Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
CBSE • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 9
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग

अध्याय 8 में हमने समकोण त्रिभुजों के संदर्भ में त्रिकोणमितीय अनुपातों का सैद्धांतिक अध्ययन किया था। इस अध्याय में हम त्रिकोणमिति के सबसे व्यावहारिक, आश्चर्यजनक और उपयोगी अनुप्रयोग—ऊँचाई और दूरी (Heights and Distances)—का अध्ययन करते हैं। वास्तविक संसार में हिमालय की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर फीता गिराना असंभव है, न ही किसी उफनती चौड़ी नदी के बीच में जाकर उसकी चौड़ाई मापी जा सकती है, और न ही बादलों में उड़ रहे वायुयान या अंतरिक्ष में तैरते उपग्रह की ऊँचाई सीधे मापी जा सकती है। यहीं पर त्रिकोणमिति एक जादुई यंत्र की तरह कार्य करती है! केवल जमीन पर खड़े होकर एक कोण मापक यंत्र (Theodolite या Clinometer) द्वारा उन्नयन कोण (Angle of Elevation) अथवा अवनमन कोण (Angle of Depression) मापकर तथा जमीन पर कुछ मीटर की क्षैतिज दूरी नापकर हम किसी भी गगनचुंबी इमारत, पर्वत शिखर, लाइटहाउस या मीनार की सटीक ऊँचाई कुछ ही मिनटों में बीजगणितीय समीकरणों द्वारा निकाल सकते हैं। इस अध्याय की संपूर्ण ज्यामिति तीन मुख्य आधारों पर टिकी है: दृष्टि रेखा (Line of Sight): प्रेक्षक की आँख से उस वस्तु को मिलाने वाली सीधी काल्पनिक रेखा जिसे देखा जा रहा है। उन्नयन कोण (Angle of Elevation): जब वस्तु प्रेक्षक की आँख के क्षैतिज स्तर से ऊपर स्थित हो, तो दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बना कोण। अवनमन कोण (Angle of Depression): जब वस्तु प्रेक्षक की आँख के क्षैतिज स्तर से नीचे स्थित हो (जैसे मीनार या पहाड़ी की चोटी से जमीन पर किसी कार या नाव को देखना), तो क्षैतिज रेखा और दृष्टि रेखा के बीच नीचे की ओर बना कोण। झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE Class 10) की बोर्ड परीक्षा में 'ऊँचाई और दूरी' से 5 अंक का एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न प्रतिवर्ष अनिवार्य रूप से पूछा जाता है। इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त करने की कुंजी है: प्रश्न की इबारत को पढ़कर एक सटीक, नामांकित समकोण त्रिभुज का आरेख (Figure) बनाना और $\tan 30^\circ = \frac{1}{\sqrt{3}}, \tan 45^\circ = 1, \tan 60^\circ = \sqrt{3}$ का सही अनुप्रयोग करना।

🏔️ क्या आपने कभी सोचा है: जिस इंसान ने दुनिया के सबसे ऊँचे पर्वत "माउंट एवरेस्ट" की खोज की, उसने अपनी पूरी जिंदगी में उस पहाड़ को कभी छुआ तक नहीं था?

जरा सोचिए: 1852 में भारत के 'ग्रेट ट्रिगोनोमेट्रिकल सर्वे' (Great Trigonometrical Survey of India) के दौरान देहरादून के नक्शा कार्यालय में एक 39 वर्षीय भारतीय गणितज्ञ राधानाथ सिकदर (Radhanath Sikdar) गणितीय तालिकाओं पर कुछ आंकड़े जोड़-घटा रहे थे।

अचानक वे अपनी कुर्सी से उछल पड़े और अपने ब्रिटिश महानिदेशक के कमरे में दौड़ते हुए चिल्लाए—"सर! मैंने दुनिया के सबसे ऊँचे पर्वत की खोज कर ली है!"

