भारतीय संविधान सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समान मानता है और किसी भी नागरिक के साथ धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान पर भेदभाव का निषेध करता है। परंतु यथार्थ में भारत का समाज घोर असमानताओं से ग्रस्त है:
| असमानता का क्षेत्र | जमीनी हकीकत | संबंधित जन-संघर्ष / आंदोलन |
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| स्वास्थ्य का बाजारीकरण | गरीब परिवारों को निजी अस्पतालों के भारी खर्च के लिए कर्ज लेना पड़ता है (हाकिम शेख मामला)। | स्वास्थ्य के अधिकार (अनुच्छेद 21) हेतु जन-स्वास्थ्य अभियान। |
| लिंग आधारित भेदभाव | महिलाओं के घरेलू काम का अमूल्यन और बालिकाओं की शिक्षा में बाधाएं। | महिला आंदोलन (घरेलू हिंसा कानून, विशाखा गाइडलाइन्स)। |
| जल व वन से विस्थापन | बड़े बांधों और खनन परियोजनाओं द्वारा आदिवासियों व वनवासियों का बेघर होना। | नर्मदा बचाओ आंदोलन एवं तवा मत्स्य संघ (TMS)। |