Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
CBSE • कक्षा X • Science • अध्याय 1
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण

दैनिक जीवन में हमारे चारों ओर निरंतर अनेक परिवर्तन घटित होते रहते हैं—जैसे दूध का फटना व दही बनना, लोहे के तवे अथवा कील को आर्द्र वायुमंडल में खुला छोड़ देने पर उस पर जंग लगना, भोजन का पकना, हमारे शरीर में भोजन का पाचन तथा सांस लेना। ये सभी परिवर्तन सामान्य भौतिक परिवर्तन नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रारंभिक पदार्थ अपनी प्रकृति और पहचान खोकर सर्वथा नए गुणधर्मों वाले पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं। जब भी कोई रासायनिक परिवर्तन होता है, तो हम कह सकते हैं कि एक रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) संपन्न हुई है। रासायनिक अभिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ (जिन्हें अभिकारक / Reactants कहा जाता है) परस्पर क्रिया करके या टूटकर नए गुणधर्मों वाले एक या अधिक नए पदार्थ (जिन्हें उत्पाद / Products कहा जाता है) का निर्माण करते हैं। किसी भी रासायनिक अभिक्रिया को संक्षिप्त और वैज्ञानिक रूप में प्रतीकों एवं सूत्रों द्वारा निरूपित करना रासायनिक समीकरण (Chemical Equation) कहलाता है। प्राकृतिक विज्ञान का एक सार्वभौमिक नियम है—'द्रव्यमान संरक्षण का नियम' (Law of Conservation of Mass), जिसके अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण हो सकता है और न ही विनाश। इसका सीधा अर्थ यह है कि रासायनिक अभिक्रिया के पहले (अभिकारकों में) एवं उसके पश्चात (उत्पादों में) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या सदैव समान होनी चाहिए। इसी सिद्धांत की संतुष्टि के लिए रासायनिक समीकरणों को संतुलित (Balance) करना अनिवार्य होता है। इस अध्याय में रासायनिक अभिक्रिया के चार मूलभूत लक्षणों (अवस्था में परिवर्तन, रंग में परिवर्तन, गैस का निकास एवं तापमान में परिवर्तन), रासायनिक समीकरण लिखने व संतुलित करने की 'हिट एंड ट्रायल विधि', रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार—संयोजन अभिक्रिया (Combination), वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition: ऊष्मीय, वैद्युत एवं प्रकाशीय), विस्थापन अभिक्रिया (Displacement), द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement) तथा उपचयन एवं अपचयन (Oxidation & Reduction / Redox Reactions)—का अत्यंत विस्तृत और व्यावहारिक अध्ययन समाहित है। इसके साथ ही दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के दो अत्यंत महत्वपूर्ण दुष्प्रभावों—संक्षारण (Corrosion) एवं विकृतगंधिता (Rancidity) तथा उनकी रोकथाम के उपायों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया है। झारखंड बोर्ड (CBSE Class 10) विज्ञान की बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च आधारभूत महत्व रखता है। इसमें रासायनिक समीकरण संतुलित करने, अभिक्रियाओं की पहचान व उदाहरण, श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं, और संक्षारण व विकृतगंधिता पर लघु व दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

⚗️ क्या आपने कभी सोचा है: जब बिना बुझे चूने में साधारण ठंडा पानी मिलाया जाता है, तो वह बिना आग के ही उबलने क्यों लगता है?

दीपावली पर जब सफेदी (White-washing) करने के लिए बाजार से कंकड़ जैसा 'कली चूना' (Quicklime) खरीदकर मिट्टी या लोहे के मटके में डाला जाता है और उसमें ठंडा पानी उड़ेला जाता है, तो कुछ ही पलों में बर्तन भयानक रूप से खौलने लगता है! उसमें से इतनी तीव्र ऊष्मा और भाप निकलती है कि यदि कोई हाथ लगा दे तो त्वचा जल जाए!

बिना चूल्हे या गैस के यह पानी अपने आप कैसे खौल उठा? इसके पीछे कौन-सा अदृश्य जादू काम कर रहा था? यह कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का चमत्कार है—यह एक तीव्र ऊष्माक्षेपी संयोजन रासायनिक अभिक्रिया (Exothermic Combination Reaction) है!

