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CBSE • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

त्रिभुज (Triangles)

कक्षा 9वीं में हमने सर्वांगसम त्रिभुजों (Congruent Triangles) का विस्तृत अध्ययन किया था, जिनका आकार (Shape) और आमाप (Size) दोनों पूर्णतः समान होते हैं। कक्षा 10वीं में हम एक अधिक व्यापक, व्यावहारिक और अत्यंत महत्वपूर्ण ज्यामितीय संकल्पना—समरूप आकृतियों (Similar Figures)—का अध्ययन करते हैं। दो आकृतियां समरूप (Similar - प्रतीक: $\sim$) कहलाती हैं यदि उनके आकार (Shape) तो समान हों, परंतु उनके आमाप (Size) का समान होना आवश्यक न हो। प्रकृति और ज्यामिति में सभी वृत्त समरूप होते हैं, सभी वर्ग समरूप होते हैं और सभी समबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं। स्मरण रहे कि सभी सर्वांगसम आकृतियां समरूप होती हैं, परंतु सभी समरूप आकृतियों का सर्वांगसम होना आवश्यक नहीं है। दो त्रिभुज $\triangle ABC$ और $\triangle PQR$ परस्पर समरूप होते हैं (प्रतीक: $\triangle ABC \sim \triangle PQR$) यदि और केवल यदि: उनके संगत कोण बराबर हों: $\angle A = \angle P, \quad \angle B = \angle Q, \quad \angle C = \angle R$ उनकी संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में (समानुपाती) हों: $\frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR} = \frac{AC}{PR}$ इस अध्याय का सबसे महान और केंद्रीय आधारस्तंभ थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय - Basic Proportionality Theorem / BPT) है: "यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने के लिए एक रेखा खींची जाए, तो ये अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।" (अर्थात् $\triangle ABC$ में यदि $DE \parallel BC$ हो, तो $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$)। साथ ही त्रिभुजों की समरूपता की तीन प्रमुख कसौटियां हैं: AAA (या AA) कसौटी: कोण-कोण-कोण समरूपता SSS कसौटी: भुजा-भुजा-भुजा समरूपता SAS कसौटी: भुजा-कोण-भुजा समरूपता झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE Class 10) की बोर्ड परीक्षा में थेल्स प्रमेय की उपपत्ति 5 अंक के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के रूप में प्रतिवर्ष निश्चित रूप से पूछी जाती है। साथ ही समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों और पाइथागोरस प्रमेय के अनुप्रयोगों पर 3 से 5 अंकों के प्रश्न आते हैं।

📐 क्या आपने कभी सोचा है: 2600 साल पहले एक यूनानी गणितज्ञ ने जमीन पर खड़े-खड़े मिस्र के विशाल पिरामिड की ऊँचाई केवल एक लाठी से कैसे नाप ली थी?

जरा सोचिए: मिस्र का 'गीजा का महान पिरामिड' लगभग 450 फीट ऊँचा पत्थरों का एक विशालकाय पर्वत है। आज से 2600 वर्ष पूर्व जब न कोई लेजर फीता था, न सैटेलाइट था, न क्रेन थी और न उस पर सीधे चढ़कर फीता गिराना संभव था—तब प्राचीन यूनानी दार्शनिक और गणितज्ञ थेल्स (Thales of Miletus) ने मिस्र के सम्राट को केवल एक साधारण लकड़ी की लाठी और धूप में बनी उसकी परछाई से उस विशाल पिरामिड की ठीक-ठीक ऊँचाई नापकर पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था!

थेल्स ने क्या अद्भुत युक्ति लगाई? उन्होंने दोपहर के समय एक लाठी को समतल जमीन पर सीधा खड़ा कर दिया और धैर्य से प्रतीक्षा की। जैसे ही लाठी की परछाई की लंबाई लाठी की वास्तविक लंबाई के ठीक बराबर हुई, उन्होंने तुरंत दौड़कर पिरामिड की परछाई नाप ली—और घोषणा की: पिरामिड की ऊँचाई उसकी परछाई के ठीक बराबर है!

