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CBSE • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 4
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)

एक चर $x$ में ऐसा समीकरण जिसमें चर की अधिकतम घात दो हो, द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) कहलाता है। इसका मानक रूप (Standard Form) निम्नलिखित होता है: $$ax^2 + bx + c = 0 \quad (a \neq 0)$$ जहाँ $a, b, c$ वास्तविक संख्याएँ हैं। यदि $a = 0$ हो जाए, तो यह रैखिक समीकरण बन जाएगा, अतः $a \neq 0$ होना इसकी अनिवार्य शर्त है। ऐतिहासिक रूप से, बेबिलोनियाई गणितज्ञों ने ईसा पूर्व 2000 में ही द्विघात समस्याओं को हल करने की विधियाँ खोजी थीं। भारत में प्राचीन गणितज्ञ श्रीधराचार्य (लगभग 1025 ईस्वी) ने द्विघात समीकरण को हल करने के लिए एक सार्वभौमिक सूत्र का प्रतिपादन किया, जिसे आज द्विघाती सूत्र (Quadratic Formula) के नाम से जाना जाता है। द्विघात समीकरण के हलों को उसके मूल (Roots) कहा जाता है। किसी द्विघात समीकरण के अधिकतम दो मूल होते हैं। इन्हें हल करने की दो प्रमुख विधियां हैं: (1) गुणनखंडन विधि (Factorization by Splitting the Middle Term)—जिसमें मध्य पद $bx$ को दो ऐसे भागों में तोड़ा जाता है जिनका योग $b$ और गुणनफल $ac$ हो, तथा (2) द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र): $$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}$$ व्यंजक $D = b^2 - 4ac$ को द्विघात समीकरण का विविक्तकर (Discriminant) कहते हैं। विविक्तकर $D$ का मान बिना समीकरण को हल किए मूलों की प्रकृति (Nature of Roots) का सटीक निर्धारण करता है: (1) यदि $D > 0$ हो, तो दो भिन्न वास्तविक मूल होते हैं। (2) यदि $D = 0$ हो, तो दो बराबर वास्तविक मूल ($x = -b/2a$) होते हैं। (3) यदि $D < 0$ हो, तो कोई वास्तविक मूल नहीं होते (काल्पनिक मूल)। दैनिक जीवन में क्षेत्रफल, क्रमागत संख्याओं, रेलगाड़ी की चाल, और नलों द्वारा हौज भरने जैसे जटिल व्यावहारिक प्रश्नों को द्विघात समीकरण में बदलकर सरलता से हल किया जाता है। झारखंड बोर्ड (CBSE Class 10) में विविक्तकर, मूलों की प्रकृति, $k$ का मान ज्ञात करने और 5 अंक की इबारती समस्या पर कुल 6 से 8 अंक के प्रश्न प्रतिवर्ष अवश्य आते हैं।

🚀 क्या आपने कभी सोचा है: अंतरिक्ष में रॉकेट की उड़ान और तोप के गोले का लक्ष्य द्विघात समीकरण के विविक्तकर (D) से कैसे तय होता है?

जरा सोचिए: जब ISRO का कोई रॉकेट अंतरिक्ष में उपग्रह छोड़ने जाता है, या सेना का कोई तोपची 20 किलोमीटर दूर शत्रु के बंकर पर गोला दागता है, तो वैज्ञानिक जमीन पर बैठकर कंप्यूटर स्क्रीन पर कैसे देख लेते हैं कि गोला ठीक निशाने पर गिरेगा या हवा में ही भटक जाएगा?

वे केवल एक छोटे से जादुई सूत्र की गणना करते हैं: $D = b^2 - 4ac$ (विविक्तकर / Discriminant)! यदि $D > 0$ है, तो इसका अर्थ है कि तोप का गोला जमीन को दो बार छुएगा (एक बार छूटते समय और एक बार निशाने पर गिरते समय)। यदि $D = 0$ है, तो वह केवल लक्ष्य को छूकर निकल जाएगा; और यदि $D < 0$ है, तो वह कभी जमीन के उस बिंदु तक पहुँच ही नहीं सकता!