उस समय उस अज्ञात चोटी को केवल 'पीक XV' (Peak XV) कहा जाता था। राधानाथ सिकदर ने उस बर्फीले पर्वत पर कभी एक कदम भी नहीं रखा था! वे नेपाल और तिब्बत से 150 मील (240 किमी) दूर भारत के मैदानों में खड़े थे। उन्होंने केवल एक भारी थोडोलाइट (Theodolite) यंत्र से पर्वत शिखर के उन्नयन कोण नापे और त्रिकोणमिति के $\tan\theta$ सूत्रों से गणना करके बता दिया कि उसकी ऊँचाई 29,002 फीट है—जो आधुनिक उपग्रहों द्वारा मापी गई 29,031.7 फीट के आश्चर्यजनक रूप से 99.9% करीब थी!

बाद में इसी पर्वत का नाम सर्वेक्षक जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर 'माउंट एवरेस्ट' रखा गया। आज भी पूरी दुनिया के सर्वेक्षक, नौसेना के कप्तान और सिविल इंजीनियर राधानाथ सिकदर की उसी त्रिकोणमितीय तकनीक का उपयोग करते हैं! आइए, इस अध्याय में उसी अद्भुत विधा को सीखें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में 5 अंक का पक्का प्रश्न: CBSE Class 10वीं बोर्ड परीक्षा के खंड-घ (Section D) में 5 अंक का एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से इसी अध्याय से आता है।
  2. इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला की नींव: सिविल इंजीनियरिंग में पुलों, बाँधों, सुरंगों, सड़कों और बहुमंजिला इमारतों के सर्वेक्षण (Surveying) का 100% कार्य ऊँचाई और दूरी पर आधारित होता है।
  3. विमानन (Aviation) एवं नौवहन (Navigation): हवाई जहाजों के उतरने का कोण (Glide Path Angle), रनवे से दूरी, और समुद्र में जहाजों को चट्टानों से बचाने के लिए लाइटहाउस की बीम का अवनमन कोण त्रिकोणमिति से ही नियंत्रित होता है।
  4. सैटेलाइट डिश एवं संचार टावर: मोबाइल टावरों के नेटवर्क कवरेज का कोण और घरों की छतों पर टीवी डिश को उपग्रह की दिशा में $45^\circ$ या $60^\circ$ पर सेट करना इसी अध्याय का जीवंत उदाहरण है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • समकोण त्रिभुज में लंब, आधार और कर्ण की पहचान।
  • विशिष्ट मान: $\tan 30^\circ = \frac{1}{\sqrt{3}}$, $\tan 45^\circ = 1$, $\tan 60^\circ = \sqrt{3}$।
  • विशिष्ट मान: $\sin 30^\circ = \frac{1}{2}$, $\sin 45^\circ = \frac{1}{\sqrt{2}}$, $\sin 60^\circ = \frac{\sqrt{3}}{2}$।
  • समानांतर रेखाओं में एकांतर अंतःकोणों (Alternate Interior Angles) की समानता ($Z$-आकृति)।
  • अपरिमेय संख्याओं का मान: $\sqrt{3} \approx 1.732$ तथा $\sqrt{2} \approx 1.414$।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • दृष्टि रेखा, क्षैतिज स्तर, उन्नयन कोण और अवनमन कोण के बीच स्पष्ट अंतर बता सकेंगे।
  • इबारती प्रश्नों को पढ़कर सटीक, ज्यामितीय रूप से सही समकोण त्रिभुजों का आरेख बना सकेंगे।
  • अवनमन कोण को एकांतर अंतःकोण नियम द्वारा समकोण त्रिभुज के आधार पर उन्नयन कोण में रूपांतरित कर सकेंगे।
  • एकल त्रिभुज वाली समस्याओं (जैसे पतंग की डोरी, खंभे की परछाई, सीढ़ी) में अज्ञात भुजा की त्वरित गणना कर सकेंगे।
  • दो समकोण त्रिभुजों वाली जटिल समस्याओं (जैसे सड़क के दोनों ओर खंभे, टूटे पेड़, नदी के दोनों किनारे) में दो चरों वाले समीकरण बनाकर हल कर सकेंगे।
  • पूरक कोणों पर आधारित मीनार की ऊँचाई का सूत्र $h = \sqrt{ab}$ सिद्ध व लागू कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. दृष्टि रेखा, क्षैतिज स्तर एवं उन...
2 2. अवनमन कोण (Angle of Depression)...
3 3. एकल त्रिभुज समस्याएँ (Single-Tri...
4 4. द्वि-त्रिभुज समस्याएँ (Double Ri...
5 5. आंधी से टूटे पेड़ की समस्या एवं...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. दृष्टि रेखा, क्षैतिज स्तर एवं उन्नयन कोण (Angle of Elevation)

