राजप्पा का टिकट संग्रह: राजप्पा मधुमक्खी की तरह एक-एक टिकट जुटाता था। स्कूल छूटते ही वह टिकट जमा करने निकल पड़ता; कनाडा के टिकट के बदले फिनलैंड का टिकट लेता, मीलों पैदल चलता और चबेना खाने के पैसे बचाकर टिकट खरीदता था। उसका अलबम कक्षा में सबसे बड़ा और शानदार माना जाता था।
नागराजन का सिंगापुर वाला अलबम: नागराजन के अमीर मामा ने सिंगापुर से एक सुंदर, जिल्द-बंधा टिकट अलबम भेजा। उसके पहले पृष्ठ पर मोती जैसे अक्षरों में नाम लिखा था—"ए. एम. नागराजन" और नीचे एक चेतावनी लिखी थी कि इस अलबम को चुराने वाला बेशर्म है। अचानक पूरी कक्षा और लड़कियाँ नागराजन के अलबम पर टूट पड़ीं। राजप्पा के अलबम को अब सब 'कूड़ा' कहने लगे, जिससे राजप्पा मन ही मन बुरी तरह कुढ़ने लगा।