इसी प्रकार, क्या कभी आपने विचार किया कि कटे हुए सेब को थोड़ी देर हवा में रखने पर वह भूरा क्यों हो जाता है? चिप्स के पैकेट में चिप्स कम और हवा (गैस) ज्यादा क्यों भरी होती है? और अंधेरे में चमकने वाले जुगनू के पेट में ऐसी कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया होती है जिससे बिना गर्म हुए रोशनी निकलती है? आइए, पदार्थों के परमाणुओं और अणुओं के इस जादुई संसार का सजीव साक्षात्कार करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में उच्च स्कोरिंग: CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में "रासायनिक समीकरण संतुलित करना (Hit and Trial Method)", "संयोजन बनाम वियोजन अभिक्रिया", "विस्थापन अभिक्रिया एवं सक्रियता श्रेणी", और "रेडॉक्स अभिक्रिया में उपचयित/अपचयित पदार्थ की पहचान" पर 5 से 8 अंक के प्रश्न शत-प्रतिशत निश्चित होते हैं।
  2. उच्चतर विज्ञान (Class 11 & 12) की नींव: ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा की संपूर्ण भौतिकी व रसायन विज्ञान (Inorganic & Physical Chemistry) का आधार रासायनिक सूत्रों, आयनों, संतुलन और ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के इन्हीं नियमों पर टिका है।
  3. दैनिक जीवन एवं स्वास्थ्य सुरक्षा: भोजन को खराब होने (विकृतगंधिता) से बचाना, लोहे के संक्षारण को रोकना, अग्निशामक यंत्रों की कार्यप्रणाली, और शरीर में श्वसन व पाचन क्रिया को समझना।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • परमाणु संरचना एवं संयोजकता (Valency): विभिन्न तत्वों (H, O, C, N, Na, Mg, Al, Fe, Cu, Zn आदि) के रासायनिक प्रतीक एवं उनकी संयोजकताएँ।
  • रासायनिक सूत्र निर्माण: धनायनों एवं ऋणायनों के संयोजन से यौगिकों के सूत्र बनाना (जैसे Na⁺ + Cl⁻ → NaCl, Ca²⁺ + 2OH⁻ → Ca(OH)₂)।
  • भौतिक बनाम रासायनिक परिवर्तन: भौतिक परिवर्तन में कोई नया पदार्थ नहीं बनता (उदा. बर्फ का पिघलना), जबकि रासायनिक परिवर्तन में नए रासायनिक बंध बनते हैं व नए पदार्थ का निर्माण होता है।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • रासायनिक परिवर्तन और रासायनिक अभिक्रिया के चार मुख्य प्रेक्षणों/लक्षणों की पहचान व व्याख्या कर सकेंगे।
  • द्रव्यमान संरक्षण के नियम के आधार पर किसी भी असंतुलित (ढांचा) रासायनिक समीकरण को चरणबद्ध संतुलित कर सकेंगे।
  • संयोजन, वियोजन (ऊष्मीय, प्रकाश-रासायनिक, विद्युत-अपघटनी), विस्थापन एवं द्वि-विस्थापन अभिक्रियाओं में अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • ऊष्माक्षेपी (Exothermic) एवं ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित परिभाषित कर सकेंगे (उदा. श्वसन एवं प्रकाश संश्लेषण)।
  • ऑक्सीकरण (उपचयन), अपचयन, उपचायक एवं अपचायक पदार्थों की पहचान रेडॉक्स अभिक्रियाओं में कर सकेंगे।
  • दैनिक जीवन में संक्षारण और विकृतगंधिता के कारणों, प्रभावों एवं उनके व्यावहारिक निवारण के उपायों का विश्लेषण कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. रासायनिक अभिक्रिया के लक्षण एवं...
2 2. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प...
3 3. विस्थापन एवं द्वि-विस्थापन अभिक्...
4 4. उपचयन एवं अपचयन: रेडॉक्स अभिक्रि...
5 5. दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. रासायनिक अभिक्रिया के लक्षण एवं संतुलित रासायनिक समीकरण

(क) रासायनिक अभिक्रिया के चार प्रमुख प्रेक्षण (लक्षण)

जब भी कोई रासायनिक अभिक्रिया संपन्न होती है, तो निम्नलिखित चार प्रेक्षणों में से कम से कम एक परिवर्तन अवश्य दृष्टिगोचर होता है:

  1. अवस्था में परिवर्तन (Change in State): जैसे हाइड्रोजन गैस ($H_2$) और ऑक्सीजन गैस ($O_2$) के परस्पर मिलने से द्रव जल ($H_2O$) बनता है।
  2. रंग में परिवर्तन (Change in Colour): जैसे लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट ($CuSO_4$) के विलयन में डालने पर विलयन का रंग हल्का हरा ($FeSO_4$) हो जाता है तथा कील पर भूरे रंग की कॉपर की परत चढ़ जाती है।
  3. गैस का निकास या उत्सर्जन (Evolution of a Gas): दानेदार जस्ते (Zinc) पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$) डालने पर हाइड्रोजन गैस ($H_2$) के बुलबुले निकलते हैं, जो पॉप (Pop) ध्वनि के साथ जलती है।
  4. तापमान में परिवर्तन (Change in Temperature): कली चूने (CaO) में जल मिलाने पर अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है और परखनली अत्यधिक गर्म हो जाती है।

(ख) रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): 18वीं शताब्दी में वैज्ञानिक एंटोनी लैवोजियर ने प्रतिपादित किया था कि "किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में न तो द्रव्यमान का सृजन होता है और न ही विनाश।"

अतः अभिक्रिया के पहले उपस्थित अभिकारकों का कुल द्रव्यमान अभिक्रिया के पश्चात बनने वाले उत्पादों के कुल द्रव्यमान के ठीक बराबर होना चाहिए। इसका गणितीय नियम यह है कि तीर के निशान ($\to$) के बाईं ओर (LHS) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दाईं ओर (RHS) के परमाणुओं की संख्या के पूर्णतः समान होनी चाहिए। जो समीकरण संतुलित नहीं होता, उसे कंकाली या ढांचा समीकरण (Skeletal Equation) कहते हैं।

