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CBSE • कक्षा 9 • Science • अध्याय 8
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

बल तथा गति के नियम

पिछले अध्याय में हमने किसी वस्तु की सरल रेखा में गति, वेग और त्वरण का केवल वर्णनात्मक अध्ययन किया था, परंतु यह विचार नहीं किया था कि गति का कारण क्या है? किसी स्थिर वस्तु को गति में कौन लाता है? किसी गतिशील वस्तु को कौन रोकता है? और उसकी गति की दिशा को कौन मोड़ता है? इन सभी प्रश्नों का एकमात्र वैज्ञानिक उत्तर है—बल (Force)। सदियों तक दार्शनिकों में यह भ्रांति फैली रही कि किसी वस्तु को निरंतर गतिशील रखने के लिए लगातार बाह्य बल की आवश्यकता होती है। इस भ्रांति को सर्वप्रथम महान इतालवी वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीली (Galileo Galilei) ने अपने आनत तल (धालू तल / Inclined Plane) के ऐतिहासिक प्रयोगों द्वारा तोड़ा। उन्होंने सिद्ध किया कि जब तक किसी वस्तु पर कोई बाह्य असंतुलित बल न लगे, वस्तु अपनी गति की अवस्था में बिना रुके निरंतर चलती रहती है। गैलीलियो के इन्हीं विचारों को आधार बनाकर सर आइज़क न्यूटन ने 1687 में अपने अमर ग्रंथ 'प्रिंसिपिया' में गति के तीन सार्वभौमिक नियम प्रस्तुत किए। न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम / Law of Inertia) बताता है कि वस्तुएं अपनी अवस्था परिवर्तन का विरोध करती हैं तथा द्रव्यमान जड़त्व की माप है। द्वितीय गति नियम ($F = ma$) बल की माप प्रदान करता है और यह स्थापित करता है कि संवेग परिवर्तन की दर आरोपित बल के समानुपाती होती है। तृतीय गति नियम (क्रिया एवं प्रतिक्रिया का नियम) यह सिद्ध करता है कि बल सदैव युगलों (Pairs) में उत्पन्न होते हैं—प्रकृति में कोई भी एकल विलगित बल संभव नहीं है। इसके साथ ही ब्रह्मांड का सबसे मूलभूत संरक्षण नियम—'संवेग संरक्षण का सिद्धांत' ($m_1u_1 + m_2u_2 = m_1v_1 + m_2v_2$) रॉकेट प्रक्षेपण और बंदूक के प्रतिक्षेप जैसे अजूबों को गणितीय रूप से सिद्ध करता है। झारखंड बोर्ड (CBSE Class 9) परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च व्यावहारिक महत्व रखता है। गति के तीनों नियमों के कथन व उदाहरण, क्रिकेट खिलाड़ी द्वारा कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना, बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (Recoil Velocity) ज्ञात करना, तथा संवेग संरक्षण के आंकिक प्रश्न बोर्ड के सर्वाधिक पसंदीदा प्रश्न हैं।

🔫 जब एक 5 ग्राम की नन्हीं गोली 2 किलो की भारी बंदूक से निकलती है, तो बंदूक चलाने वाले का कंधा पीछे की ओर जोर से क्यों दहल उठता है?

ओलंपिक शूटिंग या सेना की फायरिंग रेंज में देखिए: जब एक सैनिक ट्रिगर दबाता है, तो मात्र कुछ ग्राम की छोटी सी गोली भयानक वेग से आगे निकलती है, परंतु उसी क्षण भारी राइफल चलाने वाले के कंधे पर पीछे की ओर एक जबरदस्त झटका (धक्का) मारती है! यदि सैनिक ने राइफल को कंधे से सटाकर मजबूती से न पकड़ा हो, तो उसका कंधा फ्रैक्चर तक हो सकता है!

गोली आगे गई, तो बंदूक पीछे क्यों भागी? और जब आप तेज रफ्तार से चलती हुई बस में खड़े होते हैं और ड्राइवर अचानक ब्रेक मार देता है, तो आप आगे की ओर क्यों गिर पड़ते हैं? बस के फर्श से तो आपके पैर जुड़े थे, फिर आपके ऊपरी शरीर को आगे की तरफ किस अदृश्य हाथ ने धक्का दिया?