और जब परछाई बराबर न भी हो, तब भी सूर्य की किरणों के समान कोण होने के कारण लाठी द्वारा बना त्रिभुज और पिरामिड द्वारा बना विशाल त्रिभुज परस्पर समरूप (Similar Triangles) होते हैं! उनकी संगत भुजाओं का अनुपात हमेशा स्थिर रहता है। यही क्रांतिकारी विचार आज पूरी दुनिया में आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (थेल्स प्रमेय) बन गया! आइए, इस अध्याय में ज्यामिति की इस सबसे प्राचीन और शक्तिशाली प्रमेय की जादुई उपपत्ति को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में 5 अंक की पूर्ण गारंटी: CBSE Class 10वीं गणित परीक्षा में "थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) को सिद्ध कीजिए" 5 अंक का अनिवार्य प्रश्न होता है।
  2. ऊँचाई और दूरी (त्रिकोणमिति) की वास्तविक नींव: अध्याय 9 (त्रिकोणमिति के अनुप्रयोग) में मीनारों, पर्वतों और नदियों की चौड़ाई नापने का आधार यही समरूप त्रिभुजों का सिद्धांत है।
  3. अभियांत्रिकी, वास्तुकला एवं मानचित्र कला: भवनों के ब्लूप्रिंट, स्केल मॉडल, कंप्यूटर ग्राफिक्स, 3D मॉडलिंग और उपग्रह आधारित जीपीएस मैपिंग (GPS) समरूपता के सिद्धांतों पर ही कार्य करते हैं।
  4. कक्षा 11वीं-12वीं की उच्च ज्यामिति: सदिश बीजगणित (Vectors), त्रिविमीय ज्यामिति (3D Geometry) और भौतिकी में प्रकाशिकी (Optics - लेंस और दर्पण के किरण आरेख) में समरूप त्रिभुजों का निरंतर प्रयोग होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • त्रिभुज का क्षेत्रफल सूत्र: $\text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{संगत ऊँचाई (शीर्षलंब)}$।
  • समांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा के नियम (संगत कोण, एकांतर अंतःकोण सदैव बराबर होते हैं)।
  • कक्षा 9वीं के त्रिभुजों की सर्वांगसमता के नियम (SAS, ASA, SSS, RHS)।
  • एक ही आधार और समान समांतर रेखाओं के बीच बने दो त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • सर्वांगसमता ($\\cong$) और समरूपता ($\\sim$) के मध्य मूलभूत अंतर को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (थेल्स प्रमेय - BPT) की संपूर्ण चरणबद्ध उपपत्ति बोर्ड परीक्षा प्रारूप में लिख सकेंगे।
  • थेल्स प्रमेय के विलोम (Converse of BPT) का उपयोग कर रेखाओं के समानांतर होने की पुष्टि कर सकेंगे।
  • त्रिभुजों की समरूपता की तीनों कसौटियों (AA, SSS, SAS) का सही उपयोग कर दो त्रिभुजों को समरूप सिद्ध कर सकेंगे।
  • समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों के अनुपात प्रमेय का प्रयोग कर अज्ञात क्षेत्रफल या भुजाएं निकाल सकेंगे।
  • दैनिक जीवन में छाया, लाठी और खंभों से जुड़े व्यावहारिक प्रश्नों को समरूपता द्वारा हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. समरूप आकृतियाँ बनाम सर्वांगसम आक...
2 2. आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (थेल्स...
3 3. थेल्स प्रमेय का विलोम (Converse...
4 4. त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ...
5 5. समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों क...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. समरूप आकृतियाँ बनाम सर्वांगसम आकृतियाँ एवं त्रिभुजों की समरूपता

(क) सर्वांगसमता बनाम समरूपता:

कक्षा 9वीं में हमने सर्वांगसमता का अध्ययन किया था। आइए दोनों के अंतर को स्पष्ट समझें:

गुणधर्म सर्वांगसम आकृतियाँ (Congruent) $\cong$ समरूप आकृतियाँ (Similar) $\sim$
आकार (Shape) समान (Identical) समान (Identical)
आमाप (Size) समान (Equal) समान होना आवश्यक नहीं
प्रतीक $\cong$ $\sim$
दैनिक उदाहरण एक ही सिक्के के दो सिक्के, एक ही पैकेट के बिस्कुट एक ही व्यक्ति का पासपोर्ट फोटो और बड़ा फोटो
अति महत्वपूर्ण सिद्धांत (CBSE 1 अंक):
• सभी सर्वांगसम आकृतियां समरूप होती हैं, परंतु सभी समरूप आकृतियों का सर्वांगसम होना आवश्यक नहीं है।
• सभी वृत्त समरूप होते हैं।
• सभी वर्ग समरूप होते हैं।
• सभी समबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं।

