंतर: $$\mathbf{h = u - l}$$ (जैसे $20 - 30$ में $h = 30 - 20 = 10$)।
  • वर्ग चिह्न (Class Mark - $x_i$): किसी वर्ग अंतराल का ठीक मध्य-मान (Mid-point): $$\mathbf{x_i = \frac{\text{उच्च वर्ग सीमा} + \text{निम्न वर्ग सीमा}}{2}}$$ (जैसे $20 - 30$ का $x_i = \frac{20 + 30}{2} = 25$)।
अति महत्वपूर्ण सततता नियम (Continuous Intervals):
माध्यक और बहुलक निकालते समय वर्ग अंतरालों का सतत (Continuous) होना अनिवार्य है (जैसे $10-20, 20-30$)। यदि अंतराल असतत हों (जैसे $1-10, 11-20, 21-30$), तो पहले निम्न सीमा में से $0.5$ घटाएं और उच्च सीमा में $0.5$ जोड़कर सतत बनाएं ($0.5 - 10.5, 10.5 - 20.5$).

2. वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य (Mean - x̄) निकालने की तीन विधियां

(क) विधि 1: प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):

जब $f_i$ और $x_i$ के संख्यात्मक मान छोटे हों:

$$\mathbf{\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}}$$

(ख) विधि 2: कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method):

जब $x_i$ के मान बड़े हों, तो गणना को सरल बनाने के लिए $x_i$ के बीच में से किसी एक मान को कल्पित माध्य ($a$) मान लेते हैं, और विचलन $d_i = x_i - a$ निकालते हैं:

$$\mathbf{\bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}} \qquad (\text{जहाँ } d_i = x_i - a)$$

(ग) विधि 3: पद-विचलन विधि (Step-Deviation Method):

जब सभी विचलनों $d_i$ में एक उभयनिष्ठ गुणनखंड (वर्ग माप $h$) हो, तो $u_i = \frac{x_i - a}{h}$ मानकर गणना को अत्यंत छोटा कर लिया जाता है:

$$\mathbf{\bar{x} = a + \left( \frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i} \right) \times h} \qquad \left(\text{जहाँ } u_i = \frac{x_i - a}{h}\right)$$

3. वर्गीकृत आंकड़ों का बहुलक (Mode) एवं बहुलक वर्ग

(क) बहुलक वर्ग (Modal Class) की पहचान:

जिस वर्ग अंतराल की बारंबारता सबसे अधिक (अधिकतम) होती है, उसे बहुलक वर्ग कहते हैं।

बहुलक सूत्र (CBSE 3-5 अंक अनिवार्य):
$$\mathbf{\text{बहुलक} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h}$$ जहाँ:
  • $l$ = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा (Lower Limit)
  • $h$ = वर्ग अंतराल का आमाप (Class Size)
  • $f_1$ = बहुलक वर्ग की बारंबारता (अधिकतम बारंबारता)
  • $f_0$ = बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता
  • $f_2$ = बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता
याद रखने की ट्रिक: संख्या क्रम $0, 1, 2$ याद रखें—$f_0$ पहले आता है, $f_1$ मुख्य हीरो है, और $f_2$ बाद में आता है!

4. वर्गीकृत आंकड़ों का माध्यक (Median) एवं संचयी बारंबारता (cf)

(क) संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency - cf) एवं माध्यक वर्ग:

  1. बारंबारताओं को क्रमशः जोड़ते हुए संचयी बारंबारता ($cf$) का कॉलम बनाएं।
  2. कुल बारंबारता $N = \sum f_i$ का आधा $\frac{N}{2}$ ज्ञात करें।
  3. वह वर्ग अंतराल जिसकी संचयी बारंबारता $\frac{N}{2}$ से ठीक बड़ी हो, उसे माध्यक वर्ग (Median Class) कहते हैं।
माध्यक सूत्र (CBSE 3-5 अंक):
$$\mathbf{\text{माध्यक} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h}$$ जहाँ:
  • $l$ = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा
  • $N$ = कुल बारंबारता (प्रेक्षणों की कुल संख्या $\sum f_i$)
  • $cf$ = माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (अति महत्वपूर्ण!)
  • $f$ = माध्यक वर्ग की अपनी साधारण बारंबारता
  • $h$ = वर्ग आमाप