यह कोई जादू नहीं, बल्कि न्यूटन के गति के नियमों और पदार्थ के जन्मजात गुण—जड़त्व (Inertia) का प्रत्यक्ष प्रमाण है! आइए, उस रहस्यमयी भौतिक शक्ति 'बल' और उसके तीनों शाश्वत नियमों की खोज करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

यह अध्याय आपकी शैक्षणिक यात्रा एवं जीवन के लिए क्यों निर्णायक है?

  1. CBSE बोर्ड परीक्षा में अचूक स्कोरिंग: $F = ma$ का निगमन (3 अंक), संवेग संरक्षण सिद्धांत का निगमन व संख्यात्मक प्रश्न (3-5 अंक), तथा जड़त्व के दैनिक उदाहरणों पर प्रश्न प्रतिवर्ष आते हैं।
  2. संपूर्ण Classical Mechanics की नींव: 11वीं कक्षा का 'Laws of Motion' (घर्षण बल, घिरनी तंत्र, संवेग संरक्षण, वृत्तीय गति में बल) पूरी तरह इसी अध्याय का गणितीय विस्तार है।
  3. दैनिक सुरक्षा एवं ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग: कारों में सीट बेल्ट (Seat Belt) का जीवन-रक्षक महत्व, एयरबैग की कार्यप्रणाली, और कराटे खिलाड़ी द्वारा एक ही झटके में बर्फ की सिल्ली तोड़ने का वैज्ञानिक रहस्य इसी अध्याय से स्पष्ट होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्रव्यमान (Mass) की माप (kg) एवं त्वरण (Acceleration) की अवधारणा ($m/s^2$)।
  • गति के तीन समीकरण ($v = u + at$, आदि)।
  • अदिश एवं सदिश राशियों का ज्ञान।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • संतुलित (Balanced) एवं असंतुलित (Unbalanced) बलों के बीच अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • गैलीलियो के प्रयोगों और न्यूटन के प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम) की व्याख्या कर सकेंगे।
  • जड़त्व के तीनों प्रकारों (विराम, गति एवं दिशा का जड़त्व) के दैनिक जीवन में उदाहरण दे सकेंगे।
  • संवेग ($p = mv$) की परिभाषा एवं इसके मात्रक ($kg \cdot m/s$) को समझ सकेंगे।
  • न्यूटन के द्वितीय गति नियम से बल के सूत्र ($F = ma$) का चरणबद्ध गणितीय निगमन कर सकेंगे।
  • न्यूटन के तृतीय गति नियम (क्रिया = -प्रतिक्रिया) के सिद्धांतों को बंदूक के प्रतिक्षेप व रॉकेट गति में लागू कर सकेंगे।
  • संवेग संरक्षण के नियम का निगमन कर सकेंगे तथा इसके संख्यात्मक प्रश्नों को हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. बल की अवधारणा एवं न्यूटन का प्रथ...
2 2. संवेग (Momentum) एवं न्यूटन का द...
3 3. न्यूटन का तृतीय गति नियम एवं संव...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. बल की अवधारणा एवं न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व)

(क) बल क्या है? संतुलित बनाम असंतुलित बल

किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (Push) या खिंचाव (Pull) को बल (Force) कहते हैं। बल किसी वस्तु की स्थिति, गति की दिशा अथवा आकार/आकृति में परिवर्तन कर सकता है या करने का प्रयास करता है। यह एक सदिश राशि है।

  • संतुलित बल (Balanced Forces): जब किसी वस्तु पर एक साथ कई बल कार्य कर रहे हों और उनका परिणामी बल (Net Force) शून्य हो, तो उन्हें संतुलित बल कहते हैं। ये गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं ला सकते (केवल आकार बदल सकते हैं)।
  • असंतुलित बल (Unbalanced Forces): जब किसी वस्तु पर लगने वाले बलों का परिणामी बल शून्य न हो, तो उन्हें असंतुलित बल कहते हैं। किसी स्थिर वस्तु को गति में लाने या उसकी चाल/दिशा बदलने के लिए सदैव एक असंतुलित बाह्य बल अनिवार्य होता है।

(ख) न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)

नियम का कथन: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्यरत न हो।"

वस्तुओं द्वारा अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की इस स्वाभाविक प्रवृत्ति को जड़त्व (Inertia) कहते हैं। इसीलिए प्रथम नियम को 'जड़त्व का नियम' भी कहा जाता है।

