एक संख्या $r$ को परिमेय संख्या (Rational Number) कहा जाता है यदि इसे $\frac{p}{q}$ के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ $p$ और $q$ दोनों पूर्णांक (Integers) हैं और $q \ne 0$ है।
विशेष ध्यान देने योग्य तथ्य:
- शून्य (0) एक परिमेय संख्या है: क्योंकि इसे $0 = \frac{0}{1} = \frac{0}{5} = \frac{0}{-8}$ के रूप में लिखा जा सकता है (यहाँ $p=0, q=1 \ne 0$)।
- प्रत्येक प्राकृत संख्या, पूर्ण संख्या और पूर्णांक एक परिमेय संख्या है: किसी भी पूर्णांक $m$ को $m = \frac{m}{1}$ लिखा जा सकता है।
- तुल्य परिमेय संख्याएँ (Equivalent Rational Numbers): $\frac{1}{2} = \frac{2}{4} = \frac{10}{20} = \frac{25}{50}$। संख्या रेखा पर निरूपित करते समय हम सदैव सरलतम (मानक) रूप का चयन करते हैं, जहाँ $p$ और $q$ परस्पर सह-अभाज्य (Co-prime) होते हैं (अर्थात् $\text{HCF}(p, q) = 1$)।
किन्हीं दो भिन्न परिमेय संख्याओं $a$ और $b$ के बीच अनंत (Infinitely Many) परिमेय संख्याएँ स्थित होती हैं। इन्हें ज्ञात करने की दो प्रमुख विधियाँ हैं:
विधि 1: समान हर विधि (Common Denominator Method - तीव्र एवं अनुशंसित विधि)
यदि हमें $a$ और $b$ के बीच $n$ परिमेय संख्याएँ ज्ञात करनी हों, तो हम दोनों संख्याओं के अंश और हर में $(n+1)$ से गुणा करके हर को समान बनाते हैं।
उदाहरण: $3$ और $4$ के बीच $6$ परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
यहाँ $n = 6 \implies n+1 = 7$।
$$3 = \frac{3 \times 7}{1 \times 7} = \frac{21}{7}, \quad 4 = \frac{4 \times 7}{1 \times 7} = \frac{28}{7}$$
अतः $21/7$ और $28/7$ के बीच की 6 संख्याएँ होंगी:
$$\frac{22}{7}, \frac{23}{7}, \frac{24}{7}, \frac{25}{7}, \frac{26}{7}, \frac{27}{7}$$
विधि 2: माध्य विधि (Mean Method)
किन्हीं दो संख्याओं $a$ और $b$ के ठीक बीच की संख्या $\frac{a + b}{2}$ होती है। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराकर इच्छित संख्याएँ प्राप्त की जा सकती हैं।
वास्तविक संख्याओं के दशमलव प्रसार को मुख्यतः तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
| दशमलव प्रसार का प्रकार | गणितीय गुणधर्म | संख्या की प्रकृति | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| सांत (Terminating) | भाग देने पर शेषफल शून्य ($0$) हो जाता है। हर $q$ के अभाज्य गुणनखंड केवल $2^m \times 5^n$ रूप के होते हैं। | परिमेय संख्या ($\mathbb{Q}$) | $\frac{1}{2} = 0.5$, $\frac{7}{8} = 0.875$, $\frac{13}{25} = 0.52$ |
| अशांत आवर्ती (Non-terminating Recurring) | भाग देने पर शेषफल कभी शून्य नहीं होता, बल्कि अंकों का एक निश्चित खंड बार-बार दोहराता है। | परिमेय संख्या ($\mathbb{Q}$) | $\frac{1}{3} = 0.333\dots = 0.\bar{3}$, $\frac{1}{7} = 0.\overline{142857}$ |
| अशांत अनावर्ती (Non-terminating Non-recurring) | दशमलव प्रसार न तो कभी समाप्त होता है और न ही अंकों का कोई निश्चित खंड दोहराता है। | अपरिमेय संख्या (Irrational) | $\sqrt{2} = 1.41421356\dots$, $\pi = 3.14159265\dots$, $0.1010010001\dots$ |
गोल्डन नियम: एक संख्या परिमेय संख्या होती है यदि और केवल यदि उसका दशमलव प्रसार सांत हो अथवा अशांत आवर्ती हो!