5. आनुभविक संबंध एवं अज्ञात बारंबारता (x, y) ज्ञात करने की मास्टर कार्यनीति

(क) केंद्रीय प्रवृत्ति के मापों के बीच आनुभविक संबंध (Empirical Relationship):

$$\mathbf{3 \times \text{माध्यक} = \text{बहुलक} + 2 \times \text{माध्य}}$$ $$\mathbf{3 \text{ Median} = \text{Mode} + 2 \text{ Mean}}$$ CBSE 1 अंक नियम: यदि किन्हीं दो मापों का मान दिया हो (जैसे माध्य $= 20$, बहुलक $= 14$), तो तीसरा माप सीधे इस सूत्र से निकाल लिया जाता है: $3 \text{ Median} = 14 + 2(20) = 54 \implies \text{Median} = 18$।

(ख) अज्ञात बारंबारता ($x$ और $y$) निकालने का 5-अंकीय ब्लूप्रिंट:

  1. समीकरण 1 (कुल बारंबारता से): सभी बारंबारताओं का योग दिए गए कुल $N$ के बराबर रखें: $$\sum f_i = A + x + y = N \implies x + y = N - A$$
  2. समीकरण 2 (माध्यक सूत्र से): दिए गए माध्यक मान (जैसे $28.5$) को देखकर सीधे पहचानें कि यह किस वर्ग अंतराल में आता है (जैसे $20 - 30$ में)। वही आपका माध्यक वर्ग होगा! फिर माध्यक सूत्र में मान रखकर $x$ का मान निकाल लें।
  3. $x$ का मान समीकरण (1) में रखकर $y$ का मान प्राप्त कर लें।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

वर्ग चिह्न (Class Mark)
x_i = (उच्च सीमा + निम्न सीमा) / 2
माध्य (प्रत्यक्ष विधि)
$$x̄ = (Σ f_i x_i) / (Σ f_i)$$
माध्य (कल्पित माध्य विधि)
x̄ = a + (Σ f_i d_i) / (Σ f_i) [जहाँ d_i = x_i - a]
माध्य (पद-विचलन विधि)
x̄ = a + [ (Σ f_i u_i) / (Σ f_i) ] × h [जहाँ u_i = (x_i - a)/h]
बहुलक (Mode) सूत्र
बहुलक = l + [ (f₁ - f₀) / (2f₁ - f₀ - f₂) ] × h
माध्यक (Median) सूत्र
माध्यक = l + [ (N/2 - cf) / f ] × h
आनुभविक संबंध (Empirical Relationship)
3 Median = Mode + 2 Mean (3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य)
बहुलक का आनुभविक सूत्र
बहुलक = 3 माध्यक - 2 माध्य
वर्ग आमाप (Class Size)
h = उच्च सीमा - निम्न सीमा
कुल बारंबारता
$$N = Σ f_i$$

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उदा 1. निम्नलिखित सारणी किसी अस्पताल में एक विशेष वर्ष में भर्ती हुए रोगियों की आयु को दर्शाती है। बहुलक ज्ञात कीजिए: आयु (वर्षों में): 5-15 (6), 15-25 (11), 25-35 (21), 35-45 (23), 45-55 (14), 55-65 (5)। (CBSE 2020, 2023 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: बहुलक वर्ग की पहचान करें:
अधिकतम बारंबारता $23$ है, जो वर्ग अंतराल $35 - 45$ की है।
अतः बहुलक वर्ग $= 35 - 45$ है।

चरण 2: सभी मान लिखें:
निम्न सीमा $l = 35$
वर्ग आमाप $h = 45 - 35 = 10$
बहुलक वर्ग की बारंबारता $f_1 = 23$
ठीक पहले वर्ग की बारंबारता $f_0 = 21$
ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता $f_2 = 14$