पदार्थ की भौतिक अवस्था संकेत (Notation) उदाहरण
ठोस (Solid) (s) $Fe(s)$, $Zn(s)$, $CaCO_3(s)$
द्रव (Liquid) (l) $H_2O(l)$, $Br_2(l)$
गैस (Gas) (g) या ↑ $H_2(g)$, $O_2(g)$, $CO_2(g)$
जलीय विलयन (Aqueous) (aq) जल में घुला हुआ पदार्थ: $HCl(aq)$, $CuSO_4(aq)$
अवक्षेप (Precipitate) (ppt) या ↓ अघुलनशील ठोस उत्पाद: $BaSO_4(s)↓$ (सफेद अवक्षेप)

(ग) समीकरण संतुलन की चरणबद्ध विधि (Hit and Trial Method)

उदाहरण: भाप पर लोहे की अभिक्रिया: $Fe + H_2O \to Fe_3O_4 + H_2$

  • चरण 1: सूत्र के चारों ओर बॉक्स बना लें और बॉक्स के अंदर कोई परिवर्तन न करें।
  • चरण 2: दोनों ओर तत्वों के परमाणुओं की सूची बनाएं:
    • Fe: LHS = 1, RHS = 3
    • H: LHS = 2, RHS = 2
    • O: LHS = 1, RHS = 4
  • चरण 3: सबसे अधिक परमाणु वाले तत्व (ऑक्सीजन) को पहले संतुलित करें: LHS में $H_2O$ के आगे 4 लगाएं $\to 4H_2O$।
  • चरण 4: अब हाइड्रोजन को संतुलित करें: LHS में $4 imes 2 = 8$ हाइड्रोजन हैं, अतः RHS में $H_2$ के आगे 4 लगाएं $\to 4H_2$।
  • चरण 5: लोहे (Fe) को संतुलित करें: RHS में 3 Fe हैं, अतः LHS में Fe के आगे 3 लगाएं $\to 3Fe$।
  • संतुलित अंतिम समीकरण: $$3Fe(s) + 4H_2O(g) \to Fe_3O_4(s) + 4H_2(g)$$

2. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार: संयोजन एवं वियोजन

1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद (Single Product) का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।

सामान्य रूप: $A + B \to AB$

  • कोयले का दहन: $$C(s) + O_2(g) \to CO_2(g) + ext{ऊष्मा}$$
  • जल का निर्माण: $$2H_2(g) + O_2(g) \to 2H_2O(l)$$
  • कली चूने से बुझे चूने का निर्माण (अत्यधिक ऊष्माक्षेपी): जब बिना बुझे चूने (कैल्शियम ऑक्साइड) में जल डाला जाता है, तो भारी मात्रा में ऊष्मा के साथ बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) बनता है: $$CaO(s) + H_2O(l) \to Ca(OH)_2(aq) + ext{ऊष्मा}$$ दीवारों पर चमक का रहस्य: बुझे हुए चूने $Ca(OH)_2$ के विलयन से सफेदी करने पर हवा में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे क्रिया करके दीवारों पर दो-तीन दिन में कैल्शियम कार्बोनेट ($CaCO_3$) की पतली चमकदार परत बन जाती है: $$Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \to CaCO_3(s) + H_2O(l)$$
💡 ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी मुक्त होती है।
उदाहरण: प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन: $CH_4(g) + 2O_2(g) \to CO_2(g) + 2H_2O(g) + ext{ऊष्मा}$
श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है: हमारे द्वारा खाया गया कार्बोहाइड्रेट पचकर ग्लूकोज बनता है। कोशिकाओं में यह ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऊर्जा प्रदान करता है: $$C_6H_{12}O_6(aq) + 6O_2(aq) \to 6CO_2(aq) + 6H_2O(l) + ext{ऊर्जा (ATP)}$$

2. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एकल अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पादों में विभाजित हो जाता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है। यह संयोजन अभिक्रिया के ठीक विपरीत होती है।

सामान्य रूप: $AB \to A + B$

ऊर्जा के स्रोत के आधार पर वियोजन अभिक्रियाएँ तीन प्रकार की होती हैं:

प्रकार क्रियाविधि एवं ऊर्जा स्रोत संतुलित समीकरण एवं प्रेक्षण
(क) ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition) ऊष्मा (गर्म करने) के प्रभाव से अभिकारक का टूटना। 1. फेरस सल्फेट (हरे क्रिस्टल) को गर्म करने पर भूरा फेरिक ऑक्साइड व सल्फर की तीखी गंध वाली गैसें निकलती हैं:
$$2FeSO_4(s) \xrightarrow{\Delta} Fe_2O_3(s) + SO_2(g) + SO_3(g)$$
2. चूना पत्थर से कली चूना बनना:
$$CaCO_3(s) \xrightarrow{\Delta} CaO(s) + CO_2(g)$$
3. लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर भूरे रंग का धुआँ ($NO_2$) निकलता है:
$$2Pb(NO_3)_2(s) \xrightarrow{\Delta} 2PbO(s) + 4NO_2(g)↑ + O_2(g)↑$$
(ख) वैद्युत अपघटन (Electrolytic Decomposition) विद्युत धारा प्रवाहित करने पर अभिकारक का अपघटन। जल का वैद्युत अपघटन: अम्लीकृत जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर कैथोड पर $H_2$ गैस और एनोड पर $O_2$ गैस 2:1 के आयतन अनुपात में प्राप्त होती है:
$$2H_2O(l) \xrightarrow{ ext{विद्युत धारा}} 2H_2(g) + O_2(g)$$
(ग) प्रकाशीय वियोजन (Photochemical Decomposition) सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वियोजन। (श्याम-श्वेत फोटोग्राफी में उपयोग)। सफेद सिल्वर क्लोराइड धूप में धूसर (ग्रे) रंग का हो जाता है:
$$2AgCl(s) \xrightarrow{ ext{सूर्य का प्रकाश}} 2Ag(s) + Cl_2(g)$$
$$2AgBr(s) \xrightarrow{ ext{सूर्य का प्रकाश}} 2Ag(s) + Br_2(g)$$

3. विस्थापन एवं द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएँ

1. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके यौगिक (विलयन) से विस्थापित (हटा) कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

सामान्य रूप: $A + BC \to AC + B$ (जहाँ तत्व A, B से अधिक सक्रिय है)।

  • लोहे एवं कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया: जब लोहे की कील को नीले कॉपर सल्फेट विलयन में डुबोया जाता है, तो लोहा अधिक सक्रिय होने के कारण कॉपर को विस्थापित कर देता है: $$Fe(s) + CuSO_4(aq) ext{ (नीला)} \to FeSO_4(aq) ext{ (हल्का हरा)} + Cu(s) ext{ (भूरा लाल)}$$
  • जिंक एवं कॉपर सल्फेट: जिंक कॉपर से अधिक सक्रिय है, अतः रंगहीन जिंक सल्फेट बनता है: $$Zn(s) + CuSO_4(aq) \to ZnSO_4(aq) + Cu(s)$$
  • लेड एवं कॉपर क्लोराइड: $$Pb(s) + CuCl_2(aq) \to PbCl_2(aq) + Cu(s)$$
⚠️ सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) का नियम: यदि हम कॉपर की छड़ को फेरस सल्फेट ($FeSO_4$) के विलयन में डालें, तो कोई अभिक्रिया नहीं होगी, क्योंकि कॉपर लोहे की तुलना में कम क्रियाशील है ($Cu < Fe$)!

2. द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अभिकारकों के बीच आयनों का परस्पर आदान-प्रदान (Exchange of Ions) होता है, द्वि-विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

सामान्य रूप: $AB + CD \to AD + CB$

अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction): जब सोडियम सल्फेट के विलयन में बेरियम क्लोराइड का विलयन मिलाया जाता है, तो बेरियम सल्फेट ($BaSO_4$) का एक अघुलनशील सफेद अवक्षेप (White Precipitate) बनता है:

$$Na_2SO_4(aq) + BaCl_2(aq) \to BaSO_4(s)↓ + 2NaCl(aq)$$
  • यहाँ $Ba^{2+}$ आयन और $SO_4^{2-}$ आयन परस्पर जुड़कर सफेद अवक्षेप $BaSO_4$ बनाते हैं।
  • लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया (पीला अवक्षेप): $$Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \to PbI_2(s)↓ ext{ (पीला अवक्षेप)} + 2KNO_3(aq)$$

4. उपचयन एवं अपचयन: रेडॉक्स अभिक्रियाएँ (Redox Reactions)

(क) उपचयन एवं अपचयन की परिभाषा

प्रक्रिया ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक संकल्पना (आधुनिक)
उपचयन / ऑक्सीकरण (Oxidation) किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निष्कासन। इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना (Loss of electrons - $Na \to Na^+ + e^-$)।
अपचयन (Reduction) किसी पदार्थ में हाइड्रोजन का जुड़ना या ऑक्सीजन का निष्कासन। इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करना (Gain of electrons - $Cl + e^- \to Cl^-$)।

(ख) रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक उपचयित (Oxidised) होता है तथा दूसरा अभिकारक अपचयित (Reduced) होता है, उपचयन-अपचयन या रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।

सर्वप्रमुख बोर्ड परीक्षा उदाहरण 1:

$$CuO(s) + H_2(g) \xrightarrow{\Delta} Cu(s) + H_2O(l)$$
  • $CuO$ से ऑक्सीजन अलग होकर $Cu$ बनता है $\to$ CuO का अपचयन (Reduction) हुआ है।
  • $H_2$ में ऑक्सीजन जुड़कर $H_2O$ बनता है $\to$ $H_2$ का उपचयन (Oxidation) हुआ है।
  • उपचायक (Oxidising Agent): वह पदार्थ जो दूसरे का उपचयन करता है और स्वयं अपचयित होता है $\to$ यहाँ CuO उपचायक है।
  • अपचायक (Reducing Agent): वह पदार्थ जो दूसरे का अपचयन करता है और स्वयं उपचयित होता है $\to$ यहाँ $H_2$ अपचायक है।

