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CBSE • कक्षा 9 • Mathematics • अध्याय 11
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

त्रिविमीय आकृतियों (3D Geometrical Shapes) के पृष्ठीय क्षेत्रफल और धारिता अथवा आयतन का मापन व्यावहारिक ज्यामिति और दैनिक जीवन की सबसे अनिवार्य शाखा है। कक्षा 9 गणित के संशोधित NCERT व CBSE बोर्ड पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से लम्ब वृत्तीय शंकु (Right Circular Cone), गोला (Sphere) और अर्धगोला (Hemisphere) के पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतनों का गहन गणितीय अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में विद्यार्थी सीखेंगे: लम्ब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area): $\text{CSA} = \pi r l$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area): $\text{TSA} = \pi r (l + r)$ तिर्यक ऊँचाई संबंध (Slant Height Relation): $l = \sqrt{r^2 + h^2}$ गोले एवं अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल: गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल: $4\pi r^2$ अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi r^2$ अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $3\pi r^2$ ठोसों का आयतन (Volume & Capacity): शंकु का आयतन: $\frac{1}{3}\pi r^2 h$ (समान आधार व ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक तिहाई) गोले का आयतन: $\frac{4}{3}\pi r^3$ अर्धगोले का आयतन: $\frac{2}{3}\pi r^3$ इकाइयों का रूपांतरण एवं अनुप्रयोग: $1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ L} = 10^6 \text{ cm}^3$ $1 \text{ L} = 1000 \text{ cm}^3$ तंबू निर्माण, कैनवास का क्षेत्रफल, आइसक्रीम कोन, वर्षा जल संचयन टंकी और धातुओं के पिघलने/पुनर्निर्माण वाले व्यावहारिक प्रश्न। झारखंड बोर्ड (CBSE Class 9) वार्षिक परीक्षा में इस अध्याय से 8 से 10 अंक के लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

दैनिक जीवन में 3D आकृतियों का जादू: तंबू, आइसक्रीम और अंतरिक्ष यान

कल्पना कीजिए कि आपके विद्यालय में एक स्काउट कैंप लगाया जा रहा है जिसमें 10 विद्यार्थियों के लिए एक शंक्वाकार तंबू (Conical Tent) बनाना है। प्रत्येक विद्यार्थी को जमीन पर 4 वर्ग मीटर जगह चाहिए और सांस लेने के लिए 20 घन मीटर हवा! आप दर्जी को कैनवास का कितना कपड़ा लाने को कहेंगे और तंबू की न्यूनतम ऊँचाई क्या होगी?

या सोचिए कि जब एक आइसक्रीम पार्लर में आपको 5 सेमी त्रिज्या वाली गोल स्कूप आइसक्रीम 5 सेमी त्रिज्या और 12 सेमी ऊँचाई वाले कोन में भरकर दी जाती है, तो क्या वह पिघलने पर कोन के अंदर समा जाएगी या बाहर छलक जाएगी?

यही वह गणितीय रहस्य है जिसका सटीक समाधान पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का विज्ञान प्रदान करता है! आर्किटेक्चर, पैकेजिंग इंडस्ट्री, रॉकेट नोजल डिजाइन और जल प्रबंधन—हर जगह इन्हीं सूत्रों का शासन चलता है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

