Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
CBSE • कक्षा 9 • Science • अध्याय 9
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)

ब्रह्मांड में उपस्थित प्रत्येक खगोलीय पिंड दूसरे पिंड को अपनी ओर निरंतर आकर्षित कर रहा है। सेब का पेड़ से टूटकर सदैव पृथ्वी की ओर गिरना, चंद्रमा का पृथ्वी के चारों ओर अपनी निश्चित कक्षा में परिक्रमा करना, सूर्य के चारों ओर सभी सौरमंडलीय ग्रहों का भ्रमण, तथा समुद्र में दैनिक ज्वार-भाटे (Tides) का उत्पन्न होना—ये सभी विस्मयकारी घटनाएं एक ही सार्वभौमिक अदृश्य आकर्षण बल द्वारा संचालित होती हैं, जिसे गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) कहा जाता है। 1687 में सर आइज़क न्यूटन ने खगोलीय प्रेक्षणों और केप्लर के ग्रहीय गति के नियमों का गहन विश्लेषण करके 'गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम' (Universal Law of Gravitation) प्रतिपादित किया। इस नियम के अनुसार ब्रह्मांड का प्रत्येक कण प्रत्येक दूसरे कण को एक ऐसे बल से आकर्षित करता है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इस अध्याय में हम सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G = 6.673 \times 10^{-11}\text{ N m}^2/\text{kg}^2$), पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण ($g = 9.8\text{ m/s}^2$) और $G$ तथा $g$ के मध्य स्पष्ट अंतर, मुक्त पतन (Free Fall), ऊँचाई और गहराई के साथ $g$ में परिवर्तन, चंद्रमा पर वस्तु का भार (पृथ्वी के भार का $1/6$ भाग), द्रव्यमान (Mass) बनाम भार (Weight) का सटीक भौतिक विभेद, तरल पदार्थों में प्रणोद (Thrust) एवं दाब (Pressure), उत्प्लावकता (Buoyancy), महान ग्रीक वैज्ञानिक आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes' Principle) तथा आपेक्षिक घनत्व (Relative Density) का सांगोपांग वैज्ञानिक व गणितीय विवेचन करेंगे। झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE Ranchi Class 9) बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला भौतिकी अध्याय है। $G$ और $g$ में अंतर, सिद्ध कीजिए कि चंद्रमा पर वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का $1/6$ होता है, मुक्त पतन की परिभाषा व आंकिक प्रश्न, तथा आर्किमिडीज सिद्धांत व लोहे की कील का डूबना बनाम पानी के जहाज का तैरने पर व्याख्यात्मक प्रश्न प्रतिवर्ष 100% पूछे जाते हैं।

🚢 लोहे की एक छोटी सी 5 ग्राम की कील पानी में डालते ही छपाक से डूब जाती है, परंतु 50,000 टन का लोहे का विशालकाय जहाज समुद्र पर शान से कैसे तैरता रहता है?

एक साधारण लोहे की आलपिन या कील लीजिए और उसे पानी से भरे गिलास में डालिए—वह पलक झपकते ही पेंदी में बैठ जाएगी। अब विचार कीजिए टाइटैनिक जैसे या आधुनिक युद्धपोत जैसे 50,000 से 1,00,000 टन वजनी फौलादी जहाजों का, जो पूरी तरह लाखों टन भारी लोहे और स्टील से बने होते हैं। यदि 5 ग्राम लोहा पानी में नहीं तैर सकता, तो 5 करोड़ किलोग्राम का लोहे का दैत्य पानी पर एक गेंद की तरह कैसे तैरता रहता है? वह डूबता क्यों नहीं? और जब आप पानी से भरी बाल्टी को कुएं के भीतर खींचते हैं, तो पानी के अंदर वह एकदम हल्की लगती है, परंतु जैसे ही वह पानी की सतह से बाहर हवा में आती है, अचानक भारी क्यों हो जाती है? इसका उत्तर छुपा है 2200 वर्ष पूर्व सिराक्यूज (ग्रीस) के वैज्ञानिक आर्किमिडीज द्वारा खोजे गए उस चमत्कारी नियम में, जिसे पाकर वे राजमहल की ओर "यूरेका! यूरेका!" (मैंने पा लिया!) चिल्लाते हुए दौड़े थे! आइए, गुरुत्वाकर्षण, उत्प्लावन और आर्किमिडीज के इस रोमांचक वैज्ञानिक सिद्धांत का अनावरण करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

यह अध्याय आपकी शैक्षणिक यात्रा एवं जीवन के लिए क्यों निर्णायक है?