(ख) त्रिभुजों की समरूपता की शर्तें:

दो त्रिभुज $\triangle ABC$ और $\triangle DEF$ समरूप कहलाते हैं यदि:

  1. उनके सभी संगत कोण बराबर हों: $\angle A = \angle D, \quad \angle B = \angle E, \quad \angle C = \angle F$
  2. उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती हों: $\frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{AC}{DF}$

सांकेतिक रूप से इसे $\triangle ABC \sim \triangle DEF$ लिखा जाता है। शीर्षों का क्रम संगतता के अनुसार होना अनिवार्य है।

2. आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (थेल्स प्रमेय - BPT) की संपूर्ण उपपत्ति

प्रमेय 6.1 (थेल्स प्रमेय / BPT) - CBSE Board 5 अंक अनिवार्य:
कथन: "यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने के लिए एक रेखा खींची जाए, तो ये अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।"

बोर्ड परीक्षा हेतु पूर्ण चरणबद्ध उपपत्ति:

1. दिया है (Given):
एक त्रिभुज $ABC$ जिसमें भुजा $BC$ के समानांतर खींची गई रेखा अन्य दो भुजाओं $AB$ और $AC$ को क्रमशः बिंदुओं $D$ और $E$ पर काटती है। अर्थात् $DE \parallel BC$ है।

2. सिद्ध करना है (To Prove):
$$\mathbf{\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}}$$

3. रचना (Construction):
$B$ को $E$ से तथा $C$ को $D$ से मिलाया। साथ ही $DM \perp AC$ तथा $EN \perp AB$ खींचा।

4. उपपत्ति (Proof):
हम जानते हैं कि त्रिभुज का क्षेत्रफल $= \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$ होता है।

$\triangle ADE$ में जब आधार $AD$ हो, तो शीर्षलंब $EN$ होगा:
$$\text{ar}(\triangle ADE) = \frac{1}{2} \times AD \times EN \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
इसी प्रकार, $\triangle BDE$ में आधार $DB$ पर शीर्षलंब $EN$ ही रहेगा (अधिककोण त्रिभुज में शीर्षलंब बाहर होता है):
$$\text{ar}(\triangle BDE) = \frac{1}{2} \times DB \times EN \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$

समीकरण (1) को समीकरण (2) से भाग देने पर:
$$\frac{\text{ar}(\triangle ADE)}{\text{ar}(\triangle BDE)} = \frac{\frac{1}{2} \times AD \times EN}{\frac{1}{2} \times DB \times EN} = \frac{AD}{DB} \quad \text{--- (समीकरण 3)}$$

अब, $\triangle ADE$ में जब आधार $AE$ हो, तो शीर्षलंब $DM$ होगा:
$$\text{ar}(\triangle ADE) = \frac{1}{2} \times AE \times DM \quad \text{--- (समीकरण 4)}$$
तथा $\triangle DEC$ में आधार $EC$ पर शीर्षलंब $DM$ होगा:
$$\text{ar}(\triangle DEC) = \frac{1}{2} \times EC \times DM \quad \text{--- (समीकरण 5)}$$

समीकरण (4) को समीकरण (5) से भाग देने पर:
$$\frac{\text{ar}(\triangle ADE)}{\text{ar}(\triangle DEC)} = \frac{\frac{1}{2} \times AE \times DM}{\frac{1}{2} \times EC \times DM} = \frac{AE}{EC} \quad \text{--- (समीकरण 6)}$$

अब ध्यान दीजिए: $\triangle BDE$ और $\triangle DEC$ एक ही आधार $DE$ तथा एक ही समांतर रेखाओं के युग्म $DE$ और $BC$ के बीच बने त्रिभुज हैं।
कक्षा 9वीं के प्रमेय के अनुसार:
$$\text{ar}(\triangle BDE) = \text{ar}(\triangle DEC) \quad \text{--- (समीकरण 7)}$$

अतः समीकरण (3), (6) और (7) से बायाँ पक्ष पूर्णतः समान हो जाता है। इसलिए दायाँ पक्ष भी समान होगा:
$$\mathbf{\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}}$$