  1. व्यावहारिक जीवन में अनुप्रयोग: घर की पुताई की लागत निकालने, पानी की टंकी की क्षमता तय करने, और अनाज के शंक्वाकार ढेर को ढकने के लिए तिरपाल का सही नाप निकालना।
  2. इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला की नींव: सिविल, मैकेनिकल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में ठोस वस्तुओं के द्रव्यमान, सतह तनाव और वायुगतिकीय (Aerodynamic) आकार की गणना इसी आधार पर होती है।
  3. कक्षा 10 की मजबूत आधारशिला: कक्षा 10 में ठोसों के संयोजन (Combination of Solids) और रूपांतरण को तभी हल किया जा सकता है जब कक्षा 9 के शंकु और गोले के बुनियादी सूत्र कंठस्थ हों।
  4. प्रतियोगी परीक्षाओं (CBSE Board, NTSE, NDA, SSC) में उच्च भारांक: ज्यामिति और क्षेत्रमिति का यह खंड परीक्षा में 100% स्कोरिंग माना जाता है क्योंकि सूत्र याद होने पर सिर्फ सटीक गणना करनी होती है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • वृत्त का क्षेत्रफल ($\pi r^2$) और परिधि ($2\pi r$) की बुनियादी समझ।
  • समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय ($h^2 + r^2 = l^2$) का अनुप्रयोग।
  • दशमलव और भिन्न वाली संख्याओं का तीव्र और सटीक गुणा एवं भाग।
  • $\pi$ का मान $\frac{22}{7}$ या $3.14$ आवश्यकतानुसार सटीक प्रयोग करने का अभ्यास।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • लम्ब वृत्तीय शंकु के शीर्ष (Vertex), आधार त्रिज्या ($r$), ऊर्ध्वाधर ऊँचाई ($h$) और तिर्यक ऊँचाई ($l$) में स्पष्ट अंतर करना और गणना करना।
  • शंकु के वक्र पृष्ठ और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्रों को निगमित करना और सटीक हल निकालना।
  • गोले और अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के प्रश्नों को बिना भ्रम के हल करना।
  • धारिता (Capacity in Litres) और आयतन (Volume in $\text{m}^3$ or $\text{cm}^3$) के बीच पारस्परिकता को समझना।
  • CBSE बोर्ड के पैटर्न के अनुसार चरणबद्ध हल (Step-by-step working) प्रस्तुत करना ताकि पूर्ण अंक प्राप्त हों।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. लम्ब वृत्तीय शंकु: संरचना, तिर्य...
2 2. गोला और अर्धगोला: ज्यामिति, पृष्...
3 3. लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन एवं धा...
4 4. गोले एवं अर्धगोले का आयतन
5 5. ठोसों का पिघलना और पुनर्गठन (Mel...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. लम्ब वृत्तीय शंकु: संरचना, तिर्यक ऊँचाई एवं पृष्ठीय क्षेत्रफल

लम्ब वृत्तीय शंकु क्या है?

यदि एक समकोण त्रिभुज $ABC$ को उसकी समकोण बनाने वाली एक भुजा (मान लीजिए ऊँचाई $h$) के परितः $360^\circ$ घुमाया जाए, तो जो त्रिविमीय आकृति बनती है, उसे लम्ब वृत्तीय शंकु (Right Circular Cone) कहते हैं।

  • आधार (Base): शंकु का आधार एक वृत्त होता है जिसकी त्रिज्या $r$ होती है।
  • शीर्ष (Vertex): शंकु का नुकीला सिरा शीर्ष कहलाता है।
  • ऊँचाई ($h$): शीर्ष से आधार के केंद्र पर लम्बवत दूरी।
  • तिर्यक ऊँचाई ($l$): शीर्ष से आधार की परिधि के किसी बिंदु तक की दूरी।

तिर्यक ऊँचाई का सूत्र (पाइथागोरस संबंध):

चूँकि अक्ष, त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं:

$$l^2 = r^2 + h^2 \implies l = \sqrt{r^2 + h^2}$$

इसी प्रकार:

$$h = \sqrt{l^2 - r^2} \quad \text{तथा} \quad r = \sqrt{l^2 - h^2}$$


शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area - CSA)

यदि किसी शंकु को उसकी तिर्यक ऊँचाई $l$ के अनुदिश काटकर समतल पर फैलाया जाए, तो वह त्रिज्या $l$ वाले एक वृत्त का त्रिज्यखंड (Sector) बनता है।

  • इस त्रिज्यखंड के चाप की लंबाई शंकु के वृत्तीय आधार की परिधि $2\pi r$ के बराबर होती है।
  • त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल $= \frac{1}{2} \times \text{चाप की लंबाई} \times \text{त्रिज्या} = \frac{1}{2} \times (2\pi r) \times l = \pi r l$

$$\mathbf{\text{CSA} = \pi r l}$$

शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area - TSA)