इतना ही नहीं, क्या आप जानते हैं कि 1000 साल पहले एक महान भारतीय ऋषि श्रीधराचार्य ने बिना किसी कंप्यूटर या कैलकुलेटर के एक ऐसा अचूक सूत्र खोज निकाला था, जिससे दुनिया के किसी भी द्विघात समीकरण का उत्तर केवल 30 सेकंड में निकाला जा सकता है! आइए, द्विघात समीकरण के इस चमत्कारी सूत्र और विविक्तकर के रहस्यों को अनलॉक करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में उच्च अंक भार: CBSE कक्षा 10वीं गणित परीक्षा में "द्विघाती सूत्र द्वारा मूल ज्ञात करना", "यदि मूल बराबर हैं तो k का मान ज्ञात करना", तथा "रेलगाड़ी की चाल या नल संबंधी 5 अंक की इबारती समस्या" प्रतिवर्ष निश्चित आती है।
  2. भौतिकी (Physics) में अनिवार्य अनुप्रयोग: गति के समीकरण ($s = ut + \frac{1}{2}at^2$) पूरी तरह द्विघात समीकरण हैं। प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion) और विद्युत परिपथों में इसका सीधा उपयोग होता है।
  3. उच्च गणित (Calculus, Coordinate Geometry, Vectors): 11वीं और 12वीं में वक्रों के प्रतिच्छेद, अधिकतम-न्यूनतम मान (Maxima-Minima) और स्पर्श रेखाओं के समीकरण द्विघात विविक्तकर पर निर्भर हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • बहुपदों का गुणनखंडन (मध्य पद विभक्त करने की विधि).
  • वर्गमूल ($\sqrt{x}$) की गणना तथा अपरिमेय संख्याओं का सरलीकरण.
  • बीजीय सर्वसमिकाएँ: $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$, $(a-b)^2 = a^2 - 2ab + b^2$.

इस अध्याय के लक्ष्य

  • दी गई समीकरण की जाँच कर सकेंगे कि वह द्विघात समीकरण ($ax^2 + bx + c = 0, a \neq 0$) है अथवा नहीं।
  • मध्य पद को विभक्त करके गुणनखंडन विधि से द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात कर सकेंगे।
  • विविक्तकर ($D = b^2 - 4ac$) की गणना कर मूलों की प्रकृति (दो भिन्न वास्तविक, दो बराबर वास्तविक, या कोई वास्तविक नहीं) बता सकेंगे।
  • समान मूल ($D = 0$) होने की स्थिति का उपयोग करके अज्ञात चर $k$ का सटीक मान निकाल सकेंगे।
  • श्रीधराचार्य के द्विघाती सूत्र $x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}$ का सही प्रयोग कर मूल निकाल सकेंगे।
  • चाल-दूरी-समय, ज्यामितीय आकृतियों और नल-हौज संबंधी व्यावहारिक इबारती प्रश्नों को द्विघात समीकरण में बदलकर हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. द्विघात समीकरण का मानक रूप एवं प...
2 2. गुणनखंडन विधि द्वारा द्विघात समी...
3 3. द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत...
4 4. द्विघात समीकरणों की व्यावहारिक इ...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. द्विघात समीकरण का मानक रूप एवं पहचान

(क) द्विघात समीकरण की परिभाषा

चर $x$ में एक द्विघात समीकरण $ax^2 + bx + c = 0$ के रूप का होता है, जहाँ $a, b, c$ वास्तविक संख्याएँ हैं तथा $\mathbf{a \neq 0}$ है।

(ख) जाँच करने का नियम (क्या यह द्विघात समीकरण है? - CBSE 1 अंक):

किसी समीकरण को देखकर तुरंत निर्णय न लें; पहले दोनों पक्षों का विस्तार (सरलीकरण) करें:

  • उदाहरण 1: $(x - 2)^2 + 1 = 2x - 3$
    विस्तार करने पर: $x^2 - 4x + 4 + 1 = 2x - 3 \implies x^2 - 6x + 8 = 0$।
    चूँकि इसमें $x^2$ का पद उपस्थित है ($a = 1 \neq 0$), अतः यह द्विघात समीकरण है।
  • उदाहरण 2: $x(x + 1) + 8 = (x + 2)(x - 2)$
    विस्तार करने पर: $x^2 + x + 8 = x^2 - 4 \implies x + 12 = 0$।
    यहाँ $x^2$ कट गया ($a = 0$), अतः यह रैखिक समीकरण है, द्विघात समीकरण नहीं है।
  • उदाहरण 3: $(x + 2)^3 = 2x(x^2 - 1)$
    विस्तार करने पर: $x^3 + 6x^2 + 12x + 8 = 2x^3 - 2x \implies -x^3 + 6x^2 + 14x + 8 = 0$।
    चूँकि इसमें $x^3$ का पद उपस्थित है (घात 3), अतः यह त्रिघात है, द्विघात नहीं है।

2. गुणनखंडन विधि द्वारा द्विघात समीकरण का हल

यदि द्विघात समीकरण $ax^2 + bx + c = 0$ को दो रैखिक गुणनखंडों $(px + q)(rx + s) = 0$ के रूप में व्यक्त किया जा सके, तो शून्य-गुणनफल नियम (Zero-Product Property) के अनुसार:

$$px + q = 0 \quad \text{अथवा} \quad rx + s = 0$$ $$x = -\frac{q}{p} \quad \text{अथवा} \quad x = -\frac{s}{r}$$

(ख) मध्य पद विभक्त करने की विधि (Splitting the Middle Term):

  1. प्रथम पद के गुणांक $a$ और अचर पद $c$ का गुणा कीजिए $\implies ac$।
  2. दो ऐसी संख्याएँ $m$ और $n$ ढूँढ़िए जिनका: $$\text{गुणनफल } m \times n = ac \quad \text{तथा} \quad \text{योगफल } m + n = b$$
  3. मध्य पद $bx$ को $mx + nx$ के रूप में लिखिए।
  4. चार पदों में से दो-दो के समूह बनाकर उभयनिष्ठ (Common) गुणनखंड बाहर निकालिए।

3. द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र) एवं विविक्तकर

(क) द्विघाती सूत्र (Quadratic Formula)

द्विघात समीकरण $ax^2 + bx + c = 0$ के मूल ज्ञात करने का सार्वभौमिक सूत्र:

$$\mathbf{x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}}$$

जहाँ $b^2 - 4ac \geq 0$ होना चाहिए।

(ख) विविक्तकर (Discriminant - $D$) एवं मूलों की प्रकृति (Nature of Roots - CBSE 3 अंक):

व्यंजक $\mathbf{D = b^2 - 4ac}$ को द्विघात समीकरण का विविक्तकर कहते हैं:

विविक्तकर का मान मूलों की प्रकृति (Nature of Roots) मूलों का मान (Roots Formula)
$$\mathbf{D = b^2 - 4ac > 0}$$
(धनात्मक मान)
दो भिन्न वास्तविक मूल
(Two distinct real roots)
$$x = \frac{-b + \sqrt{D}}{2a}, \quad x = \frac{-b - \sqrt{D}}{2a}$$
$$\mathbf{D = b^2 - 4ac = 0}$$
(शून्य के बराबर)
दो बराबर वास्तविक मूल
(Two equal/coincident real roots)
$$x = -\frac{b}{2a}, \quad x = -\frac{b}{2a}$$
$$\mathbf{D = b^2 - 4ac < 0}$$
(ऋणात्मक मान)
कोई वास्तविक मूल नहीं
(No real roots / काल्पनिक मूल)
वास्तविक संख्याओं में कोई हल संभव नहीं है।
अति महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (k का मान ज्ञात करना):
"यदि समीकरण के मूल बराबर (समान) हों, तो $k$ का मान ज्ञात कीजिए"—ऐसी स्थिति में सदैव $\mathbf{D = 0}$ अर्थात $\mathbf{b^2 - 4ac = 0}$ रखकर $k$ का मान निकाला जाता है!