  1. CBSE बोर्ड परीक्षा में अचूक स्कोरिंग: $G$ बनाम $g$ में अंतर (3 अंक), चंद्रमा पर भार $W_m = \frac{1}{6}W_e$ का सत्यापन (3 अंक), आर्किमिडीज सिद्धांत व उत्प्लावकता (3 अंक), तथा मुक्त पतन के संख्यात्मक प्रश्न बोर्ड परीक्षा का केंद्र बिंदु हैं।
  2. Class 11 Physics (Gravitation & Fluid Mechanics) का आधार: 11वीं कक्षा का 'Gravitation' (Escape Velocity, Orbital Speed, Kepler's Laws) और 'Mechanical Properties of Fluids' (पलावन के नियम, बर्नौली प्रमेय) इसी नींव पर खड़े हैं।
  3. एयरोस्पेस, नौपरिवहन एवं मौसम विज्ञान: कृत्रिम उपग्रहों (Satellites) का प्रक्षेपण, पनडुब्बियों (Submarines) का जल में उतरना व उभरना, तथा लैक्टोमीटर व हाइड्रोमीटर की कार्यप्रणाली का वैज्ञानिक आधार समझना।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्रव्यमान (kg) एवं भार (N) का व्यावहारिक अंतर।
  • न्यूटन का द्वितीय गति नियम ($F = ma$) एवं गति के तीन समीकरण।
  • घनत्व की परिभाषा (द्रव्यमान/आयतन)।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम का गणितीय व्यंजक ($F = G\frac{M m}{d^2}$) निगमित कर सकेंगे।
  • सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान, मात्रक एवं भौतिक महत्व स्पष्ट कर सकेंगे।
  • गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का सूत्र ($g = \frac{GM}{R^2}$) स्थापित कर पृथ्वी पर इसका मान ($9.8\text{ m/s}^2$) परिकलित कर सकेंगे।
  • सिद्ध कर सकेंगे कि चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का $1/6$ भाग होता है।
  • मुक्त पतन (Free Fall) की संकल्पना को समझकर ऊर्ध्वाधर गति के संख्यात्मक प्रश्नों को हल कर सकेंगे।
  • प्रणोद एवं दाब की परिभाषा देते हुए दैनिक जीवन में दाब के प्रभावों (जैसे सुई का तीखा सिरा, स्कूल बैग की चौड़ी पट्टी) का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • आर्किमिडीज के सिद्धांत का सत्यापन कर सकेंगे तथा आपेक्षिक घनत्व की गणना कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम...
2 2. गुरुत्वीय त्वरण ($g$), $G$ व $g$...
3 3. द्रव्यमान बनाम भार तथा चंद्रमा प...
4 4. प्रणोद, दाब, उत्प्लावकता एवं आर्...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम एवं गुरुत्वीय नियतांक ($G$)

(क) सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम

सर आइज़क न्यूटन के अनुसार: "विश्व का प्रत्येक पिंड प्रत्येक अन्य पिंड को एक आकर्षण बल से आकर्षित करता है, जो दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।"

गणितीय व्यंजक:
मान लीजिए द्रव्यमान $M$ तथा $m$ के दो पिंड एक-दूसरे से $d$ दूरी पर स्थित हैं:

$$F \propto M imes m \quad ext{तथा} \quad F \propto rac{1}{d^2}$$ दोनों को मिलाने पर: $$F \propto rac{M \cdot m}{d^2} \implies \mathbf{F = G rac{M \cdot m}{d^2}}$$ जहाँ $G$ एक आनुपातिकता स्थिरांक है, जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक (Universal Gravitational Constant) कहते हैं।