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में वक्र पृष्ठ के साथ आधार के वृत्त का क्षेत्रफल भी जुड़ जाता है:

$$\text{TSA} = \text{CSA} + \text{आधार का क्षेत्रफल} = \pi r l + \pi r^2 = \mathbf{\pi r (l + r)}$$

याद रखें: जब तक प्रश्न में स्पष्ट रूप से $\pi = 3.14$ न लिखा हो, तब तक सदैव $\pi = \frac{22}{7}$ का ही प्रयोग करें।

2. गोला और अर्धगोला: ज्यामिति, पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं गुणधर्म

गोला (Sphere)

गोला अंतरिक्ष (Space) में स्थित उन सभी बिंदुओं का समुच्चय है जो एक नियत बिंदु (केंद्र) से एक समान दूरी (त्रिज्या $r$) पर होते हैं। उदाहरण: क्रिकेट की गेंद, पृथ्वी का ग्लोब, संगमरमर की गोली।

  • गोले का कोई किनारा (Edge) या शीर्ष (Vertex) नहीं होता।
  • गोले की केवल एक वक्र सतह होती है, अतः इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल समान होता है।

गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area):

आर्किमिडीज ने सिद्ध किया था कि त्रिज्या $r$ वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल, उसी त्रिज्या वाले चार वृत्तों के क्षेत्रफल के योग के ठीक बराबर होता है!

$$\mathbf{\text{Surface Area of Sphere} = 4\pi r^2}$$


अर्धगोला (Hemisphere)

जब एक ठोस गोले को उसके केंद्र से गुजरने वाले तल द्वारा दो बराबर भागों में काटा जाता है, तो प्रत्येक आधा भाग अर्धगोला (Hemisphere) कहलाता है। उदाहरण: कटोरा, गुंबद।

अर्धगोले में दो प्रकार की सतहें होती हैं:

  1. वक्र पृष्ठ (Curved Surface): गोल उभरी हुई सतह।
  2. समतल वृत्तीय आधार (Flat Circular Base): जिसकी त्रिज्या $r$ होती है।

अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र:

  1. वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA):

$$\mathbf{\text{CSA of Hemisphere} = 2\pi r^2}$$

  1. कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) [ठोस अर्धगोले के लिए]:

$$\text{TSA} = \text{CSA} + \text{आधार वृत्त का क्षेत्रफल} = 2\pi r^2 + \pi r^2 = \mathbf{3\pi r^2}$$

  1. खोखला अर्धगोला (Hollow Hemisphere):
    • आंतरिक वक्र पृष्ठ $= 2\pi r_1^2$
    • बाह्य वक्र पृष्ठ $= 2\pi r_2^2$
    • रिम (वलय) का क्षेत्रफल $= \pi(r_2^2 - r_1^2)$
    • कुल क्षेत्रफल $= 2\pi r_2^2 + 2\pi r_1^2 + \pi(r_2^2 - r_1^2)$

3. लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन एवं धारिता

आयतन की अवधारणा (Concept of Volume)

किसी त्रिविमीय वस्तु द्वारा अंतरिक्ष में घेरे गए स्थान (Space) का माप उसका आयतन (Volume) कहलाता है। जब किसी खोखले बर्तन में द्रव या गैस भरी जाती है, तो उस बर्तन में समा सकने वाली अधिकतम मात्रा को उसकी धारिता (Capacity) कहते हैं।

शंकु और बेलन के आयतन में जादुई संबंध:

यदि समान आधार त्रिज्या $r$ और समान ऊँचाई $h$ का एक बेलन (Cylinder) और एक शंकु (Cone) लिया जाए, और शंकु को पानी या रेत से भरकर बेलन में उड़ेला जाए:

  • बेलन को पूरा भरने के लिए शंकु को ठीक 3 बार भरकर उड़ेलना पड़ता है!
  • अतः शंकु का आयतन, समान आधार व ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है:

$$\mathbf{\text{Volume of Cone} = \frac{1}{3}\pi r^2 h}$$

महत्वपूर्ण अंतर: क्षेत्रफल बनाम आयतन

  • पृष्ठीय क्षेत्रफल में तिर्यक ऊँचाई ($l$) की आवश्यकता होती है: $\text{CSA} = \pi r l$
  • आयतन की गणना में ऊर्ध्वाधर ऊँचाई ($h$) की आवश्यकता होती है: $V = \frac{1}{3}\pi r^2 h$
  • यदि प्रश्न में $r$ और $l$ दिए हों और आयतन निकालना हो, तो पहले $h = \sqrt{l^2 - r^2}$ ज्ञात करें!

धारिता एवं लीटर रूपांतरण (Unit Conversions):

  • $1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ Litres}$
  • $1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ Litre}$
  • $1 \text{ Litre} = 1000 \text{ mL}$
  • $1 \text{ m}^3 = 10^6 \text{ cm}^3$

4. गोले एवं अर्धगोले का आयतन

गोले का आयतन (Volume of Sphere)

त्रिज्या $r$ वाले एक ठोस गोले का आयतन निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया जाता है:

$$\mathbf{V_{\text{sphere}} = \frac{4}{3}\pi r^3}$$

  • यदि गोले का व्यास $d$ दिया हो, तो $r = \frac{d}{2}$ रखकर:

$$V = \frac{4}{3}\pi \left(\frac{d}{2}\right)^3 = \frac{\pi d^3}{6}$$

अर्धगोले का आयतन (Volume of Hemisphere)

अर्धगोले का आयतन पूरे गोले के आयतन का आधा होता है:

$$\mathbf{V_{\text{hemisphere}} = \frac{2}{3}\pi r^3}$$

खोखले गोले (गोलीय कोश - Spherical Shell) का आयतन:

यदि बाह्य त्रिज्या $R$ और आंतरिक त्रिज्या $r$ हो, तो प्रयुक्त धातु/पदार्थ का आयतन:

$$\mathbf{V_{\text{shell}} = \frac{4}{3}\pi (R^3 - r^3)}$$

द्रव्यमान और घनत्व संबंध (Physics Connection):

गणित के कई व्यावहारिक प्रश्नों में धातु की गेंद का भार पूछा जाता है:

$$\mathbf{\text{द्रव्यमान (Mass)} = \text{आयतन (Volume)} \times \text{घनत्व (Density)}}$$

उदाहरण: यदि लोहे का घनत्व $7.8 \text{ g/cm}^3$ है और आयतन $100 \text{ cm}^3$ है, तो भार $= 100 \times 7.8 = 780 \text{ g}$।

5. ठोसों का पिघलना और पुनर्गठन (Melting & Recasting Problems)

आयतन के संरक्षण का नियम (Conservation of Volume)

जब किसी ठोस वस्तु (जैसे मोम, धातु, मिट्टी) को पिघलाकर या नया रूप देकर किसी दूसरी आकृति में ढाला जाता है, तो सतह का क्षेत्रफल बदल जाता है लेकिन कुल आयतन अपरिवर्तित (Constant) रहता है।

$$\mathbf{\text{प्रारंभिक ठोस का कुल आयतन} = \text{नए बने ठोसों का कुल आयतन}}$$

गोलियों की संख्या ज्ञात करना:

यदि एक बड़े ठोस (आयतन $V_1$) को पिघलाकर $n$ छोटी एकसमान गोलियाँ (प्रत्येक का आयतन $V_2$) बनाई जाती हैं:

$$n \times V_2 = V_1 \implies \mathbf{n = \frac{V_1}{V_2} = \frac{\text{बड़े ठोस का आयतन}}{\text{एक छोटी गोली का आयतन}}}$$

पानी के स्तर में वृद्धि (Rise in Water Level):