4. द्विघात समीकरणों की व्यावहारिक इबारती समस्याएं (Word Problems)

व्यावहारिक इबारती समस्याओं को हल करने की कार्यप्रणाली:

  1. अज्ञात राशि (जैसे सामान्य चाल, छोटी भुजा, पहली संख्या) को $x$ मानिए।
  2. प्रश्न के अनुसार समीकरण का निर्माण कीजिए।
  3. समीकरण को मानक रूप $ax^2 + bx + c = 0$ में बदलिए।
  4. द्विघाती सूत्र अथवा गुणनखंडन द्वारा $x$ के दो मान प्राप्त कीजिए।
  5. अमान्य मान को अस्वीकृत (Reject) कीजिए: चाल, दूरी, समय, आयु, लंबाई ऋणात्मक ($-$) नहीं हो सकती, अतः ऋणात्मक मान को अस्वीकृत कर केवल धनात्मक मान स्वीकार किया जाता है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

द्विघात समीकरण मानक रूप
$$ax^2 + bx + c = 0 \quad (a \neq 0, a, b, c \in \mathbb{R})$$
विविक्तकर सूत्र (Discriminant)
$$D = b^2 - 4ac$$
द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र)
$$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a} = \frac{-b \pm \sqrt{D}}{2a}$$
दो भिन्न वास्तविक मूल की शर्त
$$D > 0 \implies b^2 - 4ac > 0$$
दो बराबर वास्तविक मूल की शर्त
$$D = 0 \implies b^2 - 4ac = 0 \implies x = -\frac{b}{2a}$$
कोई वास्तविक मूल न होने की शर्त
$$D < 0 \implies b^2 - 4ac < 0$$
समय-दूरी चाल समीकरण
$$t_2 - t_1 = \frac{d}{x} - \frac{d}{x + \Delta x} = \Delta t$$
नल एवं हौज समीकरण
$$\frac{1}{x} + \frac{1}{x - 10} = \frac{1}{T}$$

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रश्न 1 (CBSE 2023 - 3 अंक): द्विघात समीकरण 2x² - 4x + 3 = 0 का विविक्तकर ज्ञात कीजिए और फिर मूलों की प्रकृति बताइए। यदि मूल वास्तविक हैं, तो उन्हें ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल: 1. दिए गए समीकरण की तुलना: समीकरण: $2x^2 - 4x + 3 = 0$ मानक रूप $ax^2 + bx + c = 0$ से तुलना करने पर:

$$a = 2, \quad b = -4, \quad c = 3$$

2. विविक्तकर (D) की गणना:

$$D = b^2 - 4ac = (-4)^2 - 4(2)(3) = 16 - 24 = \mathbf{-8}$$

3. मूलों की प्रकृति: चूँकि $D = -8 < 0$ (ऋणात्मक है), अतः दिए गए द्विघात समीकरण का कोई वास्तविक मूल नहीं है (No real roots)। अतः वास्तविक संख्याओं के समुच्चय में इसके मूल ज्ञात नहीं किए जा सकते।

उदाहरण 2
प्रश्न 2 (CBSE 2022 - 3 अंक): k का ऐसा मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए द्विघात समीकरण 2x² + kx + 3 = 0 के दो बराबर मूल हों।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल: 1. दिए गए समीकरण में गुणांक:

$$2x^2 + kx + 3 = 0$$

यहाँ $a = 2, b = k, c = 3$

2. दो बराबर मूल होने की शर्त: द्विघात समीकरण के दोनों मूल बराबर होते हैं यदि और केवल यदि विविक्तकर $D = 0$ हो:

$$D = b^2 - 4ac = 0$$

मान प्रतिस्थापित करने पर:

$$k^2 - 4(2)(3) = 0$$

$$k^2 - 24 = 0 \implies k^2 = 24$$

$$k = \pm \sqrt{24} = \pm \sqrt{4 \times 6} = \mathbf{\pm 2\sqrt{6}}$$

उत्तर: $k$ का अभीष्ट मान $\pm 2\sqrt{6}$ ($+2\sqrt{6}$ अथवा $-2\sqrt{6}$) होगा।

उदाहरण 3
प्रश्न 3 (CBSE 2021 - 3 अंक): द्विघात समीकरण 3x² - 2√6x + 2 = 0 के मूल गुणनखंडन विधि द्वारा ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल: 1. दिया गया समीकरण:

$$3x^2 - 2\sqrt{6}x + 2 = 0$$

2. मध्य पद का विभाजन: यहाँ $a \times c = 3 \times 2 = 6$ हमें दो ऐसी संख्याएँ चाहिए जिनका गुणा $6$ हो और जोड़ $-2\sqrt{6}$ हो:

$$(-\sqrt{6}) + (-\sqrt{6}) = -2\sqrt{6} \quad \text{तथा} \quad (-\sqrt{6}) \times (-\sqrt{6}) = 6$$