(ख) गुरुत्वीय नियतांक ($G$) का मान एवं SI मात्रक

$$G = rac{F \cdot d^2}{M \cdot m}$$
  • $G$ का SI मात्रक $ ext{N}\cdot ext{m}^2/ ext{kg}^2$ (न्यूटन-मीटर वर्ग प्रति किलोग्राम वर्ग या $ ext{N m}^2 ext{ kg}^{-2}$) होता है।
  • 1798 में हेनरी कैवेंडिश ने एक संवेदनशील तुला द्वारा $G$ का सर्वमान्य मान ज्ञात किया:
    $$\mathbf{G = 6.673 imes 10^{-11} ext{ N m}^2/ ext{kg}^2}$$
  • महत्व: $G$ का मान ब्रह्मांड के प्रत्येक स्थान पर, सभी पदार्थों के लिए तथा सभी परिस्थितियों में सदैव अचर (स्थिर) रहता है।

(ग) गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का महत्व

यह नियम कई ऐसी परिघटनाओं की सफल वैज्ञानिक व्याख्या करता है जो असंबंधित मानी जाती थीं:

  1. हमें पृथ्वी से बांधे रखने वाला बल।
  2. पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति।
  3. सूर्य के चारों ओर समस्त सौरमंडलीय ग्रहों की गति।
  4. चंद्रमा तथा सूर्य के आकर्षण के कारण समुद्र में आने वाले ज्वार-भाटा।

2. गुरुत्वीय त्वरण ($g$), $G$ व $g$ में अंतर तथा मुक्त पतन

(क) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का सूत्र एवं मान

जब कोई वस्तु पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में नीचे गिरती है, तो उसके वेग में होने वाले त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण (Acceleration due to Gravity - $g$) कहते हैं।

पृथ्वी का द्रव्यमान $M$ तथा त्रिज्या $R$ हो, तो सतह पर रखे $m$ द्रव्यमान पर लगने वाला बल:
$$F = G rac{M \cdot m}{R^2}$$ न्यूटन के द्वितीय नियम से, $F = m \cdot g$। अतः: $$m \cdot g = G rac{M \cdot m}{R^2} \implies \mathbf{g = rac{G \cdot M}{R^2}}$$

विशेष प्रेक्षण: गुरुत्वीय त्वरण ($g$) के सूत्र में वस्तु का द्रव्यमान ($m$) नहीं आता! इसका अर्थ है कि गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के द्रव्यमान, आकार या रूप पर निर्भर नहीं करता। निर्वात में भारी पत्थर और हल्का पंख दोनों को एक साथ गिराने पर दोनों ठीक एक साथ जमीन पर गिरेंगे (गैलीलियो का पीसा की मीनार का प्रयोग)।

पृथ्वी की सतह पर $g$ का परिकलन:
$G = 6.67 imes 10^{-11} ext{ N m}^2/ ext{kg}^2$, पृथ्वी का द्रव्यमान $M = 6 imes 10^{24} ext{ kg}$, पृथ्वी की त्रिज्या $R = 6.4 imes 10^6 ext{ m}$:
$$g = rac{6.67 imes 10^{-11} imes 6 imes 10^{24}}{(6.4 imes 10^6)^2} = \mathbf{9.8 ext{ m/s}^2}$$

(ख) $G$ (सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक) तथा $g$ (गुरुत्वीय त्वरण) में तुलना

तुलना का आधार सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक ($G$) गुरुत्वीय त्वरण ($g$)
परिभाषा एकांक दूरी पर स्थित एकांक द्रव्यमान के दो कणों के बीच का आकर्षण बल। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण स्वतंत्रतापूर्वक गिरती वस्तु में उत्पन्न त्वरण।
मान सदा स्थिर ($6.673 imes 10^{-11} ext{ N m}^2/ ext{kg}^2$)। स्थान बदलने पर बदलता है (पृथ्वी तल पर औसत $9.8 ext{ m/s}^2$)।
राशि की प्रकृति अदिश राशि (केवल परिमाण)। सदिश राशि (दिशा सदैव पृथ्वी के केंद्र की ओर)।
स्थान पर निर्भरता ब्रह्मांड के प्रत्येक स्थान पर पूर्णतः अपरिवर्तित। ध्रुवों पर अधिकतम, भूमध्य रेखा पर न्यूनतम, तथा पृथ्वी के केंद्र पर शून्य ($g=0$)।