(क) बुनियादी पारिभाषिक शब्दावली:

  • दृष्टि रेखा (Line of Sight): प्रेक्षक की आँख से उस बिंदु को मिलाने वाली काल्पनिक सीधी रेखा, जिसे प्रेक्षक द्वारा देखा जा रहा है।
  • क्षैतिज स्तर (Horizontal Level): प्रेक्षक की आँख से भूमि के समानांतर खींची गई क्षैतिज सीधी रेखा।
  • उन्नयन कोण (Angle of Elevation): जब देखी जाने वाली वस्तु प्रेक्षक की आँख के क्षैतिज स्तर से ऊपर स्थित होती है (अर्थात् सिर को ऊपर उठाना पड़ता है), तो दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बने कोण को उन्नयन कोण कहते हैं।

(ख) त्रिकोणमितीय अनुपात चुनने की तकनीक:

समकोण त्रिभुज में तीन प्रमुख अनुपात प्रयुक्त होते हैं:

ज्ञात एवं अज्ञात भुजाएँ प्रयुक्त त्रिकोणमितीय अनुपात दैनिक उदाहरण
लंब (ऊँचाई) और आधार (दूरी) $\mathbf{\tan\theta = \frac{P}{B}}$ (90% प्रश्नों में प्रयुक्त) मीनार की ऊँचाई, छाया की लंबाई, सड़क की चौड़ाई
लंब (ऊँचाई) और कर्ण (तिरछी लंबाई) $\mathbf{\sin\theta = \frac{P}{H}}$ पतंग की डोरी की लंबाई, फिसलन पट्टी की लंबाई
आधार (दूरी) और कर्ण (तिरछी लंबाई) $\mathbf{\cos\theta = \frac{B}{H}}$ दीवार से सीढ़ी के पाद की दूरी, सीढ़ी की लंबाई

2. अवनमन कोण (Angle of Depression) एवं एकांतर कोण रूपांतरण

(क) अवनमन कोण की परिभाषा:

जब प्रेक्षक किसी ऊँचे स्थान (जैसे पहाड़ी, छत, प्रकाश-स्तंभ / लाइटहाउस या वायुयान) पर खड़ा हो और नीचे स्थित किसी वस्तु को देखता है (अर्थात् सिर को नीचे झुकाना पड़ता है), तो प्रेक्षक की आँख से गुजरने वाली क्षैतिज रेखा और वस्तु की ओर जाने वाली दृष्टि रेखा के बीच नीचे की ओर बने कोण को अवनमन कोण कहते हैं।

स्वर्ण सिद्धांत: अवनमन कोण = उन्नयन कोण:

चूंकि प्रेक्षक की आँख पर खींची गई क्षैतिज रेखा और भूमि की सतह (जमीन) दोनों परस्पर समानांतर होती हैं, और दृष्टि रेखा उन्हें काटने वाली तिर्यक रेखा का कार्य करती है:

$$\mathbf{\text{अवनमन कोण} = \text{वस्तु से प्रेक्षक का उन्नयन कोण} \quad (\text{एकांतर अंतःकोण नियम से})}$$ बोर्ड परीक्षा चेतावनी: आरेख बनाते समय शीर्ष पर क्षैतिज डॉटेड रेखा ($AX$) खींचकर अवनमन कोण दर्शाना अनिवार्य है; अन्यथा 1 अंक काट लिया जाता है! इसके पश्चात् एकांतर कोण नियम से उसे त्रिभुज के अंदर जमीन पर दर्शाएं।

3. एकल त्रिभुज समस्याएँ (Single-Triangle Problems)

एक समकोण त्रिभुज वाली बुनियादी स्थितियां:

ये प्रश्न 2 या 3 अंक में पूछे जाते हैं। आइए मुख्य मॉडल्स को समझें:

  1. खंभे और परछाई का मॉडल:
    यदि किसी ऊर्ध्वाधर खंभे की ऊँचाई उसकी परछाई की लंबाई के बराबर हो ($P = B$), तो $\tan\theta = \frac{P}{B} = 1 \implies \theta = 45^\circ$। यदि परछाई $\sqrt{3}$ गुना हो, तो $\tan\theta = \frac{1}{\sqrt{3}} \implies \theta = 30^\circ$।
  2. पतंग और डोरी का मॉडल:
    पतंग की भूमि से ऊँचाई $h$ दी हो और डोरी जमीन से $\theta$ कोण बनाती हो, तो डोरी की लंबाई $L$ निकालने के लिए $\sin\theta = \frac{h}{L} \implies L = \frac{h}{\sin\theta}$ का प्रयोग करते हैं (यहाँ डोरी में कोई ढील नहीं मानी जाती)।
  3. दीवार और सीढ़ी का मॉडल:
    दीवार पर लगी सीढ़ी का पाद दीवार से $d$ दूरी पर हो और सीढ़ी की लंबाई $L$ हो, तो $\cos\theta = \frac{d}{L}$ का प्रयोग करते हैं।

4. द्वि-त्रिभुज समस्याएँ (Double Right-Triangle Models - CBSE 5 अंक)

बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले 3 मुख्य द्वि-त्रिभुज मॉडल्स:

मॉडल 1: मीनार के एक ही ओर दो बिंदु (प्रेक्षक का गतिमान होना):

प्रेक्षक मीनार की ओर $x$ मीटर चलता है और उन्नयन कोण $30^\circ$ से बढ़कर $60^\circ$ हो जाता है।
• छोटे त्रिभुज में: $\tan 60^\circ = \frac{h}{y} \implies h = y\sqrt{3}$
• बड़े त्रिभुज में: $\tan 30^\circ = \frac{h}{x + y} \implies \frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{h}{x + y}$
दोनों समीकरणों को हल करके ऊँचाई $h$ और तय की गई दूरी $x$ ज्ञात की जाती है।

मॉडल 2: सड़क के दोनों ओर समान ऊँचाई के दो खंभे:

सड़क की कुल चौड़ाई $W$ है। बीच के किसी बिंदु से एक खंभे का कोण $60^\circ$ तथा दूसरे का $30^\circ$ है।
यदि बिंदु से पहले खंभे की दूरी $x$ हो, तो दूसरे से $(W - x)$ होगी। दोनों खंभों की ऊँचाई समान ($h$) रखकर हल करते हैं।

मॉडल 3: भवन के ऊपर ध्वजदंड या पेडेस्टल के ऊपर मूर्ति:

भूमि के एक बिंदु से भवन के शिखर का कोण $\alpha$ तथा उस पर लगे झंडे के शिखर का कोण $\beta$ है। यहाँ दोनों त्रिभुजों का आधार समान रहता है।

5. आंधी से टूटे पेड़ की समस्या एवं पूरक कोण प्रमेय (h = √ab)

(क) आंधी से टूटे पेड़ की समस्या (CBSE Board सबसे पसंदीदा प्रश्न):

जब कोई पेड़ आंधी से बीच से टूट जाता है और उसका टूटा हुआ सिरा झुककर जमीन को छूने लगता है:

  • पेड़ का निचला खड़ा भाग त्रिभुज का लंब ($P$) बनता है।
  • पेड़ का टूटा हुआ मुड़ा भाग त्रिभुज का कर्ण ($H$) बनता है।
  • पेड़ के पाद से शिखर के जमीन को छूने के बिंदु की दूरी आधार ($B$) बनती है।
  • अति महत्वपूर्ण: पेड़ की कुल ऊँचाई केवल लंब नहीं होती, बल्कि $\mathbf{\text{कुल ऊँचाई} = \text{लंब} + \text{कर्ण} = P + H}$ होती है!