इति सिद्धम् (Hence Proved)।

3. थेल्स प्रमेय का विलोम (Converse of BPT) एवं महत्वपूर्ण उपप्रमेय

(क) प्रमेय 6.2 (थेल्स प्रमेय का विलोम - Converse of BPT):

कथन: "यदि एक रेखा किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को एक ही अनुपात में विभाजित करे, तो वह तीसरी भुजा के समानांतर होती है।"
अर्थात् यदि $\triangle ABC$ में $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$ हो, तो निश्चित रूप से $\mathbf{DE \parallel BC}$ होगा।

उपपत्ति की रूपरेखा (विरोधाभास विधि - Method of Contradiction):
यदि संभव हो तो मान लें कि $DE$, $BC$ के समांतर नहीं है। तब $D$ से होकर $BC$ के समांतर कोई अन्य रेखा $DE'$ खींची जा सकती है। थेल्स प्रमेय से $\frac{AD}{DB} = \frac{AE'}{E'C}$ होगा। परंतु दिया है $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$। अतः $\frac{AE'}{E'C} = \frac{AE}{EC}$। दोनों पक्षों में 1 जोड़ने पर यह सिद्ध होता है कि बिंदु $E'$ और $E$ संपाती (coincident) हैं। अतः $DE \parallel BC$ है।

(ख) थेल्स प्रमेय के उपयोगी उपप्रमेय (Corollaries):

यदि $\triangle ABC$ में $DE \parallel BC$ हो, तो निम्नलिखित अनुपात भी सदैव सत्य होते हैं:

  1. अनुपात 1: $\frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC}$ (पूरी भुजा के साथ अनुपात)
  2. अनुपात 2: $\frac{DB}{AB} = \frac{EC}{AC}$
  3. अनुपात 3: $\frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC} = \frac{DE}{BC}$ (समरूपता के साथ विस्तार)

4. त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ (AAA/AA, SSS, SAS)

त्रिभुजों की समरूपता सिद्ध करने के तीन प्रमुख नियम:

1. AAA कसौटी (कोण-कोण-कोण समरूपता) एवं AA उप-कसौटी:

यदि दो त्रिभुजों में संगत कोण बराबर हों, तो उनकी संगत भुजाएं एक ही अनुपात में होती हैं और इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।

AA कसौटी (अत्यंत महत्वपूर्ण): चूंकि किसी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग $180^\circ$ होता है, इसलिए यदि एक त्रिभुज के दो कोण दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों के बराबर हों, तो तीसरा कोण स्वतः बराबर हो जाता है। अतः केवल दो कोण बराबर दिखाना ही समरूपता के लिए पर्याप्त है: $$\angle A = \angle D, \quad \angle B = \angle E \implies \triangle ABC \sim \triangle DEF$$
2. SSS कसौटी (भुजा-भुजा-भुजा समरूपता):

यदि दो त्रिभुजों में एक त्रिभुज की भुजाएं दूसरे त्रिभुज की भुजाओं के समानुपाती हों, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं और इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं:

$$\frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{AC}{DF} \implies \triangle ABC \sim \triangle DEF$$
3. SAS कसौटी (भुजा-कोण-भुजा समरूपता):

यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे त्रिभुज के एक कोण के बराबर हो तथा इन कोणों को अंतर्गत करने वाली भुजाएं समानुपाती हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं:

$$\angle A = \angle D \quad \text{तथा} \quad \frac{AB}{DE} = \frac{AC}{DF} \implies \triangle ABC \sim \triangle DEF$$

5. समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात एवं पाइथागोरस प्रमेय संबंध

(क) समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात प्रमेय:

प्रमेय: "दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपातों के वर्ग के बराबर होता है।"
यदि $\triangle ABC \sim \triangle PQR$ हो, तो: $$\mathbf{\frac{\text{ar}(\triangle ABC)}{\text{ar}(\triangle PQR)} = \left(\frac{AB}{PQ}\right)^2 = \left(\frac{BC}{QR}\right)^2 = \left(\frac{AC}{PR}\right)^2}$$

विस्तार (शीर्षलंबों, माध्यिकाओं और परिमापों के साथ संबंध):