द्रव्यमान और जड़त्व का संबंध: किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान (Mass) पर निर्भर करता है। भारी वस्तु का जड़त्व अधिक तथा हल्की वस्तु का जड़त्व कम होता है। "द्रव्यमान किसी वस्तु के जड़त्व की प्राकृतिक माप है।"

जड़त्व का प्रकार दैनिक जीवन के प्रमुख वैज्ञानिक उदाहरण
1. विराम का जड़त्व (Inertia of Rest) • अचानक बस के चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं (निचला भाग गतिशील हो जाता है किंतु ऊपरी शरीर विराम में रहना चाहता है)।
• पेड़ की शाखा को जोर से हिलाने पर सूखे फल और पत्तियां टूटकर गिर पड़ते हैं।
• दरी/कंबल को डंडे से पीटने पर धूल के कण बाहर निकल आते हैं।
2. गति का जड़त्व (Inertia of Motion) • चलती बस में अचानक ब्रेक लगने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं (सीट बेल्ट इसी से जान बचाती है)।
• चलती रेलगाड़ी से बाहर कूदने पर व्यक्ति आगे की ओर गिर पड़ता है।
• लंबी कूद का एथलीट कूदने से पहले दूर से तेजी से दौड़कर आता है।
3. दिशा का जड़त्व (Inertia of Direction) • तीव्र गति से मुड़ती कार में बैठे यात्री मोड़ के विपरीत बाहर की ओर झुक जाते हैं।
• घूमते पहिये से उड़ने वाले कीचड़ के कण स्पर्शरेखीय दिशा में उड़ते हैं।

2. संवेग (Momentum) एवं न्यूटन का द्वितीय गति नियम ($F = ma$)

(क) संवेग (Momentum - $p$) की अवधारणा

किसी वस्तु के द्रव्यमान ($m$) तथा उसके वेग ($v$) के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग (Momentum) कहते हैं:

$$p = m imes v$$
  • संवेग एक सदिश राशि है। इसकी दिशा वही होती है जो वेग की दिशा होती है।
  • इसका SI मात्रक किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड ($ ext{kg}\cdot ext{m/s}$ या $ ext{kg m s}^{-1}$) होता है।
  • व्यावहारिक अर्थ: तेज गति से आती क्रिकेट की गेंद भारी प्रभाव डालती है, और बहुत कम द्रव्यमान वाली बंदूक की गोली भी अत्यधिक वेग के कारण घातक संवेग रखती है।

(ख) न्यूटन का द्वितीय गति नियम एवं $F = ma$ का निगमन

नियम का कथन: "किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर आरोपित असंतुलित बल के समानुपाती होती है तथा यह परिवर्तन उसी दिशा में होता है जिस दिशा में बल कार्यरत है।"

गणितीय निगमन (Mathematical Derivation):
मान लीजिए द्रव्यमान $m$ की एक वस्तु प्रारंभिक वेग $u$ से गतिमान है। उस पर एक नियत बल $F$, $t$ समय तक कार्य करता है, जिससे उसका अंतिम वेग $v$ हो जाता है।

$$ ext{प्रारंभिक संवेग } (p_1) = m imes u$$ $$ ext{अंतिम संवेग } (p_2) = m imes v$$ $$ ext{संवेग में परिवर्तन } (\Delta p) = p_2 - p_1 = m(v - u)$$ द्वितीय नियमानुसार, बल संवेग परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है: $$F \propto rac{p_2 - p_1}{t} \implies F \propto rac{m(v - u)}{t}$$ चूँकि त्वरण $a = rac{v - u}{t}$, अतः: $$F \propto m imes a \implies F = k \cdot m \cdot a$$ जहाँ $k$ एक आनुपातिकता स्थिरांक है। SI पद्धति में बल की इकाई को इस प्रकार परिभाषित किया गया है कि $k = 1$ हो। $$\mathbf{F = m imes a} \quad ( ext{बल} = ext{द्रव्यमान} imes ext{त्वरण})$$

बल का मात्रक: बल का SI मात्रक न्यूटन (Newton - N) है।
$$1 ext{ N} = 1 ext{ kg} imes 1 ext{ m/s}^2 = 1 ext{ kg m s}^{-2}$$ 1 न्यूटन की परिभाषा: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में $1 ext{ m/s}^2$ का त्वरण उत्पन्न कर दे।