समीकरण को लिखने पर:

$$3x^2 - \sqrt{6}x - \sqrt{6}x + 2 = 0$$

$$(\sqrt{3}x)^2 - \sqrt{3}\sqrt{2}x - \sqrt{3}\sqrt{2}x + (\sqrt{2})^2 = 0$$

$$\sqrt{3}x(\sqrt{3}x - \sqrt{2}) - \sqrt{2}(\sqrt{3}x - \sqrt{2}) = 0$$

$$(\sqrt{3}x - \sqrt{2})(\sqrt{3}x - \sqrt{2}) = 0$$

3. मूलों की गणना:

$$\sqrt{3}x - \sqrt{2} = 0 \implies x = \frac{\sqrt{2}}{\sqrt{3}} = \sqrt{\frac{2}{3}}$$

चूँकि दोनों गुणनखंड समान हैं, अतः दोनों मूल समान हैं:

$$x = \sqrt{\frac{2}{3}}, \quad x = \sqrt{\frac{2}{3}}$$

उत्तर: समीकरण के मूल $\sqrt{\frac{2}{3}}$ तथा $\sqrt{\frac{2}{3}}$ हैं।

उदाहरण 4
प्रश्न 4 (CBSE 2020 - 5 अंक): एक रेलगाड़ी एक समान चाल से 360 किमी की दूरी तय करती है। यदि यह चाल 5 किमी/घंटा अधिक होती, तो वह उसी यात्रा में 1 घंटा कम समय लेती। रेलगाड़ी की मूल चाल ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल: 1. मान्यताएं: मान लीजिए कि रेलगाड़ी की मूल सामान्य चाल $= x\text{ km/h}$ है। कुल दूरी $= 360\text{ km}$।

मूल चाल से 360 किमी दूरी तय करने में लगा समय:

$$t_1 = \frac{\text{दूरी}}{\text{चाल}} = \frac{360}{x}\text{ घंटे}$$

2. नई स्थिति: बढ़ी हुई चाल $= (x + 5)\text{ km/h}$ बढ़ी हुई चाल से 360 किमी दूरी तय करने में लगा समय:

$$t_2 = \frac{360}{x + 5}\text{ घंटे}$$

3. प्रश्नानुसार (समय का अंतर 1 घंटा है):

$$t_1 - t_2 = 1$$

$$\frac{360}{x} - \frac{360}{x + 5} = 1$$

$$360 \left[\frac{1}{x} - \frac{1}{x + 5}\right] = 1$$

$$360 \left[\frac{(x + 5) - x}{x(x + 5)}\right] = 1$$

$$360 \left[\frac{5}{x^2 + 5x}\right] = 1 \implies \frac{1800}{x^2 + 5x} = 1$$

$$x^2 + 5x - 1800 = 0$$

4. द्विघात समीकरण को हल करना: गुणा $= -1800$, जोड़ $= +5$ (संख्याएँ $+45$ और $-40$):

$$x^2 + 45x - 40x - 1800 = 0$$

$$x(x + 45) - 40(x + 45) = 0$$

$$(x + 45)(x - 40) = 0$$

$$x = -45 \quad \text{अथवा} \quad x = 40$$

चूँकि रेलगाड़ी की चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः $x = -45$ अमान्य है। अतः $x = 40\text{ km/h}$।

उत्तर: रेलगाड़ी की मूल चाल 40 किमी/घंटा है।

उदाहरण 5
प्रश्न 5 (CBSE 2019 - 5 अंक): दो पानी के नल एक साथ एक हौज को 9⅜ (75/8) घंटों में भर सकते हैं। बड़े व्यास वाला नल हौज को भरने में कम व्यास वाले नल से 10 घंटे कम समय लेता है। प्रत्येक द्वारा अलग से हौज को भरने के समय ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल: 1. मान्यताएं: मान लीजिए कि: • छोटे व्यास वाले नल द्वारा हौज को अकेले भरने में लगा समय $= x$ घंटे • बड़े व्यास वाले नल द्वारा अकेले भरने में लगा समय $= (x - 10)$ घंटे

