कार्निस का रहस्य: केशव के घर के कार्निस के ऊपर एक चिड़िया ने अंडे दिए थे। केशव और उसकी छोटी बहन श्यामा दोनों सवेरे आँखें मलते हुए कार्निस के सामने पहुँच जाते और चिड़ा-चिड़िया को वहाँ फुर्र से उड़ते देखते।
असंख्य बाल-सुलभ सवाल: बच्चों के मन में ढेरों सवाल उठते थे—अंडे कितने बड़े होंगे? किस रंग के होंगे? उनमें से बच्चे कैसे निकलेंगे? बच्चों के पर (पंख) कैसे निकलेंगे? घोंसला कैसा है? परंतु बाबूजी दफ्तर के काम में व्यस्त रहते थे और अम्माँजी को घर के कामकाज से फुर्सत नहीं थी, इसलिए दोनों बच्चे आपस में ही सवाल-जवाब करके अपने दिल को तसल्ली दे लिया करते थे।