चरण 3: बहुलक सूत्र लागू करें:
$$\text{बहुलक} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h$$ $$= 35 + \left( \frac{23 - 21}{2(23) - 21 - 14} \right) \times 10$$ $$= 35 + \left( \frac{2}{46 - 35} \right) \times 10$$ $$= 35 + \frac{20}{11} = 35 + 1.82 = 36.82 \text{ वर्ष}$$
उत्तर: रोगियों की आयु का बहुलक 36.82 वर्ष है।
उदाहरण 2
उदा 2. यदि नीचे दिए गए बंटन का माध्यक 28.5 हो, तो x और y के मान ज्ञात कीजिए, जबकि कुल बारंबारता 60 है: वर्ग अंतराल: 0-10 (5), 10-20 (x), 20-30 (20), 30-40 (15), 40-50 (y), 50-60 (5)। (CBSE Board 5 अंक अनिवार्य प्रश्न)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: संचयी बारंबारता (cf) सारणी बनाएं:
• $0 - 10$: $f = 5 \implies cf = 5$
• $10 - 20$: $f = x \implies cf = 5 + x$
• $20 - 30$: $f = 20 \implies cf = 25 + x$
• $30 - 40$: $f = 15 \implies cf = 40 + x$
• $40 - 50$: $f = y \implies cf = 40 + x + y$
• $50 - 60$: $f = 5 \implies cf = 45 + x + y$

चरण 2: समीकरण (1) बनाएं:
कुल बारंबारता $N = 60$ दी गई है:
$$45 + x + y = 60 \implies x + y = 60 - 45 = 15 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
चरण 3: माध्यक वर्ग की पहचान करें:
माध्यक $= 28.5$ दिया है, जो वर्ग अंतराल $20 - 30$ में स्थित है!
अतः माध्यक वर्ग $= 20 - 30$ है।
$l = 20, \quad h = 10, \quad f = 20, \quad cf = 5 + x, \quad \frac{N}{2} = \frac{60}{2} = 30$

चरण 4: माध्यक सूत्र से x निकालें:
$$\text{माध्यक} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$ $$28.5 = 20 + \left( \frac{30 - (5 + x)}{20} \right) \times 10$$ $$28.5 - 20 = \frac{25 - x}{2}$$ $$8.5 = \frac{25 - x}{2}$$ $$17 = 25 - x \implies x = 25 - 17 = 8$$
चरण 5: y का मान ज्ञात करें:
$x = 8$ का मान समीकरण (1) में रखने पर:
$$8 + y = 15 \implies y = 15 - 8 = 7$$
उत्तर: अज्ञात बारंबारताओं के मान x = 8 तथा y = 7 हैं।
उदाहरण 3
उदा 3. निम्नलिखित बारंबारता बंटन का प्रत्यक्ष विधि अथवा कल्पित माध्य विधि द्वारा माध्य ज्ञात कीजिए: वर्ग अंतराल: 10-25 (2), 25-40 (3), 40-55 (7), 55-70 (6), 70-85 (6), 85-100 (6)। (NCERT / CBSE 2019, 2022 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: वर्ग चिह्न (x_i) और गुणनफल की सारणी बनाएं:
• $10 - 25$: $x_1 = 17.5, \; f_1 = 2, \; f_1 x_1 = 35.0$
• $25 - 40$: $x_2 = 32.5, \; f_2 = 3, \; f_2 x_2 = 97.5$
• $40 - 55$: $x_3 = 47.5, \; f_3 = 7, \; f_3 x_3 = 332.5$
• $55 - 70$: $x_4 = 62.5, \; f_4 = 6, \; f_4 x_4 = 375.0$
• $70 - 85$: $x_5 = 77.5, \; f_5 = 6, \; f_5 x_5 = 465.0$
• $85 - 100$: $x_6 = 92.5, \; f_6 = 6, \; f_6 x_6 = 555.0$