2. 1 घंटे का कार्य: • छोटे नल द्वारा 1 घंटे में भरा गया भाग $= \frac{1}{x}$ • बड़े नल द्वारा 1 घंटे में भरा गया भाग $= \frac{1}{x - 10}$ • दोनों नलों द्वारा एक साथ 1 घंटे में भरा गया भाग $= \frac{1}{75/8} = \frac{8}{75}$

3. प्रश्नानुसार समीकरण:

$$\frac{1}{x} + \frac{1}{x - 10} = \frac{8}{75}$$

$$\frac{(x - 10) + x}{x(x - 10)} = \frac{8}{75}$$

$$\frac{2x - 10}{x^2 - 10x} = \frac{8}{75} \implies \frac{2(x - 5)}{x^2 - 10x} = \frac{8}{75} \implies \frac{x - 5}{x^2 - 10x} = \frac{4}{75}$$

वज्र गुणन करने पर:

$$75(x - 5) = 4(x^2 - 10x)$$

$$75x - 375 = 4x^2 - 40x$$

$$4x^2 - 115x + 375 = 0$$

4. गुणनखंडन: $4 \times 375 = 1500$; जोड़ $= -115$ (संख्याएँ $-100$ और $-15$):

$$4x^2 - 100x - 15x + 375 = 0$$

$$4x(x - 25) - 15(x - 25) = 0$$

$$(x - 25)(4x - 15) = 0$$

$$x = 25 \quad \text{अथवा} \quad x = \frac{15}{4} = 3.75$$

यदि $x = 3.75$ लें, तो बड़े नल का समय $x - 10 = 3.75 - 10 = -6.25$ घंटे (ऋणात्मक) हो जाएगा, जो असंभव है। अतः $x = 25$ ही मान्य है।

बड़े नल का समय $= x - 10 = 25 - 10 = 15$ घंटे।

उत्तर: छोटा नल हौज को 25 घंटे में तथा बड़ा नल 15 घंटे में अलग से भरेगा।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

श्रीधराचार्य सूत्र में -b के स्थान पर केवल b लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सूत्र x = (-b ± √(b² - 4ac)) / (2a) होता है; -b में ऋण चिह्न अनिवार्य है!

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

k² = 24 से केवल +2√6 लिखना और माइनस भूल जाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वर्गमूल लेने पर सदैव दोनों चिह्न (±) आते हैं: k = ±2√6।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

D < 0 होने पर भी आगे हल करने का प्रयास करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि D ऋणात्मक आ जाए, तो तुरंत लिखें कि "कोई वास्तविक मूल नहीं हैं" और वहीं रुक जाएं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

इबारती प्रश्नों में ऋणात्मक मान को भी उत्तर में शामिल कर लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

चाल, आयु, लंबाई कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती; ऋणात्मक मान को अमान्य लिखकर अस्वीकार करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

नल वाले प्रश्न में समय को सीधे जोड़ने का प्रयास करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

समय सीधे नहीं जुड़ता, 1 घंटे के कार्य (1/x) का योग किया जाता है।

द्विघात समीकरण: विविक्तकर (D), मूलों की प्रकृति एवं श्रीधराचार्य सूत्र चार्ट

द्विघात समीकरण: विविक्तकर (D), मूलों की प्रकृति एवं श्रीधराचार्य सूत्र विविक्तकर (D) एवं मूलों की 3 स्थितियाँ विविक्तकर सूत्र (Discriminant): D = b² - 4ac 1. यदि D > 0 (धनात्मक): • दो भिन्न वास्तविक मूल (Distinct Real Roots) x = (-b + √D) / 2a तथा x = (-b - √D) / 2a 2. यदि D = 0 (शून्य): • दो बराबर वास्तविक मूल (Equal Real Roots) x = -b / 2a, x = -b / 2a (k का मान ज्ञात करने में प्रयुक्त) 3. यदि D < 0 (ऋणात्मक): • कोई वास्तविक मूल नहीं (No Real Roots / काल्पनिक) संख्या रेखा पर कोई वास्तविक हल नहीं मिलता श्रीधराचार्य सूत्र एवं इबारती मॉडल द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र): x = [ -b ± √(b² - 4ac) ] / 2a सार्वभौमिक सूत्र: किसी भी द्विघात समीकरण पर लागू रेलगाड़ी चाल समस्या मॉडल: • मूल चाल = x km/h, बढ़ी चाल = (x + 5) km/h समय अंतर: 360/x - 360/(x + 5) = 1 घंटा \to x² + 5x - 1800 = 0 ⇒ x = 40 km/h (ऋणात्मक अमान्य) जल नल एवं हौज समस्या मॉडल: 1/x + 1/(x - 10) = 8 / 75 • छोटा नल = 25 घंटे, बड़ा नल = 15 घंटे ऋणात्मक समय संभव नहीं \to x = 3.75 अमान्य