जब किसी बेलनाकार या घनाभाकार बर्तन में कोई ठोस वस्तु (जैसे गोला या शंकु) डुबोई जाती है, तो विस्थापित पानी का आयतन उस ठोस वस्तु के आयतन के ठीक बराबर होता है:

$$\mathbf{\text{विस्थापित जल का आयतन} = \text{डूबी हुई वस्तु का आयतन}}$$

यदि बेलनाकार बर्तन में जल स्तर $H$ बढ़ता है:

$$\pi R^2 H = \frac{4}{3}\pi r^3$$

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

शंकु की तिर्यक ऊँचाई (Slant Height)
$$l = \sqrt{r^2 + h^2}$$
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Cone CSA)
$$\text{CSA} = \pi r l$$
शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Cone TSA)
$$\text{TSA} = \pi r (l + r)$$
शंकु का आयतन (Cone Volume)
$$V = \frac{1}{3}\pi r^2 h$$
गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल (Sphere Surface Area)
$$A = 4\pi r^2$$
गोले का आयतन (Sphere Volume)
$$V = \frac{4}{3}\pi r^3$$
अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Hemisphere CSA)
$$\text{CSA} = 2\pi r^2$$
ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Hemisphere TSA)
$$\text{TSA} = 3\pi r^2$$
अर्धगोले का आयतन (Hemisphere Volume)
$$V = \frac{2}{3}\pi r^3$$
आयतन और लीटर रूपांतरण (Capacity Conversion)
$$1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ L}, \quad 1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ L}$$

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक लम्ब वृत्तीय शंकु के आधार का व्यास 10.5 सेमी है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 10 सेमी है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = 22/7$ लें)
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया है:

  • आधार का व्यास $d = 10.5 \text{ cm}$
  • अतः त्रिज्या $r = \frac{10.5}{2} = \frac{21}{4} \text{ cm}$
  • तिर्यक ऊँचाई $l = 10 \text{ cm}$

सूत्र: शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) $= \pi r l$

गणना:

$$\text{CSA} = \frac{22}{7} \times \frac{21}{4} \times 10$$

$$= 22 \times \left(\frac{21}{7}\right) \times \frac{10}{4}$$

$$= 22 \times 3 \times 2.5$$

$$= 66 \times 2.5 = 165 \text{ cm}^2$$

उत्तर: शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $165 \text{ cm}^2$ है।

उदाहरण 2
शंकु के आकार का एक तंबू 10 मीटर ऊँचा है और उसके आधार की त्रिज्या 24 मीटर है। ज्ञात कीजिए: (i) तंबू की तिर्यक ऊँचाई (ii) तंबू में लगे कैनवास की लागत, यदि 1 वर्ग मीटर कैनवास की लागत ₹ 70 है।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया है:

  • तंबू की ऊँचाई $h = 10 \text{ m}$
  • आधार की त्रिज्या $r = 24 \text{ m}$
  • कैनवास की दर $= ₹ 70 / \text{m}^2$

(i) तिर्यक ऊँचाई ($l$) की गणना: पाइथागोरस प्रमेय से:

$$l = \sqrt{r^2 + h^2}$$

$$l = \sqrt{(24)^2 + (10)^2} = \sqrt{576 + 100} = \sqrt{676} = 26 \text{ m}$$

अतः तंबू की तिर्यक ऊँचाई $26 \text{ m}$ है।

(ii) कैनवास का क्षेत्रफल एवं लागत: चूँकि तंबू का फर्श खुला रहता है, केवल वक्र पृष्ठ पर कैनवास लगेगा:

$$\text{कैनवास का क्षेत्रफल (CSA)} = \pi r l = \frac{22}{7} \times 24 \times 26 \text{ m}^2$$

$$\text{कुल लागत} = \text{क्षेत्रफल} \times \text{दर}$$

$$\text{लागत} = \left(\frac{22}{7} \times 24 \times 26\right) \times 70$$

7 से 70 कट जाएगा (10 बार):

$$\text{लागत} = 22 \times 24 \times 26 \times 10$$

$$22 \times 24 = 528$$

$$528 \times 26 = 13728$$

$$13728 \times 10 = ₹ 1,37,280$$

उत्तर: तिर्यक ऊँचाई $26 \text{ m}$ तथा कैनवास की कुल लागत ₹ 1,37,280 है।

उदाहरण 3
त्रिज्या 7 सेमी वाले एक ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया है:

  • अर्धगोले की त्रिज्या $r = 7 \text{ cm}$

सूत्र: ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) $= 3\pi r^2$

गणना:

$$\text{TSA} = 3 \times \frac{22}{7} \times (7)^2$$

$$\text{TSA} = 3 \times \frac{22}{7} \times 49 = 3 \times 22 \times 7$$

$$\text{TSA} = 66 \times 7 = 462 \text{ cm}^2$$

उत्तर: ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $462 \text{ cm}^2$ है।

उदाहरण 4
एक लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन $9856 \text{ cm}^3$ है। यदि इसके आधार का व्यास 28 सेमी है, तो ज्ञात कीजिए: (i) शंकु की ऊँचाई (ii) शंकु की तिर्यक ऊँचाई (iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया है:

  • आयतन $V = 9856 \text{ cm}^3$
  • व्यास $d = 28 \text{ cm} \implies r = 14 \text{ cm}$

(i) शंकु की ऊँचाई ($h$):

$$V = \frac{1}{3}\pi r^2 h$$

$$9856 = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (14)^2 \times h$$

$$9856 = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 196 \times h$$

$$9856 = \frac{1}{3} \times 22 \times 28 \times h = \frac{616}{3} h$$

$$h = \frac{9856 \times 3}{616} = 16 \times 3 = 48 \text{ cm}$$

(ii) तिर्यक ऊँचाई ($l$):

$$l = \sqrt{r^2 + h^2} = \sqrt{14^2 + 48^2} = \sqrt{196 + 2304} = \sqrt{2500} = 50 \text{ cm}$$

(iii) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA):

$$\text{CSA} = \pi r l = \frac{22}{7} \times 14 \times 50 = 22 \times 2 \times 50 = 2200 \text{ cm}^2$$

उत्तर: ऊँचाई $= 48 \text{ cm}$, तिर्यक ऊँचाई $= 50 \text{ cm}$, CSA $= 2200 \text{ cm}^2$।

उदाहरण 5
एक गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल $154 \text{ cm}^2$ है।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1: त्रिज्या ($r$) ज्ञात करना: गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल $= 4\pi r^2 = 154$

$$4 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 154$$

$$\frac{88}{7} r^2 = 154$$

$$r^2 = \frac{154 \times 7}{88} = \frac{7 \times 7}{4} = \frac{49}{4}$$

$$r = \sqrt{\frac{49}{4}} = \frac{7}{2} = 3.5 \text{ cm}$$

चरण 2: गोले का आयतन ज्ञात करना:

$$V = \frac{4}{3}\pi r^3 = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{7}{2}\right)^3$$

$$V = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{343}{8}$$

$$V = \frac{4}{3} \times 22 \times \frac{49}{8} = \frac{1}{3} \times 11 \times 49 = \frac{539}{3} \approx 179.67 \text{ cm}^3$$

उत्तर: गोले का आयतन $\frac{539}{3} \text{ cm}^3$ (या $179.67 \text{ cm}^3$) है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

शंकु के आयतन और क्षेत्रफल में $h$ और $l$ की अदला-बदली कर देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

हमेशा याद रखें: वक्र पृष्ठ में तिर्यक ऊँचाई ($l$) का प्रयोग होता है ($\pi r l$) और आयतन में ऊर्ध्वाधर ऊँचाई ($h$) का प्रयोग होता है ($\frac{1}{3}\pi r^2 h$)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $2\pi r^2$ लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

ठोस अर्धगोले में वक्र पृष्ठ ($2\pi r^2$) के साथ समतल वृत्तीय ढक्कन ($\pi r^2$) भी जुड़ता है, अतः कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $3\pi r^2$ होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