(ख) पूरक कोणों पर आधारित मीनार की ऊँचाई प्रमेय:

प्रमेय: यदि किसी मीनार के आधार से एक सीधी रेखा में $a$ और $b$ दूरी पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण परस्पर पूरक ($ heta$ और $90^\circ - heta$) हों, तो मीनार की ऊँचाई: $$\mathbf{h = \sqrt{ab}}$$ उपपत्ति:
प्रथम बिंदु से: $\tan\theta = \frac{h}{a} \quad \text{--- (1)}$
द्वितीय बिंदु से: $\tan(90^\circ - \theta) = \cot\theta = \frac{h}{b} \quad \text{--- (2)}$
दोनों का गुणा करने पर: $\tan\theta \cdot \cot\theta = \frac{h}{a} \cdot \frac{h}{b} \implies 1 = \frac{h^2}{ab} \implies \mathbf{h = \sqrt{ab}}$।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

Tangent सूत्र (ऊँचाई और दूरी का मूल)
tan θ = लंब / आधार = h / x
Sine सूत्र (डोरी या फिसलन पट्टी हेतु)
sin θ = लंब / कर्ण = h / L
Cosine सूत्र (सीढ़ी के आधार हेतु)
cos θ = आधार / कर्ण = x / L
tan 30° का मान
tan 30° = 1 / √3 ≈ 0.577
tan 45° का मान
tan 45° = 1 (लंब = आधार)
tan 60° का मान
tan 60° = √3 ≈ 1.732
अवनमन कोण संबंध
अवनमन कोण = एकांतर उन्नयन कोण
टूटे पेड़ की कुल ऊँचाई
कुल ऊँचाई = खड़ा भाग (लंब) + मुड़ा भाग (कर्ण) = P + H
पूरक कोणों पर मीनार की ऊँचाई
h = √(a · b)
√3 का मानक दशमलव मान
√3 ≈ 1.732

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उदा 1. आंधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है कि पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 m है। पेड़ की कुल ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (CBSE 2018, 2020, 2023 - 5 अंक अनिवार्य)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समस्या का ज्यामितीय विश्लेषण करें:
माना पेड़ की कुल ऊँचाई $AB$ थी। आंधी से पेड़ बिंदु $C$ से टूटता है और उसका शिखर $A$ जमीन पर बिंदु $A'$ पर टिक जाता है।
अतः खड़ा भाग $BC$ (लंब $P$) है, तथा टूटा हुआ भाग $CA' = AC$ (कर्ण $H$) है।
दिया है: $A'B = 8 \text{ m}$ (आधार $B$) तथा $\angle CA'B = 30^\circ$।

चरण 2: खड़े भाग (BC) की ऊँचाई निकालें:
समकोण $\triangle CA'B$ में:
$$\tan 30^\circ = \frac{BC}{A'B}$$ $$\frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{BC}{8} \implies BC = \frac{8}{\sqrt{3}} \text{ m}$$
चरण 3: टूटे हुए भाग (CA') की लंबाई निकालें:
$$\cos 30^\circ = \frac{A'B}{CA'}$$ $$\frac{\sqrt{3}}{2} = \frac{8}{CA'} \implies CA' = \frac{16}{\sqrt{3}} \text{ m}$$
चरण 4: पेड़ की कुल ऊँचाई ज्ञात करें:
$$\text{पेड़ की कुल ऊँचाई} = BC + CA' = \frac{8}{\sqrt{3}} + \frac{16}{\sqrt{3}} = \frac{24}{\sqrt{3}} \text{ m}$$
हर का परिमेयीकरण करने पर:
$$= \frac{24 \times \sqrt{3}}{\sqrt{3} \times \sqrt{3}} = \frac{24\sqrt{3}}{3} = 8\sqrt{3} \text{ m}$$ यदि $\sqrt{3} = 1.732$ रखें: $8 \times 1.732 = 13.856 \text{ m}$।
उत्तर: पेड़ की कुल ऊँचाई $8\sqrt{3} \text{ m}$ (या 13.86 m) है।
उदाहरण 2
उदा 2. एक 80 m चौड़ी सड़क के दोनों ओर आमने-सामने समान लंबाई वाले दो खंभे लगे हुए हैं। इन दोनों खंभों के बीच सड़क के एक बिंदु से खंभों के शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 60° और 30° हैं। खंभों की ऊँचाई और खंभों से बिंदु की दूरी ज्ञात कीजिए। (NCERT / CBSE 2019, 2022, 2024 - 5 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: आरेख एवं चर परिभाषित करें:
माना दोनों समान खंभे $AB$ और $CD$ हैं ($AB = CD = h$)।
सड़क की कुल चौड़ाई $BD = 80 \text{ m}$ है।
माना सड़क पर बिंदु $P$ है। यदि $BP = x$ हो, तो $PD = 80 - x$ होगा।
दिया है: $\angle APB = 60^\circ$ तथा $\angle CPD = 30^\circ$।