(ग) मुक्त पतन (Free Fall) एवं गति के समीकरण

जब कोई वस्तु केवल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन गिरती है (हवा के प्रतिरोध को नगण्य मानते हुए), तो उसकी गति को मुक्त पतन कहते हैं।

गुरुत्वाकर्षण के अधीन गति के तीन संशोधित समीकरण:

  1. $$v = u + gt$$
  2. $$h = ut + rac{1}{2}gt^2$$
  3. $$v^2 = u^2 + 2gh$$

चिह्न परिपाटी: यदि वस्तु नीचे की ओर गिर रही है तो $g = +9.8 ext{ m/s}^2$ लेंगे; यदि वस्तु ऊपर की ओर फेंकी जा रही है तो गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध होने के कारण $g = -9.8 ext{ m/s}^2$ लेंगे और उच्चतम बिंदु पर अंतिम वेग $v = 0$ होगा।

3. द्रव्यमान बनाम भार तथा चंद्रमा पर वस्तु का भार

(क) द्रव्यमान (Mass) बनाम भार (Weight)

लक्षण / आधार द्रव्यमान (Mass - $m$) भार (Weight - $W$)
परिभाषा किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की वास्तविक मात्रा को द्रव्यमान कहते हैं। वह गुरुत्वीय बल जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है ($W = mg$)।
राशि की प्रकृति अदिश राशि (केवल परिमाण)। सदिश राशि (दिशा सदैव ऊर्ध्वाधर नीचे केंद्र की ओर)।
मान में परिवर्तन ब्रह्मांड में प्रत्येक स्थान पर सदैव स्थिर रहता है। स्थान के साथ $g$ बदलने पर बदलता रहता है।
शून्य होना द्रव्यमान कभी भी शून्य नहीं हो सकता ($m e 0$)। पृथ्वी के केंद्र पर या अंतरिक्ष में भार शून्य ($W = 0$) हो सकता है (भारहीनता)।
SI मात्रक किलोग्राम ($ ext{kg}$)। न्यूटन ($ ext{N}$)।
मापन यंत्र भौतिक तुला या दंड तुला (Beam Balance)। कमानीदार तुला (Spring Balance)।

(ख) सिद्ध कीजिए: चंद्रमा पर वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का $1/6$ होता है

माना वस्तु का द्रव्यमान $m$ है। चंद्रमा का द्रव्यमान $M_m = 7.36 imes 10^{22} ext{ kg}$, चंद्रमा की त्रिज्या $R_m = 1.74 imes 10^6 ext{ m}$।
पृथ्वी का द्रव्यमान $M_e = 5.98 imes 10^{24} ext{ kg}$, पृथ्वी की त्रिज्या $R_e = 6.37 imes 10^6 ext{ m}$।

चंद्रमा पर वस्तु का भार: $W_m = G rac{M_m \cdot m}{R_m^2}$
पृथ्वी पर वस्तु का भार: $W_e = G rac{M_e \cdot m}{R_e^2}$

$$ rac{W_m}{W_e} = rac{M_m}{M_e} imes \left( rac{R_e}{R_m} ight)^2$$ मान रखने पर: $$ rac{W_m}{W_e} = \left( rac{7.36 imes 10^{22}}{5.98 imes 10^{24}} ight) imes \left( rac{6.37 imes 10^6}{1.74 imes 10^6} ight)^2 \u0007pprox 0.01231 imes (3.661)^2 \u0007pprox 0.165 \u0007pprox \mathbf{ rac{1}{6}}$$ $$\mathbf{W_m = rac{1}{6} W_e}$$ अतः चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का लगभग छठा भाग ($1/6$) होता है। (यदि पृथ्वी पर आपका भार 60 N है, तो चंद्रमा पर कमानीदार तुला में केवल 10 N ही रहेगा!)