व्यास ($d$) को सीधे सूत्र में त्रिज्या की जगह रख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

प्रश्न में दी गई माप को ध्यान से पढ़ें। यदि व्यास दिया है, तो पहले $r = d / 2$ निकालें, फिर सूत्र में मान रखें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लीटर और घन मीटर में रूपांतरण की गलती ($1 \text{ m}^3 = 100 \text{ L}$ मान लेना)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सटीक पैमाना याद रखें: $1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ L}$ और $1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ L}$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

शंक्वाकार तंबू के कैनवास में आधार का क्षेत्रफल भी जोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

तंबू का फर्श जमीन होती है जिस पर कैनवास का कपड़ा नहीं बिछाया जाता, इसलिए केवल वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) की गणना की जाती है।

शंकु, गोला एवं अर्धगोला के महत्वपूर्ण अंग एवं सूत्र सारांश

लम्ब वृत्तीय शंकु (Cone) h r l CSA = π r l TSA = π r (l + r) V = ⅓ π r² h गोला (Sphere) r Surface Area = 4π r² Volume = ⁴⁄₃ π r³ अर्धगोला (Hemisphere) r CSA = 2π r² TSA = 3π r² Volume = ⅔ π r³

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
लम्ब वृत्तीय शंकु में तिर्यक ऊँचाई $l = \sqrt{r^2 + h^2}$ होती है।
मुख्य बिंदु 2
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $\text{CSA} = \pi r l$ होता है।
मुख्य बिंदु 3
शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $\text{TSA} = \pi r(l + r)$ होता है।
मुख्य बिंदु 4
शंकु का आयतन समान आधार व ऊँचाई वाले बेलन का एक-तिहाई होता है: $V = \frac{1}{3}\pi r^2 h$।
मुख्य बिंदु 5
गोले का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल $4\pi r^2$ होता है।
मुख्य बिंदु 6
गोले का आयतन $V = \frac{4}{3}\pi r^3$ होता है।
मुख्य बिंदु 7
अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $2\pi r^2$ और ठोस अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $3\pi r^2$ होता है।
मुख्य बिंदु 8
अर्धगोले का आयतन $V = \frac{2}{3}\pi r^3$ होता है।
मुख्य बिंदु 9
जब किसी ठोस को पिघलाकर नए रूप में ढाला जाता है, तो आयतन अपरिवर्तित रहता है।
मुख्य बिंदु 10
धारिता मापन के मुख्य पैमाने: $1 \text{ m}^3 = 1000 \text{ L}$ और $1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ L}$।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
यदि किसी शंकु की त्रिज्या 3 सेमी और ऊँचाई 4 सेमी हो, तो उसकी तिर्यक ऊँचाई कितनी होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $l = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = \sqrt{25} = 5 \text{ cm}$।
2
त्रिज्या 7 सेमी वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\text{Area} = 4\pi r^2 = 4 \times \frac{22}{7} \times 49 = 4 \times 22 \times 7 = 616 \text{ cm}^2$।
3
एक लम्ब वृत्तीय शंकु और एक बेलन का आधार और ऊँचाई समान हैं। उनके आयतनों का अनुपात क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: अनुपात $= \frac{\text{शंकु का आयतन}}{\text{बेलन का आयतन}} = \frac{\frac{1}{3}\pi r^2 h}{\pi r^2 h} = \frac{1}{3} = 1 : 3$।
4
त्रिज्या 3.5 सेमी वाले अर्धगोलाकार कटोरे की अधिकतम धारिता (आयतन) क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $V = \frac{2}{3}\pi r^3 = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times (3.5)^3 = \frac{44}{21} \times 42.875 \approx 89.83 \text{ cm}^3$।
5
धातु के एक ठोस गोले को पिघलाकर तार बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में क्या स्थिर रहेगा: पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयतन?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:

इस प्रक्रिया में वस्तु का आयतन (Volume) सदैव स्थिर रहेगा, जबकि पृष्ठीय क्षेत्रफल बदल जाएगा।


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