चरण 2: योगफल ज्ञात करें:
$$\sum f_i = 2 + 3 + 7 + 6 + 6 + 6 = 30$$ $$\sum f_i x_i = 35.0 + 97.5 + 332.5 + 375.0 + 465.0 + 555.0 = 1860.0$$
चरण 3: प्रत्यक्ष विधि से माध्य निकालें:
$$\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i} = \frac{1860}{30} = 62$$
उत्तर: आंकड़ों का माध्य 62 है।
उदाहरण 4
उदा 4. किसी बंटन का माध्य 24 और बहुलक 12 है। आनुभविक संबंध का प्रयोग करके इसका माध्यक ज्ञात कीजिए। (CBSE 2021, 2024 - 2 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: दिए गए मान:
माध्य (Mean) $= 24$
बहुलक (Mode) $= 12$

चरण 2: आनुभविक सूत्र लागू करें:
$$3 \times \text{माध्यक} = \text{बहुलक} + 2 \times \text{माध्य}$$ $$3 \times \text{माध्यक} = 12 + 2(24)$$ $$3 \times \text{माध्यक} = 12 + 48 = 60$$ $$\text{माध्यक} = \frac{60}{3} = 20$$
उत्तर: बंटन का माध्यक 20 है।
उदाहरण 5
उदा 5. निम्नलिखित आंकड़ों का माध्यक ज्ञात कीजिए: प्राप्तांक: 20-30 (4), 30-40 (12), 40-50 (20), 50-60 (10), 60-70 (4)। (CBSE 2018, 2023 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: संचयी बारंबारता (cf) सारणी बनाएं:
• $20 - 30$: $f = 4, \quad cf = 4$
• $30 - 40$: $f = 12, \quad cf = 16$
• $40 - 50$: $f = 20, \quad cf = 36$
• $50 - 60$: $f = 10, \quad cf = 46$
• $60 - 70$: $f = 4, \quad cf = 50$

चरण 2: माध्यक वर्ग की पहचान:
कुल बारंबारता $N = 50 \implies \frac{N}{2} = \frac{50}{2} = 25$।
$25$ से ठीक बड़ी संचयी बारंबारता $36$ है, जो वर्ग अंतराल $40 - 50$ की है।
अतः माध्यक वर्ग $= 40 - 50$ है।
$l = 40, \quad h = 10, \quad f = 20, \quad cf = 16$ (माध्यक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की संचयी बारंबारता)

चरण 3: सूत्र लागू करें:
$$\text{माध्यक} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$ $$= 40 + \left( \frac{25 - 16}{20} \right) \times 10$$ $$= 40 + \frac{9}{20} \times 10 = 40 + \frac{9}{2} = 40 + 4.5 = 44.5$$
उत्तर: आंकड़ों का माध्यक 44.5 है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

माध्यक सूत्र में cf का मान माध्यक वर्ग की ही संचयी बारंबारता ले लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सूत्र में cf सदैव माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता होती है, जबकि f माध्यक वर्ग की अपनी बारंबारता होती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बहुलक सूत्र में 2f₁ के स्थान पर केवल f₁ लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

हर में 2f₁ - f₀ - f₂ होता है। 2 से गुणा करना न भूलें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अज्ञात बारंबारता (x, y) वाले प्रश्न में माध्यक वर्ग खोजने के लिए N/2 का उपयोग करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जब माध्यक का मान पहले से दिया हो (जैसे 28.5), तो माध्यक वर्ग सीधे वर्ग अंतरालों को देखकर चुना जाता है (28.5 वर्ग 20-30 में आता है)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आनुभविक संबंध में 3 Mean = Mode + 2 Median लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सही सूत्र 3 Median = Mode + 2 Mean है (3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

असतत अंतरालों (1-10, 11-20) को बिना सतत बनाए सीधे l का मान ले लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पहले 0.5 घटाकर और जोड़कर सतत (0.5-10.5, 10.5-20.5) बनाएं, तभी l का सही मान मिलेगा।