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
द्विघात समीकरण का मानक रूप ax² + bx + c = 0 (a ≠ 0) होता है।
मुख्य बिंदु 2
जाँच करते समय दोनों पक्षों का विस्तार कर देखें कि x² पद उपस्थित है या नहीं।
मुख्य बिंदु 3
गुणनखंडन विधि में मध्य पद को इस प्रकार तोड़ा जाता है कि योग b और गुणनफल ac हो।
मुख्य बिंदु 4
श्रीधराचार्य का द्विघाती सूत्र: x = (-b ± √(b² - 4ac)) / (2a)।
मुख्य बिंदु 5
विविक्तकर D = b² - 4ac मूलों की प्रकृति निर्धारित करता है।
मुख्य बिंदु 6
यदि D > 0 हो, तो दो भिन्न वास्तविक मूल होते हैं।
मुख्य बिंदु 7
यदि D = 0 हो, तो दो बराबर वास्तविक मूल (x = -b/2a) होते हैं।
मुख्य बिंदु 8
यदि D < 0 हो, तो कोई वास्तविक मूल नहीं होते (काल्पनिक)।
मुख्य बिंदु 9
समान मूल होने पर k का मान निकालने के लिए D = b² - 4ac = 0 रखा जाता है।
मुख्य बिंदु 10
इबारती प्रश्नों में चाल, समय, आयु आदि के ऋणात्मक मानों को अमान्य मानकर छोड़ दिया जाता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. द्विघात समीकरण 2x² - 7x + 3 = 0 के मूल द्विघाती सूत्र से ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: D = (-7)² - 4(2)(3) = 49 - 24 = 25; x = (7 ± √25) / 4 = (7 ± 5) / 4 ⇒ x = 3 अथवा x = 1/2।
2
2. यदि द्विघात समीकरण kx(x - 2) + 6 = 0 के दो बराबर मूल हों, तो k का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: kx² - 2kx + 6 = 0 ⇒ a = k, b = -2k, c = 6; D = (-2k)² - 4(k)(6) = 0 ⇒ 4k² - 24k = 0 ⇒ 4k(k - 6) = 0; चूँकि k ≠ 0, अतः k = 6।
3
3. दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक ज्ञात कीजिए जिनके वर्गों का योग 365 हो।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: x² + (x + 1)² = 365 ⇒ 2x² + 2x - 364 = 0 ⇒ x² + x - 182 = 0 ⇒ (x + 14)(x - 13) = 0 ⇒ x = 13 (धनात्मक); संख्याएँ 13 और 14 हैं।
4
4. क्या समीकरण x² + 4x + 5 = 0 के वास्तविक मूल हैं? कारण दीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नहीं; क्योंकि D = 4² - 4(1)(5) = 16 - 20 = -4 < 0 (ऋणात्मक है), अतः कोई वास्तविक मूल नहीं हैं।
5
5. एक समकोण त्रिभुज की ऊँचाई इसके आधार से 7 सेमी कम है। यदि कर्ण 13 सेमी हो, तो अन्य दो भुजाएँ क्या होंगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: पाइथागोरस प्रमेय: x² + (x - 7)² = 13² ⇒ 2x² - 14x - 120 = 0 ⇒ x² - 7x - 60 = 0 ⇒ (x - 12)(x + 5) = 0 ⇒ आधार = 12 सेमी, ऊँचाई = 5 सेमी।
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