4. प्रणोद, दाब, उत्प्लावकता एवं आर्किमिडीज का सिद्धांत

(क) प्रणोद (Thrust) एवं दाब (Pressure)

  • प्रणोद (Thrust): किसी वस्तु की सतह पर लंबवत लगने वाले कुल बल को प्रणोद कहते हैं। इसका मात्रक न्यूटन (N) है।
  • दाब (Pressure): एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले प्रणोद को दाब कहते हैं:
    $$ ext{दाब } (P) = rac{ ext{प्रणोद } (F)}{ ext{क्षेत्रफल } (A)}$$ दाब का SI मात्रक $ ext{N/m}^2$ अथवा पास्कल (Pascal - Pa) है (ब्लेज पास्कल के सम्मान में)।
क्षेत्रफल और दाब का संबंध: सूत्र $P = F/A$ के अनुसार क्षेत्रफल ($A$) जितना कम होगा, दाब ($P$) उतना ही अधिक होगा!
  • चाकू की धार तेज क्यों होती है? धार तेज होने से संपर्क क्षेत्रफल बहुत कम हो जाता है, जिससे थोड़ा बल लगाने पर भी अत्यधिक उच्च दाब उत्पन्न होता है और फल/सब्जी आसानी से कट जाती है।
  • स्कूल बैग की पट्टियाँ चौड़ी क्यों होती हैं? चौड़ी पट्टी होने से कंधों पर संपर्क क्षेत्रफल बढ़ जाता है, जिससे भारी किताबों का दाब कम हो जाता है और कंधे में दर्द नहीं होता।
  • इमारतों की नींव चौड़ी क्यों बनाई जाती है? ताकि विशाल भवन का भार बड़े क्षेत्रफल पर वितरित होकर जमीन पर कम दाब डाले और इमारत धंसे नहीं।

(ख) उत्प्लावकता (Buoyancy) एवं उत्प्लावन बल

जब किसी वस्तु को किसी तरल (द्रव या गैस) में डुबोया जाता है, तो तरल उस वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है। इस ऊर्ध्वमुखी बल को उत्प्लावन बल (Buoyant Force / Upthrust) कहते हैं तथा तरल के इस गुण को उत्प्लावकता कहते हैं।

(ग) आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes' Principle)

सिद्धांत का कथन: "जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह ऊपर की दिशा में एक बल का अनुभव करती है, जो वस्तु द्वारा विस्थापित तरल के भार के ठीक बराबर होता है।"

$$\mathbf{ ext{उत्प्लावन बल } (F_B) = ext{विस्थापित द्रव का भार}}$$

वस्तुओं के तैरने या डूबने की वैज्ञानिक शर्तें:

  1. यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से अधिक हो ($d_{ ext{वस्तु}} > d_{ ext{द्रव}}$), तो वस्तु डूब जाएगी (उदा: लोहे की कील का घनत्व $7.8 ext{ g/cm}^3$ जल के घनत्व $1 ext{ g/cm}^3$ से अधिक है)।
  2. यदि वस्तु का औसत घनत्व द्रव के घनत्व से कम हो ($d_{ ext{वस्तु}} < d_{ ext{द्रव}}$), तो वस्तु तैरेगी। (लोहे का जहाज खोखला होता है, जिसके भीतर हवा भरी होने के कारण उसका औसत घनत्व जल से बहुत कम हो जाता है और वह अपने भार से अधिक जल विस्थापित करके तैरता रहता है)।

आपेक्षिक घनत्व (Relative Density):
किसी पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व उस पदार्थ के घनत्व और 4°C पर जल के घनत्व का अनुपात होता है:
$$ ext{आपेक्षिक घनत्व} = rac{ ext{पदार्थ का घनत्व}}{ ext{जल का घनत्व}}$$ (यह दो समान राशियों का अनुपात है, अतः इसका कोई मात्रक नहीं होता)।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम
F = G × (M × m) / d²
गुरुत्वीय नियतांक का मान (G)
G = 6.673 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²
गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र (g)
g = GM / R² (पृथ्वी सतह पर g = 9.8 m/s²)
चंद्रमा पर वस्तु का भार
$$W_m = (1/6) × W_e$$
भार का सूत्र (Weight)
W = m × g; मात्रक: न्यूटन (N)
प्रणोद एवं दाब का सूत्र
P = F / A (दाब = प्रणोद / क्षेत्रफल); मात्रक: N/m² = पास्कल (Pa)
आर्किमिडीज का सिद्धांत
उत्प्लावन बल (F_B) = विस्थापित तरल का भार = V × ρ × g
आपेक्षिक घनत्व सूत्र
पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (मात्रकहीन)
मुक्त पतन समीकरण 1
v = u + gt
मुक्त पतन समीकरण 2
h = ut + (1/2)gt²
मुक्त पतन समीकरण 3
v² = u² + 2gh