  • क्षेत्रफलों का अनुपात संगत शीर्षलंबों के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है: $\frac{\text{ar}(ABC)}{\text{ar}(PQR)} = \left(\frac{h_1}{h_2}\right)^2$
  • क्षेत्रफलों का अनुपात संगत माध्यिकाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है: $\frac{\text{ar}(ABC)}{\text{ar}(PQR)} = \left(\frac{m_1}{m_2}\right)^2$
  • दो समरूप त्रिभुजों के परिमापों का अनुपात संगत भुजाओं के सीधे अनुपात के बराबर होता है: $\frac{\text{परिमाप}(ABC)}{\text{परिमाप}(PQR)} = \frac{AB}{PQ}$

(ख) पाइथागोरस प्रमेय (समकोण त्रिभुज में समरूपता):

यदि किसी समकोण त्रिभुज के समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लंब डाला जाए, तो इस लंब के दोनों ओर बने त्रिभुज संपूर्ण त्रिभुज के समरूप होते हैं तथा परस्पर भी समरूप होते हैं। इसी प्रमेय की सहायता से विश्व प्रसिद्ध पाइथागोरस प्रमेय सिद्ध की जाती है:

$$\mathbf{(\text{कर्ण})^2 = (\text{आधार})^2 + (\text{लंब})^2 \implies AC^2 = AB^2 + BC^2}$$