द्वितीय नियम के दैनिक जीवन में अनुप्रयोग:
सूत्र $F = rac{\Delta p}{\Delta t}$ के अनुसार, संवेग परिवर्तन में जितना अधिक समय ($\Delta t$) लगेगा, आरोपित बल ($F$) उतना ही कम होगा!
  • क्रिकेट में कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना: हाथ पीछे खींचने से गेंद को रोकने का समय बढ़ जाता है, जिससे संवेग परिवर्तन की दर घट जाती है और खिलाड़ी की हथेलियों पर चोट बहुत कम लगती है।
  • ऊंची कूद में गद्दे या रेत का उपयोग: एथलीट के गद्दे पर गिरने पर दबने में समय बढ़ जाता है, जिससे बल कम हो जाता है और हड्डी टूटने से बच जाती है।

3. न्यूटन का तृतीय गति नियम एवं संवेग संरक्षण का सिद्धांत

(क) न्यूटन का तृतीय गति नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया नियम)

नियम का कथन: "प्रत्येक क्रिया के बराबर परंतु विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।"

$$\mathbf{F_{AB} = -F_{BA}}$$

तृतीय नियम के तीन महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर एक साथ कार्य करते हैं (यह कभी एक ही वस्तु पर नहीं लगते, इसलिए ये एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते)।
  2. दोनों बलों का परिमाण सदैव समान होता है, परंतु उनकी दिशाएं परस्पर विपरीत होती हैं।
  3. प्रकृति में एकल विलगित बल संभव नहीं है; बल सदैव युगलों में उत्पन्न होते हैं।

दैनिक जीवन के उदाहरण:

  • जमीन पर चलना: जब हम चलते हैं, तो अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धकेलते हैं (क्रिया)। इसके प्रत्युत्तर में जमीन हमारे पैरों पर आगे की ओर बराबर बल लगाती है (प्रतिक्रिया), जिससे हम आगे बढ़ते हैं।
  • बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil of Gun): जब गोली पर आगे की ओर बल लगता है (क्रिया), तो गोली भी बंदूक पर पीछे की ओर बराबर बल लगाती है (प्रतिक्रिया), जिससे बंदूक पीछे झटका मारती है।
  • रॉकेट का नोदन: रॉकेट के पिछले सिरे से तीव्र गति से गैसें नीचे निकलती हैं (क्रिया), जो रॉकेट को ऊपर की ओर तीव्र धक्का देती हैं (प्रतिक्रिया)।

(ख) संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)

नियम का कथन: "यदि दो या दो से अधिक वस्तुओं के निकाय पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल संवेग सदैव संरक्षित (अपरिवर्तित) रहता है।"

अर्थात, टक्कर से पहले का कुल संवेग = टक्कर के बाद का कुल संवेग:
$$\mathbf{m_1 u_1 + m_2 u_2 = m_1 v_1 + m_2 v_2}$$

बंदूक के प्रतिक्षेप वेग (Recoil Velocity - $V$) का सूत्र:
यदि बंदूक का द्रव्यमान $M$ तथा गोली का द्रव्यमान $m$ हो, और गोली का वेग $v$ हो:
टक्कर/फायरिंग से पूर्व कुल संवेग = 0
फायरिंग के पश्चात: $M V + m v = 0 \implies \mathbf{V = - rac{m \cdot v}{M}}$
(ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि बंदूक गोली की विपरीत दिशा में गति करेगी)।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