उदाहरण 2:

$$ZnO(s) + C(s) \to Zn(s) + CO(g)$$
  • $ZnO$ अपचयित होकर $Zn$ बनता है।
  • कार्बन ($C$) उपचयित होकर कार्बन मोनोऑक्साइड ($CO$) बनता है।

उदाहरण 3:

$$MnO_2 + 4HCl \to MnCl_2 + 2H_2O + Cl_2$$
  • $HCl$ उपचयित होकर $Cl_2$ बनता है (हाइड्रोजन का निष्कासन)।
  • $MnO_2$ अपचयित होकर $MnCl_2$ बनता है (ऑक्सीजन का निष्कासन)।

5. दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के प्रभाव: संक्षारण एवं विकृतगंधिता

1. संक्षारण (Corrosion)

जब कोई धातु अपने आसपास अम्ल, आर्द्रता (नमी), वायु आदि के संपर्क में आती है, तो उसकी ऊपरी सतह धीरे-धीरे उपचयित होकर नष्ट होने लगती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।

  • लोहे पर जंग लगना (Rusting of Iron): लोहे को नम वायु में खुला छोड़ने पर उस पर लाल-भूरे रंग के चूर्ण की परत चढ़ जाती है, जिसे जंग कहते हैं। जंग का रासायनिक सूत्र जलयोजित फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3 \cdot xH_2O$) है: $$4Fe + 3O_2 + 2xH_2O \to 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O$$
  • तांबे पर संक्षारण: तांबा नम वायु में उपस्थित $CO_2$ से क्रिया करके हरे रंग की क्षारीय कॉपर कार्बोनेट [$CuCO_3 \cdot Cu(OH)_2$] की परत बनाता है।
  • चांदी का काला पड़ना: चांदी वायु में उपस्थित सल्फर (जैसे $H_2S$) से क्रिया करके काले रंग के सिल्वर सल्फाइड ($Ag_2S$) की परत बनाती है।
  • संक्षारण से हानियाँ: प्रतिवर्ष पुल, कार की बॉडी, जहाज, रेलवे लाइन और लोहे की बनी संरचनाएं नष्ट हो जाती हैं, जिससे अरबों रुपये की आर्थिक क्षति होती है।
  • संक्षारण से बचाव के उपाय:
    1. पेंट या वार्निश करके।
    2. तेल या ग्रीस की परत चढ़ाकर।
    3. यशदलेपन या गैल्वनीकरण (Galvanisation): लोहे एवं इस्पात को जंग से सुरक्षित रखने के लिए उन पर जस्ते (Zinc) की पतली परत चढ़ाने की विधि।
    4. विद्युतलेपन (Electroplating - क्रोमियम या टिन की परत चढ़ाना)।
    5. मिश्रधातु बनाकर (उदा. स्टेनलेस स्टील: लोहा + निकेल + क्रोमियम)।

2. विकृतगंधिता (Rancidity)

वसायुक्त अथवा तैलीय खाद्य सामग्री जब लंबे समय तक वायु (ऑक्सीजन) के संपर्क में रखी जाती है, तो वे उपचयित (Oxidised) हो जाते हैं। उपचयित होने पर उनके स्वाद और गंध में अप्रिय बदलाव आ जाता है। इस परिघटना को विकृतगंधिता कहते हैं।

  • रोकथाम के उपाय:
    1. प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना: BHA (ब्यूटाइलेटेड हाइड्रॉक्सीएनिसोल) तथा BHT जैसे पदार्थ खाद्य पदार्थों में मिलाए जाते हैं जो उपचयन की दर को धीमा कर देते हैं।
    2. अक्रिय गैस (नाइट्रोजन) भरना: चिप्स की थैली में से ऑक्सीजन गैस हटाकर उसमें नाइट्रोजन गैस ($N_2$) भरी जाती है, क्योंकि नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस है जो तैलीय चिप्स का उपचयन होने से रोकती है।
    3. वायुरोधी बर्तनों (Airtight Containers) में रखना: ऑक्सीजन से संपर्क कम होता है जिससे उपचयन धीमा हो जाता है।
    4. शीतलन (Refrigeration): भोजन को फ्रिज में कम तापमान पर रखने से रासायनिक उपचयन की गति अत्यंत मंद हो जाती है।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