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

समरूप त्रिभुजों की भुजाओं का अनुपात
AB / DE = BC / EF = AC / DF
थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय)
यदि DE || BC हो तो AD / DB = AE / EC
थेल्स प्रमेय का उपप्रमेय 1
AD / AB = AE / AC
थेल्स प्रमेय का उपप्रमेय 2
DB / AB = EC / AC
थेल्स प्रमेय का विलोम
यदि AD / DB = AE / EC हो तो DE || BC
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात
ar(ABC) / ar(PQR) = (AB / PQ)² = (BC / QR)² = (AC / PR)²
क्षेत्रफल और शीर्षलंब का संबंध
ar(ABC) / ar(PQR) = (h₁ / h₂)²
क्षेत्रफल और माध्यिका का संबंध
ar(ABC) / ar(PQR) = (m₁ / m₂)²
परिमापों का अनुपात
परिमाप(ABC) / परिमाप(PQR) = AB / PQ
पाइथागोरस प्रमेय
कर्ण² = लंब² + आधार² (AC² = AB² + BC²)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उदा 1. आकृति में DE || BC है। यदि AD = 1.5 cm, DB = 3 cm, AE = 1 cm हो, तो EC का मान ज्ञात कीजिए। (CBSE 2020, 2022 - 2 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: थेल्स प्रमेय लागू करें:
$\triangle ABC$ में दिया गया है कि $DE \parallel BC$ है।
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (थेल्स प्रमेय) से:
$$\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$$
चरण 2: दिए गए मान रखें:
$$\frac{1.5}{3} = \frac{1}{EC}$$ $$\frac{1}{2} = \frac{1}{EC}$$ $$EC = 2 \text{ cm}$$
उत्तर: $EC$ की लंबाई 2 cm है।
उदाहरण 2
उदा 2. 6 m लंबाई वाले एक ऊर्ध्वाधर स्तंभ की भूमि पर छाया की लंबाई 4 m है, जबकि उसी समय एक मीनार की छाया की लंबाई 28 m है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (NCERT / CBSE 2019, 2023 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समरूपता की पहचान करें:
माना $AB$ स्तंभ है ($AB = 6 \text{ m}$) तथा $BC$ उसकी छाया है ($BC = 4 \text{ m}$)।
माना $PQ$ मीनार है ($PQ = h$) तथा $QR$ उसकी छाया है ($QR = 28 \text{ m}$)।
एक ही समय पर सूर्य का उन्नयन कोण समान होता है:
$$\angle C = \angle R$$ स्तंभ और मीनार दोनों भूमि पर ऊर्ध्वाधर खड़े हैं, अतः:
$$\angle B = \angle Q = 90^\circ$$ अतः $AA$ समरूपता कसौटी से:
$$\triangle ABC \sim \triangle PQR$$
चरण 2: संगत भुजाओं के अनुपात का प्रयोग करें:
$$\frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR}$$ $$\frac{6}{h} = \frac{4}{28}$$ $$\frac{6}{h} = \frac{1}{7}$$ $$h = 6 \times 7 = 42 \text{ m}$$
उत्तर: मीनार की ऊँचाई 42 मीटर है।
उदाहरण 3
उदा 3. सिद्ध कीजिए कि एक समचतुर्भुज की भुजाओं के वर्गों का योग उसके विकर्णों के वर्गों के योग के बराबर होता है। (NCERT / CBSE 2018, 2024 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: दिया है एवं सिद्ध करना है:
माना $ABCD$ एक समचतुर्भुज है जिसके विकर्ण $AC$ और $BD$ परस्पर बिंदु $O$ पर प्रतिच्छेद करते हैं।
हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लंबवत समद्विभाजित करते हैं:
$$\angle AOB = 90^\circ, \quad OA = \frac{AC}{2}, \quad OB = \frac{BD}{2}$$
चरण 2: समकोण $\triangle AOB$ में पाइथागोरस प्रमेय:
$$AB^2 = OA^2 + OB^2$$ $$AB^2 = \left(\frac{AC}{2}\right)^2 + \left(\frac{BD}{2}\right)^2 = \frac{AC^2}{4} + \frac{BD^2}{4}$$ $$4AB^2 = AC^2 + BD^2$$
चूंकि समचतुर्भुज की चारों भुजाएं समान होती हैं ($AB = BC = CD = DA$):
$$4AB^2 = AB^2 + BC^2 + CD^2 + DA^2$$ $$AB^2 + BC^2 + CD^2 + DA^2 = AC^2 + BD^2$$
इति सिद्धम्।
उदाहरण 4
उदा 4. दो समरूप त्रिभुजों ABC और PQR के क्षेत्रफल क्रमशः 64 cm² तथा 121 cm² हैं। यदि EF = 15.4 cm हो, तो BC ज्ञात कीजिए (जहाँ △ABC ~ △DEF)। (CBSE 2021 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: क्षेत्रफल अनुपात प्रमेय का प्रयोग करें:
चूंकि $\triangle ABC \sim \triangle DEF$, अतः:
$$\frac{\text{ar}(\triangle ABC)}{\text{ar}(\triangle DEF)} = \left(\frac{BC}{EF}\right)^2$$
चरण 2: मान रखकर हल करें:
$$\frac{64}{121} = \left(\frac{BC}{15.4}\right)^2$$
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर:
$$\frac{8}{11} = \frac{BC}{15.4}$$ $$BC = \frac{8 \times 15.4}{11} = 8 \times 1.4 = 11.2 \text{ cm}$$
उत्तर: $BC$ की लंबाई 11.2 cm है।
उदाहरण 5
उदा 5. यदि कोई रेखा एक △ABC की भुजाओं AB और AC को क्रमशः D और E पर प्रतिच्छेद करे तथा भुजा BC के समांतर हो, तो सिद्ध कीजिए कि AD / AB = AE / AC होगा। (CBSE 2022 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: थेल्स प्रमेय लागू करें:
$\triangle ABC$ में दिया है $DE \parallel BC$।
थेल्स प्रमेय से:
$$\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$$
चरण 2: दोनों पक्षों को व्युत्क्रम (Invert) करें:
$$\frac{DB}{AD} = \frac{EC}{AE}$$
चरण 3: दोनों पक्षों में 1 जोड़ें:
$$\frac{DB}{AD} + 1 = \frac{EC}{AE} + 1$$ $$\frac{DB + AD}{AD} = \frac{EC + AE}{AE}$$ $$\frac{AB}{AD} = \frac{AC}{AE}$$
पुनः व्युत्क्रम लेने पर:
$$\frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC}$$
इति सिद्धम्।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समरूप त्रिभुजों के नामकरण में शीर्षों की संगतता का ध्यान न रखना (जैसे △ABC ~ △EDF लिख देना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

शीर्षों का क्रम संगत कोणों के अनुसार ही लिखा जाना चाहिए। यदि ∠A = ∠D, ∠B = ∠E, ∠C = ∠F है, तो केवल △ABC ~ △DEF ही सही है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

क्षेत्रफलों का अनुपात निकालते समय भुजाओं का वर्ग करना भूल जाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

क्षेत्रफलों का अनुपात भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है: ar(ABC)/ar(PQR) = (AB/PQ)²। यदि भुजाओं का अनुपात 2:3 है, तो क्षेत्रफलों का अनुपात 4:9 होगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