संवेग का सूत्र (Momentum)
p = m × v; मात्रक: kg·m/s (सदिश राशि)
न्यूटन का द्वितीय नियम (बल का सूत्र)
F = m × a = m(v - u)/t; मात्रक: न्यूटन (N = kg·m/s²)
1 न्यूटन बल की परिभाषा
1 N = 1 kg × 1 m/s²
संवेग संरक्षण का मौलिक समीकरण
m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ (बाह्य बल की अनुपस्थिति में)
बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (Recoil Velocity)
V = -(m × v) / M (जहाँ m = गोली द्रव्यमान, M = बंदूक द्रव्यमान)
संवेग परिवर्तन की दर
Δp / Δt = (p₂ - p₁) / t = F
आवेग (Impulse of Force)
I = F × t = Δp (संवेग में परिवर्तन)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
CBSE बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 2 kg द्रव्यमान की एक पिस्तौल से 20 g द्रव्यमान की एक गोली 150 m/s के क्षैतिज वेग से छोड़ी जाती है। पिस्तौल के पीछे हटने के प्रारंभिक वेग (प्रतिक्षेप वेग) का परिकलन कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: पिस्तौल का द्रव्यमान ($M$) = $2\text{ kg}$ गोली का द्रव्यमान ($m$) = $20\text{ g} = \frac{20}{1000}\text{ kg} = 0.02\text{ kg}$ गोली का प्रारंभिक वेग ($v$) = $+150\text{ m/s}$ पिस्तौल का प्रतिक्षेप वेग = $V$

गोली चलने से पूर्व पिस्तौल तथा गोली दोनों विरामावस्था में हैं: प्रारंभिक संवेग = 0

गोली चलने के पश्चात कुल संवेग:

$$\text{अंतिम संवेग} = M V + m v = (2 \times V) + (0.02 \times 150) = 2V + 3$$

संवेग संरक्षण के नियमानुसार:

$$\text{प्रारंभिक संवेग} = \text{अंतिम संवेग}$$

$$0 = 2V + 3 \implies 2V = -3 \implies V = -\frac{3}{2} = -1.5\text{ m/s}$$

ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि पिस्तौल गोली की दिशा के विपरीत पीछे की ओर हटेगी। अतः पिस्तौल का प्रतिक्षेप वेग $1.5\text{ m/s}$ पीछे की ओर होगा।

उदाहरण 2
CBSE बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 5 N का एक बल किसी द्रव्यमान $m_1$ को $10\text{ m/s}^2$ का त्वरण देता है तथा द्रव्यमान $m_2$ को $20\text{ m/s}^2$ का त्वरण देता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को एक साथ बांध दिया जाए, तो इस बल द्वारा क्या त्वरण उत्पन्न होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: बल ($F$) = $5\text{ N}$ त्वरण $a_1 = 10\text{ m/s}^2$, त्वरण $a_2 = 20\text{ m/s}^2$

चरण 1: दोनों द्रव्यमानों का मान ज्ञात करना ($m = F/a$):

$$m_1 = \frac{F}{a_1} = \frac{5}{10} = 0.5\text{ kg}$$

$$m_2 = \frac{F}{a_2} = \frac{5}{20} = 0.25\text{ kg}$$

चरण 2: संयुक्त द्रव्यमान ($M$):

$$M = m_1 + m_2 = 0.5 + 0.25 = 0.75\text{ kg}$$

चरण 3: संयुक्त द्रव्यमान पर त्वरण ($a$):

$$a = \frac{F}{M} = \frac{5\text{ N}}{0.75\text{ kg}} = \frac{500}{75} = \frac{20}{3} \approx 6.67\text{ m/s}^2$$

अतः दोनों द्रव्यमानों को एक साथ बांधने पर उत्पन्न त्वरण $6.67\text{ m/s}^2$ होगा।

उदाहरण 3
कारण स्पष्ट कीजिए (3 अंक): (a) किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियां क्यों झड़ जाती हैं? (b) जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे पर कूदता है, तो नाव पीछे की ओर क्यों खिसक जाती है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

(a) पत्तियों का झड़ना (विराम का जड़त्व): पेड़ की शाखा को हिलाने से पूर्व शाखा और पत्तियां दोनों विरामावस्था में होती हैं। जब शाखा को जोर से हिलाया जाता है, तो शाखा तुरंत गति में आ जाती है, परंतु पत्तियां अपने विराम के जड़त्व (Inertia of Rest) के कारण स्थिर बने रहने का प्रयास करती हैं। इस अचानक खिंचाव के कारण पत्तियों के डंठल टूट जाते हैं और वे नीचे गिर पड़ती हैं।

(b) नाव का पीछे खिसकना (न्यूटन का तृतीय गति नियम): जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे की ओर कूदता है, तो वह अपने पैरों से नाव पर पीछे की ओर बल लगाता है (क्रिया बल)। न्यूटन के तृतीय नियमानुसार, नाव भी व्यक्ति पर आगे की ओर उतना ही प्रतिक्रिया बल लगाती है जिससे व्यक्ति किनारे पर कूद पाता है। व्यक्ति द्वारा पीछे लगाए गए बल के कारण नाव पीछे की ओर खिसक जाती है।