चरण 2: प्रथम समकोण $\triangle ABP$ में:
$$\tan 60^\circ = \frac{AB}{BP} \implies \sqrt{3} = \frac{h}{x} \implies h = x\sqrt{3} \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
चरण 3: द्वितीय समकोण $\triangle CDP$ में:
$$\tan 30^\circ = \frac{CD}{PD} \implies \frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{h}{80 - x} \implies 80 - x = h\sqrt{3} \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$
चरण 4: समीकरण (1) से h का मान समीकरण (2) में रखें:
$$80 - x = (x\sqrt{3}) \times \sqrt{3}$$ $$80 - x = 3x$$ $$4x = 80 \implies x = 20 \text{ m}$$
अतः बिंदु $P$ की दूरी पहले खंभे से $20 \text{ m}$ तथा दूसरे से $80 - 20 = 60 \text{ m}$ है।

चरण 5: खंभों की ऊँचाई (h):
$$h = x\sqrt{3} = 20\sqrt{3} \text{ m}$$
उत्तर: खंभों की ऊँचाई $20\sqrt{3} \text{ m}$ है तथा बिंदु की खंभों से दूरियाँ 20 m और 60 m हैं।
उदाहरण 3
उदा 3. मीनार के आधार से और एक सरल रेखा में 4 m और 9 m की दूरी पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण पूरक कोण हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई 6 m है। (CBSE 2017, 2021 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: आरेख एवं पूरक कोण मानें:
माना मीनार की ऊँचाई $AB = h$ है।
मीनार के पाद $B$ से सरल रेखा में दो बिंदु $C$ और $D$ हैं, जहाँ $BC = 4 \text{ m}$ तथा $BD = 9 \text{ m}$ है।
माना बिंदु $C$ पर उन्नयन कोण $\theta$ है, तो पूरक होने के कारण बिंदु $D$ पर कोण $(90^\circ - \theta)$ होगा।

चरण 2: समकोण $\triangle ABC$ में:
$$\tan\theta = \frac{AB}{BC} = \frac{h}{4} \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
चरण 3: समकोण $\triangle ABD$ में:
$$\tan(90^\circ - \theta) = \frac{AB}{BD} \implies \cot\theta = \frac{h}{9} \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$
चरण 4: समीकरण (1) और (2) का गुणा करें:
$$\tan\theta \cdot \cot\theta = \frac{h}{4} \times \frac{h}{9}$$ $$1 = \frac{h^2}{36}$$ $$h^2 = 36 \implies h = \sqrt{36} = 6 \text{ m}$$
(चूंकि ऊँचाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः $h = +6$)।
इति सिद्धम्: मीनार की ऊँचाई 6 मीटर है।
उदाहरण 4
उदा 4. एक 1.5 m लंबा लड़का 30 m ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है तब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है। बताइए कि वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है? (NCERT / CBSE 2020 - 5 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: लड़के की ऊँचाई को घटाकर प्रभावी ऊँचाई निकालें:
भवन की कुल ऊँचाई $= 30 \text{ m}$। लड़के की ऊँचाई $= 1.5 \text{ m}$।
लड़के की आँख के क्षैतिज स्तर से भवन के शिखर की ऊँचाई:
$$h = 30 - 1.5 = 28.5 \text{ m} = \frac{57}{2} \text{ m}$$
चरण 2: दोनों स्थितियों में दूरियाँ निकालें:
माना लड़का पहले बिंदु $P$ पर था और $x$ दूरी चलकर बिंदु $Q$ पर पहुँचता है।
छोटे समकोण त्रिभुज में (जब कोण $60^\circ$ है):
$$\tan 60^\circ = \frac{28.5}{y} \implies \sqrt{3} = \frac{28.5}{y} \implies y = \frac{28.5}{\sqrt{3}} \text{ m}$$
बड़े समकोण त्रिभुज में (जब कोण $30^\circ$ है):
$$\tan 30^\circ = \frac{28.5}{x + y} \implies \frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{28.5}{x + y} \implies x + y = 28.5\sqrt{3} \text{ m}$$
चरण 3: तय की गई दूरी (x) ज्ञात करें:
$$x = (x + y) - y = 28.5\sqrt{3} - \frac{28.5}{\sqrt{3}}$$ $$= 28.5 \left(\sqrt{3} - \frac{1}{\sqrt{3}}\right) = 28.5 \left(\frac{3 - 1}{\sqrt{3}}\right) = 28.5 \times \frac{2}{\sqrt{3}} = \frac{57}{\sqrt{3}}$$ हर का परिमेयीकरण करने पर:
$$x = \frac{57\sqrt{3}}{3} = 19\sqrt{3} \text{ m}$$
उत्तर: लड़का भवन की ओर $19\sqrt{3} \text{ मीटर}$ चलकर गया है।
उदाहरण 5
उदा 5. समुद्र-तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। यदि लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक पीछे हो, तो दोनों जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए। (CBSE 2019, 2023 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: आरेख एवं कोण समझें:
लाइटहाउस की ऊँचाई $AB = 75 \text{ m}$ है।
माना दोनों जहाज बिंदु $C$ और $D$ पर हैं।
शिखर $A$ से अवनमन कोण क्रमशः $45^\circ$ (निकट जहाज $C$) और $30^\circ$ (दूर जहाज $D$) हैं।
एकांतर कोण नियम से जमीन पर $\angle ACB = 45^\circ$ तथा $\angle ADB = 30^\circ$ होंगे।