थेल्स प्रमेय में अनुपात को AD/DB की जगह AD/AB समझकर गलत गणना कर देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

थेल्स प्रमेय का मूल सूत्र AD/DB = AE/EC है। यदि पूरी भुजा AB का प्रयोग करना हो, तो उपप्रमेय AD/AB = AE/AC का प्रयोग करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

SAS कसौटी में कोण को अंतर्गत कोण (Included Angle) न मानकर कोई अन्य कोण ले लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

SAS नियम में कोण अनिवार्य रूप से समानुपाती भुजाओं के बीच का ही होना चाहिए।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अधिककोण त्रिभुज में शीर्षलंब को त्रिभुज के अंदर ही ढूंढने का प्रयास करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अधिककोण त्रिभुज में आधार को बाहर बढ़ाकर शीर्षलंब खींचा जाता है, जैसा थेल्स प्रमेय की उपपत्ति में त्रिभुज BDE के लिए EN लंब बाहर होता है।

थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) एवं समरूपता संकल्पना मानचित्र

त्रिभुज (Triangles) - थेल्स प्रमेय (BPT) एवं समरूपता कसौटियाँ थेल्स प्रमेय (BPT): DE || BC A D E B C AD / DB = AE / EC समरूपता की प्रमुख कसौटियाँ 1. AA कसौटी (कोण-कोण): दो संगत कोण समान ⇒ △ABC ~ △DEF 2. SSS कसौटी (भुजा-भुजा-भुजा): AB/DE = BC/EF = AC/DF ⇒ तीनों भुजाएं समानुपाती 3. SAS कसौटी (भुजा-कोण-भुजा): दो भुजाएं समानुपाती + अंतर्गत कोण समान क्षेत्रफल अनुपात प्रमेय: ar(ABC) / ar(PQR) = (AB / PQ)²

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
दो आकृतियां समरूप होती हैं यदि उनके आकार (Shape) समान हों, चाहे आमाप (Size) भिन्न हों।
मुख्य बिंदु 2
सभी वृत्त, सभी वर्ग तथा सभी समबाहु त्रिभुज सदैव समरूप होते हैं।
मुख्य बिंदु 3
दो त्रिभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण समान हों तथा संगत भुजाएं समानुपाती हों।
मुख्य बिंदु 4
थेल्स प्रमेय (BPT): यदि DE || BC हो, तो AD/DB = AE/EC होता है।
मुख्य बिंदु 5
थेल्स प्रमेय का विलोम: यदि AD/DB = AE/EC हो, तो DE || BC होता है।
मुख्य बिंदु 6
उपप्रमेय: यदि DE || BC हो, तो AD/AB = AE/AC तथा DB/AB = EC/AC भी सत्य होते हैं।
मुख्य बिंदु 7
AA समरूपता कसौटी: यदि एक त्रिभुज के दो कोण दूसरे त्रिभुज के दो कोणों के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
मुख्य बिंदु 8
SSS समरूपता कसौटी: यदि तीनों संगत भुजाएं समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
मुख्य बिंदु 9
SAS समरूपता कसौटी: दो समानुपाती भुजाओं के अंतर्गत कोण समान होने पर त्रिभुज समरूप होते हैं।
मुख्य बिंदु 10
दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

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1. क्या सभी समद्विबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं? सकारण बताइए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नहीं, केवल वे समद्विबाहु त्रिभुज समरूप होंगे जिनके कोण समान हों। सभी समबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं, सभी समद्विबाहु नहीं।
2
2. △ABC में DE || BC है। यदि AD = 2 cm, DB = 6 cm और AE = 3 cm हो, तो AC का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: थेल्स प्रमेय से AD/DB = AE/EC ⇒ 2/6 = 3/EC ⇒ EC = 9 cm। अतः AC = AE + EC = 3 + 9 = 12 cm।
3
3. दो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात 4:9 है। इनके क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्षेत्रफलों का अनुपात = (4/9)² = 16:81।
4
4. यदि △ABC ~ △PQR, ∠A = 45° और ∠B = 75° हो, तो ∠R का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ∠C = 180° - (45° + 75°) = 60°। चूंकि संगत कोण बराबर होते हैं, अतः ∠R = ∠C = 60°।
5
5. थेल्स प्रमेय को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem - BPT)।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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