उदाहरण 4
CBSE बोर्ड विश्लेषणात्मक प्रश्न (3 अंक): क्रिकेट खिलाड़ी कैच लेते समय अपने हाथों को पीछे की ओर क्यों खींचता है? न्यूटन के द्वितीय नियम से समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार आरोपित बल:

$$F = \frac{\text{संवेग परिवर्तन } (\Delta p)}{\text{समय } (\Delta t)}$$

  1. जब तीव्र गति से आती क्रिकेट गेंद को हाथों से रोका जाता है, तो उसका संवेग शून्य हो जाता है।
  2. यदि खिलाड़ी हाथों को स्थिर रखेगा, तो गेंद बहुत कम समय में रुक जाएगी ($\Delta t$ अत्यंत सूक्ष्म होगा), जिससे हाथों पर लगने वाला बल $F$ अत्यधिक विशाल होगा और खिलाड़ी की हथेली गंभीर रूप से चोटिल हो सकती है।
  3. हाथ पीछे खींचने से गेंद को रोकने का समय अंतराल ($\Delta t$) बढ़ जाता है, जिससे संवेग परिवर्तन की दर घट जाती है। अतः खिलाड़ी के हाथों पर बहुत कम बल लगता है और उसे चोट नहीं लगती।
उदाहरण 5
संख्यात्मक प्रश्न (2 अंक): 1000 kg द्रव्यमान की एक कार 72 km/h के वेग से चल रही है। ब्रेक लगाने पर 4 सेकंड में कार रुक जाती है। ब्रेक द्वारा आरोपित मंदक बल की गणना कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: कार का द्रव्यमान ($m$) = $1000\text{ kg}$ प्रारंभिक वेग ($u$) = $72\text{ km/h} = 72 \times \frac{5}{18} = 20\text{ m/s}$ अंतिम वेग ($v$) = $0\text{ m/s}$ (कार रुक जाती है) समय ($t$) = $4\text{ s}$

त्वरण ($a$) = $\frac{v - u}{t} = \frac{0 - 20}{4} = -5\text{ m/s}^2$

आरोपित बल ($F$) = $m \times a = 1000 \times (-5) = -5000\text{ N}$

अतः ब्रेक द्वारा लगाया गया मंदक बल $5000\text{ न्यूटन}$ गति के विपरीत दिशा में है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

क्रिया और प्रतिक्रिया को एक ही वस्तु पर कार्यरत मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर परस्पर विपरीत दिशाओं में लगते हैं। यदि ये एक ही वस्तु पर लगते तो एक-दूसरे को निरस्त कर देते और कोई गति संभव न होती।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

द्रव्यमान और भार को एक ही समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

द्रव्यमान पदार्थ की वास्तविक मात्रा है जो हर जगह अचर (Constant) रहती है। भार गुरुत्वीय बल है ($W = mg$) जो स्थान के साथ बदलता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

संवेग में दिशा का ध्यान न रखना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

संवेग सदिश राशि है। यदि आगे की दिशा धनात्मक ली है, तो पीछे की दिशा को अनिवार्य रूप से ऋणात्मक ($-$) लेना होगा (जैसे बंदूक के प्रतिक्षेप वेग में)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बल के मात्रक न्यूटन को केवल N लिखना भूलकर केवल kg लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

याद रखें: $1\text{ N} = 1\text{ kg}\cdot\text{m/s}^2$। बल का मात्रक सदैव न्यूटन (N) होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह सोचना कि भारी वस्तु का त्वरण अधिक होगा जब समान बल लगाया जाए।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सूत्र $a = F/m$ के अनुसार द्रव्यमान अधिक होने पर त्वरण कम होगा!