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
CBSE बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): एक वस्तु का द्रव्यमान 10 kg है। पृथ्वी पर इसका भार क्या होगा? चंद्रमा पर इसका द्रव्यमान एवं भार क्या होगा? (g = 9.8 m/s²)
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: वस्तु का द्रव्यमान ($m$) = $10\text{ kg}$

  1. पृथ्वी पर भार ($W_e$):

$$W_e = m \times g_e = 10\text{ kg} \times 9.8\text{ m/s}^2 = 98\text{ N}$$

  1. चंद्रमा पर द्रव्यमान: चूँकि द्रव्यमान पदार्थ की मूल मात्रा है और ब्रह्मांड में प्रत्येक स्थान पर अचर रहता है, अतः चंद्रमा पर भी वस्तु का द्रव्यमान $10\text{ kg}$ ही रहेगा।

  2. चंद्रमा पर भार ($W_m$):

$$W_m = \frac{1}{6} \times W_e = \frac{98}{6} \approx 16.33\text{ N}$$

(अथवा $W_m = m \times g_m = 10 \times 1.633 = 16.33\text{ N}$)।

अतः पृथ्वी पर भार $98\text{ N}$, चंद्रमा पर द्रव्यमान $10\text{ kg}$ तथा चंद्रमा पर भार $16.33\text{ N}$ होगा।

उदाहरण 2
CBSE बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): एक गेंद को ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 49 m/s के वेग से फेंका जाता है। परिकलन कीजिए: (a) गेंद द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई तथा (b) पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लगा कुल समय। (g = 9.8 m/s²)
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: प्रारंभिक वेग ($u$) = $49\text{ m/s}$ उच्चतम बिंदु पर अंतिम वेग ($v$) = $0\text{ m/s}$ ऊपर जाने के कारण गुरुत्वीय त्वरण ($g$) = $-9.8\text{ m/s}^2$

(a) अधिकतम ऊँचाई ($h$): गति के तृतीय समीकरण से:

$$v^2 = u^2 + 2gh$$

$$0^2 = (49)^2 + 2(-9.8)h$$

$$0 = 2401 - 19.6h \implies 19.6h = 2401$$

$$h = \frac{2401}{19.6} = 122.5\text{ m}$$

अतः अधिकतम ऊँचाई $122.5\text{ मीटर}$ है।

(b) ऊपर जाने में लगा समय ($t$):

$$v = u + gt \implies 0 = 49 - 9.8t \implies 9.8t = 49 \implies t = 5\text{ सेकंड}$$

जितना समय ऊपर जाने में लगता है, उतना ही समय नीचे आने में लगता है: कुल समय = $2 \times t = 2 \times 5 = 10\text{ सेकंड}$

अतः गेंद को पृथ्वी पर वापस लौटने में कुल $10\text{ सेकंड}$ लगेंगे।

उदाहरण 3
CBSE बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): चांदी का आपेक्षिक घनत्व 10.8 है। पानी का घनत्व $10^3\text{ kg/m}^3$ है। SI मात्रक में चांदी का घनत्व क्या होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: चांदी का आपेक्षिक घनत्व = $10.8$ पानी का घनत्व = $10^3\text{ kg/m}^3 = 1000\text{ kg/m}^3$

सूत्र:

$$\text{आपेक्षिक घनत्व} = \frac{\text{चांदी का घनत्व}}{\text{पानी का घनत्व}}$$

$$\text{चांदी का घनत्व} = \text{आपेक्षिक घनत्व} \times \text{पानी का घनत्व}$$

$$\text{चांदी का घनत्व} = 10.8 \times 10^3\text{ kg/m}^3 = 10,800\text{ kg/m}^3$$