मैग्नीशियम का दहन
2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s) + प्रकाश व ऊष्मा (चमकदार श्वेत ज्वाला)
कली चूने की जल से क्रिया
CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा (ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया)
दीवारों पर सफेदी चमक
Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l)
कोयले का दहन
C(s) + O₂(g) → CO₂(g) + ऊष्मा
प्राकृतिक गैस का दहन
CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g) + ऊष्मा
श्वसन रासायनिक समीकरण
C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) → 6CO₂(aq) + 6H₂O(l) + 38 ATP ऊर्जा
फेरस सल्फेट का ऊष्मीय वियोजन
2FeSO₄(s) —Δ→ Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)
चूना पत्थर का वियोजन
CaCO₃(s) —Δ→ CaO(s) + CO₂(g)
लेड नाइट्रेट का वियोजन
2Pb(NO₃)₂(s) —Δ→ 2PbO(s) + 4NO₂(g)↑ (भूरा धुआं) + O₂(g)↑
जल का वैद्युत अपघटन
2H₂O(l) —विद्युत धारा→ 2H₂(g) (कैथोड) + O₂(g) (एनोड)
सिल्वर क्लोराइड का प्रकाशीय वियोजन
2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g)
सिल्वर ब्रोमाइड (ब्लैक-व्हाइट फोटोग्राफी)
2AgBr(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br₂(g)
लोहे द्वारा कॉपर का विस्थापन
Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
जिंक द्वारा कॉपर का विस्थापन
Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
द्वि-विस्थापन (सफेद अवक्षेप)
Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s)↓ (सफेद) + 2NaCl(aq)
द्वि-विस्थापन (पीला अवक्षेप)
Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s)↓ (पीला) + 2KNO₃(aq)
रेडॉक्स अभिक्रिया (कॉपर ऑक्साइड + H₂)
CuO(s) + H₂(g) —Δ→ Cu(s) + H₂O(l)
लोहे पर जंग लगने का सूत्र
4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O (जलयोजित फेरिक ऑक्साइड)
तांबे पर हरी परत का सूत्र
CuCO₃·Cu(OH)₂ (क्षारीय कॉपर कार्बोनेट)
चांदी पर काली परत का सूत्र
Ag₂S (सिल्वर सल्फाइड)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रश्न 1 (अति लघु उत्तरीय - 1 अंक): मैग्नीशियम रिबन को वायु में जलाने से पहले रेगमाल (Sandpaper) से साफ क्यों किया जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
मैग्नीशियम एक अत्यंत क्रियाशील धातु है। नम वायु के संपर्क में रहने पर इसकी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक सफेद सुरक्षात्मक निष्क्रिय परत जम जाती है। यह परत मैग्नीशियम को ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में आने से रोकती है। अतः उसे जलाने से पहले रेगमाल से रगड़कर उस ऑक्साइड की परत को हटाया जाता है ताकि वह बिना किसी बाधा के आसानी से जल सके।
उदाहरण 2
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय - 2 अंक): श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) क्यों कहते हैं? रासायनिक समीकरण सहित समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। पाचन क्रिया के दौरान जटिल खाद्य पदार्थ सरल पदार्थों (जैसे ग्लूकोज) में टूट जाते हैं। श्वसन प्रक्रिया में यह ग्लूकोज हमारी शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्सीकृत होता है और भारी मात्रा में ऊर्जा (ATP के रूप में) मुक्त करता है। चूँकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा उत्सर्जित होती है, इसलिए श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।

संतुलित रासायनिक समीकरण:
$$C_6H_{12}O_6(aq) + 6O_2(aq) \to 6CO_2(aq) + 6H_2O(l) + ext{ऊर्जा (38 ATP)}$$
उदाहरण 3
प्रश्न 3 (लघु उत्तरीय - 3 अंक): निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:
(i) $HNO_3 + Ca(OH)_2 \to Ca(NO_3)_2 + H_2O$
(ii) $NaOH + H_2SO_4 \to Na_2SO_4 + H_2O$
(iii) $BaCl_2 + H_2SO_4 \to BaSO_4 + HCl$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
(i) $2HNO_3 + Ca(OH)_2 \to Ca(NO_3)_2 + 2H_2O$
संतुलन: दाईं ओर $NO_3$ के 2 मूलक हैं, अतः $HNO_3$ के आगे 2 लगाया गया। इसके बाद हाइड्रोजन को संतुलित करने के लिए दाईं ओर $H_2O$ के आगे 2 लगाया गया।

(ii) $2NaOH + H_2SO_4 \to Na_2SO_4 + 2H_2O$
संतुलन: दाईं ओर $Na_2SO_4$ में 2 सोडियम परमाणु हैं, अतः $NaOH$ के आगे 2 लगाया गया। हाइड्रोजन को संतुलित करने के लिए दाईं ओर $H_2O$ के आगे 2 लगाया गया।