सांख्यिकी - माध्य, बहुलक, माध्यक एवं आनुभविक संबंध संकल्पना मानचित्र

सांख्यिकी (Statistics) - माध्य, बहुलक एवं माध्यक संपूर्ण सूत्र माध्य (Mean) एवं बहुलक (Mode) 1. माध्य प्रत्यक्ष विधि (Direct Mean): x̄ = ( Σ f_i x_i ) / ( Σ f_i ) 2. पद-विचलन विधि (Step-Deviation): x̄ = a + [ (Σ f_i u_i) / (Σ f_i) ] × h 3. बहुलक (Mode) सूत्र: बहुलक = l + [ (f₁ - f₀) / (2f₁ - f₀ - f₂) ] × h f₁ = अधिकतम बारंबारता | f₀ = पूर्व | f₂ = बाद वर्ग चिह्न: x_i = (उच्च सीमा + निम्न सीमा) / 2 माध्यक (Median) एवं आनुभविक संबंध माध्यक (Median) सूत्र: माध्यक = l + [ (N/2 - cf) / f ] × h cf = ठीक पहले वर्ग की संचयी | f = माध्यक वर्ग की आवृत्ति आनुभविक संबंध (CBSE 1 अंक अनिवार्य): 3 Median = Mode + 2 Mean 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य अज्ञात x, y निकालने की तकनीक: समीकरण 1: Σf_i = N | समीकरण 2: माध्यक सूत्र

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
वर्ग चिह्न (Class Mark) x_i = (उच्च सीमा + निम्न सीमा) / 2 होता है।
मुख्य बिंदु 2
प्रत्यक्ष विधि से माध्य: x̄ = (Σ f_i x_i) / (Σ f_i)।
मुख्य बिंदु 3
कल्पित माध्य विधि से माध्य: x̄ = a + (Σ f_i d_i) / (Σ f_i) (जहाँ d_i = x_i - a)।
मुख्य बिंदु 4
पद-विचलन विधि: x̄ = a + [(Σ f_i u_i)/(Σ f_i)] × h (जहाँ u_i = (x_i - a)/h)।
मुख्य बिंदु 5
बहुलक वर्ग वह वर्ग अंतराल है जिसकी बारंबारता अधिकतम (f₁) होती है।
मुख्य बिंदु 6
बहुलक = l + [(f₁ - f₀)/(2f₁ - f₀ - f₂)] × h।
मुख्य बिंदु 7
माध्यक वर्ग वह वर्ग है जिसकी संचयी बारंबारता N/2 से ठीक बड़ी होती है।
मुख्य बिंदु 8
माध्यक = l + [(N/2 - cf)/f] × h (जहाँ cf पूर्व वर्ग की संचयी बारंबारता है)।
मुख्य बिंदु 9
आनुभविक संबंध: 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य (3 Median = Mode + 2 Mean)।
मुख्य बिंदु 10
अज्ञात बारंबारताएं निकालने के लिए एक समीकरण Σf = N से और दूसरा माध्यक सूत्र से बनता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. वर्ग अंतराल 30 - 50 का वर्ग चिह्न और वर्ग माप क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: वर्ग चिह्न x_i = (30 + 50)/2 = 40; वर्ग माप h = 50 - 30 = 20।
2
2. यदि किसी बंटन का माध्य 15 और माध्यक 16 हो, तो उसका बहुलक क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: बहुलक = 3 माध्यक - 2 माध्य = 3(16) - 2(15) = 48 - 30 = 18।
3
3. बहुलक सूत्र में f₀ किसका प्रतिनिधित्व करता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता का।
4
4. यदि Σ f_i = 20 और Σ f_i x_i = 400 हो, तो प्रत्यक्ष विधि से माध्य क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: x̄ = 400 / 20 = 20।
5
5. माध्यक ज्ञात करने के लिए किस प्रकार की बारंबारता सारणी बनाई जाती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency - cf) सारणी।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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