न्यूटन के गति के तीनों नियम एवं संवेग संरक्षण चार्ट (Three Laws of Motion)

न्यूटन के गति के तीन नियम एवं संवेग संरक्षण NCERT / CBSE Board Class 9 Science Chapter 8 प्रथम नियम: जड़त्व "अवस्था परिवर्तन का विरोध" जब तक बाह्य असंतुलित बल न लगे, अवस्था वही रहेगी द्रव्यमान = जड़त्व की माप दैनिक उदाहरण: • बस चलने/रुकने पर झटका • पेड़ हिलाने पर फल गिरना • सीट बेल्ट की सुरक्षा बल की परिभाषा मिलती है द्वितीय नियम: F = ma "संवेग परिवर्तन की दर" F = m × a F = (p₂ - p₁) / t 1 N = 1 kg·m/s² दैनिक उदाहरण: • क्रिकेट में हाथ पीछे खींचना • ऊंची कूद में गद्दा बिछाना • कराटे से सिल्ली तोड़ना बल का परिमाण मिलता है तृतीय नियम: क्रिया-प्रतिक्रिया "F_AB = - F_BA" बराबर परंतु विपरीत बल दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं कदापि निरस्त नहीं होते दैनिक उदाहरण: • बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil) • जमीन पर चलना / दौड़ना • रॉकेट का अंतरिक्ष में उड़ना बलों की प्रकृति मिलती है संवेग संरक्षण का नियम: m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ (टकराने से पूर्व कुल संवेग = टकराने के बाद कुल संवेग)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
बल वह बाह्य कारक है जो किसी वस्तु की स्थिति, गति की दिशा अथवा आकार में परिवर्तन करता है; मात्रक न्यूटन (N) है।
मुख्य बिंदु 2
संतुलित बलों का परिणामी बल शून्य होता है; गति की अवस्था में परिवर्तन केवल असंतुलित बलों द्वारा होता है।
मुख्य बिंदु 3
प्रथम नियम (जड़त्व का नियम): वस्तु अपनी गति या विराम की अवस्था का विरोध करती है; द्रव्यमान जड़त्व की प्राकृतिक माप है।
मुख्य बिंदु 4
संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v); इसका SI मात्रक kg·m/s है (सदिश राशि)।
मुख्य बिंदु 5
द्वितीय नियम: संवेग परिवर्तन की दर बल के समानुपाती होती है (F = ma); इससे बल का परिमाण प्राप्त होता है।
मुख्य बिंदु 6
तृतीय नियम: प्रत्येक क्रिया के बराबर परंतु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है (F_AB = -F_BA); ये दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं।
मुख्य बिंदु 7
संवेग संरक्षण का सिद्धांत: बाह्य बल की अनुपस्थिति में किसी निकाय का कुल संवेग सदैव अचर (संरक्षित) रहता है।
मुख्य बिंदु 8
बंदूक का प्रतिक्षेप वेग: V = -(m × v) / M होता है।
मुख्य बिंदु 9
क्रिकेट में कैच लेते समय हाथ पीछे खींचने से समय बढ़ता है, जिससे बल कम हो जाता है और चोट नहीं लगती।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
जड़त्व से क्या अभिप्राय है? यह किस भौतिक राशि पर निर्भर करता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: किसी वस्तु का वह प्राकृतिक गुण जिसके कारण वह अपनी विरामावस्था अथवा एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है। जड़त्व सीधे वस्तु के "द्रव्यमान" (Mass) पर निर्भर करता है।
2
1 न्यूटन बल की मानक परिभाषा लिखिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की किसी वस्तु में 1 मीटर प्रति सेकंड वर्ग (1 m/s²) का त्वरण उत्पन्न कर देता है (1 N = 1 kg·m/s²)।
3
चलती बस से अचानक उतरने पर व्यक्ति आगे की ओर क्यों गिर पड़ता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि जैसे ही पैर जमीन को छूते हैं, पैर तुरंत स्थिर हो जाते हैं, परंतु शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व (Inertia of Motion) के कारण आगे की दिशा में गतिशील बना रहना चाहता है।
4
रॉकेट किस भौतिक सिद्धांत पर कार्य करता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: रॉकेट न्यूटन के तृतीय गति नियम (क्रिया एवं प्रतिक्रिया) तथा "संवेग संरक्षण के सिद्धांत" पर कार्य करता है।
5
यदि किसी वस्तु पर लगने वाला नेट बाह्य बल शून्य हो, तो क्या वह गति कर सकती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: हाँ, न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार यदि वस्तु पहले से गतिमान थी, तो वह उसी नियत चाल और उसी दिशा में एकसमान वेग से अनंत काल तक गति करती रहेगी।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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