अतः SI मात्रक में चांदी का घनत्व $1.08 \times 10^4\text{ kg/m}^3$ (या $10,800\text{ kg/m}^3$) है।

उदाहरण 4
विभेदन कीजिए (3 अंक): गुरुत्वीय त्वरण ($g$) और गुरुत्वीय नियतांक ($G$) में कोई तीन प्रमुख अंतर लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
  1. $G$ सार्वत्रिक नियतांक है जिसका मान पूरे ब्रह्मांड में स्थिर ($6.673 \times 10^{-11}\text{ N m}^2/\text{kg}^2$) रहता है; जबकि $g$ गुरुत्वीय त्वरण है जिसका मान स्थान बदलने पर बदलता है (पृथ्वी पर $9.8\text{ m/s}^2$)।
  2. $G$ एक अदिश राशि है, जबकि $g$ एक सदिश राशि है जिसकी दिशा पृथ्वी के केंद्र की ओर होती है।
  3. $G$ का मात्रक $\text{N m}^2/\text{kg}^2$ है, जबकि $g$ का मात्रक $\text{m/s}^2$ है।
उदाहरण 5
कारण बताइए (2 अंक): पानी की सतह पर रखने पर लोहे की कील डूब जाती है, जबकि लोहे का बना विशाल जहाज तैरता रहता है। क्यों?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार:

  1. लोहे की ठोस कील का आयतन बहुत कम होता है, अतः वह अपने भार की तुलना में बहुत कम जल विस्थापित करती है (उत्प्लावन बल < कील का भार), जिससे वह तुरंत डूब जाती है।
  2. लोहे का जहाज खोखला बनाया जाता है और उसका आकार इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि वह पानी में उतरने पर अपने कुल विशाल भार के बराबर या उससे अधिक भारी मात्रा में जल विस्थापित कर देता है। उत्पन्न विशाल उत्प्लावन बल जहाज के भार को संतुलित कर लेता है, जिससे वह सुरक्षित तैरता रहता है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

द्रव्यमान का मात्रक न्यूटन और भार का मात्रक किलोग्राम लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

द्रव्यमान का मात्रक सदैव किलोग्राम (kg) होता है। भार एक बल है, अतः भार का SI मात्रक सदैव न्यूटन (N) होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चंद्रमा पर जाने पर द्रव्यमान को भी 1/6 कर देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सावधान! चंद्रमा पर केवल "भार" 1/6 होता है, "द्रव्यमान" कभी नहीं बदलता। 60 kg का व्यक्ति चंद्रमा पर भी 60 kg का ही रहेगा, केवल भार 588 N से घटकर 98 N रह जाएगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऊपर फेंकी गई वस्तु के लिए g का मान धनात्मक (+9.8) रख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जब वस्तु ऊपर फेंकी जाती है, तो गति गुरुत्वाकर्षण के विपरीत होती है, अतः त्वरण सदैव ऋणात्मक ($g = -9.8\text{ m/s}^2$) लेना चाहिए।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

G और g को एक ही मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कैपिटल G सार्वत्रिक नियतांक है ($6.67 \times 10^{-11}$), जबकि स्माल g गुरुत्वीय त्वरण है ($9.8\text{ m/s}^2$)। दोनों का भौतिक अर्थ और मात्रक पूर्णतः भिन्न है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आपेक्षिक घनत्व का मात्रक kg/m³ लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

आपेक्षिक घनत्व दो समान घनत्वों का अनुपात है, अतः यह पूर्णतः मात्रकहीन (Unitless) और विमाहीन राशि है।

सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम एवं भार बनाम द्रव्यमान आरेख (Gravitation & Weight Map)

