1.1 ऊर्जा बैंड की उत्पत्ति
जब करोड़ों परमाणु मिलकर ठोस क्रिस्टल बनाते हैं, तो पाउली अपवर्जन नियम के अनुसार निकटवर्ती परमाणुओं के अतिव्यापन के कारण विविक्त ऊर्जा स्तर विपाटित होकर सतत ऊर्जा पट्टियों में बदल जाते हैं जिन्हें ऊर्जा बैंड (Energy Bands) कहते हैं:
- संयोजकता बैंड (Valence Band - VB): संयोजी इलेक्ट्रॉनों से भरा निम्न ऊर्जा बैंड। यह पूर्णतः या आंशिक भरा होता है, कभी पूर्ण रिक्त नहीं होता।
- चालन बैंड (Conduction Band - CB): संयोजकता बैंड के ऊपर स्थित उच्च ऊर्जा बैंड। इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र होते हैं और विद्युत चालन करते हैं।
- वर्जित ऊर्जा अंतराल (Forbidden Energy Gap - $E_g$): CB और VB के मध्य का वह ऊर्जा अंतराल जिसमें कोई अनुमत ऊर्जा स्तर नहीं होता ($E_g = E_C - E_V$)।
1.2 ऊर्जा बैंड के आधार पर तुलना
| लक्षण | चालक (Conductors) | अर्धचालक (Semiconductors) | विद्युतरोधी (Insulators) |
|---|---|---|---|
| ऊर्जा अंतराल ($E_g$) | $\mathbf{E_g \approx 0}$ (CB व VB अतिव्याप्त) | संकीर्ण: $\mathbf{E_g < 3\text{ eV}}$ ($\text{Si} = 1.1\text{ eV}, \text{Ge} = 0.72\text{ eV}$) | अत्यधिक चौड़ा: $\mathbf{E_g > 3\text{ eV}}$ (हीरा: $E_g \approx 5.4\text{ eV}$) |
| चालन बैंड (CB) | इलेक्ट्रॉनों से प्रचुर भरा | $0\text{ K}$ पर पूर्ण रिक्त, कक्ष ताप पर आंशिक भरा | पूर्णतः रिक्त (कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं) |
| ताप का प्रभाव | ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध बढ़ता है ($\u0007lpha > 0$) | ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध घटता है (चालकता बढ़ती है, $\mathbf{\alpha < 0}$) | ताप का कोई विशेष प्रभाव नहीं |
| प्रतिरोधकता ($\rho$) | अत्यंत कम ($10^{-8} - 10^{-2}\text{ }\Omega\cdot\text{m}$) | मध्यम ($10^{-5} - 10^6\text{ }\Omega\cdot\text{m}$) | अत्यधिक उच्च ($10^{11} - 10^{19}\text{ }\Omega\cdot\text{m}$) |