चरण 2: निकट जहाज की दूरी (BC) निकालें:
समकोण $\triangle ABC$ में:
$$\tan 45^\circ = \frac{AB}{BC} \implies 1 = \frac{75}{BC} \implies BC = 75 \text{ m}$$
चरण 3: दूर जहाज की दूरी (BD) निकालें:
समकोण $\triangle ABD$ में:
$$\tan 30^\circ = \frac{AB}{BD} \implies \frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{75}{BD} \implies BD = 75\sqrt{3} \text{ m}$$
चरण 4: दोनों जहाजों के बीच की दूरी (CD) ज्ञात करें:
$$CD = BD - BC = 75\sqrt{3} - 75 = 75(\sqrt{3} - 1) \text{ m}$$
यदि $\sqrt{3} = 1.732$ रखें:
$$CD = 75(1.732 - 1) = 75 \times 0.732 = 54.9 \text{ m}$$
उत्तर: दोनों जहाजों के बीच की दूरी $75(\sqrt{3} - 1) \text{ m}$ (या 54.9 m) है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अवनमन कोण को सीधे ऊर्ध्वाधर दीवार के साथ बना देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अवनमन कोण सदैव प्रेक्षक की आँख पर खींची गई क्षैतिज रेखा के साथ नीचे की ओर बनता है, कभी भी दीवार के साथ नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

टूटे पेड़ के सवाल में केवल लंब को ही पेड़ की ऊँचाई मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पेड़ की वास्तविक ऊँचाई खड़ा भाग (लंब) और टूटा मुड़ा भाग (कर्ण) दोनों का योग होती है: कुल ऊँचाई = BC + CA'।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जब प्रेक्षक की अपनी ऊँचाई दी गई हो (जैसे 1.5 m लड़का), तो उसे भवन की कुल ऊँचाई में से घटाना भूल जाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

प्रेक्षक की आँख जमीन से 1.5 m ऊपर होती है, अतः त्रिभुज का लंब = कुल ऊँचाई - 1.5 m होगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

tan 30° और tan 60° के मानों में भ्रमित हो जाना (√3 की जगह 1/√3 लिख देना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जैसे-जैसे कोण बढ़ता है, tan का मान बढ़ता है। अतः tan 30° = 1/√3 (छोटा) तथा tan 60° = √3 (बड़ा) होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

उत्तर में अपरिमेय संख्या के हर का परिमेयीकरण न करना (जैसे 24/√3 छोड़कर आ जाना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