(iii) $BaCl_2 + H_2SO_4 \to BaSO_4 + 2HCl$
संतुलन: बाईं ओर 2 क्लोरीन और 2 हाइड्रोजन परमाणु हैं, अतः दाईं ओर $HCl$ के आगे 2 लगाया गया।
उदाहरण 4
प्रश्न 4 (दीर्घ उत्तरीय - 5 अंक): वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? ऊष्मीय, प्रकाशीय और वैद्युत वियोजन के एक-एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
संयोजन बनाम वियोजन का सैद्धांतिक अंतर:
  • संयोजन अभिक्रिया: इसमें दो या दो से अधिक अभिकारक परस्पर जुड़कर एकल नया उत्पाद बनाते हैं ($A + B \to AB$)। इसमें सामान्यतः ऊर्जा मुक्त होती है (ऊष्माक्षेपी)।
  • वियोजन अभिक्रिया: इसमें एकल अभिकारक ऊर्जा अवशोषित करके टूटता है और दो या दो से अधिक सरल उत्पादों का निर्माण करता है ($AB \to A + B$)। इसमें बंधों को तोड़ने के लिए बाहर से ऊर्जा देनी पड़ती है (ऊष्माशोषी)।
अतः अभिकारकों और उत्पादों की संख्या तथा ऊर्जा के आदान-प्रदान की दृष्टि से वियोजन अभिक्रिया संयोजन के पूर्णतः विपरीत होती है।
वियोजन अभिक्रिया के तीन प्रकार एवं संतुलित समीकरण:
  1. ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition):
    चूना पत्थर (कैल्शियम कार्बोनेट) को गर्म करने पर वह कली चूना और कार्बन डाइऑक्साइड में वियोजित हो जाता है:
    $$CaCO_3(s) \xrightarrow{\Delta} CaO(s) + CO_2(g)$$
  2. प्रकाशीय वियोजन (Photochemical Decomposition):
    सूर्य के प्रकाश में सफेद सिल्वर क्लोराइड वियोजित होकर धूसर रंग का चांदी और क्लोरीन गैस बनाता है:
    $$2AgCl(s) \xrightarrow{ ext{सूर्य का प्रकाश}} 2Ag(s) + Cl_2(g)$$
  3. वैद्युत वियोजन (Electrolytic Decomposition):
    अम्लीकृत जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर वह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में अपघटित हो जाता है:
    $$2H_2O(l) \xrightarrow{ ext{विद्युत धारा}} 2H_2(g) + O_2(g)$$
उदाहरण 5
प्रश्न 5 (दीर्घ उत्तरीय - 5 अंक): रेडॉक्स अभिक्रिया क्या है? अभिक्रिया $CuO + H_2 \ o Cu + H_2O$ में (क) उपचयित पदार्थ, (ख) अपचयित पदार्थ, (ग) उपचायक और (घ) अपचायक की पहचान कीजिए। दैनिक जीवन में संक्षारण और विकृतगंधिता को समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction): वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन (ऑक्सीकरण) होता है और दूसरे अभिकारक का अपचयन होता है, उसे उपचयन-अपचयन या रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
अभिक्रिया का विश्लेषण: $CuO(s) + H_2(g) \xrightarrow{\Delta} Cu(s) + H_2O(l)$
  • (क) उपचयित पदार्थ (Substance Oxidised): $H_2$ (क्योंकि इसमें ऑक्सीजन का योग हुआ है और यह $H_2O$ बन गया है)।
  • (ख) अपचयित पदार्थ (Substance Reduced): $CuO$ (क्योंकि इससे ऑक्सीजन का निष्कासन हुआ है और यह $Cu$ बन गया है)।
  • (ग) उपचायक (Oxidising Agent): $CuO$ (क्योंकि इसने हाइड्रोजन को ऑक्सीजन प्रदान की)।
  • (घ) अपचायक (Reducing Agent): $H_2$ (क्योंकि इसने क्यूप्रिक ऑक्साइड से ऑक्सीजन को छीना/हटाया)।

दैनिक जीवन में उपचयन के प्रभाव:
  1. संक्षारण (Corrosion): जब धातुएं वायुमंडल की नमी, ऑक्सीजन और अम्लों से क्रिया करके धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। उदाहरण: लोहे पर जंग लगना ($Fe_2O_3 \cdot xH_2O$)। रोकथाम: गैल्वनीकरण (जस्ते की परत चढ़ाना), पेंट करना।
  2. विकृतगंधिता (Rancidity): तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक हवा में रहने पर उपचयित होकर अरुचिकर गंध और स्वाद देने लगते हैं। रोकथाम: चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरना, प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना और वायुरोधी डिब्बों में रखना।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समीकरण संतुलित करते समय यौगिक के सूत्र के पादांक (Subscript) को बदल देना (जैसे H₂O को H₂O₂ लिख देना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यह एक गंभीर वैज्ञानिक त्रुटि है। यौगिक का सूत्र (जैसे $H_2O$) कभी नहीं बदला जा सकता क्योंकि $H_2O_2$ जल नहीं बल्कि हाइड्रोजन पेरोक्साइड बन जाता है। संतुलन केवल सूत्र के आगे गुणांक (Coefficient) लगाकर ही किया जाता है (जैसे $2H_2O$)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जल के वैद्युत अपघटन में कैथोड और एनोड पर एकत्र होने वाली गैसों में भ्रमित होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

हमेशा याद रखें: कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर हाइड्रोजन ($H_2$) गैस एकत्र होती है, और एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) पर ऑक्सीजन ($O_2$) गैस। निकलने वाली गैसों का आयतन अनुपात $H_2 : O_2 = 2 : 1$ होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

संक्षारण और जंग (Rusting) को एक ही समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

संक्षारण एक व्यापक प्रक्रिया है जो सभी धातुओं (लोहा, तांबा, चांदी, एल्युमिनियम) में होती है। जंग लगना (Rusting) केवल लोहे के संक्षारण के लिए प्रयुक्त विशिष्ट शब्द है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

रेडॉक्स अभिक्रिया में उपचायक और अपचायक को उत्पादों में से चुन लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

उपचयित पदार्थ, अपचयित पदार्थ, उपचायक और अपचायक—ये चारों सदैव अभिकारकों (तीर के बाईं ओर) में से ही होते हैं, उत्पादों में से कभी नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चिप्स के पैकेट में भरी जाने वाली गैस को हीलियम या हाइड्रोजन समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