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम एवं उत्प्लावकता NCERT / CBSE Board Class 9 Science Chapter 9 सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम M m दूरी (d) F = G (M·m)/d² पृथ्वी बनाम चंद्रमा पर भार पृथ्वी (Earth) W_e = 600 N (g = 9.8 m/s²) चंद्रमा W_m = 100 N (W_m = 1/6 W_e) दाब, उत्प्लावकता एवं आर्किमिडीज का सिद्धांत दाब (P) = प्रणोद / क्षेत्रफल (F/A) क्षेत्रफल कम → दाब अधिक (उदा. तीखी कील) आर्किमिडीज: उत्प्लावन बल = विस्थापित द्रव का भार d_वस्तु > d_द्रव → डूबेगी | d_वस्तु < d_द्रव → तैरेगी

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
ब्रह्मांड का प्रत्येक पिंड दूसरे पिंड को द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती व दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती बल से खींचता है (F = G Mm/d²)।
मुख्य बिंदु 2
सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक G = 6.673 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² है; यह स्थान बदलने पर कभी नहीं बदलता।
मुख्य बिंदु 3
गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है; पृथ्वी सतह पर इसका औसत मान 9.8 m/s² होता है।
मुख्य बिंदु 4
गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता; निर्वात में सभी वस्तुएं समान त्वरण से गिरती हैं।
मुख्य बिंदु 5
द्रव्यमान वस्तु में पदार्थ की मात्रा है जो सर्वत्र अचर रहती है; भार वह गुरुत्वीय बल है (W = mg) जो स्थान के साथ बदलता है।
मुख्य बिंदु 6
चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का लगभग 1/6 भाग होता है (W_m = 1/6 W_e)।
मुख्य बिंदु 7
सतह पर लंबवत बल प्रणोद (Thrust) कहलाता है; एकांक क्षेत्रफल पर प्रणोद दाब कहलाता है (P = F/A); मात्रक पास्कल (Pa) है।
मुख्य बिंदु 8
किसी तरल में डुबोने पर ऊपर की ओर लगने वाला बल उत्प्लावन बल (Buoyant Force) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 9
आर्किमिडीज का सिद्धांत: उत्प्लावन बल वस्तु द्वारा विस्थापित तरल के कुल भार के ठीक बराबर होता है।
मुख्य बिंदु 10
यदि वस्तु का घनत्व द्रव से कम हो तो वह तैरेगी, यदि अधिक हो तो वह डूब जाएगी।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का क्या महत्व है? कोई दो बिंदु लिखिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (1) यह हमें पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बांधे रखता है और वायुमंडल को बनाए रखता है। (2) यह सूर्य के चारों ओर ग्रहों तथा पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति की सटीक व्याख्या करता है।
2
मुक्त पतन (Free Fall) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जब कोई वस्तु किसी ऊँचाई से केवल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में बिना किसी अन्य बाह्य बल या हवा के प्रतिरोध के नीचे गिरती है, तो वस्तु की इस गति को मुक्त पतन कहते हैं।
3
एक कमानीदार तुला पर किसी वस्तु का भार ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की अपेक्षा अधिक क्यों होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि पृथ्वी पूर्ण गोलाकार न होकर ध्रुवों पर चपटी है, जिससे ध्रुवों पर पृथ्वी की त्रिज्या (R) कम होती है। सूत्र g = GM/R² के अनुसार त्रिज्या कम होने से ध्रुवों पर g का मान अधिक होता है, अतः भार (W = mg) भी ध्रुवों पर अधिक होता है।
4
कागज की शीट उसी प्रकार की कागज की गेंद से धीमी क्यों गिरती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि कागज की खुली शीट का पृष्ठीय क्षेत्रफल बहुत अधिक होता है, जिससे नीचे गिरते समय उस पर हवा का वायु-प्रतिरोध (Upward air drag) अत्यधिक लगता है, जबकि गेंद का क्षेत्रफल कम होने से हवा का प्रतिरोध नगण्य होता है।
5
आपेक्षिक घनत्व की परिभाषा लिखिए। क्या इसका कोई मात्रक होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: किसी पदार्थ के घनत्व तथा 4°C पर जल के घनत्व के अनुपात को आपेक्षिक घनत्व कहते हैं। चूँकि यह दो समान भौतिक राशियों (घनत्वों) का अनुपात है, अतः इसका कोई मात्रक नहीं होता (मात्रकहीन राशि)।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।