गणित में हर में करणी नहीं छोड़ी जाती। √3 से ऊपर-नीचे गुणा करके 24√3 / 3 = 8√3 सरल रूप में लिखें।

ऊँचाई और दूरी - उन्नयन कोण, अवनमन कोण एवं द्वि-त्रिभुज मॉडल

त्रिकोणमिति के अनुप्रयोग: ऊँचाई और दूरी (Heights & Distances) उन्नयन कोण बनाम अवनमन कोण क्षैतिज स्तर (शीर्ष) मीनार (h) दृष्टि रेखा θ (अवनमन) θ (उन्नयन) दूरी / आधार (d) एकांतर कोण नियम: अवनमन कोण = उन्नयन कोण महत्वपूर्ण जादुई अनुपात एवं शॉर्टकट कोण 30° पर: tan 30° = 1 / √3 ⇒ आधार = ऊँचाई × √3 कोण 45° पर (स्वर्ण स्थिति): tan 45° = 1 ⇒ ऊँचाई (h) = आधार (d) कोण 60° पर: tan 60° = √3 ⇒ ऊँचाई = आधार × √3 पूरक कोणों पर मीनार की ऊँचाई: h = √(a · b)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
दृष्टि रेखा प्रेक्षक की आँख को वस्तु से मिलाने वाली सीधी रेखा होती है।
मुख्य बिंदु 2
उन्नयन कोण तब बनता है जब वस्तु प्रेक्षक के क्षैतिज स्तर से ऊपर हो।
मुख्य बिंदु 3
अवनमन कोण तब बनता है जब वस्तु प्रेक्षक के क्षैतिज स्तर से नीचे स्थित हो।
मुख्य बिंदु 4
एकांतर अंतःकोण नियम से, वस्तु से प्रेक्षक का उन्नयन कोण शीर्ष पर बने अवनमन कोण के ठीक बराबर होता है।
मुख्य बिंदु 5
ऊँचाई और दूरी के अधिकांश प्रश्नों में tan θ = लंब / आधार (h/x) का प्रयोग होता है।
मुख्य बिंदु 6
पतंग की डोरी या फिसलपट्टी के प्रश्नों में sin θ = लंब / कर्ण का प्रयोग होता है।
मुख्य बिंदु 7
जब उन्नयन कोण 45° हो, तो वस्तु की ऊँचाई और उसकी छाया/दूरी परस्पर बराबर होती हैं।
मुख्य बिंदु 8
टूटे पेड़ की कुल ऊँचाई खड़ा भाग (लंब) और टूटा मुड़ा भाग (कर्ण) जोड़कर प्राप्त होती है।
मुख्य बिंदु 9
यदि दो बिंदुओं से मीनार के उन्नयन कोण पूरक हों और दूरियाँ a व b हों, तो h = √(ab) होता है।
मुख्य बिंदु 10
गणना के अंतिम चरण में हर का परिमेयीकरण करना अनिवार्य है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. एक ऊर्ध्वाधर खंभे की ऊँचाई उसकी छाया के बराबर है। सूर्य का उन्नयन कोण क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: tan θ = h / x = 1 (चूंकि h = x) ⇒ θ = 45°।
2
2. भूमि के एक बिंदु से, जो मीनार के पाद से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: tan 30° = h / 30 ⇒ 1/√3 = h / 30 ⇒ h = 30/√3 = 10√3 m (या 17.32 m)।
3
3. एक पतंग 60 m की ऊँचाई पर उड़ रही है और डोरी भूमि से 60° का कोण बनाती है। डोरी की लंबाई क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: sin 60° = h / L ⇒ √3/2 = 60 / L ⇒ L = 120/√3 = 40√3 m।
4
4. मीनार के आधार से 4 m और 16 m की दूरी पर दो बिंदुओं से उन्नयन कोण पूरक हैं। मीनार की ऊँचाई क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: h = √(a · b) = √(4 × 16) = √64 = 8 m।
5
5. यदि प्रेक्षक मीनार की ओर बढ़ता है, तो उन्नयन कोण का मान बढ़ता है या घटता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: बढ़ता है (जैसे 30° से बढ़कर 45° या 60° हो जाता है)।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।