(क) बल क्या है? संतुलित बनाम असंतुलित बल
किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (Push) या खिंचाव (Pull) को बल (Force) कहते हैं। बल किसी वस्तु की स्थिति, गति की दिशा अथवा आकार/आकृति में परिवर्तन कर सकता है या करने का प्रयास करता है। यह एक सदिश राशि है।
- संतुलित बल (Balanced Forces): जब किसी वस्तु पर एक साथ कई बल कार्य कर रहे हों और उनका परिणामी बल (Net Force) शून्य हो, तो उन्हें संतुलित बल कहते हैं। ये गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं ला सकते (केवल आकार बदल सकते हैं)।
- असंतुलित बल (Unbalanced Forces): जब किसी वस्तु पर लगने वाले बलों का परिणामी बल शून्य न हो, तो उन्हें असंतुलित बल कहते हैं। किसी स्थिर वस्तु को गति में लाने या उसकी चाल/दिशा बदलने के लिए सदैव एक असंतुलित बाह्य बल अनिवार्य होता है।
(ख) न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)
नियम का कथन: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्यरत न हो।"
वस्तुओं द्वारा अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की इस स्वाभाविक प्रवृत्ति को जड़त्व (Inertia) कहते हैं। इसीलिए प्रथम नियम को 'जड़त्व का नियम' भी कहा जाता है।
द्रव्यमान और जड़त्व का संबंध: किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान (Mass) पर निर्भर करता है। भारी वस्तु का जड़त्व अधिक तथा हल्की वस्तु का जड़त्व कम होता है। "द्रव्यमान किसी वस्तु के जड़त्व की प्राकृतिक माप है।"
| जड़त्व का प्रकार | दैनिक जीवन के प्रमुख वैज्ञानिक उदाहरण |
|---|---|
| 1. विराम का जड़त्व (Inertia of Rest) |
• अचानक बस के चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं (निचला भाग गतिशील हो जाता है किंतु ऊपरी शरीर विराम में रहना चाहता है)। • पेड़ की शाखा को जोर से हिलाने पर सूखे फल और पत्तियां टूटकर गिर पड़ते हैं। • दरी/कंबल को डंडे से पीटने पर धूल के कण बाहर निकल आते हैं। |
| 2. गति का जड़त्व (Inertia of Motion) |
• चलती बस में अचानक ब्रेक लगने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं (सीट बेल्ट इसी से जान बचाती है)। • चलती रेलगाड़ी से बाहर कूदने पर व्यक्ति आगे की ओर गिर पड़ता है। • लंबी कूद का एथलीट कूदने से पहले दूर से तेजी से दौड़कर आता है। |
| 3. दिशा का जड़त्व (Inertia of Direction) |
• तीव्र गति से मुड़ती कार में बैठे यात्री मोड़ के विपरीत बाहर की ओर झुक जाते हैं। • घूमते पहिये से उड़ने वाले कीचड़ के कण स्पर्शरेखीय दिशा में उड़ते हैं। |