चिप्स के पैकेट में केवल नाइट्रोजन ($N_2$) गैस भरी जाती है क्योंकि यह वायुमंडल में प्रचुर, सस्ती, अज्वलनशील और कमरे के तापमान पर अत्यधिक अक्रिय गैस है जो तेल के उपचयन को रोकती है।

रासायनिक अभिक्रियाओं के 5 प्रकार: आणविक दृश्य एवं ऊर्जा वर्गीकरण

🧪 रासायनिक अभिक्रियाओं के मूलभूत प्रकार (Types of Chemical Reactions)

1. संयोजन (Combination)

A + B → AB
दो या अधिक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
उदा: CaO + H₂O → Ca(OH)₂

2. वियोजन (Decomposition)

AB → A + B
एक यौगिक टूटकर कई उत्पाद देता है।
उदा: CaCO₃ —Δ→ CaO + CO₂

3. विस्थापन (Displacement)

A + BC → AC + B
अधिक सक्रिय तत्व कम को हटाता है।
उदा: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu

4. द्वि-विस्थापन (Double Disp.)

AB + CD → AD + CB
आयनों का पारस्परिक आदान-प्रदान।
उदा: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl

⚡ ऊर्जा नियम: संयोजन प्रायः ऊष्माक्षेपी (ΔH < 0) तथा वियोजन सदैव ऊष्माशोषी (ΔH > 0) होता है।

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. रासायनिक अभिक्रिया में नए गुणधर्मों वाले पदार्थों का निर्माण होता है; इसमें अवस्था, रंग, गैस उत्सर्जन या तापमान में परिवर्तन होता है।
मुख्य बिंदु 2
  1. द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न निर्माण होता है और न विनाश; अतः समीकरण संतुलित करना अनिवार्य है।
मुख्य बिंदु 3
  1. संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद बनाते हैं (उदा. कली चूने में जल मिलना)।
मुख्य बिंदु 4
  1. वियोजन अभिक्रिया में एकल अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है; यह ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा द्वारा संपन्न होता है।
मुख्य बिंदु 5
  1. श्वसन एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रम है जिसमें ग्लूकोज ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा, CO₂ और जल बनाता है।
मुख्य बिंदु 6
  1. विस्थापन अभिक्रिया में अधिक सक्रिय धातु (जैसे Fe, Zn) कम सक्रिय धातु (जैसे Cu) को उसके जलीय लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।
मुख्य बिंदु 7
  1. द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में अभिकारकों के आयनों का आदान-प्रदान होता है; इसमें अक्सर एक अघुलनशील अवक्षेप बनता है (जैसे BaSO₄)।
मुख्य बिंदु 8
  1. उपचयन में ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का निष्कासन होता है; अपचयन में हाइड्रोजन का योग या ऑक्सीजन का निष्कासन होता है।
मुख्य बिंदु 9
  1. संक्षारण में नमी व वायु के प्रभाव से धातु की सतह नष्ट होती है (उदा. लोहे पर जंग $Fe_2O_3·xH_2O$); इसे गैल्वनीकरण, पेंट से रोका जाता है।
मुख्य बिंदु 10
  1. विकृतगंधिता में वसा व तेल का उपचयन होने से उनका स्वाद व गंध खराब हो जाती है; इसे नाइट्रोजन गैस व एंटीऑक्सीडेंट से रोका जाता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के नीले विलयन में 20 मिनट डुबोने पर विलयन के रंग में क्या परिवर्तन होता है और क्यों?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: विलयन का नीला रंग बदलकर हल्का हरा हो जाता है, क्योंकि लोहा (Fe) कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील होने के कारण कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर हरा फेरस सल्फेट (FeSO₄) बना देता है।
2
2. जल के विद्युत अपघटन में एनोड और कैथोड पर कौन-सी गैसें मुक्त होती हैं तथा उनका आयतन अनुपात क्या होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: कैथोड पर हाइड्रोजन (H₂) और एनोड पर ऑक्सीजन (O₂) गैस एकत्र होती है; इनका आयतन अनुपात 2:1 होता है।
3
3. तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को विकृतगंधिता से बचाने के लिए चिप्स के पैकेट में कौन-सी गैस प्रवाहित की जाती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नाइट्रोजन गैस (N₂), क्योंकि यह एक अक्रिय गैस है जो तेल व वसा का उपचयन होने से रोकती है।
4
4. यशदलेपन (गैल्वनीकरण) क्या है और इसका क्या महत्व है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: लोहे एवं इस्पात को जंग (संक्षारण) से सुरक्षित रखने के लिए उन पर जस्ते (Zinc) की पतली परत चढ़ाने की विधि को यशदलेपन कहते हैं।
5
5. निम्नलिखित अभिक्रिया में उपचयित एवं अपचयित पदार्थ का नाम लिखिए: ZnO + C → Zn + CO
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: उपचयित पदार्थ: कार्बन (C) [क्योंकि इसमें ऑक्सीजन जुड़कर CO बना]; अपचयित पदार्थ: जिंक ऑक्साइड (ZnO) [क्योंकि इससे ऑक्सीजन अलग होकर Zn बना]।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।