(क) सूचकों के प्रकार एवं रंग परिवर्तन
सूचक (Indicators) वे रासायनिक पदार्थ होते हैं जो अम्लीय या क्षारीय माध्यम में अपना रंग अथवा गंध बदलकर विलयन की प्रकृति दर्शाते हैं:
| सूचक का नाम | सूचक का प्रकार | अम्लीय माध्यम में रंग | क्षारीय माध्यम में रंग |
|---|---|---|---|
| लिटमस पत्र (रोसेला लाइकेन से प्राप्त) | प्राकृतिक सूचक | नीले से लाल | लाल से नीला |
| हल्दी (Turmeric) | प्राकृतिक सूचक | पीला (अपरिवर्तित) | लाल-भूरा (साबुन लगने पर) |
| फिनॉल्फ्थेलीन (Phenolphthalein) | संश्लेषित (कृत्रिम) | रंगहीन (Colourless) | गुलाबी (Pink) |
| मेथिल ऑरेंज (Methyl Orange) | संश्लेषित (कृत्रिम) | लाल | पीला |
| प्याज का रस / वैनिला / लौंग का तेल | गंधीय सूचक (Olfactory) | तीखी गंध बनी रहती है | गंध समाप्त (गायब) हो जाती है |
(ख) अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म
- धातुओं के साथ अभिक्रिया (हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन):
अम्ल धातुओं से क्रिया करके संगत लवण और हाइड्रोजन गैस बनाते हैं: $$\text{अम्ल} + \text{धातु} \to \text{लवण} + H_2(g)↑$$ $$Zn(s) + 2HCl(aq) \to ZnCl_2(aq) + H_2(g)↑$$ $$Zn(s) + H_2SO_4(aq) \to ZnSO_4(aq) + H_2(g)↑$$ हाइड्रोजन गैस की पहचान: परखनली के मुँह के पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर गैस 'पॉप' (Pop) ध्वनि के साथ जलती है।
क्षारक के साथ: कुछ धातुएँ (उदा. Zn, Al) प्रबल क्षारों से भी क्रिया करके $H_2$ गैस मुक्त करती हैं: $$2NaOH(aq) + Zn(s) \to Na_2ZnO_2(aq) \text{ (सोडियम जिंकेट)} + H_2(g)↑$$ - धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया:
अम्ल धातु कार्बोनेटों से क्रिया करके लवण, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) गैस उत्पन्न करते हैं: $$Na_2CO_3(s) + 2HCl(aq) \to 2NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)↑$$ $$NaHCO_3(s) + HCl(aq) \to NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)↑$$ $CO_2$ गैस की जांच: जब इस गैस को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो अविलेय कैल्शियम कार्बोनेट बनने के कारण चूने का पानी दूधिया (Milky) हो जाता है: $$Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \to CaCO_3(s)↓ \text{ (दूधिया अवक्षेप)} + H_2O(l)$$ अत्यधिक मात्रा में $CO_2$ प्रवाहित करने पर दूधियापन समाप्त हो जाता है क्योंकि विलेय कैल्शियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बन जाता है: $$CaCO_3(s) + H_2O(l) + CO_2(g) \to Ca(HCO_3)_2(aq) \text{ (विलेय)}$$ - उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation Reaction):
अम्ल एवं क्षारक की परस्पर अभिक्रिया से लवण तथा जल का निर्माण: $$\text{अम्ल} + \text{क्षारक} \to \text{लवण} + \text{जल} + \text{ऊष्मा}$$ $$HCl(aq) + NaOH(aq) \to NaCl(aq) + H_2O(l)$$ - धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति (क्षारीय): धातु ऑक्साइड अम्लों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं, अतः ये क्षारीय प्रकृति के होते हैं ($CuO + 2HCl \to CuCl_2 + H_2O$)।
- अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति (अम्लीय): अधातु ऑक्साइड क्षारकों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं, अतः ये अम्लीय प्रकृति के होते हैं ($CO_2 + Ca(OH)_2 \to CaCO_3 + H_2O$)।